लखनऊ कार्यक्रम में पासी समाज को वादे, मंच पर महापुरुषों की तस्वीरें नहीं – नाराजगी चुनाव आते ही याद आता है पासी समाज? राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लखनऊ: Akhilesh Yadav ने रविवार को नोएडा से मिशन 2027 की शुरुआत की, वहीं पार्टी महासचिव Shivpal Singh Yadav ने लखनऊ में मोर्चा संभालते हुए पासी समाज को साधने की कोशिश की। लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में पासी समाज को सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी देने का वादा किया गया, लेकिन इस कार्यक्रम को लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं। पासी समाज को लेकर वादे, लेकिन इतिहास पर चुप्पी भारतीय पासी विकास संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार बनने पर पासी समाज को पूरा सम्मान दिया जाएगा, उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी और बच्चों की पढ़ाई व नौकरी के लिए आरक्षण की रक्षा की जाएगी। लेकिन कार्यक्रम को लेकर पासी समाज के कई लोगों ने नाराजगी जताई कि जिन मंचों और बैनरों पर पासी समाज के राजा-महाराजाओं, वीरों और महापुरुषों की तस्वीरें तक नहीं लगाई गईं, वहां पासी समाज के सम्मान की बात करना सिर्फ राजनीतिक दिखावा माना जा रहा है। चुनाव आते ही याद आता है पासी समाज? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हर चुनाव से पहले पासी समाज को साधने की कोशिश की जाती है, लेकिन जब सरकार बनती है तो पासी समाज को न तो पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलता है और न ही उनके इतिहास और महापुरुषों को सम्मान। पासी समाज के लोगों का कहना है कि केवल मंच से सम्मान देने की बात करने से सम्मान नहीं मिलता, बल्कि इतिहास, महापुरुषों और समाज की पहचान को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर जगह देने से सम्मान मिलता है। राजनीतिक बयान या वास्तविक सम्मान? अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह पासी समाज को लेकर वास्तविक सम्मान की राजनीति है या फिर मिशन 2027 के लिए वोट बैंक साधने की रणनीति। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह वादा सिर्फ भाषण तक सीमित रहता है या वास्तव में पासी समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी मिलती है। पासी समाज की हत्याओं पर सियासत गरम, सभी पार्टियों पर भेदभाव का आरोप – प्रयागराज में शव यात्रा निकालकर विरोध उत्तर प्रदेश मे पिछले लगभग 15 महीनों में पासी समाज के करीब 177 लोगों की हत्या के मामलों को लेकर समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि न तो पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिल रहा है और न ही कई मामलों में प्रशासन मुकदमा दर्ज करता है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक दलों के खिलाफ खुलकर विरोध शुरू हो गया है। प्रयागराज में प्रबुद्ध बहुजन मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अधिवक्ता लाला राम सरोज के नेतृत्व में सभी राजनीतिक दलों के पासी समाज के सांसदों और विधायकों के खिलाफ शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। सभी पार्टियों पर समाज को बांटने का आरोप विरोध प्रदर्शन के दौरान लाला राम सरोज ने आरोप लगाया कि बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी सभी ने पासी समाज को अपने-अपने क्षेत्रों में लगभग 25-25 प्रतिशत में बांट रखा है, ताकि समाज कभी एकजुट न हो सके और राजनीतिक सत्ता हासिल न कर सके। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोगों पर अत्याचार होता है, हत्याएं होती हैं, तब किसी भी पार्टी का पासी सांसद या विधायक खुलकर आवाज नहीं उठाता। केवल चुनाव के समय समाज की याद आती है। न्याय और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि: पासी समाज के हत्या मामलों की निष्पक्ष जांच हो सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सुरक्षा दी जाए पासी समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व दिया जाए चेतावनी प्रदर्शन के दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि यदि पासी समाज पर अत्याचार और हत्याएं नहीं रुकीं और जनप्रतिनिधि समाज के मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। समाज के लोगों का कहना है अब समय आ गया है कि पासी समाज राजनीतिक रूप से एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई खुद लड़े। समाजवादी पार्टी (सपा) एक बार फिर अपने बयानों और नीतियों को लेकर निशाने पर है। सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुराने बयान, जिनमें उन्होंने मुस्लिम समाज के लिए समर्पण की बात कही थी, और कारसेवकों पर गोली चलवाने के आरोप, आज भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बने हुए हैं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव का वह बयान भी विवादों में रहा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मुस्लिम लड़कियों को लेकर विशेष टिप्पणी की थी। इन बयानों के चलते विपक्ष सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है। इसके अलावा, पासी समाज से जुड़े मुद्दों पर सपा के सांसदों और विधायकों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। आलोचकों का कहना है कि समाज पर हो रहे अत्याचारों पर पार्टी के जनप्रतिनिधि खुलकर नहीं बोलते। इतना ही नहीं, महाराजा सुहेलदेव की जातीय पहचान को लेकर भी सियासत तेज हो गई है। आरोप है कि अखिलेश यादव ने उन्हें “राजभर” बताकर बोर्ड लगवाए, जबकि कई लोग उन्हें पासी समाज का गौरव मानते हैं। इन तमाम मुद्दों को लेकर सपा विपक्ष के निशाने पर है और आने वाले चुनावों में यह विवाद पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। पासी समाज के संगठनों का कहना है कि पूरा देश जानता है कि Maharaja Suheldev पासी समाज के महान राजा थे, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, लेकिन समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाती। उनका आरोप है कि जब भी महाराजा सुहेलदेव की विरासत की बात होती है, तब सपा के पासी समाज से जुड़े सांसद, विधायक या नेता खुलकर समाज के पक्ष में नहीं बोलते। सामाजिक संगठनों का आरोप सामाजिक संगठनों का कहना है कि पासी समाज पर अत्याचार की घटनाओं पर सपा के नेता चुप रहते हैं पार्टी में पासी समाज के नेता होने के बावजूद समाज के मुद्दे नहीं उठाए जाते वोट बैंक की राजनीति में पासी समाज की उपेक्षा की जाती है पासी समाज के सम्मान को लेकर गौतम भारती का बयान, धमकियों का भी आरोप लखनऊ/उत्तर प्रदेश। गौतम भारती, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श संग्राम पार्टी ने पासी समाज के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पासी समाज पूरे भारत में एक बहुमूल्य और प्रभावशाली समाज है, जो राजनीतिक सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन फिर भी उसे उचित सम्मान और नेतृत्व का अवसर नहीं दिया जाता। गौतम भारती ने बताया कि वे लगातार राज्यपाल और राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर पासी समाज के मुद्दे उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि पासी समाज जब किसी पार्टी को एकजुट होकर वोट देता है तो उस पार्टी की सरकार बन जाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद वही पार्टी पासी समाज को नेतृत्व और सम्मान देने से पीछे हट जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में पासी समाज को सम्मान देना चाहते हैं, तो अब तक किसी भी बड़े राज्य में पासी समाज का मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वोट लेने की राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज को सत्ता में भागीदारी भी मिलनी चाहिए। गौतम भारती ने यह भी आरोप लगाया कि जब आदर्श संग्राम पार्टी ने पासी समाज के मुख्यमंत्री बनाने और राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया, तो उन्हें धमकियां दी गईं और उनका सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद करा दिया गया। उन्होंने इसे सामाजिक और राजनीतिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि जब पासी समाज पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ीं और न्याय नहीं मिला, तब समाज के अंदर से ही संगठन खड़े हुए, जिनमें सुहेलदेव आर्मी और लाखन आर्मी प्रमुख हैं, जो समाज को न्याय दिलाने और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। गौतम भारती ने कहा कि अब पासी समाज राजनीतिक रूप से जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में समाज अपनी राजनीतिक ताकत और एकजुटता से अपना सम्मान और अधिकार हासिल करेगा।
लखनऊ कार्यक्रम में पासी समाज को वादे, मंच पर महापुरुषों की तस्वीरें नहीं – नाराजगी चुनाव आते ही याद आता है पासी समाज? राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लखनऊ: Akhilesh Yadav ने रविवार को नोएडा से मिशन 2027 की शुरुआत की, वहीं पार्टी महासचिव Shivpal Singh Yadav ने लखनऊ में मोर्चा संभालते हुए पासी समाज को साधने की कोशिश की। लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में पासी समाज को सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी देने का वादा किया गया, लेकिन इस कार्यक्रम को लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं। पासी समाज को लेकर वादे, लेकिन इतिहास पर चुप्पी भारतीय पासी विकास संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार बनने पर पासी समाज को पूरा सम्मान दिया जाएगा, उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी और बच्चों की पढ़ाई व नौकरी के लिए आरक्षण की रक्षा की जाएगी। लेकिन कार्यक्रम को लेकर पासी समाज के कई लोगों ने नाराजगी जताई कि जिन मंचों और बैनरों पर पासी समाज के राजा-महाराजाओं, वीरों और महापुरुषों की तस्वीरें तक नहीं लगाई गईं, वहां पासी समाज के सम्मान की बात करना सिर्फ राजनीतिक दिखावा माना जा रहा है। चुनाव आते ही याद आता है पासी समाज? राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हर चुनाव से पहले पासी समाज को साधने की कोशिश की जाती है, लेकिन जब सरकार बनती है तो पासी समाज को न तो पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलता है और न ही उनके इतिहास और महापुरुषों को सम्मान। पासी समाज के लोगों का कहना है कि केवल मंच से सम्मान देने की बात करने से सम्मान नहीं मिलता, बल्कि इतिहास, महापुरुषों और समाज की पहचान को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर जगह देने से सम्मान मिलता है। राजनीतिक बयान या वास्तविक सम्मान? अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह पासी समाज को लेकर वास्तविक सम्मान की राजनीति है या फिर मिशन 2027 के लिए वोट बैंक साधने की रणनीति। आने वाले समय में यह साफ होगा कि
यह वादा सिर्फ भाषण तक सीमित रहता है या वास्तव में पासी समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी मिलती है। पासी समाज की हत्याओं पर सियासत गरम, सभी पार्टियों पर भेदभाव का आरोप – प्रयागराज में शव यात्रा निकालकर विरोध उत्तर प्रदेश मे पिछले लगभग 15 महीनों में पासी समाज के करीब 177 लोगों की हत्या के मामलों को लेकर समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोप है कि न तो पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिल रहा है और न ही कई मामलों में प्रशासन मुकदमा दर्ज करता है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक दलों के खिलाफ खुलकर विरोध शुरू हो गया है। प्रयागराज में प्रबुद्ध बहुजन मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अधिवक्ता लाला राम सरोज के नेतृत्व में सभी राजनीतिक दलों के पासी समाज के सांसदों और विधायकों के खिलाफ शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। सभी पार्टियों पर समाज को बांटने का आरोप विरोध प्रदर्शन के दौरान लाला राम सरोज ने आरोप लगाया कि बीजेपी, सपा, बसपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी सभी ने पासी समाज को अपने-अपने क्षेत्रों में लगभग 25-25 प्रतिशत में बांट रखा है, ताकि समाज कभी एकजुट न हो सके और राजनीतिक सत्ता हासिल न कर सके। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोगों पर अत्याचार होता है, हत्याएं होती हैं, तब किसी भी पार्टी का पासी सांसद या विधायक खुलकर आवाज नहीं उठाता। केवल चुनाव के समय समाज की याद आती है। न्याय और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि: पासी समाज के हत्या मामलों की निष्पक्ष जांच हो सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सुरक्षा दी जाए पासी समाज को राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व दिया जाए चेतावनी प्रदर्शन के दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि यदि पासी समाज पर अत्याचार और हत्याएं नहीं रुकीं और जनप्रतिनिधि समाज के मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया
जाएगा। समाज के लोगों का कहना है अब समय आ गया है कि पासी समाज राजनीतिक रूप से एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई खुद लड़े। समाजवादी पार्टी (सपा) एक बार फिर अपने बयानों और नीतियों को लेकर निशाने पर है। सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुराने बयान, जिनमें उन्होंने मुस्लिम समाज के लिए समर्पण की बात कही थी, और कारसेवकों पर गोली चलवाने के आरोप, आज भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बने हुए हैं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव का वह बयान भी विवादों में रहा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मुस्लिम लड़कियों को लेकर विशेष टिप्पणी की थी। इन बयानों के चलते विपक्ष सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है। इसके अलावा, पासी समाज से जुड़े मुद्दों पर सपा के सांसदों और विधायकों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। आलोचकों का कहना है कि समाज पर हो रहे अत्याचारों पर पार्टी के जनप्रतिनिधि खुलकर नहीं बोलते। इतना ही नहीं, महाराजा सुहेलदेव की जातीय पहचान को लेकर भी सियासत तेज हो गई है। आरोप है कि अखिलेश यादव ने उन्हें “राजभर” बताकर बोर्ड लगवाए, जबकि कई लोग उन्हें पासी समाज का गौरव मानते हैं। इन तमाम मुद्दों को लेकर सपा विपक्ष के निशाने पर है और आने वाले चुनावों में यह विवाद पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। पासी समाज के संगठनों का कहना है कि पूरा देश जानता है कि Maharaja Suheldev पासी समाज के महान राजा थे, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, लेकिन समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाती। उनका आरोप है कि जब भी महाराजा सुहेलदेव की विरासत की बात होती है, तब सपा के पासी समाज से जुड़े सांसद, विधायक या नेता खुलकर समाज के पक्ष में नहीं बोलते। सामाजिक संगठनों का आरोप सामाजिक संगठनों का कहना है कि पासी समाज पर अत्याचार की घटनाओं पर सपा के नेता चुप रहते हैं पार्टी में पासी समाज के नेता होने के बावजूद समाज के मुद्दे नहीं उठाए जाते वोट बैंक की
राजनीति में पासी समाज की उपेक्षा की जाती है पासी समाज के सम्मान को लेकर गौतम भारती का बयान, धमकियों का भी आरोप लखनऊ/उत्तर प्रदेश। गौतम भारती, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श संग्राम पार्टी ने पासी समाज के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पासी समाज पूरे भारत में एक बहुमूल्य और प्रभावशाली समाज है, जो राजनीतिक सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन फिर भी उसे उचित सम्मान और नेतृत्व का अवसर नहीं दिया जाता। गौतम भारती ने बताया कि वे लगातार राज्यपाल और राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर पासी समाज के मुद्दे उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि पासी समाज जब किसी पार्टी को एकजुट होकर वोट देता है तो उस पार्टी की सरकार बन जाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद वही पार्टी पासी समाज को नेतृत्व और सम्मान देने से पीछे हट जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में पासी समाज को सम्मान देना चाहते हैं, तो अब तक किसी भी बड़े राज्य में पासी समाज का मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वोट लेने की राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज को सत्ता में भागीदारी भी मिलनी चाहिए। गौतम भारती ने यह भी आरोप लगाया कि जब आदर्श संग्राम पार्टी ने पासी समाज के मुख्यमंत्री बनाने और राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया, तो उन्हें धमकियां दी गईं और उनका सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद करा दिया गया। उन्होंने इसे सामाजिक और राजनीतिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि जब पासी समाज पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ीं और न्याय नहीं मिला, तब समाज के अंदर से ही संगठन खड़े हुए, जिनमें सुहेलदेव आर्मी और लाखन आर्मी प्रमुख हैं, जो समाज को न्याय दिलाने और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। गौतम भारती ने कहा कि अब पासी समाज राजनीतिक रूप से जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में समाज अपनी राजनीतिक ताकत और एकजुटता से अपना सम्मान और अधिकार हासिल करेगा।
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- कानपुर ब्रेकिंग न्यूज़ पुलिस की गुन्डागीरी परेड चौरहे पर पवन कुमार एस आई ने खड़ी गाड़ी का किया चलान 7000 रूपये मना करने पर दो युवाओं को बहुत बेरहमी मारा लोगो ने मार पिट का विरोध किया तो एस आई ने बताया की युवाओं ने हेलमेट नही लगया था खड़ी गाड़ी पर हेलमेट चलान जबरदस्ती कर रहे थे लोगो ने एस आई पवन कुमार से पुछ हेलमेट तो आपने भी नही लगया तो एस आई पवन कुमार पब्लिक से बतमजी करने लगे ये है मुख्यमंत्री योगी जी बे लगाम कानपुर पुलिस कानून सिर्फ आम आदमी के लिए है पुलिस के लिए नही2
- कानपुर समाचार Digital #गाजियाबाद शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दिल्ली गेट इलाके में #पत्रकार पर जानलेवा हमला... हमले में #पत्रकार को आई गंभीर चोट... एक दर्जन से ज्यादा #विशेष #धर्म के लोगों ने किया लाठी डंडों से हमला ... हमले का #सीसीटीवी #वीडियो भी आया सामने... .. .. .. .. .. .. .. .. #kanpur #foryoupagereels #NewsUpdate #hilight #follow #like #sher1
- हम भी आपको के अवगत कराना है कि गुंजन विहार बर्रा 6 वॉर्ड 67 की शिकायत दर्ज कराते थक चुके थे लेकिन माननीय सांसद श्री रमेश अवस्थी जी को लिखित शिकायत देने को बाद में आपके के अधिकारियों से बात कर के काम चालू हुआ और लेकिन पार्षद और आपके नगर निगम के जेई वर्षा जी के द्वारा यह काम बंद कराया जो कि अभी काम पूरा नही हुआ है और सुपर साकर गाड़ी को पार्षद के कार्यालय बगल में वॉर्ड 34 में गाड़ी लगाकर काम को बंद किया गया है और पाषर्द जी द्वारा फेसबुक पोस्ट किया जा रहा है कि वॉर्ड 67 में काम चल रहा है महोदय आप से अनरोध हैं की आप इस काम को पुनः चालू करने की कृपा करें । दिलीप कुमार पूर्व बूथ अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी 95985895004
- उन्नाव के दही थाना क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार रात करीब दो बजे एआरटीओ प्रवर्तन प्रतिभा गौतम ओवरलोड वाहनों की चेकिंग कर रही थीं. उन्होंने हमीरपुर नंबर के गिट्टी लदे डंपर को पकड़कर तौल के लिए धर्म कांटे पर भेजा. वहां डंपर का जीपीएस लॉक होने और अन्य ड्राइवरों के विरोध के कारण विवाद बढ़ गया. इस दौरान एक ड्राइवर द्वारा एआरटीओ की गाड़ी की चाबी निकालने पर अधिकारी ने उसे थप्पड़ जड़ दिया. विवाद बढ़ता देख महिला अधिकारी ड्राइवर को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गईं और संबंधित डंपर को सीज कर दिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पहले एआरटीओ प्रतिभा गौतम और ड्राइवरों के बीच बहस होती है. जब अधिकारी की गाड़ी मुड़कर जाने लगती है, तभी मोबाइल छीनने और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए ड्राइवर विरोध करते हैं. इसी बीच एक चालक मोबाइल लेने की कोशिश करता है, तभी प्रतिभा गौतम गाड़ी से फिल्मी अंदाज में उतरती हैं और उसे एक जोरदार थप्पड़ जड़ देती हैं. वह कहती हैं कि चालक ने शराब पी रखी है और उसे खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लेती हैं. वीडियो बना रहा युवक, जिसने अपना नाम गोलू बताया, लगातार कहता रहा कि "मैडम आप गलत कर रही हैं." उसने दावा किया कि उसके यूट्यूब पर 5 लाख फॉलोअर्स हैं और इस व्यवहार के लिए अधिकारी को माफी मांगनी पड़ेगी. #Unnao | #VirralVideo | #ARTO | #TruckDriver |1
- carvaan mathmatics class-8th chapter -2 ( linear equations) exercise - 2.2 question no-11
- उन्नाव एआरटीओ प्रवर्तन की गुंडई का वीडियो वायरल दही थाना में चेकिंग के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन ने ड्राइवर की की जमकर पिटाई, ड्राइवर का कहना है पैसा ना देने पर आग बगुला हुई एआरटीओ प्रवर्तन प्रतिभा गौतम जिओ पेट्रोलियम का चलता है ड्राइवर टैंकर बीते दिनों पूर्व एंट्री के खेल में कई परिवहन विभाग के एआरटीओ सहित अन्य जिम्मेदार पाए गए थे संलिप्त अब इस प्रकार का वीडियो कहीं ना कहीं परिवहन विभाग की कार्यशैली की खोल रहा है पोल क्या कोई भी नियम कानून एआरटीओ प्रशासन को हाथापाई करने की देता है इजाजत1