तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि बिधाननगर साइबर थाना पुलिस ने पार्टी के 12 और बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश जारी किया है। सरकारी और निजी बैंकों में मौजूद इन खातों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है, जिस पर अब रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के विधायक विश्वनाथ दास द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच के आधार पर की गई है। पुलिस अब इस मामले में शिकायतकर्ता विधायक सहित ऋतब्रत बनर्जी खेमे के सात से अधिक विधायकों के बयान दर्ज कर चुकी है और खातों में कथित अवैध लेनदेन के आधार की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई और पूछताछ की तैयारियों ने भी पार्टी पर दबाव बढ़ा दिया है। ईडी द्वारा फ्रीज किए गए तीन खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में दो सांसद, एक पूर्व सांसद और एक पूर्व मंत्री शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। इससे पहले ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत एक निजी बैंक में मौजूद तृणमूल के तीन खातों को फ्रीज किया था, जिनमें 440 करोड़ 42 लाख रुपये जमा पाए गए थे। इस संकट के बीच, ममता बनर्जी गुट ने एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। अधिवक्ता किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव की अदालत में तत्काल सुनवाई की अनुमति मांगी है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। पार्टी ने दलील दी है कि हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ पहले ही तीन खातों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, जिसके बाद ही चेक से राशि निकाली जा सकती है। अब ईडी द्वारा उन्हीं खातों को दोबारा फ्रीज किए जाने के खिलाफ पार्टी ने अदालत से राहत की उम्मीद जताई है।
तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि बिधाननगर साइबर थाना पुलिस ने पार्टी के 12 और बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश जारी किया है। सरकारी और निजी बैंकों में मौजूद इन खातों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है, जिस पर अब रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के विधायक विश्वनाथ दास द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच के आधार पर की गई है। पुलिस अब इस मामले में शिकायतकर्ता विधायक सहित ऋतब्रत बनर्जी खेमे के सात से अधिक विधायकों के बयान दर्ज कर चुकी है और खातों में कथित अवैध लेनदेन के आधार की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई और पूछताछ की तैयारियों ने भी पार्टी पर दबाव बढ़ा दिया है। ईडी द्वारा फ्रीज किए गए तीन खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में दो सांसद, एक पूर्व सांसद और एक पूर्व मंत्री शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। इससे पहले ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत एक निजी बैंक में मौजूद तृणमूल के तीन खातों को फ्रीज किया था, जिनमें 440 करोड़ 42 लाख रुपये जमा पाए गए थे। इस संकट के बीच, ममता बनर्जी गुट ने एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। अधिवक्ता किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव की अदालत में तत्काल सुनवाई की अनुमति मांगी है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। पार्टी ने दलील दी है कि हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ पहले ही तीन खातों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, जिसके बाद ही चेक से राशि निकाली जा सकती है। अब ईडी द्वारा उन्हीं खातों को दोबारा फ्रीज किए जाने के खिलाफ पार्टी ने अदालत से राहत की उम्मीद जताई है।
- बिहार के हाजीपुर में एक कार्यक्रम के समापन के बाद पटना लौट रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद हवा में अटक गया। वे वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वे पटना लौट रहे थे, तब यह वाकया हुआ। इस दौरान क्षण भर के लिए तो सबकी सांसें थम गई थीं, लेकिन पायलट ने स्थिति संभाल ली।1
- बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी का हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के बाद करीब 150 फीट की ऊंचाई पर हवा में लगभग चार मिनट तक एक ही जगह मंडराता रहा। दोनों नेता पेपरलेस निबंध कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के बाद हेलिकॉप्टर से वापस रवाना हो रहे थे। उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर के आगे बढ़ने के बजाय हवा में ही रुके रहने और दिशा बदलने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। हेलिकॉप्टर के दोबारा हेलीपैड पर उतरने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत हेलीपैड के आसपास मौजूद लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया। इस घटना की वजह रूट लाइन की पुष्टि न होना बताया जा रहा है। रूट क्लीयरेंस मिलने के बाद ही हेलिकॉप्टर ने हाजीपुर से अपने अगले गंतव्य के लिए उड़ान भरी। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार हाजीपुर पहुंचे थे, जहां एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने जिला निबंधन कार्यालय में लोगों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं देने के उद्देश्य से पेपरलेस निबंध व्यवस्था की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।2
- जम्मू द्वीप यानी भारत देश में कुछ पिताओं के ऊपर उनके अपने ही परिवार के लोग उनके मरने के बाद भी अत्याचार कर रहे हैं। इस पूरे मामले को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखा जा सकता है।1
- बिहार के हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर को लेकर अचानक भारी हलचल मच गई। निर्धारित कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर के रुक जाने की खबर फैलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर जुटने लगे। हेलीकॉप्टर के रुकने की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई है। फिलहाल हेलीकॉप्टर के रुकने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।1
- फतुहा में नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान का दूसरा दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। यह अभियान फतुहा प्रखंड कार्यालय से शुरू होकर फतुहा चौक स्थित एसबीआई बैंक तक चलाया गया, जिसके दौरान प्रशासन ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। अभियान का नेतृत्व नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जगरनाथ यादव ने किया, और इस दौरान सिटी मैनेजर गौरव कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल मौजूद रहे। अभियान के दौरान फतुहा चौक पर एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया, जब करकट में विद्युत प्रवाह होने के कारण दुकानदार मुकेश कुमार के स्टाफ ज्ञात कुमार और विट्टू कुमार करंट की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों घायलों को तत्काल फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। प्रशासन की निगरानी में बाकी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।3
- पटना में सुबह से हो रही तेज बारिश के बाद नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा और बुडको के एमडी अनिमेश पाराशर खुद सड़कों पर उतरकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बहादुरपुर, योगीपुर, अशोक नगर, श्री निवास टावर और सैदपुर इलाकों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलजमाव की स्थिति का जायजा लेने के लिए कई संप हाउसों की जांच की और लगातार हो रही बारिश के बीच जल निकासी व्यवस्था पर नजर बनाए रखी है।1
- बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के पास हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन सिंह का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। बीते पांच जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव के रहने वाले सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दो लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें से एक की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी और दूसरा आरोपी सचिन सिंह लगातार फरार चल रहा था। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए गठित एसआईटी (SIT) द्वारा बिहार, बंगाल और झारखंड में लगातार छापेमारी की जा रही थी, जिसके बाद कल देर रात उसे रांची से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जब गिरफ्तार अपराधी को साथ लेकर हथियार बरामद करने गई, तो उसने भागने की कोशिश की और फायरिंग की। इस पर पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में मुख्य आरोपी सचिन सिंह के पैर में गोली लग गई। गोली लगने से घायल आरोपी सचिन सिंह को इलाज के लिए भागलपुर भेजा गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। बांका के एसपी अमितेश कुमार ने इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी की पुष्टि की है।1