"जब रक्षक ही बना रिश्वतखोर" निगरानी की करवाई : एक कड़ा संदेश विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना/मुंगेर। बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में हुई कार्रवाई से मिलता है। एक पेशकार (प्रशाखा पदाधिकारी) का 1.70 लाख रुपये की मोटी रकम रिश्वत के तौर पर लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाना केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उस प्रशासनिक तंत्र पर करारा प्रहार है जो जनता की सेवा के नाम पर अपनी जेबें भरने में लगा है। भ्रष्टाचार की खुली चुनौती: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जिस तत्परता से मुकेश कुमार को उसके दफ्तर के ठीक सामने से गिरफ्तार किया, वह सराहनीय है। लेकिन विचारणीय विषय यह है कि एक प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय—जो कानून और व्यवस्था का एक उच्च केंद्र माना जाता है—वहां तैनात अधिकारी इतने बेखौफ कैसे हो गए? क्या सरकारी फाइलों के निपटारे के लिए अब रिश्वत ही एकमात्र 'ईंधन' रह गया है? जमीन के खेल में 'दलाल' बनते अफसर: इस मामले की पृष्ठभूमि में जमीन विवाद है। सरकारी जमीन के मालिकाना हक और अपीलीय मामलों में जिस तरह से सौदेबाजी की जा रही है, वह डरावनी है। परिवादी नंदकिशोर प्रसाद सुमन की शिकायत बताती है कि न्याय पाने की प्रक्रिया को किस तरह से व्यवसाय बना दिया गया है। जब फैसला सरकार के पक्ष में होने से किसी नागरिक को लाभ मिलना हो, तब भी बीच का रास्ता 'रिश्वत' से होकर गुजरना, तंत्र की विफलता को दर्शाता है। निगरानी की कार्रवाई: एक कड़ा संदेश, डीएसपी पवन कुमार-I के नेतृत्व में हुई यह कार्रवाई उन तमाम सफेदपोश भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है जो समझते हैं कि वे व्यवस्था की आड़ में सुरक्षित हैं। 1.70 लाख रुपये की यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि भ्रष्टाचार की दरें आसमान छू रही हैं और आम आदमी को उसकी हक की लड़ाई लड़ने के लिए भी अपनी गाढ़ी कमाई लुटाने पर मजबूर किया जाता है। निष्कर्ष: सिर्फ एक मुकेश कुमार की गिरफ्तारी काफी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि पूरे सिस्टम की 'क्लीनिंग' की जाए। जब तक भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' केवल कागजों तक सीमित रहेगी, तब तक ऐसे 'पेशकार' जनता के अधिकारों की नीलामी करते रहेंगे। सरकार को चाहिए कि वह पारदर्शिता के डिजिटल माध्यमों को और मजबूत करे ताकि किसी भी फाइल को आगे बढ़ाने के लिए किसी बिचौलिए या रिश्वतखोर अधिकारी की आवश्यकता ही न पड़े।
"जब रक्षक ही बना रिश्वतखोर" निगरानी की करवाई : एक कड़ा संदेश विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार पटना/मुंगेर। बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में हुई कार्रवाई से मिलता है। एक पेशकार (प्रशाखा पदाधिकारी) का 1.70 लाख रुपये की मोटी रकम रिश्वत के तौर पर लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाना केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उस प्रशासनिक तंत्र पर करारा प्रहार है जो जनता की सेवा के नाम पर अपनी जेबें भरने में लगा है। भ्रष्टाचार की खुली चुनौती: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जिस तत्परता से मुकेश कुमार को उसके दफ्तर के ठीक सामने से गिरफ्तार किया, वह सराहनीय है। लेकिन विचारणीय विषय यह है कि एक प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय—जो कानून और व्यवस्था का एक उच्च केंद्र माना जाता है—वहां तैनात अधिकारी इतने बेखौफ कैसे हो गए? क्या सरकारी फाइलों के निपटारे के लिए अब रिश्वत ही एकमात्र 'ईंधन' रह गया है? जमीन के खेल में 'दलाल' बनते अफसर: इस मामले की पृष्ठभूमि में जमीन विवाद है। सरकारी जमीन के मालिकाना हक और अपीलीय मामलों में जिस तरह से सौदेबाजी की जा रही है, वह डरावनी है। परिवादी नंदकिशोर प्रसाद सुमन की शिकायत बताती है कि न्याय पाने की प्रक्रिया को किस तरह से व्यवसाय बना दिया गया है। जब फैसला सरकार के पक्ष में होने से किसी नागरिक को लाभ मिलना हो, तब भी बीच का रास्ता 'रिश्वत' से होकर गुजरना, तंत्र की विफलता को दर्शाता है। निगरानी की कार्रवाई: एक कड़ा संदेश, डीएसपी पवन कुमार-I के नेतृत्व में हुई यह कार्रवाई उन तमाम सफेदपोश भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है जो समझते हैं कि वे व्यवस्था की आड़ में सुरक्षित हैं। 1.70 लाख रुपये की यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि भ्रष्टाचार की दरें आसमान छू रही हैं और आम आदमी को उसकी हक की लड़ाई लड़ने के लिए भी अपनी गाढ़ी कमाई लुटाने पर मजबूर किया जाता है। निष्कर्ष: सिर्फ एक मुकेश कुमार की गिरफ्तारी काफी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि पूरे सिस्टम की 'क्लीनिंग' की जाए। जब तक भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' केवल कागजों तक सीमित रहेगी, तब तक ऐसे 'पेशकार' जनता के अधिकारों की नीलामी करते रहेंगे। सरकार को चाहिए कि वह पारदर्शिता के डिजिटल माध्यमों को और मजबूत करे ताकि किसी भी फाइल को आगे बढ़ाने के लिए किसी बिचौलिए या रिश्वतखोर अधिकारी की आवश्यकता ही न पड़े।
- गया जिला के पांच नंबर गेट के पास चलती गाड़ी में अचानक लग गयी आग ड्राइवर के शूज बूझ से बचा सभी का जान। # गया पुलिस एवं आम जनता केसहयोग से पाया गया आग पर काबू।1
- गुरुवार की सुबह करीब नौ बजे जबडा चेकनाका के समीप तीन मोटरसाइकिलों के बीच आपस में जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल एम्बुलेंस को बुलाया गया, जिसके माध्यम से सभी घायलों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल सिमरिया भेजा गया। इस घटना के बारे में अधिकार मित्र अमित कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को शीघ्र उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- Dekund auaragabad bihar news........1
- गोह(औरंगाबाद) गोह प्रखंड के प्राणपुर गांव की आशा कार्यकर्ता इंदु देवी की मौत पीएचसी में गुरुवार की सुबह करीब 8:00 बजे अचानक हृदय गति रुकने से हो गयी। जानकारी के अनुसार एकाएक वे अचानक अचेत होकर गिर गई। जिसे लेकर परिजनों ने गोह पीएचसी में भर्ती कराया था। जहाँ के चिकित्सकों ने उन्हें देखने के बाद मृत घोषित कर दिया। इधर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की हृदय गति रुकने से मौत हुई है। जिसके बाद परिजनों ने शव अपने घर ले गये, वे 2008 से गोह पीएचसी में कार्यरत थीं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा घोषित चार लाख रुपये अनुग्रह राशि उनके आश्रितों को देने का प्रावधान है। मौत के बाद मृतका के पति विनोद साव, पुत्र श्रीकांत कुमार, अंकित कुमार, पुत्री अंजली कुमारी, अर्चना कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं पूरे स्वास्थ्य महकमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।1
- विडंबना देखिए... हाथ खून से रंगे हैं और जुबान पर न्याय की मांग!! सुनिए आरोपी भीम राम को.... चेहरा बेगुनाही का, और हाथ गुनाहों से सने... वीडियो ने सच बोल दिया है, अब सिर्फ सज़ा का इंतज़ार है।"1
- रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र अंतर्गत चेंव गांव में अखिल भारतीय बाबा चौहरमल संघ के तत्वावधान में वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक दिवसीय मेले एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक अशोक कुमार ने की, जबकि संचालन विनोद कुमार द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रमोद कुमार सिंह उपस्थित रहे। संघ के सदस्यों ने विधायक को पगड़ी, अंगवस्त्र एवं तलवार भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि बाबा चौहरमल में अद्भुत दिव्य शक्ति थी। उन्होंने सदैव न्याय और समाज के उत्थान के लिए संघर्ष किया। उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। इस मौके पर गांव में बाबा चौहरमल के मंदिर का विधिवत अनावरण भी किया गया। जयंती के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शोभायात्रा पूरे गांव में भ्रमण कर श्रद्धा का माहौल बना गई। रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने लोगों का मन मोह लिया। वहीं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंटू मिश्रा एवं भोला मिश्रा द्वारा विधिपूर्वक पूजन-अर्चन कराया गया। कार्यक्रम में व्यवस्थापक अरविंद पासवान, उप-व्यवस्थापक विजय पासवान, अध्यक्ष राजेंद्र पासवान, अखिलेश पासवान, विपिन पासवान, शैलेश पासवान, दिलेंद्र पासवान, जिला पार्षद विकास कुमार, विधायक प्रतिनिधि उमेश पासवान, विनय सिंह, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर लाल कुशवाहा, विजय विश्वकर्मा,चंदेश्वर भगत, गुड्डू चौरसिया, राजेश पासवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- आवारा कुत्तो का आतंक,दिन बुधवार 12 घंटे में40 से अधिक लोगों को कुत्ते ने काट लिया।1
- गोह (औरंगाबाद) — महिला हेल्प डेस्क, गोह थाना के तत्वाधान में गुरुवार की दोपहर करीब 1:00 बजे थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह एवं सब इंस्पेक्टर पूजा शर्मा के नेतृत्व में प्रखंड मुख्यालय के निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबर एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। थाना अध्यक्ष ने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा समाज और सिस्टम की साझा जिम्मेदारी है। सब इंस्पेक्टर पूजा शर्मा ने छात्राओं को आत्मरक्षा एवं जागरूकता के प्रति प्रेरित किया।1