चित्रकूट - चित्रकूट की सड़कों में अवैध गाइडों होटल में भी दलाली करते हैं गाइड सवारी से ₹500 ₹800 नो का फिक्स रहता है इसमें ऑटो वाले को सिर्फ ₹500 ₹600 दिया जाता है पूरा घूमने में ऑटो वाले बदनाम होते हैं इन गाइड के चक्कर में यहां 35 दलाल है एमपी UP का राम दरबार होटल यहां लगभग बहुत होटल है जो दलाली में चलते राज, होटलों और धर्मशालाओं की पार्किंग में यात्री बसें न खड़ी कराकर सड़कों में खड़ी करा रहे बसें, जिम्मेदारों को चढ़ोत्री की दम पर चित्रकूट में गाइडों की मनमानी लगातार जारी, नगर परिषद व प्रशासन द्वारा सड़कों में यात्री बसें खड़ी कराने वाले गाइडों और बिना पार्किंग वाले होटल व धर्मशाला संचालकों के खिलाफ नहीं की जा रही कोई कार्यवाही, रोड में खड़ी बसों के अगल बगल खड़े करते हैं आटो, सड़कों में खड़ी यात्री बसों की वजह से बढ़ रहीं सड़क दुर्घटनाएं, बिना पार्किंग के सड़कों के किनारे यात्री बसे खड़ी कराने वाले दलालों पर मेहबान अधिकारी। होटलों में, आटो में , मंदिरों में और नावों में यात्रियों से दलाली करने वाले अवैध गाइडों की मनमानी पर पुलिस प्रशासन की खुली छूट, दलालों के कब्जे में समूचे चित्रकूट की सड़के , लुटने को विवश यात्री।
चित्रकूट - चित्रकूट की सड़कों में अवैध गाइडों होटल में भी दलाली करते हैं गाइड सवारी से ₹500 ₹800 नो का फिक्स रहता है इसमें ऑटो वाले को सिर्फ ₹500 ₹600 दिया जाता है पूरा घूमने में ऑटो वाले बदनाम होते हैं इन गाइड के चक्कर में यहां 35 दलाल है एमपी UP का राम दरबार होटल यहां लगभग बहुत होटल है जो दलाली में चलते राज, होटलों और धर्मशालाओं की पार्किंग में यात्री बसें न खड़ी कराकर सड़कों में खड़ी करा रहे बसें, जिम्मेदारों को चढ़ोत्री की दम पर चित्रकूट में गाइडों की मनमानी लगातार जारी, नगर परिषद व प्रशासन द्वारा सड़कों में यात्री बसें खड़ी कराने वाले गाइडों और बिना पार्किंग वाले होटल व धर्मशाला संचालकों के खिलाफ नहीं की जा रही कोई कार्यवाही, रोड में खड़ी बसों के अगल बगल खड़े करते हैं आटो, सड़कों में खड़ी यात्री बसों की वजह से बढ़ रहीं सड़क दुर्घटनाएं, बिना पार्किंग के सड़कों के किनारे यात्री बसे खड़ी कराने वाले दलालों पर मेहबान अधिकारी। होटलों में, आटो में , मंदिरों में और नावों में यात्रियों से दलाली करने वाले अवैध गाइडों की मनमानी पर पुलिस प्रशासन की खुली छूट, दलालों के कब्जे में समूचे चित्रकूट की सड़के , लुटने को विवश यात्री।
- *चित्रकूट प्रभु श्री राम की तपोस्थली में बहती अविरल धारा मां मंदाकिनी नदी इन दिनों बज बजाती हुई गन्दगी से कराह रही मां मंदाकिनी नदी की तरफ नहीं है किसी भी आला अधिकारियों का ध्यान?यह जो मां मंदाकिनी नदी में गंदगी दिखाई दे रही है यह कहीं और नहीं बल्की चित्रकूट नगर परिषद से महज 2 सौ मीटर की दूरी पर बह रही है जो वार्ड क्रमांक 11 आरोग्य धाम की बस्तियों का गन्दी नाली एवं सीवर लाइन का पानी सीधा मां मंदाकिनी नदी की पावन धारा को पूरी तरह कर रही है दूषित आखिरकार चित्रकूट नगर परिषद के कहां है वो अधिकारीगण जो सफाई के नाम पर हमेशा से फोटो शूट करवाकर प्रभु श्री राम की तपोस्थली में बहती अविरल धारा मां मंदाकिनी नदी को कर रहे बदनाम आखिर क्यूं नहीं दिख रहा यह गंदा नाला उन अधिकारियों को बड़ा सवाल..?1
- सिद्धा पहाड़ पर संकट पवित्र धरती को बचाने की अपील। एक बार जरूर देखें। #SiddhaPahad #DhartiKiPukar #SaveHeritage1
- आज शाम लगभग 5 बजे सेमरिया थाना क्षेत्र के गांव पुरवा लक्ष्मी वेयर हाउस के समीप में एक बोलेरो कार अनियंत्रित होकर पलट गई कार में बैठे लोगों को ऑटो ड्राइवर ने दरवाजा खोल कर सभी लोगों को सुरक्षित निकाला1
- Main Tere Liye Leke Jaam Bhaitha Tha1
- सतना।हनुमान नगर नईबस्ती में पुलिस पार्टी पर पथराव करने और खदेड़ने बाले चार आरोपियों की कार्रवाई के सम्बंध में जानकारी देते सीएसपी देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान1
- ग्राम पंचायत इचौल बार्ड 14 में 12 महीने गंदा पानी भरा रहता है 2 साल से लगातार निवेदन के साथ जनपद सीईओ को भीअवेदन दिया गया है इसे बाद भी नहीं बनी नाली1
- मिनी वृंदावन धाम पन्ना जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन 10/01/2026🥀🥀🥀🥀🥀🥀1
- नगर परिषद चित्रकूट की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल सप्लाई की पाइपलाइन गंदे नालियों में पड़ी होने का मामला सामने आया है, जिससे आमजन की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। चित्रकूट नयागांव वार्ड नंबर 7 समीप गंदे नालियों में तैरती हुई पानी सप्लाई की पाइपलाइन ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर में दूषित जल आपूर्ति से हुई दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था, बावजूद इसके चित्रकूट नगर परिषद ने उससे कोई सबक नहीं लिया। गंदे नालियों में पड़ी पाइपलाइन से सप्लाई किया जा रहा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सवाल यह है कि क्या नगर परिषद किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है? अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब तक आंख मूंदे रहते हैं या समय रहते सुधारात्मक कदम उठाते हैं।1