समाजसेवी डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी की पुत्री सरगम बनीं एमबीबीएस डॉक्टर, जिले का बढ़ाया मान भतीजी की उपलब्धि पर पूर्व विधायक जय चौबे और पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने दी बधाई एवं उज्जवल भविष्य कि की कामना पूर्वांचल में खुशी की लहर, जनप्रतिनिधियों व समाज के विभिन्न वर्गों ने दी बधाई संतकबीरनगर। जनपद के प्रमुख समाजसेवी एवं सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी की पुत्री सरगम चतुर्वेदी ने एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। सरगम चतुर्वेदी ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर चिकित्सा क्षेत्र में यह सफलता प्राप्त की है। बताया जाता है कि उन्होंने बचपन से ही अपने पिता के सामाजिक कार्यों को करीब से देखा और उसी से प्रेरणा लेते हुए समाज सेवा के उद्देश्य से चिकित्सा क्षेत्र को अपना करियर चुना। सूर्या ग्रुप की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर उनकी माता सविता चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं पिता डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी के संरक्षण में उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। परिवार के संस्कार और सामाजिक सोच ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरगम की इस उपलब्धि पर पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे तथा पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दोनों नेताओं ने कहा कि सरगम की यह सफलता जिले के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने भी सरगम चतुर्वेदी को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने ज्ञान और सेवा भाव से समाज के हर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी।
समाजसेवी डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी की पुत्री सरगम बनीं एमबीबीएस डॉक्टर, जिले का बढ़ाया मान भतीजी की उपलब्धि पर पूर्व विधायक जय चौबे और पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने दी बधाई एवं उज्जवल भविष्य कि की कामना पूर्वांचल में खुशी की लहर, जनप्रतिनिधियों व समाज के विभिन्न वर्गों ने दी बधाई संतकबीरनगर। जनपद के प्रमुख समाजसेवी एवं सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी की पुत्री सरगम चतुर्वेदी ने एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। सरगम चतुर्वेदी ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर चिकित्सा क्षेत्र में यह सफलता प्राप्त की है। बताया जाता है कि उन्होंने बचपन से ही अपने पिता के सामाजिक कार्यों को करीब से देखा और उसी से प्रेरणा लेते हुए समाज सेवा के उद्देश्य से चिकित्सा क्षेत्र को अपना करियर चुना। सूर्या ग्रुप की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर उनकी माता सविता चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं पिता डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी के संरक्षण में उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। परिवार के संस्कार और सामाजिक सोच ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरगम की इस उपलब्धि पर पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे तथा पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। दोनों नेताओं ने कहा कि सरगम की यह सफलता जिले के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने भी सरगम चतुर्वेदी को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने ज्ञान और सेवा भाव से समाज के हर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी।
- मित्रों, सोकर उठ गए हैं तो आइए आज के दिन का प्रारंभ करते हैं! प्रभु आप की जय हो✍️1
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- संतकबीरनगर । जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा हेतु पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मंगलवार को गूगल मीट के माध्यम से वर्चुअल गोष्ठी आयोजित की। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह सहित समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी, यातायात, अग्निशमन एवं अन्य शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी के दौरान सीएम डैशबोर्ड, i-GOT कर्मयोगी पोर्टल, CCTNS रैंकिंग, लंबित प्रार्थना पत्रों तथा महिला संबंधी अपराधों की विस्तार से समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी तकनीकी प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें और प्रशिक्षण समयबद्ध रूप से पूर्ण करें, जिससे कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके। उन्होंने थानों पर लंबित महिला संबंधी एवं गंभीर अपराधों के मामलों का गुण-दोष के आधार पर त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायालय से प्राप्त सम्मन एवं गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) की शत-प्रतिशत तामील समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जन-सुनवाई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें तथा प्रतिदिन ऑर्डर बुक का अवलोकन सुनिश्चित करें। बैठक में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। इसके अंतर्गत सभी थाना क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त CCTNS डेटा सिंक्रोनाइजेशन को नियमित करने, ई-सम्मन एवं ई-साक्ष्य के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को गति देने तथा e-Office के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सीएम डैशबोर्ड पर लंबित मामलों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सख्त निर्देश जारी किए।1
- ककरहा गांव में दिनदहाड़े आटा चक्की पर हमला, नकदी-जेवर लूटे; पीड़ित ने आईजी गोरखपुर से मांगी इंसाफ की गुहार धनघटा थाना क्षेत्र के ककरहा गांव में दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश में हमलावरों ने आटा चक्की पर धावा बोलकर जमकर तांडव मचाया। बीच-बचाव करने पहुंचे युवक को बेरहमी से पीटकर उसका हाथ तोड़ दिया गया और उंगली तक काट दी गई। गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पर ही सुलह का दबाव बनाकर तहरीर बदलवा दी। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अब आईजी गोरखपुर का दरवाजा खटखटाया है। घर में घुसकर दी जान से मारने की धमकी ककरहा निवासी राजेश कुमार पुत्र कृष्णानंद ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों से उनकी पुरानी रंजिश चल रही है। बीते 23 फरवरी की रात करीब 8 बजे दबंग उनके घर में घुस आए और पत्नी को भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। 24 व 25 फरवरी को भी रास्ते में रोककर लगातार गाली-गलौज की गई, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक से ऑनलाइन की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। चक्की पर हमला, पिता को बचाने आए बेटे को बनाया निशाना पीड़ित के मुताबिक 26 फरवरी की दोपहर करीब 2 बजे आधा दर्जन से अधिक नामजद व अज्ञात लोग गोलबंद होकर उनकी आटा चक्की पर पहुंचे और हमला बोल दिया। विरोध करने पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया गया। पिता को बचाने आए पुत्र शिवेष पाण्डेय को दबंगों ने इतना पीटा कि उसका दाहिना हाथ टूट गया और उंगली कट गई। हमलावर चक्की के गल्ले से 20 हजार रुपये नकद और गले से सोने की माला भी लूट ले गए। पुलिस पर गंभीर आरोप, ‘तहरीर बदलवाकर मामला दबाने की कोशिश’ घटना के बाद मौके पर पहुंची यूपी-112 पुलिस पीड़ितों को थाने ले गई, लेकिन वहां स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पुलिस ने वास्तविक घटना दर्ज करने के बजाय मनमाफिक तहरीर लिखवाई और समझौते का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, घायलों का समुचित मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया और प्रार्थी व एक अन्य व्यक्ति की मोटरसाइकिल तक जबरन उठा ली गई। दहशत में परिवार, उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार लगातार धमकियों और पुलिस की कथित लापरवाही से पीड़ित परिवार दहशत में है। पीड़ित ने आईजी गोरखपुर को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह है कि उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।1
- लाइट ऑफ एशिया कहे जाने वाले महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़ी अनेक तस्वीर और मूर्तियां को संजोए हुए हैं गोरखपुर का बौद्ध संग्रहालय।1
- गोरखपुर जटाशंकर गुरुद्वारा के आसपास गंदगी का अंबार | बैसाखी से पहले सफाई की मांग1
- भोजपुरी के सुपरस्टार दीपक दिलदार गोरखपुर पहुंचे मचाया धमाल स्टेज पर चढ़कर1
- संतकबीरनगर। जनपद के खलीलाबाद स्थित सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विद्यालय परिसर में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अभिभावकों और छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से ही अभिभावकों की लंबी कतारें लग रही हैं, जहां वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। विद्यालय प्रशासन के अनुसार आगामी 2 अप्रैल से नए सत्र की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, जिससे सत्र का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जा सके। उन्होंने पुराने छात्रों से समय रहते नवीनीकरण कराने तथा नए अभ्यर्थियों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है। विद्यालय में आधुनिक शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देते हुए डिजिटल लाइब्रेरी, प्रोजेक्टर आधारित कक्षाएं और तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है। विद्यालय प्रबंधन ने इस वर्ष भी छात्रों के लिए प्रोत्साहन योजना जारी रखते हुए घोषणा की है कि 10वीं उत्तीर्ण कर 11वीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों में डिजिटल शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता में शामिल है। विद्यालय परिवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।1