2 अक्टूबर नजदीक, फिर भी उपेक्षित है राष्ट्रपिता का स्मारक । तिसरी के गांधी मैदान में धूल और झाड़ियों से घिरी महात्मा गांधी की प्रतिमा । 2 अक्टूबर नजदीक, फिर भी उपेक्षित है राष्ट्रपिता का स्मारक । तिसरी के गांधी मैदान में धूल और झाड़ियों से घिरी महात्मा गांधी की प्रतिमा । 2 अक्टूबर यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती अब बेहद करीब है, लेकिन तिसरी प्रखंड स्थित गांधी मैदान में लगी बापू की प्रतिमा आज भी प्रशासनिक अनदेखी का शिकार है। प्रतिमा के आसपास झाड़ झंखाड़ उग आए हैं, चारों तरफ धूल की परत जमा है और स्मारक परिसर बदहाली के आंसू रो रहा है। जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय प्रशासन तक का ध्यान इस ओर नहीं है। शिलापट्ट बयां कर रहा अनदेखी की कहानी गांधी स्मारक पर लगे शिलापट्ट के अनुसार, इस स्मारक का निर्माण माननीय पूर्व विधायक गुरु सहाय महतो के सौजन्य से वर्ष 1998-99 में कराया गया था। योजना संख्या 02/98-99 के तहत 99,800 रुपये की लागत से बने इस स्मारक का उद्घाटन तत्कालीन गिरिडीह जिले के प्रभारी मंत्री गिरिनाथ सिंह द्वारा किया गया था। जिस स्मारक की स्थापना इतनी प्राथमिकता के साथ की गई थी, आज वही देखरेख के अभाव में अपनी पहचान खो रहा है। स्थानियों में रोष, जयंती पर ही याद आते हैं बापू स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को केवल 2 अक्टूबर के दिन ही स्वच्छता और बापू के आदर्शों की याद आती है। जयंती के दिन प्रतिमा पर दो फूल चढ़ाकर इतिश्री कर ली जाती है, जबकि साल के बाकी दिन यह स्थल झाड़ियों और गंदगी के बीच पड़ा रहता है। उठी अविलंब सफाई की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि 2 अक्टूबर से पूर्व स्मारक परिसर की झाड़ियों को साफ कराया जाए, रंग-रोगन कराया जाए और नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि राष्ट्रपिता के सम्मान को बनाए रखा जा सके। पूर्व बीस सूत्री सदस्य सह कॉंग्रेस नेता बिनोद यादव ने कहा प्रसासन की ओर से गांधी प्रतिमा की साफ सफाई कराया जाना चाहिए ।
2 अक्टूबर नजदीक, फिर भी उपेक्षित है राष्ट्रपिता का स्मारक । तिसरी के गांधी मैदान में धूल और झाड़ियों से घिरी महात्मा गांधी की प्रतिमा । 2 अक्टूबर नजदीक, फिर भी उपेक्षित है राष्ट्रपिता का स्मारक । तिसरी के गांधी मैदान में धूल और झाड़ियों से घिरी महात्मा गांधी की प्रतिमा । 2 अक्टूबर यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती अब बेहद करीब है, लेकिन तिसरी प्रखंड स्थित गांधी मैदान में लगी बापू की प्रतिमा आज भी प्रशासनिक अनदेखी का शिकार है। प्रतिमा के आसपास झाड़ झंखाड़ उग आए हैं, चारों तरफ धूल की परत जमा है और स्मारक परिसर बदहाली के आंसू रो रहा है। जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय प्रशासन तक का ध्यान इस ओर नहीं है। शिलापट्ट बयां कर रहा अनदेखी की कहानी गांधी स्मारक पर लगे शिलापट्ट के अनुसार, इस स्मारक का निर्माण माननीय पूर्व विधायक गुरु सहाय महतो के सौजन्य से वर्ष 1998-99 में कराया गया था। योजना संख्या 02/98-99 के तहत 99,800 रुपये की लागत से बने इस स्मारक का उद्घाटन तत्कालीन गिरिडीह जिले के प्रभारी मंत्री गिरिनाथ सिंह द्वारा किया गया था। जिस स्मारक की स्थापना इतनी प्राथमिकता के साथ की गई थी, आज वही देखरेख के अभाव में अपनी पहचान खो रहा है। स्थानियों में रोष, जयंती पर ही याद आते हैं बापू स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को केवल 2 अक्टूबर के दिन ही स्वच्छता और बापू के आदर्शों की याद आती है। जयंती के दिन प्रतिमा पर दो फूल चढ़ाकर इतिश्री कर ली जाती है, जबकि साल के बाकी दिन यह स्थल झाड़ियों और गंदगी के बीच पड़ा रहता है। उठी अविलंब सफाई की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि 2 अक्टूबर से पूर्व स्मारक परिसर की झाड़ियों को साफ कराया जाए, रंग-रोगन कराया जाए और नियमित देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि राष्ट्रपिता के सम्मान को बनाए रखा जा सके। पूर्व बीस सूत्री सदस्य सह कॉंग्रेस नेता बिनोद यादव ने कहा प्रसासन की ओर से गांधी प्रतिमा की साफ सफाई कराया जाना चाहिए ।
- पालमरुआ में विवाहिता की कुएं में डूबने से मौत: मायके वालों ने सास-ननद पर लगाया हत्या का आरोप, दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया पालमरुआ में विवाहिता की कुएं में डूबने से मौत: मायके वालों ने सास-ननद पर लगाया हत्या का आरोप, दो मासूमों के सिर से उठा मां का साया तिसरी थाना क्षेत्र के पालमरुआ गांव में कुएं से एक विवाहिता का शव बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान गांवां प्रखंड के मालाडा पांडेयडीह निवासी रंजीत पंडित की पत्नी अंजली देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे में अंजली अपने पीछे दो साल और पांच साल के दो मासूम बच्चों को छोड़ गई है, जिनका मां के बिना बिलख-बिलखकर रोना हर किसी का कलेजा छलनी कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पालमरुआ पहुंचे मृतका के पिता सुरेश पंडित, भाई राजेश पंडित, दीपक कुमार और मां मालती देवी ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों के बयान के अनुसार, अंजली की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। घटना के समय उसका पति प्रदेश में रहकर मजदूरी कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि घर में मौजूद सास और ननद ने मिलकर उसकी हत्या की और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को कुएं में फेंक दिया। इधर, घटना की सूचना पर पहुंची तिसरी थाना प्रभारी शम्भू नंद ईश्वर शव को कुएं से निकालकर अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया कर रही है। हालांकि, परिजनों की ओर से अभी तक थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और परिजनों द्वारा लिखित आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।3
- Cm योगी जी ने PM Modi के लिए अभद्र बोलने वाली लड़की का जिक्र करते हुए Congress और Rahul पर बोला सुनिए1
- कोलकाता के ठेकेदार के घर से चोरी 55 लाख से अधिक के सोने के आभूषण गिरिडीह से बरामद, पचंबा पुलिस के सहयोग से छापेमारी कोलकाता में एक ठेकेदार के घर से चोरी हुए 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने के आभूषण आखिरकार गिरिडीह से बरामद कर लिए गए हैं। बुधवार रात 10 बजे पुलिस यहां के पचंबा थाना से जांच कर कोलकाता चली गई। बताया गया कि चोरी के आरोपी की पत्नी सोना लेकर अपने मायका कमरशाली में थी।मामला कोलकाता के बेनियापुकुर थाना क्षेत्र का है।1
- राखी के बाजार में छाईं झाझा की सृष्टि-अंकिता, सृष्टि और अंकिता की हस्तनिर्मित फोटो राखियों की बढ़ी मांग, पढ़ाई के साथ आगे बढ़ा रहीं मां का अधूरा सपना..... जमुई के झाझा की चचेरी बहनें सृष्टि और अंकिता रक्षाबंधन के लिए अनोखी और खूबसूरत हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर रही हैं। दोनों बहनें कई वर्षों से आर्ट एंड क्राफ्ट से जुड़ी हैं और अलग-अलग अवसरों के लिए अपने हाथों से सजावटी व उपयोगी वस्तुएं बनाती हैं। इस बार रक्षाबंधन के लिए उन्होंने कई तरह की राखियां तैयार की हैं, जिसमें फोटो वाली राखियों की खास मांग है। लोग अपने भाई-बहन की तस्वीर लगवाकर राखियों को व्यक्तिगत और यादगार बना रहे हैं। सृष्टि बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही क्राफ्ट बनाने का शौक था। स्कूल के दिनों से ही वह अलग-अलग तरह की चीजें बनाया करती थीं। अपनी मां को कढ़ाई-बुनाई करते देखकर उनका रुझान इस कला की ओर बढ़ा और धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया। रक्षाबंधन के लिए दोनों बहनों ने करीब 10 दिन पहले राखियां बनाना शुरू किया और सृष्टि के मुताबिक अब तक उन्हें 500 से अधिक राखियों के ऑर्डर मिल चुके हैं। ग्राहक WhatsApp और Instagram के जरिए उनसे संपर्क कर राखियां मंगवा रहे हैं। अंकिता कहती हैं कि क्राफ्ट बनाना उनके लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक सुकून भरा अनुभव है। दोनों बहनें साथ बैठकर क्राफ्ट तैयार करती हैं और पढ़ाई के साथ अपने हुनर को भी आगे बढ़ा रही हैं। सृष्टि ग्रेजुएशन के चौथे सेमेस्टर में हैं, जबकि अंकिता दूसरे सेमेस्टर में पढ़ रही हैं। दोनों बहनों ने मिलकर एक शानदार इग्लू मॉडल भी तैयार किया है, जो उनकी रचनात्मकता का बेहतरीन उदाहरण है। उनके माता-पिता भी उनके इस हुनर को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करते हैं। लेकिन इस कहानी के पीछे एक भावुक वजह भी है। सृष्टि बताती हैं कि उनकी मां भी कभी इसी तरह का काम करती थीं, लेकिन अपने हुनर को बड़े स्तर तक नहीं ले जा सकीं। अब सृष्टि और अंकिता अपनी मां के उसी अधूरे सपने को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। ❤️ झाझा की इन दो बेटियों की मेहनत, हुनर और मां के सपने को पूरा करने की कहानी जरूर देखें। 🔔 ऐसे ही जमुई, बिहार और देश-विदेश की बड़ी खबरों के लिए City Channel Jamui को Subscribe करें। वीडियो को Like, Share और Comment करना न भूलें।1
- BTSC ड्रेसर छात्रों का बड़ा ऐलान: 'मेरिट लिस्ट में धांधली बर्दाश्त नहीं, सरकार पूरी करे हमारी मांगें'" BTSC ड्रेसर छात्रों का बड़ा ऐलान: 'मेरिट लिस्ट में धांधली बर्दाश्त नहीं, सरकार पूरी करे हमारी मांगें'"1
- नगर थाना क्षेत्र के कुरैशी मोहल्ला निवासी एक महिला के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट कर किया घायल, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज नगर थाना क्षेत्र के कुरैशी मोहल्ला निवासी फिजा परवीन के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट कर घायल कर दिया।घायल फिजा परवीन का इलाज बुधवार को 3 बजे सदर अस्पताल में चल रहा था।घटना को लेकर घायल की बहन ने बताया कि फिजा परवीन लंबे समय से अपने नानी के घर में रहकर गुजर-बसर करती हैं और कुरकुरे आदि की छोटी दुकान भी चलाती हैं।1
- चीन से नेपाल में आया महाप्रजल , सब कुछ बहा ले गया........1
- थाली बाजार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने लगाया गला दबाकर हत्या का आरोप *थाली बाजार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने लगाया गला दबाकर हत्या का आरोप* गोविंदपुर। नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत थाली थाना क्षेत्र के थाली बाजार में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान थाली बाजार निवासी शंकर साव के पुत्र सूरज कुमार की पत्नी निशा कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के मायके वालों ने दहेज की मांग को लेकर गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप उसके पति एवं ससुराल पक्ष के लोगों पर लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही थाली थानाध्यक्ष दीपक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मृतका के मायके वालों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद कोलकाता में रह रहे मृतका के माता-पिता एवं अन्य परिजन थाली पहुंचे। इसके बाद बुधवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के भाई सोनू कुमार ने थाली थाने में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही दहेज की मांग की जा रही थी। दहेज की मांग को लेकर निशा को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। भाई का आरोप है कि दहेज की रकम नहीं मिलने पर पति सूरज कुमार एवं ससुराल पक्ष के लोगों ने निशा कुमारी की गला दबाकर हत्या कर दी। बताया जाता है कि नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी इंद्रदेव साव की पुत्री निशा कुमारी की शादी 25 फरवरी 2026 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार थाली बाजार निवासी शंकर साव के पुत्र सूरज कुमार के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार निशा कुमारी करीब दो माह की गर्भवती भी थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मंगलवार को मौत हो गई। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव मृतका के परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतका के भाई के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मृतका के पति सूरज कुमार को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में नवादा न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस मामले की सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।1