कानपुर नगर के तहसील सदर स्थित मर्चेंट चेंबर हॉल में शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कई फरियादियों को मौके पर ही राहत मिली, जहाँ किसी की खतौनी में नाम की त्रुटि सुधारी गई तो किसी को पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राप्त हुआ। इस समाधान दिवस में कुल 143 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 53 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग की 26, नगर निगम की 21, केस्को की 12, समाज कल्याण विभाग की 10 और केडीए की 9 शिकायतें दर्ज की गईं। जलकल, खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य, श्रम, परिवहन, विकास और बैंकिंग सेवाओं से संबंधित अन्य शिकायतें भी शामिल थीं। कई व्यक्तिगत मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई, जैसे चकेरी निवासी रूपरानी और फत्तेपुर दक्षिण निवासी मालिक सिंह की खतौनी में नाम की त्रुटियां तत्काल ठीक की गईं। दलेलपुर निवासी रामकली और राजीव विहार निवासी ऋषभ शुक्ला के मामलों में न्यायालय के आदेशों का खतौनी में अंकन कराया गया। समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामलों में, रावतपुर निवासी रीता गुप्ता को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत ₹30,000 की सहायता राशि खाते में हस्तांतरित होने की जानकारी दी गई, जबकि दर्शनपुरवा निवासी शोभा सिंह और श्याम नगर निवासी अर्चना को भी उनके भुगतान संबंधी मामलों में राहत मिली। गिल्लीपुरवा निवासी बाबूराम निषाद को बताया गया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हो चुकी है। नजीराबाद निवासी नसीमा बेगम और शफीका बेगम के विधवा पेंशन संबंधी मामलों में तत्काल जांच कर आख्या जिला प्रोबेशन कार्यालय को भेजी गई। वहीं, पनकी निवासी सविता पांडेय की शिकायत पर केस्को अधिकारियों ने उनके आवास के समीप ट्रांसफार्मर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया समझाई और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त लंबित प्रकरणों का निस्तारण सात दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने, सभी पक्षकारों का पक्ष गंभीरता से सुनने और ऐसा समाधान निकालने को कहा जिससे सभी पक्ष संतुष्ट हों। जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, उप जिलाधिकारी सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर नगर के तहसील सदर स्थित मर्चेंट चेंबर हॉल में शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कई फरियादियों को मौके पर ही राहत मिली, जहाँ किसी की खतौनी में नाम की त्रुटि सुधारी गई तो किसी को पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राप्त हुआ। इस समाधान दिवस में कुल 143 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 53 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग की 26, नगर निगम की 21, केस्को की 12, समाज कल्याण विभाग की 10 और केडीए की 9 शिकायतें दर्ज की गईं। जलकल, खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य, श्रम, परिवहन, विकास और बैंकिंग सेवाओं से संबंधित अन्य शिकायतें भी शामिल थीं। कई व्यक्तिगत मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई, जैसे चकेरी निवासी रूपरानी और फत्तेपुर दक्षिण निवासी मालिक सिंह की खतौनी में नाम की त्रुटियां तत्काल ठीक की गईं। दलेलपुर निवासी रामकली और राजीव विहार निवासी ऋषभ शुक्ला के मामलों में न्यायालय के आदेशों का खतौनी में अंकन कराया गया। समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामलों में, रावतपुर निवासी रीता गुप्ता को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत ₹30,000 की सहायता राशि खाते में हस्तांतरित होने की जानकारी दी गई, जबकि दर्शनपुरवा निवासी शोभा सिंह और श्याम नगर निवासी अर्चना को भी उनके भुगतान संबंधी मामलों में राहत मिली। गिल्लीपुरवा निवासी बाबूराम निषाद को बताया गया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हो चुकी है। नजीराबाद निवासी नसीमा बेगम और शफीका बेगम के विधवा पेंशन संबंधी मामलों में तत्काल जांच कर आख्या जिला प्रोबेशन कार्यालय को भेजी गई। वहीं, पनकी निवासी सविता पांडेय की शिकायत पर केस्को अधिकारियों ने उनके आवास के समीप ट्रांसफार्मर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया समझाई और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त लंबित प्रकरणों का निस्तारण सात दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने, सभी पक्षकारों का पक्ष गंभीरता से सुनने और ऐसा समाधान निकालने को कहा जिससे सभी पक्ष संतुष्ट हों। जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, उप जिलाधिकारी सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
- बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरम गली नंबर में एक बुजुर्ग महिला अपनी बहू और उसके मायके वालों के डर से पिछले 24 घंटे से अपने ही घर में ताला लगाकर कैद है। महिला के साथ उसका छोटा बेटा कृष्ण शर्मा भी भीषण गर्मी में बंद मकान में उनके साथ है। पीड़िता का आरोप है कि बहू और उसके मायके वालों द्वारा हमले की लगातार धमकियों के कारण उन्होंने घर में बाहर से भी ताला लगवाया है। यह मामला पीड़िता के बड़े बेटे संजीव शर्मा की मौत से जुड़ा है। संजीव शर्मा ने 31 मई को जहर खाकर अपनी जान दे दी थी और 1 जून को उनकी मौत हो चुकी थी। मरने से पहले संजीव ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और उसके ससुराल वालों को अपनी मौत का दोषी ठहराया था। पीड़िता ने अपनी पुत्रवधू प्रियंका, उसके भाई (साले) और उसकी माँ (सास) पर बेटे को जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। बताया गया है कि संजीव और प्रियंका ने चार साल पहले प्रेम प्रसंग के चलते हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी, जिसके बाद से ही बहू प्रियंका और उसके मायके वाले संजीव को परेशान करते थे। पीड़िता का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उसने बहू और उसके मायके वालों के खिलाफ तहरीर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने संजीव के बेटे का पोस्टमार्टम भी कराया था। हालांकि, तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। महिला ने यह भी बताया कि बहू और उसके मायके वाले उसके घर पर चार बार हमला कर चुके हैं। वह योगी शासन में महिलाओं के सम्मान की बात कहते हुए भी खुद को न्याय के लिए भटकता बता रही हैं और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठा रही हैं। मीडिया की सूचना पर जब थाना पुलिस मौके पर पहुँची, तो उन्होंने कार्यवाही के नाम पर पीड़िता और उसके बेटे को बंद मकान से बाहर निकलवाया। पीड़ित महिला अभी भी न्याय की गुहार लगा रही है।1
- हरदोई जिले के विकासखंड टोडरपुर के ग्राम बुढंनपुर निवासी डॉ. सुधांशु त्रिवेदी को असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य द्वारा सम्मानित किया गया है। उनके उत्कृष्ट कार्यों ने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे हरदोई जिले का मान बढ़ाया है। डॉ. त्रिवेदी वर्तमान में दिल्ली स्थित जामिया इस्लामिया सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी स्वर्गीय धीरेंद्र नाथ त्रिवेदी के पुत्र हैं, जो पूर्व में बार एसोसिएशन शाहाबाद के अध्यक्ष रह चुके हैं। राज्यपाल द्वारा उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया जाना, उनके कार्यों की उच्च गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को दर्शाता है। उनके छोटे भाई शशांक त्रिवेदी भी बुढंनपुर के ही निवासी हैं, और डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने अपनी मेहनत व लगन से परिवार की शिक्षा व संस्कार की परंपरा को आगे बढ़ाया है। एक बातचीत के दौरान डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लगातार मेहनत और स्वयं को बेहतर बनाने की कोशिश ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्होंने अपने पहले प्रयास में ही आईएएस परीक्षा दी थी और साक्षात्कार चरण तक पहुंचे थे, जो उनकी प्रतिभा और क्षमताओं का प्रमाण है। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी की इस उपलब्धि से पूरे हरदोई जिले में खुशी और गर्व का वातावरण है। क्षेत्रवासियों ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया है।1
- ज्येष्ठ मास के शनिवार को हरदोई के टोडरपुर क्षेत्र में चारों ओर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखा गया, जहाँ जगह-जगह भव्य भंडारे और शरबत वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन पावन अवसरों पर हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण करते हुए धार्मिक एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इसी कड़ी में, टोडरपुर ब्लॉक के आदमपुर गांव में बाजपेयी फर्टिलाइजर्स और पेस्टीसाइड द्वारा एक विशाल भंडारे का विशेष आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी-सब्जी की व्यवस्था की गई थी। इस कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और गांव के गणमान्य नागरिकों ने स्वयं अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। दिनभर चले इन धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने कतारबद्ध होकर, पूरी श्रद्धा के साथ बजरंगबली के जयकारों के बीच पुण्य प्रसाद ग्रहण किया। इन सभी भंडारों और वितरण कार्यक्रमों को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का विशेष एवं सराहनीय सहयोग रहा।4
- शाहजहांपुर के जलालाबाद में आगामी त्योहारों को देखते हुए एक पीस कमेटी बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक का मुख्य लक्ष्य त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और सामाजिक सौहार्द व भाईचारे को बढ़ावा देना है। उत्तर प्रदेश पुलिस और शाहजहांपुर पुलिस प्रशासन के नेतृत्व में यह पहल जनसुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।1
- पलिया के ग्राम पुरनपुरवा टापर (पटिहन) में एक भीषण आगजनी की घटना में मजदूर संतराम पुत्र रामप्रसाद का पूरा आशियाना जलकर राख हो गया। मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले संतराम की जीवनभर की कमाई, घर का सारा सामान, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं इस आग की भेंट चढ़ गईं। इस त्रासदी से परिवार, विशेषकर अपनी पांच बेटियों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में डूब गया, क्योंकि भीषण गर्मी में उनके सिर से छत और खाने-पीने की व्यवस्था भी छिन चुकी थी। घटना की सूचना संतराम की बेटी ने फोन पर पलिया विधायक रोमी साहनी को दी। जानकारी मिलते ही विधायक ने तत्काल संबंधित लेखपाल को मौके पर भेजने का निर्देश दिया और स्वयं भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मौके पर पहुंचकर विधायक ने परिवार की दयनीय स्थिति देखी और तुरंत संतराम की पत्नी सोनी देवी को ₹25 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परिवार को दो आवास और सोलर लाइट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि परिवार को हर संभव मदद मिलेगी और बेटियों के विवाह में भी सहयोग किया जाएगा। विधायक रोमी साहनी की इस संवेदनशील और मानवीय पहल से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली, जिसकी ग्रामीणों ने भी सराहना की। विधायक को इस आग की त्रासदी में पीड़ित परिवार के लिए 'मसीहा' बताया गया।1
- शाहजहांपुर जिले की तहसील पुवायां में 06 जून को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने लोगों की शिकायतें और समस्याओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में भूमि पैमाइश में लापरवाही के लिए कानूनगो आदर्श और अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता विद्युत पुनीत निगम को निलंबित करने का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने राजस्व, विद्युत एवं आपूर्ति विभाग की प्राप्त शिकायतों को उसी दिन व्यवस्थित कर रविवार तक संतोषजनक निस्तारण कराने और शाम 6:00 बजे तक अपने आवास पर इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार और नायाब तहसीलदार को सख्त हिदायत दी कि जनता दर्शन, संपूर्ण समाधान दिवस या अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों का लेखपाल एवं कानूनगो द्वारा गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायत निस्तारण के लिए मौके पर जाना और शिकायतकर्ता के साथ फोटो लेना आवश्यक बताया गया। जिलाधिकारी ने शिकायतों के निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण निस्तारण के महत्व पर भी जोर दिया। इस संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 175 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व की 106, विद्युत की 19, पुलिस की 14, विकास की 22 और अन्य विभागों की 14 शिकायतें शामिल थीं। इनमें से 06 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, डीएफओ सचिन कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक कुमार मिश्रा, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह और उप जिलाधिकारी पुवायां सदानंद सरोज सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- गाजीपुर के चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय के पुत्र की हत्या का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय राय ने आज गाजीपुर पहुंचकर मृतक विनीत राय के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। एंकर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, होटल व्यवसायी विनीत राय की 29 मई की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अजय राय ने सदर कोतवाली क्षेत्र के बड़ीबाग स्थित विनीत राय के आवास पर पहुंचकर परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। मीडिया से बातचीत में अजय राय ने आरोप लगाया कि विनीत राय की हत्या पूरी तरह सुनियोजित तरीके से की गई थी। उन्होंने बताया कि हत्या से पहले आरोपियों द्वारा विनीत राय को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और उनके होटल पर पहुंचकर मारपीट व तोड़फोड़ भी की गई थी। अजय राय के मुताबिक, परिजनों ने आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की और उन्हें छोड़ दिया, जिससे यह साफ होता है कि घटना को अंजाम देने वाला गैंग पहले से अपराध करता रहा है और पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की थी। उन्होंने पुलिस पर अपराधियों के साथ मिलकर काम करने का गंभीर आरोप लगाया। अजय राय ने गाजीपुर से गाजियाबाद तक पूरे प्रदेश में हत्याओं का दौर चलने की बात कहते हुए कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए एनकाउंटर करा रही है। कमलेश चौधरी के एनकाउंटर पर यूपी के मंत्री संजय निषाद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा कि सबके अपने अलग-अलग मत हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह विफल है। उन्होंने कुछ माह पहले नोनहरा थाने में हुई सियाराम उपाध्याय की मौत का मामला भी उठाया, आरोप लगाया कि उस मामले में भी किसी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और सभी को क्लीन चिट दे दी गई, जिससे यह दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि प्रशासन का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है और जिस तरह पुलिस व अपराधी मिलकर काम कर रहे हैं, उससे जनता का भरोसा टूटता जा रहा है। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिजनों की मांग के मुताबिक कठोर कार्यवाही करने की मांग की।1
- हरदोई जिले के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में खेड़ा तिराहे के पास जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी एक हिंसक झड़प में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूमि को लेकर चल रहा यह विवाद काफी समय से लंबित था और अचानक ही उग्र हो गया। तीखी बहस के बाद मामला मारपीट तक पहुँच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक कई लोग चोटिल हो चुके थे। इस घटना का वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने बताया है कि मामले की जाँच की जा रही है और तहरीर मिलने के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से शाहाबाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।1