देवरिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को देवरिया दीवानी न्यायालय परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, डिफेंस काउंसिल और पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) ने पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पर्यावरण का मानव जीवन से सीधा संबंध है और मानव व पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना ने कहा कि जिस प्रकार माँ अपने वात्सल्य और स्नेह से बच्चों को सुरक्षा और जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन को संरक्षण और संवेदनाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने पौधों का संरक्षण और संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम के अंत में वहां उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
देवरिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को देवरिया दीवानी न्यायालय परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, डिफेंस काउंसिल और पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) ने पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पर्यावरण का मानव जीवन से सीधा संबंध है और मानव व पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने लोगों
से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना ने कहा कि जिस प्रकार माँ अपने वात्सल्य और स्नेह से बच्चों को सुरक्षा और जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष भी मानव जीवन को संरक्षण और संवेदनाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने पौधों का संरक्षण और संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम के अंत में वहां उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
- देवरिया में भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन शनिवार को चार चरणों में विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में संगठन की कार्यपद्धति, व्यवहारिक कौशल, मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रबंधन, डाटा प्रबंधन, विचार परिवार, कार्यकर्ता विकास तथा केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यकर्ताओं को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। वक्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए अनुशासन, वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा को आवश्यक बताया। प्रशिक्षण के अष्टम व्यवहारिक सत्र में उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य विजय यादव ने सांगठनिक सफलता के लिए विनम्रता, अनुशासन, समयबद्धता और समन्वय को जरूरी बताया। इसके साथ ही पूर्व प्रदेश संयोजक आनंद शाही ने मीडिया प्रबंधन, जिला आईटी संयोजक शिवेश पांडे ने सोशल मीडिया व आईटी के जिम्मेदार उपयोग और जिला महामंत्री रविंद्र किशोर कौशल ने डाटा प्रबंधन के महत्व की जानकारी दी। इसके बाद नवम सत्र में क्षेत्रीय मंत्री हरिचरण कुशवाहा ने "विचार परिवार" और दशम सत्र में पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला ने "कार्यकर्ता विकास" विषय पर चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं को समर्पण और निरंतर अध्ययन की सीख दी। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने "सरकार की गरीब कल्याण योजनाएं एवं क्रियान्वयन में संगठक की भूमिका" विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। कृषि मंत्री ने कार्यकर्ताओं से विशेष अपील की कि वे सेवा और सुशासन की भावना के साथ समाज के बीच काम करें और पात्र लाभार्थियों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस दौरान कार्यक्रम में विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक दीपक मिश्रा शाका, विधायक सुरेंद्र चौरसिया, विधायक सभाकुंवर कुशवाहा और पूर्व विधायक डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश शासन के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत देवरिया की पुलिस लाइन परिसर में रविवार को वामा सारथी फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन-2026 के तत्वावधान में एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस परिवार के सदस्यों, वामा सारथी की पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक ने इस मौके पर उपस्थित पुलिस परिवार के बच्चों को चॉकलेट और मिठाइयाँ वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण संरक्षण का आधार हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ जीवन की अमूल्य धरोहर भी हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने का आह्वान किया। पौधरोपण के बाद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस परिवार के सदस्यों ने लगाए गए पौधों की सिंचाई, देखभाल और संरक्षण करने की सामूहिक शपथ ली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनमानस में वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम में वामा सारथी फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन की सदस्यों, महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी, क्षेत्राधिकारी लाइन गौरव सिंह, प्रतिसार निरीक्षक रामजनम राम, वामा सारथी के पदाधिकारी और पुलिस परिवार के सदस्य मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रामकोला, हाटा और कुशीनगर विधानसभा क्षेत्रों को विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। यहाँ ₹525 करोड़ से अधिक की लागत वाली 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को एक नई गति मिलेगी, जिससे यहाँ की एक बड़ी आबादी को सीधा फायदा पहुँचेगा। इस समारोह के दौरान विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को आवास, शौचालय, पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए, जिसे पाकर लाभार्थियों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इन विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और रोजगार, आवागमन, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति के साथ पूरे आयोजन में भारी उत्साह का माहौल देखा गया।4
- देवरिया में आजाद हिंद सेना के संस्थापक ऋषि पाण्डेय ने डूडा विभाग में भ्रष्टाचार होने का गंभीर आरोप लगाया है। ऋषि पाण्डेय का सीधा आरोप है कि डूडा विभाग में यह भ्रष्टाचार पूर्व मंत्री के एक करीबी व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। ऋषि पाण्डेय ने बताया कि उनके द्वारा दो बार निरीक्षण कर शिकायत करने के बाद भी इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने कार्यवाही न होने का मुख्य कारण पूर्व राज्यमंत्री के प्रभाव को बताया है, जिनके प्रभाव के चलते उनका करीबी डूडा विभाग में भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहा है।1
- गोरखपुर के आराजी बरवा गांव में नहर की पुलिया का एक हिस्सा टूट गया है, जिसके कारण नहर का पानी लगातार गांव और खेतों में जा रहा है। इस वजह से राहगीरों और गांव के लोगों को आने-जाने में बहुत भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह टूटा हुआ मार्ग गांव में दाखिल होने का मुख्य रास्ता है, जिससे होकर बुजुर्ग लोग और स्कूल जाने वाले छात्र भी रोजाना गुजरते हैं। इस गंभीर समस्या के बारे में ग्राम प्रधान को भी पूरी जानकारी है। यह पुलिया कई साल से टूटी पड़ी है, लेकिन इसके बावजूद ग्राम प्रधान द्वारा अब तक इसकी मरम्मत के लिए कोई काम नहीं कराया गया है।4
- बलिया जिले के बिल्थरारोड क्षेत्र में सिकंदरपुर–मनियर मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर रविवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। इस मार्ग पर वर्षों से बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस बदहाली से नाराज आक्रोशित ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत देवरिया जिले में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के नेतृत्व में शनिवार को व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया। पुलिस लाइन में वामा सारथी फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन-2026 के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पुलिस परिवार, वामा सारथी की पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित बच्चों को चॉकलेट और मिठाइयां बांटीं और कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का आधार नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व स्वस्थ जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। पौधरोपण के बाद अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस परिवारों ने पौधों की सिंचाई तथा नियमित देखभाल करने की सामूहिक शपथ ली। इसी अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थानों और चौकियों में भी बड़े पैमाने पर छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए गए। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि रोपे गए पौधों की नियमित निगरानी और समय-समय पर उनकी देखभाल की समीक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का स्थायी माध्यम बने। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनन्द कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी, क्षेत्राधिकारी लाइन गौरव सिंह, प्रतिसार निरीक्षक रामजनम राम सहित वामा सारथी की पदाधिकारी व पुलिस परिवार के सदस्य मौजूद रहे।1
- देवरिया जनपद के मईल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा करौता में एक सिरफिरे आशिक ने शारीरिक संबंध बनाने से मना करने पर एक लड़की के घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। यह सिरफिरा आशिक लड़की को बार-बार मिलने के लिए बुलाता था और धमकाता था, जबकि लड़की ऐसा करने से लगातार मना करती थी। जब लड़की ने उसकी जिद के आगे झुकने और शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया, तो उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस भीषण आगजनी के कारण पीड़ित परिवार का घर में रखा हुआ सारा सामान जलकर राख हो गया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़की की शादी तय हो चुकी थी और परिवार ने एक-एक सामान जोड़कर शादी के लिए घर में रखा था, जो पल भर में जलकर खाक हो गया। घर के सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। आरोपी सिरफिरा आशिक वर्तमान में पुलिस कस्टडी में है, लेकिन इसके बावजूद पीड़ित परिवार भारी दहशत में जीने को मजबूर है। पीड़िता को डर है कि जेल से बाहर निकलने के बाद आरोपी उन्हें जान से मार देगा। डरा-सहमा पीड़ित परिवार अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।1