ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना शहर पुलिस ने दिखाया मानवता का चेहरा, ग्वालियर MP से भटककर आई बुजुर्ग महिला को सकुशल परिवार से मिलाया पुलिस प्रवक्ता कार्यालय पलवल से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक पलवल *श्री नीतीश अग्रवाल, IPS* के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे *“ऑपरेशन मुस्कान”* अभियान के तहत *थाना शहर पुलिस* ने सराहनीय कार्य करते हुए अपने घर से भटककर पलवल पहुंची एक बुजुर्ग महिला को सकुशल उसके परिजनों से मिलाकर चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। *कैसे मिली बुजुर्ग माता:* थाना शहर पलवल के SHO निरीक्षक प्रकाश चंद को गश्त के दौरान मीनार गेट के पास एक बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में बैठी मिली। महिला काफी परेशान व घबराई हुई थी। SHO प्रकाश चंद ने तुरंत मानवता दिखाते हुए महिला को थाने लाकर चाय-पानी व भोजन की व्यवस्था कराई। महिला से प्यार से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम *रंन्नो बाई पत्नी आनंद कुमार निवासी सराफ बाजार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश* बताया। महिला अपने घर का सही पता नहीं बता पा रही थी और रास्ता भटककर पलवल आ गई थी। *परिवार तक कैसे पहुंची पुलिस:* SHO निरीक्षक प्रकाश चंद ने तुरंत *ऑपरेशन मुस्कान* के तहत कार्रवाई करते हुए ग्वालियर पुलिस से संपर्क साधा। ग्वालियर स्थानीय पुलिस की मदद से महिला के परिजनों को ट्रेस किया गया। सूचना मिलते ही बुजुर्ग महिला के बेटे पलवल पहुंचे। कागजी कार्रवाई पूरी कर बुजुर्ग माता रंन्नो बाई को सकुशल उनके बेटे के सुपुर्द किया गया। अपने बेटे को देखकर माता जी की आंखें भर आईं और उन्होंने पलवल पुलिस का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया। *SHO निरीक्षक प्रकाश चंद ने कहा:* “वर्दी का पहला धर्म मानवता है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत हमारा प्रयास रहता है कि जो लोग अपनों से बिछड़ गए हैं, उन्हें मिलाया जाए। माता जी जब मिली तो बहुत परेशान थीं। इनकी आंखों में अपने परिवार से मिलने की आस देखकर हमने ठान लिया था कि आज इन्हें इनके घर जरूर पहुंचाएंगे। परिवार को मिलाने के बाद जो सुकून मिला, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।” *पुलिस अधीक्षक श्री नीतीश अग्रवाल, IPS का संदेश:* “ऑपरेशन मुस्कान पलवल पुलिस का एक ऐसा अभियान है जो बिछड़ों को मिलाता है। SHO शहर निरीक्षक प्रकाश चंद व उनकी टीम ने एक बेटे को उसकी मां से मिलाकर सच्ची पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया है। मैं आमजन से अपील करता हूं कि अगर आपके आस-पास कोई बुजुर्ग, महिला या बच्चा लावारिस हालत में मिले तो तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाना को सूचना दें। आपका एक फोन किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है।”
ऑपरेशन मुस्कान के तहत थाना शहर पुलिस ने दिखाया मानवता का चेहरा, ग्वालियर MP से भटककर आई बुजुर्ग महिला को सकुशल परिवार से मिलाया पुलिस प्रवक्ता कार्यालय पलवल से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक पलवल *श्री नीतीश अग्रवाल, IPS* के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे *“ऑपरेशन मुस्कान”* अभियान के तहत *थाना शहर पुलिस* ने सराहनीय कार्य करते हुए अपने घर से भटककर पलवल पहुंची एक बुजुर्ग महिला को सकुशल उसके परिजनों से मिलाकर चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। *कैसे मिली बुजुर्ग माता:* थाना शहर पलवल के SHO निरीक्षक प्रकाश चंद को गश्त के दौरान मीनार गेट के पास एक बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में बैठी मिली। महिला काफी परेशान व घबराई हुई थी। SHO प्रकाश चंद ने तुरंत मानवता दिखाते हुए महिला को थाने लाकर चाय-पानी व भोजन की व्यवस्था कराई। महिला से प्यार से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम *रंन्नो बाई पत्नी आनंद कुमार निवासी सराफ बाजार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश* बताया। महिला अपने घर का सही पता नहीं बता पा रही थी और रास्ता भटककर पलवल आ गई थी। *परिवार तक कैसे पहुंची पुलिस:* SHO निरीक्षक प्रकाश चंद ने तुरंत *ऑपरेशन मुस्कान* के तहत कार्रवाई करते हुए ग्वालियर पुलिस से संपर्क साधा। ग्वालियर स्थानीय पुलिस की मदद से महिला के परिजनों को ट्रेस किया गया। सूचना मिलते ही बुजुर्ग महिला के बेटे पलवल पहुंचे। कागजी कार्रवाई पूरी कर बुजुर्ग माता रंन्नो बाई को सकुशल उनके बेटे के सुपुर्द किया गया। अपने बेटे को देखकर माता जी की आंखें भर आईं और उन्होंने पलवल पुलिस का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया। *SHO निरीक्षक प्रकाश चंद ने कहा:* “वर्दी का पहला धर्म मानवता है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत हमारा प्रयास रहता है कि जो लोग अपनों से बिछड़ गए हैं, उन्हें मिलाया जाए। माता जी जब मिली तो बहुत परेशान थीं। इनकी आंखों में अपने परिवार से मिलने की आस देखकर हमने ठान लिया था कि आज इन्हें इनके घर जरूर पहुंचाएंगे। परिवार को मिलाने के बाद जो सुकून मिला, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।” *पुलिस अधीक्षक श्री नीतीश अग्रवाल, IPS का संदेश:* “ऑपरेशन मुस्कान पलवल पुलिस का एक ऐसा अभियान है जो बिछड़ों को मिलाता है। SHO शहर निरीक्षक प्रकाश चंद व उनकी टीम ने एक बेटे को उसकी मां से मिलाकर सच्ची पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया है। मैं आमजन से अपील करता हूं कि अगर आपके आस-पास कोई बुजुर्ग, महिला या बच्चा लावारिस हालत में मिले तो तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाना को सूचना दें। आपका एक फोन किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है।”
- Post by माथुर पत्रकार1
- पलवल उन्होंने बताया कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसान पराली को जलाने के स्थान पर हैप्पी सीडर, सुपर एसएमएस, मल्चर, रोटावेटर जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर उसे मिट्टी में मिलाएं या अन्य उपयोग जैसे चारे एवं जैव ईंधन के रूप में प्रयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध 5000 से 30,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा तथा एफआईआर दर्ज की जाएगी। कृषि उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा गांव स्तर पर जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा कृषि यंत्रों के प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे फसल अवशेषों को न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। यह न केवल उनकी भूमि की उर्वरता को बढ़ाएगा, बल्कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगा।1
- 2 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई एफआईआर दर्ज लगे आरोप?1
- फाइबर कूलर बॉडी से बना रहे पौधा संरक्षण बैंक, दिया पर्यावरण संदेश रिपोर्ट - प्रवीण कुकरेजा 999 10 11 999 पलवल, 21 अप्रैल - मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक सेवा ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण अवॉर्डी डॉ. आचार्य राम कुमार बघेल ने *'कबाड़ से जुगाड़'* की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत वे व्यर्थ पड़ी फाइबर कूलर बॉडी को पौधा संरक्षण के लिए पौधा बैंक के रूप में तैयार कर रहे हैं। *प्रकृति सेवा का संदेश:* डॉ. बघेल ने कहा, _"दिन की शुरुआत प्रकृति माँ की सेवा के साथ हो। बच्चों को यह शिक्षा दें कि प्रकृति पर्यावरण की सुरक्षा करें।"_ उन्होंने *जय हिंद, जय सियाराम* और *माता भूमि: पुत्रोsहं पृथिव्या:* के उद्घोष के साथ *प्रकृति बचाओ अभियान - हरित भारत, स्वस्थ भारत* का आह्वान किया। *क्या है अपील:* 1. *जीओ और जीने दो* के सिद्धांत पर चलें, जीवों पर दया करें 2. *शाकाहारी बनें*, जल संरक्षण करें 3. *वृक्षारोपण* करें और पर्यावरण बचाएं 4. *नारी सम्मान* के साथ प्रकृति की रक्षा करें 5. *"जहाँ हरियाली - वहाँ खुशहाली"* के मंत्र को अपनाएं *जनक्रांति से हरितक्रांति:* 'सन ऑफ नेचर' व 'ग्रीन एम्बेसडर' डॉ. बघेल ने कहा कि _"आओ मिलकर जनक्रांति से हरितक्रांति की ओर चलें।"_ वे लगातार कबाड़ से उपयोगी चीजें बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। _रिपोर्ट - प्रवीण कुकरेजा 999 10 11 999_ --- *सोशल मीडिया पोस्ट:* 🌱 *प्रकृति बचाओ अभियान* 💧🕊️ *हरित भारत - स्वस्थ भारत* ।। जय हिंद, जय सियाराम जी ।। *माता भूमि: पुत्रोsहं पृथिव्या:* _"दिन की शुरुआत - प्रकृति माँ की सेवा के साथ"_ _"बच्चों को दो यह शिक्षा - प्रकृति पर्यावरण की करें सुरक्षा"_ ♻️ *कबाड़ से जुगाड़*: व्यर्थ फाइबर कूलर बॉडी से पौधा संरक्षण बैंक तैयार 🌳 *संदेश*: जीओ और जीने दो, शाकाहारी बनें, जल बचाएं, वृक्ष लगाएं 🌳 *जहाँ हरियाली - वहाँ खुशहाली* 🌳 आओ मिलकर *जनक्रांति से हरितक्रांति* की ओर चलें 🙏 *सन ऑफ नेचर, ग्रीन एम्बेसडर* *डॉ. आचार्य राम कुमार बघेल* अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण अवॉर्डी संस्थापक-अध्यक्ष, मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक सेवा ट्रस्ट, पलवल #PrakritiBachao #GreenIndia #KabadSeJugaad #Environment #TreePlantation #Palwal #DrRamKumarBaghel1
- अगर बात समझ में आये तो शेयर, कमेंट और लाइक अवश्य करें।हरे दुपट्टा को न छेड़ रे बाबा। मास्टर श्यौराज2
- अगर बात समझ में आये तो शेयर, कमेंट और लाइक अवश्य करें।हरे दुपट्टा को न छेड़ रे बाबा। मास्टर श्यौराज1
- गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र स्थित एक मार्केट में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें देखते ही देखते तेज़ी से फैल गईं, जिससे आसपास के दुकानदारों और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया। दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया जा रहा है।1
- पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक पलवल *श्री नीतीश अग्रवाल, IPS* के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात थाना पलवल के प्रभारी निरीक्षक जगबीर सिंह व उनकी टीम द्वारा आज DAV पुलिस पब्लिक स्कूल, पुलिस लाइन, पलवल में विशाल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। *कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:* 1. *ट्रैफिक नियमों की पाठशाला:* निरीक्षक जगबीर सिंह ने बच्चों को अत्यंत सरल भाषा में ट्रैफिक लाइट, जेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन, हेलमेट व सीट बेल्ट* के महत्व के बारे में बताया। नाबालिग द्वारा वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने व मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने के खतरों को उदाहरण सहित समझाया गया। 2. *रोड सेफ्टी डेमो:* यातायात टीम ने प्रोजेक्टर वीडियो डेमो के माध्यम से सड़क पार करने का सही तरीका, साइकिल चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियां के टिप्स दिए। 3. *स्टूडेंट पुलिस कैडेट (SPC) में नामांकन:* कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत 23 इच्छुक छात्र-छात्राओं का नामांकन। निरीक्षक जगबीर सिंह ने बच्चों को SPC की भूमिका, कर्तव्यों व फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि SPC कैडेट न केवल खुद नियमों का पालन करेंगे, बल्कि अपने स्कूल, परिवार व मोहल्ले में ‘रोड सेफ्टी एम्बेसडर’ बनकर दूसरों को भी जागरूक करेंगे। 4. *शपथ व संकल्प:* कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों व स्टाफ को यातायात नियमों का पालन करने, दूसरों को करवाने व सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान थाना यातायात पलवल प्रभारी निरीक्षक जगबीर सिंह ने कहा कि “सड़क दुर्घटना में एक गलती पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। बच्चे हमारे सबसे अच्छे दूत हैं। ये आज जो सीखेंगे, कल अपने माता-पिता को भी टोकेंगे कि ‘पापा हेलमेट लगाओ, मम्मी सीट बेल्ट बांधो’। स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना का उद्देश्य बच्चों में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम व कानून का सम्मान पैदा करना है। DAV स्कूल के बच्चों का उत्साह देखकर लगा कि पलवल का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।” *स्कूल प्रबंधन का सहयोग:* DAV स्कूल प्रिंसिपल श्रीमती सीमा राजवंशी एवं स्कूल प्रबंधन ने यातायात पुलिस की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कराने का आग्रह किया। *पुलिस अधीक्षक श्री नीतीश अग्रवाल, IPS का कथन:* “सभी को सड़क सुरक्षा हेतु यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। ट्रैफिक सेंस बचपन से ही आना चाहिए।अभिभावकों से अपील है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वाहन न दें और खुद भी नियमों का पालन कर बच्चों के सामने उदाहरण पेश करें।”1