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जनता के बीच विधायक डॉक्टर सुनील। कहा जनता का सेवा ही हमारा धर्म।कोई सरकार में रहे जनता का आवाज उठाते रहेंगे। बिहार शरीफ
Hello Nalanda
जनता के बीच विधायक डॉक्टर सुनील। कहा जनता का सेवा ही हमारा धर्म।कोई सरकार में रहे जनता का आवाज उठाते रहेंगे। बिहार शरीफ
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- रिपोर्ट: वंदे भारत न्यूज, बिहारशरीफ (नालंदा) हिरण्य पर्वत बनेगा विकास और हॉट-स्पॉट केंद्र : डॉ. सुनील बिहारशरीफ (नालंदा) जिस प्रकार Nitish Kumar के नेतृत्व में Rajgir को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया गया है, उसी तर्ज पर अब बिहारशरीफ के हिरण्य पर्वत को विकास एवं हॉट-स्पॉट केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। डॉ. सुनील ने कहा कि हिरण्य पर्वत ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यदि यहाँ बुनियादी सुविधाएँ, प्रकाश व्यवस्था, सड़क संपर्क, पार्किंग, कैफेटेरिया, व्यू-पॉइंट और सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाए तो यह क्षेत्र स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विकास से न केवल बिहारशरीफ की पहचान मजबूत होगी, बल्कि छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और होटल व्यवसायियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। लक्ष्य है कि हिरण्य पर्वत को परिवारों, पर्यटकों और युवाओं के लिए आकर्षक “हॉट-स्पॉट” के रूप में विकसित किया जाए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया तो आने वाले समय में बिहारशरीफ भी पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू सकता है।1
- खुश होंगे हनुमान राम राम 🌺🙏🚩1
- विधानसभा में बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सुनील कुमार ने धार्मिक स्थलों की घेराबंदी को लेकर सरकार से स्पष्ट और समान नीति की मांग की। उन्होंने बिहारशरीफ में 83 डेसिमल सरकारी जमीन घेरने के आरोप की जांच की भी बात उठाई, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की बात कही।1
- नालंदा में मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर गूंजे नारे, यूजीसी कानून को छात्र-शिक्षक विरोधी बताकर वापस लेने की मांग तेज, नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी, केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप — यूजीसी कानून को बताया छात्र-शिक्षक विरोधी, वापस लेने की मांग तेज, एंकर, नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में रविवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के बैनर तले एक बड़ा शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कानून को छात्र एवं शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की। रविवार को बिहारशरीफ शहर में प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के बैनर तले शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। यह मार्च भरावपर बड़ी दुर्गा मंदिर के समीप से शुरू होकर हॉस्पिटल मोड़ होते हुए शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल राजवीर सिंह, अजीत सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित यूजीसी नियम छात्र और शिक्षक दोनों के हितों के खिलाफ हैं। वक्ताओं ने कहा कि जातिवादी मानसिकता से प्रेरित होकर नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे समाज की एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार विशेष रूप से स्वर्ण समाज को निशाना बना रही है। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित नियमों और एससी-एसटी अध्यादेश जैसे प्रावधानों का विरोध करते हुए इसे काला कानून करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अध्यादेश लाया गया और समाज की महिलाओं पर किसी प्रकार का अत्याचार हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल विरोध स्वरूप शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया है, लेकिन आने वाले दिनों में शहर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा की गई है। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।1
- नवादा में शिक्षा का नया केंद्र बना RK Mission School, विधायिका विभा देवी ने किया उद्घाटन..!! SamacharCity।।BiharNews।।1
- Post by Anil Paswan1
- हिरण्य पर्वत बनेगा विकास और हॉट-स्पॉट केंद्र : डॉ. सुनील1
- राम जी के प्यारे हनुमान जी ✨♥️🌺🚩1
- बिहारशरीफ में UGC ‘काला कानून’ के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, “2026 काला कानून वापस लो” के लगे नारे बिहारशरीफ, 22 फरवरी 2026। रविवार को बिहारशरीफ में विभिन्न संगठनों एवं युवाओं द्वारा UGC के कथित “2026 काला कानून” के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने शहर की मुख्य सड़कों पर मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों के हाथ में बैनर था, जिस पर “UGC 2026 काला कानून वापस लो” लिखा हुआ था। मौके पर मौजूद लोगों ने एक स्वर में सरकार से इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। यह विरोध यात्रा भराव से शुरू होकर अस्पताल चौराहा, मोगल कुआँ और पुल पर कचहरी होते हुए पुनः भराव पर आकर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि यह कानून छात्रों और आम जनता के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। आंदोलनकारियों ने अंत में प्रशासन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की बात कही तथा आगे भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। रिपोर्ट: वंदे भारत न्यूज, बिहारशरीफ (नालंदा1