वीर अब्दुल हमीद — वह जांबाज़ जिसने दुश्मन के टैंकों में खौफ भर दिया आज हम उस महान वीर योद्धा को नमन करते हैं, जिनका नाम भारतीय सैन्य इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा—परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में जब पाकिस्तान ने अमेरिकी पैटन टैंकों के साथ भारतीय मोर्चे पर हमला किया, तब इन टैंकों को बेहद शक्तिशाली और लगभग अजेय माना जाता था। लेकिन भारतीय सेना के एक साधारण से दिखने वाले जवान ने अपने अदम्य साहस, अद्भुत निशानेबाजी और रणनीतिक सूझबूझ से दुश्मन के टैंकों को ऐसा जवाब दिया कि पूरा रणक्षेत्र उनकी वीरता का गवाह बन गया। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के धामूपुर गांव में जन्मे अब्दुल हमीद बचपन से ही बहादुर और निशानेबाजी में माहिर थे। वर्ष 1954 में वे भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर्स में शामिल हुए और देशसेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया। सितंबर 1965 में खेमकरण के मोर्चे पर पाकिस्तान ने भारी संख्या में पैटन टैंकों के साथ हमला किया। सामने दुश्मन के शक्तिशाली टैंक थे और उनके पास सीमित साधन। लेकिन हमीद पीछे हटने वालों में से नहीं थे। उन्होंने गन्ने के खेतों और इलाके की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हुए अपनी 106 मिमी रिकॉयलेस राइफल से दुश्मन के टैंकों पर एक के बाद एक सटीक वार किए। उनकी बहादुरी से पाकिस्तानी सेना के टैंक दस्ते में भारी अफरा-तफरी मच गई। 8 और 9 सितंबर 1965 को उन्होंने कई पाकिस्तानी पैटन टैंकों को ध्वस्त किया। 10 सितंबर को दुश्मन के टैंकों का सामना करते हुए वे गंभीर रूप से घायल हुए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनकी असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। वीर अब्दुल हमीद की कहानी केवल एक सैनिक की कहानी नहीं है। यह उस जज़्बे की कहानी है जिसमें देश सबसे पहले आता है और अपनी जान की परवाह बाद में। उनका साहस आज भी हर भारतीय सैनिक और देशवासी को प्रेरणा देता है। वीर अब्दुल हमीद अमर रहें। भारतीय सेना अमर रहे। भारत माता की जय! #ParamVirChakra #IndianArmy #IndianSoldier #IndianArmyHeroes #1965War #WarHeroes #IndianHistory #DeshBhakti #DeshKeVeer #Shaurya #VeerJawan #BharatMataKiJai
वीर अब्दुल हमीद — वह जांबाज़ जिसने दुश्मन के टैंकों में खौफ भर दिया आज हम उस महान वीर योद्धा को नमन करते हैं, जिनका नाम भारतीय सैन्य इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा—परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में जब पाकिस्तान ने अमेरिकी पैटन टैंकों के साथ भारतीय मोर्चे पर हमला किया, तब इन टैंकों को बेहद शक्तिशाली और लगभग अजेय माना जाता था। लेकिन भारतीय सेना के एक साधारण से दिखने वाले जवान ने अपने अदम्य साहस, अद्भुत निशानेबाजी और रणनीतिक सूझबूझ से दुश्मन के टैंकों को ऐसा जवाब दिया कि पूरा रणक्षेत्र उनकी वीरता का गवाह बन गया। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के धामूपुर गांव में जन्मे अब्दुल हमीद बचपन से ही बहादुर और निशानेबाजी में माहिर थे। वर्ष 1954 में वे भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर्स में शामिल हुए और देशसेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया। सितंबर 1965 में खेमकरण के मोर्चे पर पाकिस्तान ने भारी संख्या में पैटन टैंकों के साथ हमला किया। सामने दुश्मन के शक्तिशाली टैंक थे और उनके पास सीमित साधन। लेकिन हमीद पीछे हटने वालों में से नहीं थे। उन्होंने गन्ने के खेतों और इलाके की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हुए अपनी 106 मिमी रिकॉयलेस राइफल से दुश्मन के टैंकों पर एक के बाद एक सटीक वार किए। उनकी बहादुरी से पाकिस्तानी सेना के टैंक दस्ते में भारी अफरा-तफरी मच गई। 8 और 9 सितंबर 1965 को उन्होंने कई पाकिस्तानी पैटन टैंकों को ध्वस्त किया। 10 सितंबर को दुश्मन के टैंकों का सामना करते हुए वे गंभीर रूप से घायल हुए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनकी असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। वीर अब्दुल हमीद की कहानी केवल एक सैनिक की कहानी नहीं है। यह उस जज़्बे की कहानी है जिसमें देश सबसे पहले आता है और अपनी जान की परवाह बाद में। उनका साहस आज भी हर भारतीय सैनिक और देशवासी को प्रेरणा देता है। वीर अब्दुल हमीद अमर रहें। भारतीय सेना अमर रहे। भारत माता की जय! #ParamVirChakra #IndianArmy #IndianSoldier #IndianArmyHeroes #1965War #WarHeroes #IndianHistory #DeshBhakti #DeshKeVeer #Shaurya #VeerJawan #BharatMataKiJai
- बिलाल शेख के माध्यम से हुआ भव्य इंतज़ाम | चाय कबीला की अनोखी पहल #JashneEidMiladUnNabi बिलाल शेख के माध्यम से हुआ भव्य इंतज़ाम | चाय कबीला की अनोखी पहल #JashneEidMiladUnNabi #EidMiladUnNabi #Govandi #Lotus #ChaiKabila BilalSheikh1
- मुंबई पोलिसांची मोठी कामगिरी | मुंबईकरांची मालमत्ता पुन्हा मुंबईकरांना सुरक्षितपणे सुपूर्द! मुंबई पोलिसांनी तांत्रिक आणि मानवी कौशल्याच्या आधारे केलेल्या तपासातून मोठ्या प्रमाणात मुद्देमाल हस्तगत केला. 📱 ४१० मोबाईल 💍 ७९ ग्रॅम सोन्याचे दागिने 🏍️ ५ मोटारसायकल 💰 ₹७९,८५५ रोख रक्कम एकूण ₹५१,७३,३४१ किमतीचा मुद्देमाल संबंधित तक्रारदारांना सुरक्षितपणे परत करण्यात आला. मुंबई पोलिसांच्या या उल्लेखनीय कामगिरीला सलाम! 👮♂️🇮🇳1
- कैंसर से जूझ रहे पिता की 7 साल के बेटे से आखिरी बात, वीडियो ने नम कर दीं हजारों आंखें। दिल को झकझोर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पिता-पुत्र के इस भावुक पल ने हर किसी को रुलाया एक पिता और उसके मासूम 7 साल के बेटे के बीच का यह भावुक पल सोशल मीडिया पर लोगों की आंखें नम कर रहा है। वायरल वीडियो में कैंसर से जूझ रहे पिता अपने छोटे से बेटे के साथ नजर आ रहे हैं। बीमारी की गंभीरता के बीच पिता और बेटे की बातचीत ने देखने वालों को अंदर तक झकझोर दिया। मासूम बेटे की आंखों में अपने पिता के लिए प्यार और चिंता साफ दिखाई देती है, वहीं पिता भी अपने बच्चे से बेहद भावुक अंदाज में बात करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पिता अपने जीवन के बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है और बेटे के साथ बिताया यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक है। वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर लिखा गया है कि “मरने से पहले पिता की आखिरी बात सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।” हालांकि वायरल पोस्ट में किए गए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यह दृश्य एक बार फिर याद दिलाता है कि जिंदगी कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, एक पिता के दिल में अपने बच्चे के लिए आखिरी सांस तक सिर्फ प्यार और चिंता रहती है। इस भावुक वीडियो को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स पिता के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं और बच्चे के लिए भी हिम्मत की प्रार्थना कर रहे हैं। कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं, आंखों के आंसुओं से समझ आते हैं… पिता और बेटे का यह रिश्ता भी उन्हीं रिश्तों में से एक है। 🥺💔1
- 🚨 भांडुप में बड़ा हादसा टला! मुंबई के भांडुप में 10वीं मंजिल से गिरी महिला पेड़ की शाखाओं में फंस गई, जिससे उसकी जान बच गई। 🌳🙏 सूचना मिलते ही अग्निशमन दल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और महिला को सुरक्षित नीचे उतारा। 🚨 भांडुप में बड़ा हादसा टला! मुंबई के भांडुप में 10वीं मंजिल से गिरी महिला पेड़ की शाखाओं में फंस गई, जिससे उसकी जान बच गई। 🌳🙏 सूचना मिलते ही अग्निशमन दल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और महिला को सुरक्षित नीचे उतारा।1
- मुंबई मधी मोठी दुर्घटना झाली आहेभुवनेश्वर चा परिसरात 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏 मुंबई मधी मोठी दुर्घटना झाली आहे भुवनेश्वर चा परिसरात 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजली 🙏1
- पुणे पुलिस में तैनात 2 महिला पुलिस कॉन्स्टेबल आपस में एक दूसरे से विवाह करना चाहती है!1
- Wada | OBC आरक्षण बचाव आंदोलन | jayesh shelar | speech | खासदार यांच्या निवासस्थानी days 61
- सापडलेली सोन्याची चैन केली परत! संजय जाधव यांच्या प्रामाणिकपणाला सलाम | Mumbai Airport छत्रपती शिवाजी महाराज आंतरराष्ट्रीय विमानतळ, टर्मिनल-2 येथे काम करताना संजय जाधव यांना सोन्याची चैन सापडली. क्षणाचाही विलंब न करता त्यांनी ती चैन विमानतळ प्रशासनाकडे सुपूर्द केली. त्यांच्या प्रामाणिकपणा, कर्तव्यनिष्ठा आणि तत्परतेचा गौरव करत भारतीय कामगार सेनेचे संयुक्त सरचिटणीस संजय कदम यांच्या हस्ते त्यांचा शाल व पुष्पगुच्छ देऊन सत्कार करण्यात आला. तसेच मियाल व्यवस्थापनाचे CEO श्री. विष्णू झा यांच्या हस्ते प्रमाणपत्र देऊन गौरव करण्यात आला. प्रामाणिकपणाला सलाम! 🇮🇳1