जमुई जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना जमुई के नेतृत्व में सिकंदरा और चंद्रदीप थाना पुलिस के सहयोग से चलाए गए संयुक्त छापेमारी अभियान के दौरान एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई लगभग एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले से जुड़ी है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार, पुलिस निरीक्षक अभय कान्त चंदा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर की गई कार्रवाई में आलोक कुमार (23 वर्ष), पिता राम विलास यादव, निवासी शाहपुर, थाना चंद्रदीप, जिला जमुई को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साइबर थाना जमुई में कांड संख्या 29/26, दिनांक 14 जून 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111(4), 318(2), 319, 336(3), 338, 61(2), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66B, 66C एवं 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बरामद साक्ष्यों की गहन जांच और मामले में आगे की कानूनी व वैज्ञानिक अनुसंधान प्रक्रिया जारी है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जमुई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या निकटतम साइबर थाना में सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जमुई जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना जमुई के नेतृत्व में सिकंदरा और चंद्रदीप थाना पुलिस के सहयोग से चलाए गए संयुक्त छापेमारी अभियान के दौरान एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई लगभग एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले से जुड़ी है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार,
पुलिस निरीक्षक अभय कान्त चंदा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर की गई कार्रवाई में आलोक कुमार (23 वर्ष), पिता राम विलास यादव, निवासी शाहपुर, थाना चंद्रदीप, जिला जमुई को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साइबर थाना जमुई में कांड संख्या 29/26, दिनांक 14 जून 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111(4), 318(2), 319, 336(3), 338, 61(2), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66B, 66C एवं 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बरामद साक्ष्यों की गहन जांच और मामले में आगे की कानूनी व वैज्ञानिक अनुसंधान प्रक्रिया जारी है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जमुई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या निकटतम साइबर थाना में सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- शेखपुरा में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) उपस्थित थे। हालांकि, इस मौके पर उनके द्वारा दिए गए बयानों या संबोधनों की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित सरारी इमामनगर पंचायत के बड़हरा गांव में रविवार को 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 10 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों में सोलर प्लेट लगाकर उन्हें रोशन किया गया। इन घरों की छतों पर निशुल्क सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम बिहार में नई सरकार के गठन के 60 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। इस मौके पर डीएम शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, एडीएम नीरज कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता सुमित सौरभ, सहायक अभियंता अरविंद कुमार, जेई अनुराग प्रियम और मुखिया अनिल पासवान सहित कई अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिन 10 घरों में सोलर प्लेट लगाए गए, उनमें रामचंद्र पासवान, उषा देवी, मुकेश रजक, योगी मिस्त्री, बबली देवी, उर्मिला देवी, सागर यादव, अमिरक मांझी, रामधन मांझी और सोनिया देवी के आवास शामिल हैं, जो सभी कुटीर ज्योति के लाभार्थी हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की इस बहुउद्देशीय योजना के अंतर्गत पूरे बिहार में 1512 करोड़ रुपये की लागत से कुल 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का सीधा लाभ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मिलेगा। सोलर पैनल लगने से उनका बिजली बिल शून्य हो जाएगा और बिजली ग्रिड पर से खपत का दबाव भी कम होगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर गरीब परिवार को बिजली के बिल से मुक्ति दिलाना है।1
- बिहार मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा को पूर्णतः स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के उद्देश्य से शेखपुरा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में, आज जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक श्री बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्कार पब्लिक स्कूल, डी.एम. हाई स्कूल, मुरलीधर मुरारीका हाई स्कूल एवं रामाधीन कॉलेज, शेखपुरा जैसे परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद ने स्वयं परीक्षार्थियों से बातचीत की और उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, पुलिस अधीक्षक श्री बलिराम कुमार चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। इस औचक निरीक्षण के दौरान किसी भी केंद्र से कोई चीट-पुर्जा या अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई, जो प्रशासन की कड़ी सतर्कता को दर्शाता है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न हो। इस औचक निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें वरीय उपसमाहर्ता सह जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक कर्मचारी शामिल थे, जो सुरक्षा और परीक्षा प्रबंधन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकल रोकने के लिए हर केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सभी केंद्रों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि मेधावी छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।1
- केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही पदों की लिखित परीक्षा रविवार को लखीसराय जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। जिला प्रशासन इस परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट था और उसने कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहाँ 19,968 अभ्यर्थी शामिल हुए। रविवार सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई। नया बाजार सहित विभिन्न केंद्रों पर परीक्षार्थियों को सघन जाँच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई, जिसमें उनके पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कदाचार पर अंकुश लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक केंद्र पर एक दंडाधिकारी, एक पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील भी की।1
- नवादा जिले के रजौली अनुमंडल से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें LRDC कार्यालय के स्टेनो सुनील कुमार कथित तौर पर दाखिल-खारिज के नाम पर 80 हजार रुपये लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, साथ ही ऐसी घूसखोर और भ्रष्टाचारी प्रवृत्ति के लोगों पर तत्काल जुर्माना लगाने और उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की अपील कर रहे हैं।1
- नई दिल्ली से बिहार की ओर आने वाली महाबोधि एक्सप्रेस में यात्रियों को अत्यधिक भीड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन के स्लीपर कोचों में स्थिति इतनी खराब है कि वहाँ भीड़ जनरल डिब्बों से भी अधिक देखी जा रही है। इस कारण आरक्षित बर्थों पर भी अतिरिक्त यात्री बैठे और खड़े हैं, जिससे लोगों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो गया है। यात्रियों का कहना है कि अत्यधिक भीड़ के चलते कोच के अंदर आवाजाही पूरी तरह बाधित है। हालात यह हैं कि पानी बेचने वाले कर्मचारी भी यात्रियों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं और भोजन की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस परेशानी से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अतिरिक्त कोच लगाने और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की माँग की है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल सके।1
- शेखपुरा जिले में 14 जून, 2026 को बिहार मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा को पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है। इसी कड़ी में, जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक श्री बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संस्कार पब्लिक स्कूल, डी.एम. हाई स्कूल, मुरलीधर मुरारीका हाई स्कूल और रामाधीन कॉलेज, शेखपुरा सहित कई केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद ने परीक्षार्थियों से बातचीत की और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, पुलिस अधीक्षक श्री बलिराम कुमार चौधरी ने सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। इस औचक जांच के दौरान किसी भी केंद्र से कोई चीट-पुर्जा या अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई, जो प्रशासन की कड़ी सतर्कता को दर्शाता है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न हो। इस औचक निरीक्षण में जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, विशेष रूप से वरीय उपसमाहर्ता सह जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक कर्मचारी, सुरक्षा और परीक्षा प्रबंधन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नकल रोकने के लिए हर केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सभी केंद्रों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि मेधावी छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।3
- जमुई में एक जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को देसी बीजों के महत्व और उनके संरक्षण के तरीकों से अवगत कराना है। कार्यशाला में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि देसी बीजों का उपयोग करके टिकाऊ, कम लागत वाली और प्राकृतिक खेती को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है।1
- जमुई पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ₹1 करोड़ के साइबर ठगी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले का खुलासा विशेष जाँच दल (SIT) ने किया है।1