सोनभद्र के दुद्धी में बघाडू वन रेंज के वन विभाग में अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। ग्राम तुर्रीडीह वनरेंज बघाडू निवासी शिवलाल गोंड ने बघाडू रेंज के वन दरोगा लवलेश सिंह पर ₹40 हजार की अवैध वसूली का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, एक माह पहले रेंजर सरोज गौतम पर भी नंदू राम नामक दलित व्यक्ति से ₹40 हजार अवैध रूप से वसूलने का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता शिवलाल गोंड ने बताया कि वे अपनी आराजी संख्या 597 व 97 ख भूमधरी भूमि पर काम करा रहे थे, तभी वन दरोगा लवलेश सिंह मौके पर पहुंचे। सिंह ने भूमि को वन भूमि बताकर काम रोकने का दबाव बनाया और जब शिवलाल ने इसे अपनी निजी भूमि बताया, तो दरोगा ने कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे ₹80 हजार की मांग की। गोंड के आरोप के अनुसार, दबाव में आकर उन्होंने अपनी जमीन रेहन रखकर ₹40 हजार की राशि दे दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जाता रहा। वहीं, एक माह पूर्व नंदू राम को भी रेंज ऑफिस में रात भर रोककर रखा गया था, और रेंजर सरोज गौतम द्वारा उनसे ₹1 लाख की मांग की गई थी। किसी तरह उनकी पत्नी शारदा देवी ने ₹40 हजार की व्यवस्था करके दिए, जिसके बाद ही नंदू राम को छोड़ा गया। इन घटनाओं के बाद, ग्रामीण, प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम के आवास पर पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। त्वरित कार्रवाई करते हुए जुबेर आलम ने ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल लेकर डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी) रेणुकूट के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सेल फोन पर डीएफओ रेणुकूट से बात करने के बाद, ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें एक दर्जन ग्रामीण भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, डीएफओ रेणुकूट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रेंजर और वन दरोगा को तत्काल तलब किया। उन्होंने उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए शिकायतकर्ता की राशि जल्द वापस करने को कहा, और विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने पीड़ित पक्ष की धन राशि तत्काल लौटाने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और आम जनता का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक चर्चाएं हो रही हैं, और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो वे एक व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सोनभद्र के दुद्धी में बघाडू वन रेंज के वन विभाग में अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। ग्राम तुर्रीडीह वनरेंज बघाडू निवासी शिवलाल गोंड ने बघाडू रेंज के वन दरोगा लवलेश सिंह पर ₹40 हजार की अवैध वसूली का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, एक माह पहले रेंजर सरोज गौतम पर भी नंदू राम नामक दलित व्यक्ति से ₹40 हजार अवैध रूप से वसूलने का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता शिवलाल गोंड ने बताया कि वे अपनी आराजी संख्या 597 व 97 ख भूमधरी भूमि पर काम करा रहे थे, तभी वन दरोगा लवलेश सिंह मौके पर पहुंचे। सिंह ने भूमि को वन भूमि बताकर काम रोकने का दबाव बनाया और जब शिवलाल ने इसे अपनी निजी भूमि बताया, तो दरोगा ने कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे ₹80 हजार की मांग की। गोंड के आरोप के अनुसार, दबाव में आकर उन्होंने अपनी जमीन रेहन रखकर ₹40 हजार की राशि दे दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जाता रहा। वहीं, एक माह पूर्व नंदू राम को भी रेंज ऑफिस में रात भर रोककर रखा गया था, और रेंजर सरोज गौतम द्वारा उनसे ₹1 लाख की मांग की गई थी। किसी तरह उनकी पत्नी शारदा देवी ने ₹40 हजार की व्यवस्था
करके दिए, जिसके बाद ही नंदू राम को छोड़ा गया। इन घटनाओं के बाद, ग्रामीण, प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम के आवास पर पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। त्वरित कार्रवाई करते हुए जुबेर आलम ने ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल लेकर डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी) रेणुकूट के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सेल फोन पर डीएफओ रेणुकूट से बात करने के बाद, ग्रामीणों के साथ मिलकर उन्हें लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें एक दर्जन ग्रामीण भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, डीएफओ रेणुकूट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रेंजर और वन दरोगा को तत्काल तलब किया। उन्होंने उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए शिकायतकर्ता की राशि जल्द वापस करने को कहा, और विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने पीड़ित पक्ष की धन राशि तत्काल लौटाने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और आम जनता का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक चर्चाएं हो रही हैं, और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो वे एक व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
- सोनभद्र के दुद्धी स्थित सरकारी अस्पताल से एक घायल व्यक्ति को निजी अस्पताल ले जाने और फिर बाइक से उसका शव वापस सरकारी अस्पताल में छोड़ जाने के एक गंभीर मामले का उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। इस घटना के बाद, दुद्धी में एसीएमओ ने मामले की जांच की। जांच पूरी होने पर, एसीएमओ ने स्थानीय थाने में एक तहरीर दी है और इस पूरे प्रकरण पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।1
- सोनभद्र जनपद के विकास खंड दुद्धी अंतर्गत ग्राम पंचायत सलेयाडीह से जनहित से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ किंशू सिंह की पहल और प्रयासों से ग्राम पंचायत सलेयाडीह को हाईमास्ट लाइट की सौगात मिली है, जिससे स्थानीय लोगों को जल्द ही बेहतर रोशनी और सुरक्षा की सुविधा मिलने वाली है। विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत ग्राम सलेयाडीह के कोन मोड़ मार्ग से सटे विंढमगंज उप स्वास्थ्य केंद्र के बाउंड्री परिसर के अंदर 12.50 मीटर ऊंची यह हाईमास्ट लाइट स्थापित की जा रही है, जो पूरे क्षेत्र में बेहतर रोशनी सुनिश्चित करेगी और आमजन को काफी सुविधा प्रदान करेगी। बताया गया है कि इस महत्वपूर्ण विकास कार्य को धरातल पर लाने में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ किंशू सिंह की सक्रिय भूमिका रही है, और उनके जनहित के प्रति समर्पण के कारण ही यह सुविधा ग्राम पंचायत को प्राप्त हुई है। इस योजना को मा. सदस्य विधान परिषद मिर्जापुर-सोनभद्र श्यामनारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के सहयोग एवं प्रयासों से स्वीकृति मिली है, जबकि जिला पंचायत सोनभद्र कार्यदायी संस्था के रूप में इस कार्य का संचालन कर रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि हाईमास्ट लाइट लगने से रात के समय स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों, राहगीरों, विद्यार्थियों और आसपास के निवासियों को काफी लाभ मिलेगा। यह कदम क्षेत्र में अंधेरे की समस्या को दूर करेगा और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ किंशू सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह कार्य गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्हें भरोसा है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की विकास योजनाएं गांव तक पहुंचती रहेंगी और सलेयाडीह विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकेगा। फिलहाल, सलेयाडीह में विकास की यह नई रोशनी ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी और उम्मीद की चमक लेकर आई है।3
- कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर करारा हमला बोलते हुए उसकी फंडिंग को लेकर शिकंजा कसने का आरोप लगाया है। इस हमले के साथ ही यह गंभीर सवाल भी उठाया गया है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत इस फंडिंग विवाद से आखिर कब तक बच पाएंगे।1
- सोनभद्र में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन किसानों के मुद्दों पर अपनी गहरी चिंता और असंतोष व्यक्त करने के लिए किया गया। मोर्चा ने अपने प्रदर्शन के दौरान डीजल वितरण से जुड़े नियमों में खामियों, खाद संकट, फार्मर रजिस्ट्री में मौजूद समस्याओं और धधरौल डैम क्षेत्र के छोटे दुकानदारों से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इन सभी मुद्दों को किसानों की गंभीर समस्याएं बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने इस संबंध में अपनी बात रखी। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।1
- मंगलवार को चिनिया थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव परशुखाड़ में थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक के नेतृत्व में पुलिस द्वारा एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक बुराइयों और अपराधों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा नियमों, नशा मुक्ति, डायल-112 की उपयोगिता, डायन-भूत जैसी अंधविश्वासी कुरीतियों से बचाव, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम तथा बाल विवाह निषेध कानून की विस्तार से जानकारी दी गई। थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि समाज में फैली कुरीतियों और अपराधों के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने लोगों से किसी भी आपात स्थिति या अपराध की सूचना तत्काल डायल-112 पर देने का आग्रह किया। साथ ही, नशे से दूर रहने और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया। इस जन-जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और थाना के सशस्त्र बल के जवान उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि ऐसे कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।1
- ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रौशन आनंद, जिन्हें रौशन सर के नाम से भी जाना जाता है, ने मशहूर खान सर और उनके सहयोगियों पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या करवाने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रिंस यादव की मौत नेपाल के बिराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। गौरतलब है कि प्रिंस यादव पहले खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए एक हमले के मामले में नामजद आरोपी थे। हालांकि, खान सर ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। इस पूरे विवाद के संबंध में, प्रीतम जी के अनुसार, अभी भी 'कुछ तो अंतर घाट है' और इस मामले की सच्चाई पर गौर किया जाना बाकी है।1
- अंबिकापुर, सरगुजा में एक आरोपी पर नगर निगम का कर्मचारी बताकर ठगी करने का आरोप सामने आया है। यह घटना सरगुजा जिले के गांधीनगर बनारस रोड मुख्य मार्ग की है, और इसे नगर निगम की वसूली का मामला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अपने सहपाठी रितिक सोनी और कई अन्य व्यक्तियों के नाम का उपयोग करके सोशल मीडिया पेजों पर गाली-गलौज करवा रहा है और लोगों को कोटवाली थाना जाने की धमकी भी दे रहा है। बढ़ते अपराधों के बीच, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और गाली-गलौज करने के लिए भी इस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरगुजा पुलिस इन गतिविधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करेगी, या इस मामले को भी दबाने की कोशिश की जाएगी।3
- सोनभद्र के दुद्धी क्षेत्र में एक घायल आदिवासी युवक की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि दुद्धी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती रामविचार नामक युवक को बेहतर इलाज का झांसा देकर एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कोन थाना क्षेत्र के ग्राम निगाई बोकराखाड़ी निवासी रामविचार पुत्र भोला सिंह गौड़ को रविवार देर रात लगभग 2:11 बजे घायल अवस्था में सीएचसी दुद्धी में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनके रिश्तेदार तिलक राज गोंड भी मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान एक निजी अस्पताल से जुड़े कुछ लोग सीएचसी पहुंचे और युवक की हालत गंभीर बताते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए अपने अस्पताल ले जाने को कहा। आरोप है कि परिजनों को विश्वास में लेकर घायल युवक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ सोमवार सुबह उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मौत के बाद युवक को दोबारा सीएचसी दुद्धी लाकर छोड़ दिया गया। इस घटना से परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह चिकित्सा नैतिकता, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाएगा। स्थानीय लोगों और परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, उनका कहना है कि गरीब और आदिवासी परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर किसी प्रकार की लापरवाही का सामना नहीं करना चाहिए। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच की मांग उठ रही है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।1