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राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के अंतर्गत, स्थानीय स्टेडियम में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का अभ्यास किया गया।
Jagdish Chandra Sharma
राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के अंतर्गत, स्थानीय स्टेडियम में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का अभ्यास किया गया।
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- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए चल रही तैयारियों के तहत छिपाबड़ौद के स्टेडियम में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का आयोजन किया गया।1
- भुवाखेड़ी गांव में ओशो आशीष ध्यान केंद्र, खाटूश्यामजी मंदिर और खाटूश्याम गोशाला स्थित हैं। इन तीनों प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी के लिए 9413006192 पर संपर्क किया जा सकता है।2
- राजस्थान के झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत सुमर के एक नागरिक ने आरोप लगाया है कि उनके घर के रास्ते में, जहाँ एक नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भी स्थित है, वहाँ रामेश्वर कटारिया ने मकान का गेट लगाकर रास्ते पर सीढ़ी का निर्माण कर लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह रास्ता उनके परिवार द्वारा लगभग 50 वर्ष से अधिक समय से उपयोग किया जा रहा है। इस अतिक्रमण के कारण आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार पहुँचाने वाली गाड़ी के साथ-साथ आमजन के वाहनों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और एसडीएम को भी शिकायतें दी थीं, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस सीढ़ी की समस्या के चलते आए दिन लोगों के बीच लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज की घटनाएँ होती रहती हैं, जिसके मद्देनजर आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।2
- आज सूमर कस्बे और इसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का बदला हुआ मिजाज अनुभव किया गया। सुबह के समय हुई तेज बारिश से लोगों को जहाँ गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया, वहीं शाम होते-होते कड़ी धूप निकल आई। इस प्रकार, एक ही दिन में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले, जहाँ बारिश के बाद की सुखद अनुभूति शाम की तेज धूप से एक बार फिर गर्मी में बदल गई।3
- राजस्थान के खानपुर नगर पालिका क्षेत्र के सारोला रोड पर बिजली विभाग की एक बेहद खतरनाक लापरवाही का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटी बालिका सड़क किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को छूती हुई दिखाई दे रही है। गनीमत यह रही कि उस वक्त कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस दृश्य ने स्थानीय निवासियों को दहला दिया है। स्थानीय लोगों ने खुले और असुरक्षित पड़े इस ट्रांसफार्मर के कारण कभी भी कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका जताते हुए बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने विभाग से अविलंब ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने की मांग की है।1
- गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वांसल ने अपनी टीम के साथ मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर और एसडीओपी विवेक अष्ठाना भी मौजूद रहे। सभी पुलिस अधिकारियों ने महाराज श्री के समक्ष श्रद्धा व्यक्त की और उनका आशीर्वाद लिया। दर्शन के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति, सौहार्द और जनकल्याण की कामना की।1
- बारां जिले के शाहाबाद उपखंड की शुभघरा ग्राम पंचायत में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक जल चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर ललित मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शुभघरा ग्राम पंचायत के सरपंच श्री कल्याण यादव द्वारा विधायक का स्वागत करके किया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संवर्धन और भूजल स्तर में सुधार जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। माननीय विधायक डॉ. ललित मीणा ने उपस्थित जनसमुदाय को जल संरक्षण का संदेश देते हुए यह स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में जल बचाना सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में भाजपा जिला प्रवक्ता राजेंद्र तोमर, भाजपा मंडल अध्यक्ष अतर सिंह यादव, मंडल प्रचारक संजीव यादव, पवन शर्मा और हिमांशु सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायती राज विभाग, कृषि विभाग, राजीविका, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, वन विभाग, ग्राम पंचायत के सचिव, सहायक अभियंता तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। जल चौपाल के दौरान जल संरक्षण के महत्व, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और जल बचाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया। अंत में, उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त किया गया और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4
- छिपाबड़ौद के हरनावदाजागीर स्थित मेघावल छात्रावास में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास सिखाया जा रहा है। इसे सभी के मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए सबसे शक्तिशाली प्राणायामों में से एक बताया गया है। इस योग वीडियो को दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1