जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कदौरा में एक युवक को अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अरविंद कुशवाहा के पुत्र का जन्म वर्ष 2016 में सीएचसी आटा में हुआ था, जिसके बाद उसका जन्म प्रमाण पत्र सीएचसी कदौरा से जारी होना था। हालांकि, कई बार सीएचसी कदौरा के चक्कर लगाने के बावजूद यह प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन सका है। पीड़ित अरविंद कुशवाहा के अनुसार, संबंधित बाबू ने पुराने रिकॉर्ड लाने को कहा, लेकिन सीएचसी आटा से पता चला कि वर्ष 2016 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है या गुम हो चुका है। अरविंद कुशवाहा का आरोप है कि वीरेंद्र बाबू जी बिना "खर्चा-पानी" के काम नहीं करते, जिसके कारण यह मामला वर्षों से लंबित पड़ा है। इस देरी के चलते बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन पाया है, जिससे उसे किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित ने यह भी बताया कि जिस बच्चे का प्रमाण पत्र बनना है, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, और इस वजह से परिवार को काफी परेशानियां हो रही हैं। पीड़ित ने मामले की मौखिक शिकायत जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की है, साथ ही सीएचसी कदौरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदय को लिखित जानकारी भी दी है। डॉ. उदय ने मामले की जांच कर जल्द से जल्द जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना बाकी है कि स्वास्थ्य विभाग पीड़ित की इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से कर पाता है और लंबित जन्म प्रमाण पत्र कब तक जारी हो पाता है।
जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कदौरा में एक युवक को अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अरविंद कुशवाहा के पुत्र का जन्म वर्ष 2016 में सीएचसी आटा में हुआ था, जिसके बाद उसका जन्म प्रमाण पत्र सीएचसी कदौरा से जारी होना था। हालांकि, कई बार सीएचसी कदौरा के चक्कर लगाने के बावजूद यह प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन सका है। पीड़ित अरविंद कुशवाहा के अनुसार, संबंधित बाबू ने पुराने रिकॉर्ड लाने को कहा, लेकिन सीएचसी आटा से पता चला कि वर्ष 2016 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है या गुम हो चुका है। अरविंद कुशवाहा का आरोप है कि वीरेंद्र बाबू जी बिना "खर्चा-पानी" के काम नहीं करते, जिसके कारण यह मामला वर्षों से लंबित पड़ा है। इस देरी के चलते बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन पाया है, जिससे उसे किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित ने यह भी बताया कि जिस बच्चे का प्रमाण पत्र बनना है, उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, और इस वजह से परिवार को काफी परेशानियां हो रही हैं। पीड़ित ने मामले की मौखिक शिकायत जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की है, साथ ही सीएचसी कदौरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदय को लिखित जानकारी भी दी है। डॉ. उदय ने मामले की जांच कर जल्द से जल्द जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना बाकी है कि स्वास्थ्य विभाग पीड़ित की इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से कर पाता है और लंबित जन्म प्रमाण पत्र कब तक जारी हो पाता है।
- उरई (जालौन) के मनसा पूरण हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए आई एक महिला की सोने की चेन चोरी करने वाली एक महिला को मिशन शक्ति टीम की सतर्कता से मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई चेन बरामद कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे सुषमा पाल अपनी बहन के साथ मनसा पूरण हनुमान मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर पीछे से आई एक महिला ने उनकी सोने की चेन काट ली और वहाँ से निकलने की कोशिश की। मौके पर ड्यूटी पर तैनात मिशन शक्ति टीम की महिला हेड कांस्टेबल आशा देवी ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही तुरंत उस महिला का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान जनपद संत कबीर नगर निवासी राजकला पत्नी रिंकू के रूप में हुई। पुलिस आरोपी महिला को कोतवाली उरई लेकर पहुंची, जहाँ तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी की गई सोने की चेन बरामद कर ली गई। पीड़िता सुषमा पाल की तहरीर के आधार पर कोतवाली उरई में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 339/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। बरामद चेन को कब्जे में लेकर आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में 'इंसानियत ग्रुप' नामक एक संगठन गरीब और असहाय लोगों के लिए मसीहा बनकर उभरा है। यह ग्रुप अपने अच्छे कार्यों के लिए जाना जाता है और जालौन में कार्यरत है। ग्रुप के ऐसे ही कार्यों में से एक, 700 किलोमीटर दूर से अपने घर पहुंचे दिव्यांग नीलू विश्वकर्मा की कहानी है।1
- जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत मांडरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक रात्रि जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उसकी उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विकासखंड अधिकारी प्रशांत यादव और उपखंड बेसिक शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी भी मौजूद थे। जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- जनपद जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित और काफी समय से फरार चल रहे अभियुक्त राममोहन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी रिपोर्टर समीर मंसूरी ने आजाद अहमद और यासीन मंसूरी की कलम से दी है। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी जालौन के पर्यवेक्षण में थाना कुठौंद पुलिस लगातार वांछित अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को दबोचने में कामयाबी हासिल की। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राममोहन यादव (34 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश यादव, निवासी ग्राम शेखपुर अहीर, थाना कुठौंद, जनपद जालौन के रूप में हुई है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, उसके खिलाफ थाना कुठौंद में मु0अ0सं0 62/2026 धारा 2(ख)/3(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा। पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और अपराध पर नियंत्रण शामिल है। थाना प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही लगातार जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कुठौंद पुलिस की इस कार्यवाही को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।2
- जालौन नगर की पत्थर वाली गली में मंगलवार को एक इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मोहल्लेवासियों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया। आग ने देखते ही देखते दुकान में रखे लाखों रुपये के सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। दुकान संचालक संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी दुकान में समरसेबल, पंखे, वाशिंग मशीन, डायनमा सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत का काम किया जाता था। आग लगने से मरम्मत के लिए आए उपकरणों समेत बड़ी मात्रा में सामान जलकर खाक हो गया। धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। मोहल्लेवासियों ने समरसेबल और अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई के चलते आग आसपास की दुकानों और मकानों तक फैलने से बच गई। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, पर दुकान मालिक को भारी आर्थिक क्षति हुई है। नगरवासियों ने विद्युत विभाग से क्षेत्र की बिजली लाइनों और कनेक्शनों की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।1
- जालौन जिले में देर रात जालौन-औरैया हाइवे पर हरीपुरा के पास एक चलती कार अचानक आग की लपटों से घिर गई। देखते ही देखते यह कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई और एक आग का गोला बन गई। हालांकि, गनीमत रही कि कार में सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली और वे बाल-बाल बच गए।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम चमेड़ में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपने समूह के बैंक खाते से फर्जी तरीके से धनराशि निकाले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना ही खाते से पैसे निकाल लिए गए। उन्हें इन कथित अनियमितताओं का पता तब चला जब उन्होंने अपने खाते के लेन-देन की जानकारी प्राप्त की। पीड़ित महिलाओं ने एकजुट होकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका तर्क है कि समूह की बचत और सरकारी योजनाओं से मिलने वाली राशि उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए है, लेकिन इस फर्जी निकासी के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। महिलाओं ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से गुहार लगाएंगी। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत मिलने पर मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग अब जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं।1
- जालौन जिले में झांसी-कानपुर हाईवे पर एक तेज रफ्तार बलेनो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, कार सवार एक महिला समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उरई कोतवाली क्षेत्र के झांसी-कानपुर हाईवे पर स्थित अजनारी फ्लाईओवर के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, कार में सवार परिवार गुजरात से आजमगढ़ जा रहा था और यह झांसी की ओर से आ रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सभी घायल लोगों को इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया है।4
- जालोन के विकासखंड कुठौंद के ग्राम सुरावली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पुष्टाहार वितरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किरण भारती पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह कई महीनों से बच्चों को मिलने वाला पुष्टाहार नियमित रूप से वितरित नहीं कर रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में शिकायत पोर्टल पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्यकर्ता और ग्रामीणों के बीच कहासुनी भी हुई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए आने वाला पुष्टाहार लाभार्थियों तक नहीं पहुँचाया गया, बल्कि कुछ ग्रामीणों ने तो इसे बेच दिए जाने का भी दावा किया है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में बड़ी मात्रा में सड़ा हुआ पुष्टाहार फेंका हुआ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुष्टाहार का वितरण समय पर किया गया होता, तो उसके खराब होकर फेंकने की नौबत ही नहीं आती। इस गंभीर मामले पर ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि बच्चों के पोषण से जुड़े ऐसे संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। मामले को लेकर ग्रामीण वीर सिंह भास्कर, अजय सिंह, अमित कुमार, राहुल कुमार, छक्की और गोलू सहित अन्य लोगों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को प्रार्थना पत्र सौंपकर प्रशासन से तत्काल जांच और उचित कार्रवाई का आग्रह किया है।2