सदनों से सड़कों तक गूंज रही निजी स्कूलों की लूट, दक्ष इंटरनेशनल स्कूल शाहाबाद की सर्वाधिक चर्चा, 👇 सवाल: “सेंट जोसेफ” था कहाँ? स्थानीय स्तर पर पूछताछ में कई लोगों ने बताया कि 👉 “सेंट जोसेफ स्कूल” नाम से पहले किसी बड़े या प्रमुख विद्यालय की स्पष्ट पहचान सामने नहीं आती। यही वजह है कि अब सवाल उठ रहा है— 👉 क्या मान्यता किसी ऐसे नाम पर थी, जो जमीन पर सीमित या अस्पष्ट रूप में संचालित था? ⚠️ दूसरा सवाल: नाम बदला या सिस्टम अपग्रेड दिखाया गया? नाम बदलकर “इंटरनेशनल” जोड़ दिया गया, लेकिन— क्या भवन, सुविधाएं और स्टाफ उसी स्तर के हैं? क्या नाम परिवर्तन के समय दोबारा निरीक्षण हुआ? 👉 अगर नहीं, तो यह केवल नाम का विस्तार है या फिर छवि का निर्माण? या वास्तव में इसी बिल्डिंग में नियमानुसार, सेंट जोसेफ़ स्कूल था? शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। सदनों से सड़कों तक और सड़कों से सिटी मजिस्ट्रेट को डीएम को सम्बोधित ज्ञापन देने तक गूंज रही निजी स्कूलों की लूट, मनमानी, तानाशाही के बाद भी प्रशासन की शिथिलता अब बड़े सवालों के घेरे में हैं। हरदोई से शाहाबाद तक में किताब-ड्रेस की अनिवार्यता कोर्स की सामग्री पर तीखे सवाल उठ रहे हैं फिर भी शिक्षा विभाग से लेकर शिक्षा मंत्री तक और एसडीएम से डीएम तक सभी इस मुद्दे पर उदासीनता बरत रहे हैं। जो कि सड़कों से सोशल मीडिया पर भी आजकल सबसे अधिक चर्चा का बिषय बना है। निजी स्कूलों में फीस, किताब और ड्रेस के नाम पर मनमानी वसूली का मुद्दा अब स्थानीय दायरे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। सपा सांसद इकरा हसन ने लोकसभा में और आप सांसद स्वाति मालीवाल द्वारा इस विषय को राज्य सभा में उठाए जाने के बाद हरदोई जनपद स्तर से लेकर शाहाबाद तहसील क्षेत्र तक में भी अभिभावकों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। इस मामले में समाजसेवी कर्ण सिंह राणा ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कई निजी विद्यालय अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही कॉपी, किताब और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। ज्ञापन के अनुसार इन दुकानों पर बाजार की तुलना में अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि “अनिवार्य किट”, “एक्टिविटी चार्ज” और “ड्रेस अपडेट” जैसे शीर्षकों के तहत अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जबकि इन मदों की स्पष्ट जानकारी अभिभावकों को नहीं दी जाती। कई अभिभावकों का कहना है कि वैकल्पिक दुकानों से सामान खरीदने पर आपत्ति जताई जाती है और स्कूल से बच्चों को कान पकड़कर बाहर कर देने की धमकी दी जाती है। उधर, संसद में इकरा हसन और राज्य सभा में स्वाति मालीवाल ने निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि, किताब-ड्रेस की अनिवार्यता और विभिन्न शुल्कों को लेकर सवाल उठाते हुए इसे अभिभावकों पर बढ़ता आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने फीस संरचना में पारदर्शिता और नियमन की आवश्यकता पर जोर दिया। दक्ष इंटरनेशनल स्कूल की सर्वाधिक चर्चा शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। शाहजहांपुर हाईवे पर संचालित दक्ष इंटरनेशनल स्कूल के संबंध में भी कुछ अभिभावकों ने किताब-ड्रेस खरीद को लेकर निर्धारित व्यवस्था की बात कही है। साथ ही स्कूल के संचालन से जुड़े कुछ अभिलेखीय पहलुओं पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। हालांकि सवाल स्कूल की मान्यता को लेकर भी उठे हैं लेकिन प्रबंधतन्त्र और बीआरसी जल्द ही मान्यता से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराने की बात पर महीनों से जोर दे रहा है भले इस सम्बन्ध में खंड शिक्षा अधिकारी से भी एक बार फिर बात की तो उन्होंने फिर कहा कि जानकारी करके बताएंगे। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच व कार्रवाई की मांग शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। ज्ञापन में प्रशासन से सभी निजी विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कराने, अनिवार्य खरीद व्यवस्था पर रोक लगाने और अभिभावकों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की मांग की गई है। सामने आया प्रशासनिक पक्ष शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। जबकि संसद में उठे इस मुद्दे के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए ज्ञापन और शाहाबाद में सामने आई शिकायतों ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन जांच के बाद क्या कदम उठाता है। खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मालुम हुआ कि सेंट जोसेफ़ स्कूल शाहाबाद की मान्यता में नाम परिवर्तित कर दक्ष इंटरनेशनल स्कूल की सशर्त मान्यता मालुम हुई है।
सदनों से सड़कों तक गूंज रही निजी स्कूलों की लूट, दक्ष इंटरनेशनल स्कूल शाहाबाद की सर्वाधिक चर्चा, 👇 सवाल: “सेंट जोसेफ” था कहाँ? स्थानीय स्तर पर पूछताछ में कई लोगों ने बताया कि 👉 “सेंट जोसेफ स्कूल” नाम से पहले किसी बड़े या प्रमुख विद्यालय की स्पष्ट पहचान सामने नहीं आती। यही वजह है कि अब सवाल उठ रहा है— 👉 क्या मान्यता किसी ऐसे नाम पर थी, जो जमीन पर सीमित या अस्पष्ट रूप में संचालित था? ⚠️ दूसरा सवाल: नाम बदला या सिस्टम अपग्रेड दिखाया गया? नाम बदलकर “इंटरनेशनल” जोड़ दिया गया, लेकिन— क्या भवन, सुविधाएं और स्टाफ उसी स्तर के हैं? क्या नाम परिवर्तन के समय दोबारा निरीक्षण हुआ? 👉 अगर नहीं, तो यह केवल नाम का विस्तार है या फिर छवि का निर्माण? या वास्तव में इसी बिल्डिंग में नियमानुसार, सेंट जोसेफ़ स्कूल था? शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। सदनों से सड़कों तक और सड़कों से सिटी मजिस्ट्रेट को डीएम को सम्बोधित ज्ञापन देने तक गूंज रही निजी स्कूलों की लूट, मनमानी, तानाशाही के बाद भी प्रशासन की शिथिलता अब बड़े सवालों के घेरे में हैं। हरदोई से शाहाबाद तक में किताब-ड्रेस की अनिवार्यता कोर्स की सामग्री पर तीखे सवाल उठ रहे हैं फिर भी शिक्षा विभाग से लेकर शिक्षा मंत्री तक और एसडीएम से डीएम तक सभी इस मुद्दे पर उदासीनता बरत रहे हैं। जो कि सड़कों से सोशल मीडिया पर भी आजकल सबसे अधिक चर्चा का बिषय बना है। निजी स्कूलों में फीस, किताब और ड्रेस के नाम पर मनमानी वसूली का मुद्दा अब स्थानीय दायरे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। सपा सांसद इकरा हसन ने लोकसभा में और आप सांसद स्वाति मालीवाल द्वारा इस विषय को राज्य सभा में उठाए जाने के बाद हरदोई जनपद स्तर से लेकर शाहाबाद तहसील क्षेत्र तक में भी अभिभावकों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। इस मामले में समाजसेवी कर्ण सिंह राणा ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कई निजी विद्यालय अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही कॉपी, किताब और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। ज्ञापन के अनुसार इन दुकानों पर बाजार की तुलना में अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि “अनिवार्य किट”,
“एक्टिविटी चार्ज” और “ड्रेस अपडेट” जैसे शीर्षकों के तहत अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जबकि इन मदों की स्पष्ट जानकारी अभिभावकों को नहीं दी जाती। कई अभिभावकों का कहना है कि वैकल्पिक दुकानों से सामान खरीदने पर आपत्ति जताई जाती है और स्कूल से बच्चों को कान पकड़कर बाहर कर देने की धमकी दी जाती है। उधर, संसद में इकरा हसन और राज्य सभा में स्वाति मालीवाल ने निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि, किताब-ड्रेस की अनिवार्यता और विभिन्न शुल्कों को लेकर सवाल उठाते हुए इसे अभिभावकों पर बढ़ता आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने फीस संरचना में पारदर्शिता और नियमन की आवश्यकता पर जोर दिया। दक्ष इंटरनेशनल स्कूल की सर्वाधिक चर्चा शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। शाहजहांपुर हाईवे पर संचालित दक्ष इंटरनेशनल स्कूल के संबंध में भी कुछ अभिभावकों ने किताब-ड्रेस खरीद को लेकर निर्धारित व्यवस्था की बात कही है। साथ ही स्कूल के संचालन से जुड़े कुछ अभिलेखीय पहलुओं पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। हालांकि सवाल स्कूल की मान्यता को लेकर भी उठे हैं लेकिन प्रबंधतन्त्र और बीआरसी जल्द ही मान्यता से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराने की बात पर महीनों से जोर दे रहा है भले इस सम्बन्ध में खंड शिक्षा अधिकारी से भी एक बार फिर बात की तो उन्होंने फिर कहा कि जानकारी करके बताएंगे। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच व कार्रवाई की मांग शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। ज्ञापन में प्रशासन से सभी निजी विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कराने, अनिवार्य खरीद व्यवस्था पर रोक लगाने और अभिभावकों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की मांग की गई है। सामने आया प्रशासनिक पक्ष शाहाबाद (हरदोई) 30 मार्च। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। जबकि संसद में उठे इस मुद्दे के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए ज्ञापन और शाहाबाद में सामने आई शिकायतों ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन जांच के बाद क्या कदम उठाता है। खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मालुम हुआ कि सेंट जोसेफ़ स्कूल शाहाबाद की मान्यता में नाम परिवर्तित कर दक्ष इंटरनेशनल स्कूल की सशर्त मान्यता मालुम हुई है।
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- शाहजहांपुर में प्रेमिका से शादी की जिद को लेकर एक युवक कई फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि युवक के परिजन उसकी प्रेमिका से शादी कराने के लिए तैयार नहीं थे, जिससे नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। टावर पर चढ़े युवक को देखकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने युवक को समझाने और नीचे उतरने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुट गई। पुलिस और स्थानीय लोग लगातार युवक को समझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रही है।1
- जनपद हरदोई में समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं की एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां भारतीय किसान यूनियन स्वराज ने एक अनाथ बेटी की शादी में पूरे परिवार की तरह जिम्मेदारी निभाते हुए मिसाल कायम की। यह विवाह समारोह मंडल अध्यक्ष अजय कुमार सिंह जी के सुशीला देवी पब्लिक स्कूल में सादगीपूर्ण, गरिमामय और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ, जहां संगठन के पदाधिकारी हर कदम पर बेटी के साथ खड़े नजर आए। इस पावन अवसर पर संगठन के सदस्यों ने न केवल विवाह की सभी रस्मों को पूरे सम्मान और परंपरा के साथ संपन्न कराया, बल्कि बेटी के कन्यादान से लेकर विदाई तक हर जिम्मेदारी स्वयं निभाई। इस दौरान नवविवाहित जोड़े को उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामान भी भेंट किया गया, जिससे उनकी गृहस्थी सुचारु रूप से चल सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल पूरी तरह भावनात्मक हो गया। इस आयोजन में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें जिला प्रभारी राहुल दीक्षित, जिला अध्यक्ष विद्यासागर यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रमुख मनोज कुमार दीक्षित, जिला महासचिव प्रमुख एवं आईटी सेल कृष्ण मोहन बाजपेई, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष हरिवंदर सिंह, युवा मोर्चा तहसील अध्यक्ष आयुष सिंह तथा जिला सचिव प्रमुख वैभव श्रीवास्तव प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन स्वराज हमेशा से समाज के कमजोर, असहाय और जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़ा रहा है। अनाथ बेटी की शादी कराना केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि यह सच्ची मानव सेवा और नैतिक जिम्मेदारी निभाने का प्रतीक है। इस सराहनीय पहल की क्षेत्रभर में व्यापक प्रशंसा हो रही है और यह संदेश दे रही है कि जब समाज एकजुट होकर आगे आता है, तो कोई भी बेटी खुद को अकेला महसूस नहीं करती।1
- हरदोई में 'मौत' के साथ सेल्फी:रील बनाने के चक्कर में 'यमराज' को फ्लाइंग किस! "रील के लिए जान दांव पर न लगाएं, क्योंकि जिंदगी में 'रीटेक' का मौका नहीं मिलता........ #Hardoi #HardoiPolice #ViralVideo #ReelAddiction #HardoiNews #StuntGoneWrong #UPPolice #SocialMediaCraze #RoadSafety #SafeDriving #LifeIsPrecious #DontRiskYourLife #SafetyFirst #सड़क_सुरक्षा #सावधान_रहें #Hariyawan #ReelKeChakkarMein #StuntBaazi #YumrajSeMulaqat #ActionAgainstStunts #HardoiViral1
- #हरदोई। में कार सवार नव युवकों का चलती कार में स्टेंटबाजी करते वीडियो वायरल,वीडियो में देखा जा सकता है कि तीन युवक कार की खिड़की खोलकर स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। वाइरल वीडियो हरियावां थाना का बताया जा रहा है।1
- दिव्य दर्शन ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ ……………………………………… सुन्नी गांव, थाना बघौली, जनपद हरदोई में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में आज प्रातःकाल भोले बाबा के श्रृंगार दर्शन का अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था की पावन धारा प्रवाहित हुई।1
- फर्रुखाबाद। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आज 'छात्रवृत्ति एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी (कलेक्टर) आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में और कायमगंज की लोकप्रिय विधायक डॉ. सुरभि सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों की मौजूदगी कार्यक्रम में शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले समाज कल्याण विभाग के मुख्य अधिकारी तथा अनुसूचित जनजाति (ST) समाज कल्याण विभाग के अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के सम्मानित शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की इस पहल की सराहना की। पीड़ित परिवारों को मिली आर्थिक सहायता कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्र पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के स्वीकृति पत्र और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। विधायक डॉ. सुरभि सिंह और जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे। जिलाधिकारी ने बताया कि सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रेषित कर दी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित इस सभा में मेडिकल कॉलेज और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से आए छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) प्रदान की गई। विधायक डॉ. सुरभि सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए यह आर्थिक मदद उनके करियर की दिशा में एक बड़ा संबल साबित होगी। सर्व-समाज की भागीदारी वितरण समारोह की मुख्य विशेषता सभी समुदायों के मेधावी और जरूरतमंद बच्चों की सहभागिता रही। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्य बिंदु: मुख्य अतिथि: विधायक डॉ. सुरभि सिंह (कायमगंज)। अध्यक्षता: जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी। उपस्थिति: समाज कल्याण अधिकारी, शिक्षकगण एवं अभिभावक। स्थान: कलेक्ट्रेट सभागार, फर्रुखाबाद।4
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