सीतापुर शहर के आंख अस्पताल रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बैंक के सर्वर रूम में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग एमसीबी (MCB) में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसके बाद देखते ही देखते सर्वर रूम में काला धुआं भर गया। इससे बैंक कर्मचारियों और वहां मौजूद ग्राहकों के बीच दहशत का माहौल बन गया। बैंक परिसर से धुआं निकलता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बैंक कर्मचारियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। कर्मचारियों की इस तत्परता के चलते आग को शुरुआती स्तर पर ही रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। बैंक में लगे फायर अलार्म के बजते ही दमकल विभाग को सूचना मिली और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने बैंक परिसर का निरीक्षण कर सुनिश्चित किया कि आग पूरी तरह बुझ चुकी है। राहत की खबर यह है कि इस हादसे में किसी भी कर्मचारी या ग्राहक के घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना के बाद बैंक का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और बैंक प्रशासन आग से सर्वर रूम में रखे कीमती उपकरणों को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। वहीं, घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद बैंक कर्मचारी इस जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने और मामले को दबाने का प्रयास करते रहे। इस पूरे घटनाक्रम पर बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं।
सीतापुर शहर के आंख अस्पताल रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बैंक के सर्वर रूम में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग एमसीबी (MCB) में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसके बाद देखते ही देखते सर्वर रूम में काला धुआं भर गया। इससे बैंक कर्मचारियों और वहां मौजूद ग्राहकों के बीच दहशत का माहौल बन गया। बैंक परिसर से धुआं निकलता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बैंक कर्मचारियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। कर्मचारियों की इस तत्परता के चलते आग को शुरुआती स्तर पर ही रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। बैंक में लगे फायर अलार्म के बजते ही दमकल विभाग को सूचना मिली और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने बैंक परिसर का निरीक्षण कर सुनिश्चित किया कि आग पूरी तरह बुझ चुकी है। राहत की खबर यह है कि इस हादसे में किसी भी कर्मचारी या ग्राहक के घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना के बाद बैंक का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और बैंक प्रशासन आग से सर्वर रूम में रखे कीमती उपकरणों को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। वहीं, घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद बैंक कर्मचारी इस जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने और मामले को दबाने का प्रयास करते रहे। इस पूरे घटनाक्रम पर बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं।
- बाराबंकी के कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। पीड़िता के पिता ने कोतवाली फतेहपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 21 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद परिजनों को पता चला कि गांव का ही एक युवक अपने साथी के साथ मिलकर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया है। परिवार ने यह भी बताया था कि घर से सोने की बालियां और एक स्मार्टफोन भी गायब था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की, और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गई। 43 दिन बाद, जांच के दौरान पुलिस को सफलता मिली और बुधवार को वांछित आरोपी सचिन कुमार गौतम पुत्र प्रवेश कुमार गौतम, निवासी पकरियापुर को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी सचिन कुमार गौतम को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच जारी है तथा फरार व्यक्तियों के संबंध में भी विधिक कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार ने आरोपी की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद जताई है।1
- राजधानी लखनऊ के हसनगंज में एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच साँठगाँठ का गंभीर मामला सामने आया है। मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज के मुखबिर बताए जा रहे कुछ दबंगों ने पिस्टल के बल पर एक दूध कारोबारी को बुरी तरह पीटा। यह घटना कथित तौर पर जमानत न लेने और रंगदारी न देने के कारण हुई है। शिकायत दर्ज होने के बावजूद, पुलिस ने 10 दिनों तक इस मामले में कोई सुध नहीं ली। पीड़ित दूध कारोबारी का आरोप है कि मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज ने उसे धमकाया कि यदि उसने अपनी शिकायत वापस नहीं ली, तो वे आरोपियों की बहन की तरफ से उसके खिलाफ उल्टा मुकदमा लिखकर उसे जेल भेज देंगे। गौरतलब है कि इसी थाने में पूर्व में भी अपराधियों से साँठगाँठ कर एक युवक का अपहरण करने के आरोप में दरोगा और सिपाही जेल जा चुके हैं, और एक इंस्पेक्टर पर भी गाज गिरी थी। दूध कारोबारी को पीटने वाले दबंगों पर कई मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना दूसरे चौकी क्षेत्र में हुई थी, फिर भी मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज पर अपने मुखबिरों के प्रति विशेष प्रेम उमड़ने का आरोप है। पीड़ित पर आज तक कोई भी एफआईआर दर्ज न होने के कारण वह पुलिस और दबंगों की धमकियों से बुरी तरह सहमा हुआ है। आरोप है कि मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज एक शरीफ शख्स को अपराधी बनाने पर तुले हुए हैं।1
- गुरुवार को ग्राम पंचायत पीपरगांव के माजरा बरगदी में राष्ट्रीय विकास मंच के नेतृत्व में एक जन समस्या एवं जनसंपर्क अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क, पानी, बिजली, सफाई और पेंशन सहित कई प्रमुख मुद्दों को उठाया, जिनमें पानी, पेंशन और सफाई से जुड़ी समस्याओं ने विशेष ध्यान खींचा। जनसमस्याओं को सुनने के बाद, युवा कल्याण अधिकारी रमाकांत ने ग्रामीणों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। राष्ट्रीय विकास मंच के पदाधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को संबंधित विभागों तक पहुँचाने का काम करेंगे। इस अभियान में राष्ट्रीय विकास मंच के अध्यक्ष विकास रावत, राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष विज्ञान वर्मा, राष्ट्रीय प्रभारी विजय रावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मराज रावत, राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह यादव, प्रवक्ता इंजीनियर संजय कुमार, मंडल अध्यक्ष राहुल कुमार, युवा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार, तहसील अध्यक्ष आदर्श प्रजापति, तहसील उपाध्यक्ष आनन्द, और युवा ब्लॉक अध्यक्ष अजय राजवंशी सहित सोनू रावत, रोशन, अमित कुमार, मुकेश कुमार, अजय कुमार, सचिन कुमार, व सतीश कुमार उपस्थित रहे।1
- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 32 लोगों की दुखद मौत हो गई है, जबकि 700 अन्य घायल हुए हैं। भूकंप के समय देश में आजादी की लड़ाई की ऐतिहासिक जीत की सालगिरह पर राष्ट्रीय अवकाश था। इस कारण सभी दफ्तर और स्कूल बंद थे, जिससे ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद थे।1
- लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई जानकारी सामने आई है। इस सिलसिले में, सांसद संजय सिंह को विशेष जांच दल (SIT) ने कल सुबह 11 बजे का समय दिया है। वे विजय विश्वास पंत से मुलाकात करेंगे और मामले से जुड़े सबूत सौंपेंगे। बताया जा रहा है कि संजय सिंह 20 जून से SIT से मिलने का समय मांग रहे थे। हाल ही में लगाए गए आरोपों के बाद SIT ने उन्हें बुलाया है। इस आगामी मुलाकात को जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।1
- सीतापुर जनपद के थाना पिसावां क्षेत्र के बिजौली गांव में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान गांव निवासी रविंद्र राठौर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रविंद्र मंगलवार देर शाम घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। बुधवार सुबह गांव के पास स्थित एक यूकेलिप्टस के बाग में उनका शव पड़े होने की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में दहशत का माहौल बन गया। इस घटना से ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिजनों ने रविंद्र की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि किन परिस्थितियों में यह मौत हुई, इसका खुलासा होना जरूरी है, और उन्होंने मामले के पीछे किसी साजिश की आशंका भी जताई है। सूचना मिलते ही थाना पिसावां पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से विभिन्न साक्ष्य एकत्र किए और बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और ग्रामीण मामले के जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।1
- राजधानी लखनऊ के हसनगंज में एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच साँठगाँठ का गंभीर मामला सामने आया है। मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज के कथित मुखबिर बताए जा रहे दबंगों ने एक दूध कारोबारी को पिस्टल के बल पर जमकर पीटा। यह घटना तब हुई जब कारोबारी ने जमानत न लेने और रंगदारी न देने से इनकार कर दिया। पुलिस-अपराधी साँठगाँठ का यह मामला ऐसे समय में आया है, जब पूर्व में इसी हसनगंज थाने के एक दरोगा और सिपाही अपराधियों से मिलीभगत कर एक युवक का अपहरण करने के आरोप में जेल जा चुके हैं, और तब इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की गाज गिरी थी। ताजा मामले में, शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने 10 दिनों तक पीड़ित की कोई सुध नहीं ली। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज ने उसे एप्लीकेशन वापस न लेने पर आरोपियों की बहन की तरफ से उलटा मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी दी है। बताया गया है कि दूध कारोबारी को पीटने वाले दबंगों पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना दूसरे चौकी क्षेत्र की होने के बावजूद मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज अपने मुखबिरों के प्रति ‘प्रेम’ दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। पीड़ित, जिस पर आज तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं है, पुलिस और दबंगों की धमकियों से बुरी तरह सहमा हुआ है। आरोप है कि मनकामेश्वर चौकी इंचार्ज एक शरीफ शख्स को अपराधी बनाने पर तुले हैं। पीड़ित का नंबर 8874330046 है।1
- लखनऊ के कैसरबाग इलाके में एक घर के ऊपर रखे कबाड़ में अचानक आग भड़कने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पड़ोसियों, खंदारी बाजार चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों और मौके पर पहुँची दमकल टीम ने मिलकर आग पर काबू पाने के प्रयास किए। समय रहते आग बुझा ली गई, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा हादसा टल गया।1
- मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित बड़नगर में निकले मोहर्रम जुलूस के दौरान एक क्रेन पर गाड़ी लटकाई गई, जिसमें बाद में ब्लास्ट कर दिया गया। इस घटना के बाद दो युवकों ने लाल झंडे लहराए। जिस गाड़ी में ब्लास्ट किया गया था, उस पर 'ले फिर आ गए' लिखा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में जुलूस के आयोजक शोएब खान, झंडा लहराने वाले तालीम खान और जाहिद खान, तथा क्रेन मालिक गोपाल माली के खिलाफ FIR दर्ज की है।1