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जिला स्तरीय ओलम्पियार्ड अंतर्गत प्रतियोगिता में चयनित छात्रो को कलेक्टर ने किया सम्मानित सिंगरौली 18 फरवरी 2026/ कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा जिला स्तरीय ओलंपियाड अंतर्गत प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।सम्मान समारोह में कक्षा 2 से कक्षा 8 के उत्कृष्ट कक्षा व विषय में जिले में जिला स्तरीय ओलंपियाड परीक्षा में प्रथम आए विद्यार्थियों, कुल 30 छात्रों, एवं उनके मार्गदर्शन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शासकीय मॉडल संदीपनी विद्यालय चितरंगी के 9 छात्र शामिल रहे। वही 4 छात्रो द्वारा अपने विषय अंतर्गत शत प्रतिशत अंक प्राप्त किया गया। चयनित विद्यार्थियों को मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान की गई।प्रोत्साहन हेतु छात्रो को स्कूल बैग एवं ट्रेक सूट भी दिया गया। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार कलेक्टर के मार्गदर्शन में इस ओलंपियाड सम्मान समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री बैनल ने बच्चो का मनोबल बड़ाते हुयें कहा कि आप सभी बिना मानसिक तनाव के पूरे मनोरंज के साथ पाठ्क्रम का अध्ययन करे। एक लक्ष्य निर्धारित कर पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई में मेहनत करे आप सभी को सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होने कहा कि आगे भी इस प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी जिले स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं दी गईं। इस इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह, डीपीसी आर.एल शुक्ला सहित छात्र एवं शिक्षक एवं अभिभावक गण उपस्थित रहे।

1 hr ago
user_दिल्ली भोपाल जबलपुर रीवा सीधी सिंगरौली
दिल्ली भोपाल जबलपुर रीवा सीधी सिंगरौली
ripoter सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
1 hr ago
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जिला स्तरीय ओलम्पियार्ड अंतर्गत प्रतियोगिता में चयनित छात्रो को कलेक्टर ने किया सम्मानित सिंगरौली 18 फरवरी 2026/ कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा जिला स्तरीय ओलंपियाड अंतर्गत प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।सम्मान समारोह में कक्षा 2 से कक्षा 8 के उत्कृष्ट कक्षा व विषय में जिले में जिला स्तरीय ओलंपियाड परीक्षा में प्रथम आए विद्यार्थियों, कुल 30 छात्रों, एवं उनके मार्गदर्शन शिक्षकों को सम्मानित किया गया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शासकीय मॉडल संदीपनी विद्यालय चितरंगी के 9 छात्र शामिल रहे। वही 4 छात्रो द्वारा अपने विषय अंतर्गत शत प्रतिशत अंक प्राप्त किया गया। चयनित विद्यार्थियों को मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान की गई।प्रोत्साहन हेतु छात्रो को स्कूल बैग एवं ट्रेक सूट भी दिया गया। राज्य

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शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार कलेक्टर के मार्गदर्शन में इस ओलंपियाड सम्मान समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री बैनल ने बच्चो का मनोबल बड़ाते हुयें कहा कि आप सभी बिना मानसिक तनाव के पूरे मनोरंज के साथ पाठ्क्रम का अध्ययन करे। एक लक्ष्य निर्धारित कर पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई में मेहनत करे आप सभी को सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होने कहा कि आगे भी इस प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी जिले स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं दी गईं। इस इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह, डीपीसी आर.एल शुक्ला सहित छात्र एवं शिक्षक एवं अभिभावक गण उपस्थित रहे।

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  • मोरवा में कोयला खनन से बढ़ता प्रदूषण, प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कोयला खदानों से उड़ने वाली धूल और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण मोरवा क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विस्थापन से पूर्व ही यहां के नागरिक सांस संबंधी रोग, आंखों में जलन, त्वचा संक्रमण और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लगातार बढ़ते PM2.5 और PM10 कणों के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है, जिससे दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के संक्रमण और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों बढ़ी हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अभ्युदय सिंह (डैनी) ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोयला खनन क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग तो किया जा रहा है, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि खदान क्षेत्रों में एटोमाइज्ड वॉटर मिस्ट या फॉग कैनन का उपयोग सही तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए। फॉग कैनन को 45 डिग्री के कोण पर स्थापित कर उच्च दबाव के साथ बारीक पानी की बूंदों का छिड़काव किया जाना चाहिए, ताकि धूल के महीन कणों को प्रभावी ढंग से जमीन पर बैठाया जा सके। इसके अलावा खदान और ट्रांसपोर्ट मार्गों पर एंटी-स्मॉग गन की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कच्ची सड़कों और कोयला भंडारण स्थलों पर पर्यावरण अनुकूल रासायनिक धूल अवरोधकों का प्रयोग किया जाना चाहिए, जिससे धूल उड़ने से रोकी जा सके। खदान क्षेत्रों के आसपास घनी हरित पट्टी विकसित कर प्राकृतिक फिल्टर तैयार करने की आवश्यकता है, जो हवा की गति को कम कर धूल कणों को रोकने में सहायक हो सकती है। अभ्युदय सिंह ने प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण के स्तर की नियमित मॉनिटरिंग कर पारदर्शी तरीके से AQI रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और खनन कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों को गंभीरता से लागू कर क्षेत्र को प्रदूषण से राहत दिलाएं।
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    मोरवा में कोयला खनन से बढ़ता प्रदूषण, प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
कोयला खदानों से उड़ने वाली धूल और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण मोरवा क्षेत्र के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विस्थापन से पूर्व ही यहां के नागरिक सांस संबंधी रोग, आंखों में जलन, त्वचा संक्रमण और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लगातार बढ़ते PM2.5 और PM10 कणों के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है, जिससे दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के संक्रमण और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों बढ़ी हैं।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अभ्युदय सिंह (डैनी) ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोयला खनन क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग तो किया जा रहा है, लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि खदान क्षेत्रों में एटोमाइज्ड वॉटर मिस्ट या फॉग कैनन का उपयोग सही तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए। फॉग कैनन को 45 डिग्री के कोण पर स्थापित कर उच्च दबाव के साथ बारीक पानी की बूंदों का छिड़काव किया जाना चाहिए, ताकि धूल के महीन कणों को प्रभावी ढंग से जमीन पर बैठाया जा सके। इसके अलावा खदान और ट्रांसपोर्ट मार्गों पर एंटी-स्मॉग गन की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कच्ची सड़कों और कोयला भंडारण स्थलों पर पर्यावरण अनुकूल रासायनिक धूल अवरोधकों का प्रयोग किया जाना चाहिए, जिससे धूल उड़ने से रोकी जा सके। खदान क्षेत्रों के आसपास घनी हरित पट्टी विकसित कर प्राकृतिक फिल्टर तैयार करने की आवश्यकता है, जो हवा की गति को कम कर धूल कणों को रोकने में सहायक हो सकती है।
अभ्युदय सिंह ने प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण के स्तर की नियमित मॉनिटरिंग कर पारदर्शी तरीके से AQI रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और खनन कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों को गंभीरता से लागू कर क्षेत्र को प्रदूषण से राहत दिलाएं।
    user_फणीन्द्र कुमार सिन्हा
    फणीन्द्र कुमार सिन्हा
    Photographer सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 02 ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली, मध्य प्रदेश* *नगर निगम के* *राजस्वअधिकारी का कथित रिश्वत वीडियो वायरल।* *सोशल मीडिया पर सामने* *आए वीडियो से मचा हड़कंप प्रशासनिक अमले में बढ़ी हलचल, जांच की मांग तेज पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल।*
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ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली, मध्य प्रदेश*
*नगर निगम के* *राजस्वअधिकारी का कथित रिश्वत वीडियो वायरल।*
*सोशल मीडिया पर सामने* *आए वीडियो से मचा हड़कंप प्रशासनिक अमले में बढ़ी हलचल, जांच की मांग तेज पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल।*
    user_Saud pathan patrakar
    Saud pathan patrakar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सोनभद्र। जनपद में अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती के लिए जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा कड़े आदेश-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आरोप है कि दिनदहाड़े ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी बिना उचित प्रकाश व्यवस्था के बड़ी-बड़ी जेसीबी, पोकलेन और लिफ्टिंग मशीनों के सहारे नदी की मुख्य धारा को मोड़कर खुलेआम रेत खनन किया जा रहा है। मामला जुगैल थाना क्षेत्र के भगवा इलाके का बताया जा रहा है, जहां कथित रूप से रुद्रा माइनिंग द्वारा प्रतिबंधित मशीनों से रेत निकासी का खेल जारी है। सूत्रों का दावा है कि नदी की प्राकृतिक धारा को कृत्रिम रूप से बदलकर बड़े पैमाने पर बालू निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और जलीय जीवों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। पर्यावरण पर गहराता खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि नदी की मुख्य धारा को मोड़ना और भारी मशीनों से खनन करना न केवल जलस्तर को प्रभावित करता है, बल्कि इससे नदी की पारिस्थितिकी तंत्र भी असंतुलित हो जाता है। जलीय जीवों के आवास नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है और आसपास के गांवों में कटान व बाढ़ की आशंका भी प्रबल हो सकती है। ‘सफेदपोश संरक्षण’ के आरोप स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि कथित रेत व्यवसायियों को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से कतरा रहे हैं। दिन-रात चल रही मशीनों की आवाज और ट्रकों की आवाजाही से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जिम्मेदार विभाग मौन खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर प्रतिबंधित मशीनों से खनन की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? यदि अनुमति नहीं है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
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    सोनभद्र। जनपद में अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती के लिए जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा कड़े आदेश-निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आरोप है कि दिनदहाड़े ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी बिना उचित प्रकाश व्यवस्था के बड़ी-बड़ी जेसीबी, पोकलेन और लिफ्टिंग मशीनों के सहारे नदी की मुख्य धारा को मोड़कर खुलेआम रेत खनन किया जा रहा है।
मामला जुगैल थाना क्षेत्र के भगवा इलाके का बताया जा रहा है, जहां कथित रूप से रुद्रा माइनिंग द्वारा प्रतिबंधित मशीनों से रेत निकासी का खेल जारी है। सूत्रों का दावा है कि नदी की प्राकृतिक धारा को कृत्रिम रूप से बदलकर बड़े पैमाने पर बालू निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और जलीय जीवों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
पर्यावरण पर गहराता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि नदी की मुख्य धारा को मोड़ना और भारी मशीनों से खनन करना न केवल जलस्तर को प्रभावित करता है, बल्कि इससे नदी की पारिस्थितिकी तंत्र भी असंतुलित हो जाता है। जलीय जीवों के आवास नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है और आसपास के गांवों में कटान व बाढ़ की आशंका भी प्रबल हो सकती है।
‘सफेदपोश संरक्षण’ के आरोप
स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि कथित रेत व्यवसायियों को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से कतरा रहे हैं। दिन-रात चल रही मशीनों की आवाज और ट्रकों की आवाजाही से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जिम्मेदार विभाग मौन
खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर प्रतिबंधित मशीनों से खनन की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? यदि अनुमति नहीं है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
    user_Kiran Gound
    Kiran Gound
    Local News Reporter ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जनपद सोनभद्र के विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों में यूपी बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू परीक्षा को नकल विहीन करने के लिए प्रशासन प्रयासरत
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    जनपद सोनभद्र के विभिन्न कॉलेजों व स्कूलों में यूपी बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू परीक्षा को नकल विहीन करने के लिए प्रशासन प्रयासरत
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    5 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सोनभद्र में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उ०प्र० ने वर्ष 2004 से लंबित न्यूनतम मानदेय के अंतर बकाया, स्थायीकरण और रसोइयों के कल्याण से जुड़ी मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। एसोसिएशन ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइये प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बहुत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीविकोपार्जन कठिन हो रहा है। संगठन का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें रसोइयों से 11 माह के बजाय पूरे 12 माह कार्य लिए जाने और तदनुसार मानदेय देने की बात शामिल है। इसके अतिरिक्त, रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करने, प्रस्तावित प्रतिबंधों को समाप्त करने, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की भी मांग की गई है। मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्य को नियुक्ति तथा न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
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    सोनभद्र में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उ०प्र० ने वर्ष 2004 से लंबित न्यूनतम मानदेय के अंतर बकाया, स्थायीकरण और रसोइयों के कल्याण से जुड़ी मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।
एसोसिएशन ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइये प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बहुत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीविकोपार्जन कठिन हो रहा है। संगठन का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें रसोइयों से 11 माह के बजाय पूरे 12 माह कार्य लिए जाने और तदनुसार मानदेय देने की बात शामिल है। इसके अतिरिक्त, रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करने, प्रस्तावित प्रतिबंधों को समाप्त करने, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की भी मांग की गई है। मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्य को नियुक्ति तथा न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
    user_Manoj Verma
    Manoj Verma
    Photographer ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सिंगरौली। जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की गंभीर घटना सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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    सिंगरौली। जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की गंभीर घटना सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
    user_उपसंपादक जय प्रकाश द्विवेदी
    उपसंपादक जय प्रकाश द्विवेदी
    Local News Reporter देवसर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *जनपद – सोनभद्र* *✨ मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिला सुरक्षा एवं साइबर सतर्कता अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न-* जनपद सोनभद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से मिशन शक्ति 5.0 के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य फोकस महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, विधिक अधिकारों की जानकारी एवं साइबर अपराधों से बचाव रहा। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में तथा क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारु द्विवेदी (सहायक नोडल अधिकारी, मिशन शक्ति 5.0) के नेतृत्व में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों एवं ग्राम सभाओं में महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। अभियान के दौरान गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा के सरल उपाय, महिला उत्पीड़न से संबंधित विधिक प्रावधानों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल/लिंक, सोशल मीडिया दुरुपयोग, बैंकिंग धोखाधड़ी एवं OTP साझा न करने के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई। पुलिस द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। प्रत्येक शिकायत पर त्वरित एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। *📢 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर-* 📞 112 – आपातकालीन सेवा 📞 1090 / 1091 – महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 📞 181 – महिला हेल्पलाइन 📞 1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन 📞 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन *सोनभद्र पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है एवं मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत यह अभियान सतत रूप से संचालित किया जाता रहेगा।*
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    *जनपद – सोनभद्र*
*✨ मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिला सुरक्षा एवं साइबर सतर्कता अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न-*
जनपद सोनभद्र में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से मिशन शक्ति 5.0 के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य फोकस महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, विधिक अधिकारों की जानकारी एवं साइबर अपराधों से बचाव रहा।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में तथा क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारु द्विवेदी (सहायक नोडल अधिकारी, मिशन शक्ति 5.0) के नेतृत्व में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों एवं ग्राम सभाओं में महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं।
अभियान के दौरान गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा के सरल उपाय, महिला उत्पीड़न से संबंधित विधिक प्रावधानों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल/लिंक, सोशल मीडिया दुरुपयोग, बैंकिंग धोखाधड़ी एवं OTP साझा न करने के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई।
पुलिस द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। प्रत्येक शिकायत पर त्वरित एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
*📢 महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर-*
📞 112 – आपातकालीन सेवा
📞 1090 / 1091 – महिला सुरक्षा हेल्पलाइन
📞 181 – महिला हेल्पलाइन
📞 1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
📞 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
*सोनभद्र पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है एवं मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत यह अभियान सतत रूप से संचालित किया जाता रहेगा।*
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    5 hrs ago
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