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कोटा के लाडपुरा में राधे-गोविंदा के भजनों पर भक्त भाव-विभोर होकर झूम उठे। विश्वास और प्रेम भाव में डूबे श्रद्धालु नाचते-गाते हुए नज़र आए।
Journalist Harish Yadav
कोटा के लाडपुरा में राधे-गोविंदा के भजनों पर भक्त भाव-विभोर होकर झूम उठे। विश्वास और प्रेम भाव में डूबे श्रद्धालु नाचते-गाते हुए नज़र आए।
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- 🔥🏠 🌑🏠 घर वही… लेकिन किस्मत अलग क्यों? कभी गौर किया है…दो घर एक जैसे होते हैं,नक्शा भी सेम…फिर भी एक में सुकून,दूसरे में टेंशन क्यों? ❗ “दिशा नहीं… असली खेल है संतुलन का!” --- ### 😳 क्या आपने कभी सोचा है? अगर वास्तु सिर्फ दिशाओं का खेल होता… तो हर “परफेक्ट प्लान” वाला घर हमेशा खुशहाल क्यों नहीं होता? 🤔 👉 क्योंकि असली सिस्टम दिशा नहीं… **ऊर्जा का बैलेंस है** --- 📜 प्राचीन ज्ञान vs आज की गलत समझ वास्तु शास्त्र के ग्रंथ जैसे **विश्वकर्मा प्रकाश** और **समरांगण सूत्रधार** कहते हैं कि हर दिशा का महत्व है… लेकिन लोग एक बड़ी गलती कर देते हैं 👇 ❌ इसे “फिक्स रूलबुक” समझ लेते हैं 👉 जबकि यह एक **डायनामिक एनर्जी सिस्टम** है --- 🔥 SE (अग्नि कोण) का सच ### ⚡ अगर SE बढ़ा हुआ है… * जीवन में गति आती है * फैसले तेज होते हैं * एक्टिविटी और पावर बढ़ती है 👉 ये “डिफेक्ट” नहीं… 👉 ये **एनर्जी का ओवरफ्लो** है 🔥 --- ⚫ SW (नैऋत्य) का सच ### ⚖️ अगर SW खुला या बढ़ा है… * स्थिरता में बदलाव आ सकता है * लाइफ में उतार-चढ़ाव दिखते हैं * लेकिन सही इस्तेमाल पर यही क्षेत्र **धन और ग्रोथ** देता है 💰 👉 समस्या दिशा में नहीं… 👉 **अनियंत्रित ऊर्जा में है** --- 😳 सबसे बड़ा भ्रम क्या है? लोग कहते हैं: ❌ “ये दिशा खराब है” ❌ “वो दिशा दोष है” 👉 लेकिन सच यह है: ✔ कोई दिशा खराब नहीं होती ✔ खराब होता है **बिगड़ा हुआ बैलेंस** --- 🧠 असली खतरा कब बनता है? जब घर में ये चीजें हों 👇 * ईशान (NE) में भारी सामान * एनर्जी फ्लो ब्लॉक हो * हर दिशा का संतुलन बिगड़ जाए 👉 तब सिस्टम डिस्टर्ब होता है ⚠️ --- 🧭 ईशान (NE): गेम चेंजर ज़ोन ### 🌿 अगर साफ और हल्का है: * दिमाग शांत रहता है * पॉजिटिविटी बढ़ती है * फैसले सही होते हैं ### ❌ अगर बिगड़ा हुआ है: * तनाव * रुकावट * नेगेटिव फीलिंग --- 💡 असली वास्तु का राज़ 👉 वास्तु यह नहीं कहता कि घर अच्छा या बुरा है 👉 वास्तु सिर्फ यह दिखाता है कि **ऊर्जा कहाँ फंस रही है** --- 🚀 अंतिम सच (जो कोई नहीं बताता) 👉 “परफेक्ट नक्शा” = गारंटी नहीं 👉 “बढ़ी हुई दिशा” = हमेशा दोष नहीं ## 🔥 असली जीत यहाँ है: ### ⚖️ ENERGY BALANCE + सही उपयोग + समझ --- 💬 अगर ये बात समझ आ गई… तो आपने वास्तु का 80% रहस्य समझ लिया 😳🔥 076782 00917 #VastuShastra #VastuTips #IndianKnowledge #SpiritualWisdom #AncientWisdom #SanatanDharma #VedicScience #EnergyBalance #PositiveEnergy #HomeVastu #VastuSecrets #HiddenKnowledge #TruthUncovered #MindsetShift #LifeUpgrade #SuccessEnergy #SpiritualIndia #DharmikGyan #RealKnowledge #EnergyFlow #LifeWisdom #DivineEnergy #MysteryUnfolded #Awareness #KnowledgeSharing1
- पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद से अराजक तत्व पूरी तरह बेकाबू हैं, पूरा बंगाल हिंसा और आगजनी की चपेट में है, हालात लगातार काबू से बाहर होते जा रहे हैं, पुलिस और सेना मूकदर्शक बनी हुई है...1
- कोटा मेडिकल कॉलेज मामला: स्पीकर Om Birla सख्त, उच्चस्तरीय जांच के आदेश कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त रुख अपनाया है। बिरला के निर्देश पर जयपुर से विशेषज्ञों की टीम कोटा के लिए रवाना हो गई है, जो पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करेगी। स्पीकर बिरला ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया और अस्पताल प्रशासन को प्रसूताओं के बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिरला ने स्पष्ट कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत की जाएगी, ताकि जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा सकें।1
- न्यू मेडिकल कालेज में सिजेरियन के बाद 6 प्रसूता ओं की तबियत बिगडी,एक महिला की मौत कोटा। कोटा शहर के न्यू मेडिकल कालेज में सिजेरियन के बाद 6महिला ओं की तबियत बिगडी इन में एक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिजेरियन के बाद प्रसूता ओं का वीपी स्लो हो गया और तबियत बिगड गई।1
- कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। एक अन्य महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। परिवार वालों का आरोप है कि सर्जरी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से ऐसे हालात बने हैं। यह पूरा मामला न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का है। सर्जरी के बाद महिलाओं का यूरिन बंद हो गया। किडनी में इन्फेक्शन के साथ ही अचानक BP लो हो गया था। सभी महिलाओं को 5 मई की रात 10 बजे के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में शिफ्ट किया गया था। हॉस्पिटल में गायनिक (Gynecologist) की दो यूनिट हैं। पांचों प्रसूता अलग-अलग यूनिट में भर्ती हुई थीं। सभी प्रसूताओं की ऑपरेशन के 7-8 घंटे बाद तबीयत बिगड़ने लगी थी। पहले ब्लड प्रेशर कम होने लगा था। रागिनी की सर्जरी 4 मई की सुबह 11.45 बजे हुई थी। सुशीला को 3 मई को हॉस्पिटल लाया गया था। 4 मई की शाम 6 बजे उसका ऑपरेशन किया गया था। धन्नी को 4 मई को हॉस्पिटल लाया गया था, उसी दिन शाम 5 बजे ऑपरेशन हुआ। ज्योति को 4 मई को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन दोपहर करीब 1 बजे सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। सर्जरी के बाद ब्लीडिंग होने लगी धन्नी के भाई कुशाल सुमन ने बताया- सर्जरी के बाद पेशेंट को ब्लीडिंग होने लगी थी। ब्लड भी चढ़ाया गया। बावजूद इसके मरीज की हालत बिगड़ती गई। आंखें पीली होने लगी थीं। अब भी संतोषजनक सुधार नहीं हुआ है। मेडिकल बोर्ड का गठन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरपी मीणा ने बताया कि महिलाओं को SSB में शिफ्ट किया है। इलाज के लिए बोर्ड का गठन किया है। इसमें सर्जन, एनेस्थीसिया गायनिक, फिजिशियन नेफ्रोलॉजी के विशेषज्ञ शामिल हैं। इन महिलाओं को SSB में शिफ्ट किया गया… 1. रागिनी (29) पत्नी लोकेश मीणा, निवासी झाड़ोल, इटावा, कोटा 2. सुशीला (35) पत्नी ओमप्रकाश, बरडा बस्ती, कोटा 3. चंद्र कला पत्नी राकेश, काकरिया, करवार, कोटा 4. धन्नी पत्नी मोहन लाल, संजय नगर, कोटा 5. ज्योति (20) पत्नी रवि, क्रेसर बस्ती, अनंतपुरा, कोटा1
- कोटा के घोसी मोहल्ले में तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। गुमानपुरा थाना क्षेत्र के बल्लभ बड़ी में शाम करीब 4 बजे हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है, गनीमत रही कि अब तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है।1
- कोटा जिले की मादंलिया पंचायत के बक्सपुरा गांव में कर्मचारियों के न आने से बंद नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इस गंदगी के कारण मच्छर-मक्खी पनप रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में बीमारियों का डर बढ़ गया है। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।4
- कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। एक अन्य महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। परिवार वालों का आरोप है कि सर्जरी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से ऐसे हालात बने हैं। यह पूरा मामला न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का है। सर्जरी के बाद महिलाओं का यूरिन बंद हो गया। किडनी में इन्फेक्शन के साथ ही अचानक BP लो हो गया था। सभी महिलाओं को 5 मई की रात 10 बजे के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में शिफ्ट किया गया था। हॉस्पिटल में गायनिक (Gynecologist) की दो यूनिट हैं। पांचों प्रसूता अलग-अलग यूनिट में भर्ती हुई थीं। सभी प्रसूताओं की ऑपरेशन के 7-8 घंटे बाद तबीयत बिगड़ने लगी थी। पहले ब्लड प्रेशर कम होने लगा था। रागिनी की सर्जरी 4 मई की सुबह 11.45 बजे हुई थी। सुशीला को 3 मई को हॉस्पिटल लाया गया था। 4 मई की शाम 6 बजे उसका ऑपरेशन किया गया था। धन्नी को 4 मई को हॉस्पिटल लाया गया था, उसी दिन शाम 5 बजे ऑपरेशन हुआ। ज्योति को 4 मई को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन दोपहर करीब 1 बजे सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। सर्जरी के बाद ब्लीडिंग होने लगी धन्नी के भाई कुशाल सुमन ने बताया- सर्जरी के बाद पेशेंट को ब्लीडिंग होने लगी थी। ब्लड भी चढ़ाया गया। बावजूद इसके मरीज की हालत बिगड़ती गई। आंखें पीली होने लगी थीं। अब भी संतोषजनक सुधार नहीं हुआ है। मेडिकल बोर्ड का गठन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरपी मीणा ने बताया कि महिलाओं को SSB में शिफ्ट किया है। इलाज के लिए बोर्ड का गठन किया है। इसमें सर्जन, एनेस्थीसिया गायनिक, फिजिशियन नेफ्रोलॉजी के विशेषज्ञ शामिल हैं। इन महिलाओं को SSB में शिफ्ट किया गया… 1. रागिनी (29) पत्नी लोकेश मीणा, निवासी झाड़ोल, इटावा, कोटा 2. सुशीला (35) पत्नी ओमप्रकाश, बरडा बस्ती, कोटा 3. चंद्र कला पत्नी राकेश, काकरिया, करवार, कोटा 4. धन्नी पत्नी मोहन लाल, संजय नगर, कोटा 5. ज्योति (20) पत्नी रवि, क्रेसर बस्ती, अनंतपुरा, कोटा1