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बाजार में हर तरह की खजूर और खजूर से बनी कोल्डड्रिंक उपलब्ध है।
प्रमोद कुमार कश्यप
बाजार में हर तरह की खजूर और खजूर से बनी कोल्डड्रिंक उपलब्ध है।
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- पं. कुंजबिहारी वशिष्ठ ज्योतिषाचार्य सूर्य देव उपासक ने एक गहन प्रश्न उठाया है: "क्या है ऐसा जिसे पाना असंभव है?" इस प्रश्न का उत्तर उन्होंने स्वयं दिया है कि अपनी स्वयं की भूल और अपना स्वयं का दोष ही ऐसी चीजें हैं, जो कभी किसी को नहीं मिलतीं, और यदि मिल भी जाएं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता। यह विचार पं. कुंजबिहारी वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य और सूर्य देव उपासक द्वारा साझा किया गया है। वे पुरामहादेव मंदिर के पूर्व सलाहकार रहे हैं और अखिल भारत वर्षीय ब्रह्म महासभा (जो 1939 में परम श्रृदेय मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित की गई थी) के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी हैं। उनका संबंध एनसीआर दिल्ली से है। उन्होंने अपने संदेश का समापन 'राधे राधे' और 'ॐ नम: शिवाय नम शिवाय काशी विश्वनाथ शंभू परशुरामेश्वर पुरामहादेव देवाय नम शिवाय' जैसे भक्तिमय अभिवादनों के साथ किया, जिसमें उन्होंने पुनः अपनी पहचान ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक के रूप में दोहराई है।1
- झाबुआ में 16 जून को जिला युवा कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष नटवर डोडियार के नेतृत्व में विधायक कार्यालय से कलेक्टर कार्यालय तक एक रैली निकाली और राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान, किसानों के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। ज्ञापन में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही, जिले में किसानों को पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने, खाद की किल्लत दूर करने, कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा किसानों की विभिन्न समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग भी उठाई गई। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष नटवर डोडियार ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके विरोध में युवा कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी। डोडियार ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि यदि किसानों की खाद, बिजली और अन्य मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो युवा कांग्रेस पूरे जिले में एक व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। इस कार्यक्रम में जिला युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रकाश परमार, जिला प्रवक्ता लोकेंद्र बिलवाल, जिला महासचिव इश्तियाक शेख और किलू भूरिया, थांदला विधानसभा अध्यक्ष अक्षय कामलिया, पेटलावद विधानसभा अध्यक्ष आकाश डामोर, झाबुआ विधानसभा उपाध्यक्ष आयुष ओहारी और हार्दिक बड़दवाल, झाबुआ ब्लॉक अध्यक्ष राजेश मेड़ा, राणापुर ब्लॉक अध्यक्ष अनिल वसुनिया, मेघनगर ब्लॉक अध्यक्ष अनसिंह वसुनिया, झकनावदा ब्लॉक अध्यक्ष भमरसिंह मखौड़, रामा ब्लॉक उपाध्यक्ष अजीत मोहनिया, पेटलावद विधानसभा उपाध्यक्ष अनिल डामोर और बोरी ब्लॉक अध्यक्ष बापूसिंह अजनार सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- गाजियाबाद के जिला मुख्यालय के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान पत्रकारों और उनके समर्थकों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर न्याय की मांग के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। यह रिपोर्ट दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार द्वारा दी गई है। पत्रकार अपूर्वा चौधरी के नेतृत्व में चल रहे इस धरने में बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने मामले की जांच में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की, यह कहते हुए कि घटना को 27 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। धरने को वरिष्ठ समाजसेवी अभिषेक गर्ग, राष्ट्रीय स्वर्ण वाहिनी के अध्यक्ष आचार्य गीतेश शर्मा, समाजसेवी वी.के. शर्मा, सत्य सनातन युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल गौड़ सहित अनेक गणमान्य लोगों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलन के सातवें दिन धरना स्थल पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया था। पत्रकारों का कहना है कि भीषण गर्मी, आंधी और बारिश जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। अपूर्वा चौधरी ने विश्वास जताया कि उच्च पुलिस अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे और सत्य को सामने लाएंगे। आंदोलनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।1
- एनटीपीसी दादरी।1
- मोदीनगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। यह हंगामा तब हुआ जब एक महिला कार्यकर्ता ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि उसे न्याय नहीं मिला है।1
- गाजियाबाद में आयोजित 22वें ज्योतिष शास्त्र और वास्तुदोष आयोजन के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और नई नियुक्तियाँ की गईं। इस कार्यक्रम में, 2026 में वाराणसी की ओजस्वी काशी विश्वनाथ माँ भवानी स्वरूप संत गुरूमां चेतना की शिष्या रीतू सिंह, जो कदंब सिंह रोहतक की पत्नी हैं, के नारीश्वर शक्ति के उत्पीड़न व शोषण के घटनाक्रम में हरसंभव प्रयास और सहयोग करने का निर्णय लिया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज कल्याण और धार्मिक कार्यों को बढ़ावा देना था। एनसीआर ब्राह्मण समाज के महामंत्री डॉ. वी.पी. मिश्र और एनसीआर अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजीकृत 1939, जिसकी स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी) दिल्ली के अध्यक्ष नरेश पाल कौशिक ने सर्वसम्मति से ब्राह्मण समाज वर्ग के उत्थान के लिए अहम मनोनयन किए। ज्योतिषाचार्य एवं सूर्यदेव उपासक पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ को समाज कल्याण और धर्म कर्म क्षेत्र में उनके अग्रणी कार्य और लोकप्रियता को देखते हुए एनसीआर भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा का मीडिया कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किया गया। इसी क्रम में, ज्योतिषाचार्य शिवकुमार शर्मा को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। ये नियुक्तियां एक सम्मान समारोह में की गईं, जहाँ 980 ज्योतिष शास्त्र के विद्वान उपस्थित थे। इस अवसर पर, संत गुरू मां चेतना, एमएलसी दिनेश गोयल और विश्व प्रसिद्ध डॉ. हर सिंह रावत को शुभकामनाएँ और बधाई संदेश दिए गए। मनोनयन पर बधाई देने वालों में संत गुरू मां चेतना, डॉ. वी.पी. शर्मा, एमएलसी दिनेश गोयल, शिवकुमार शर्मा, मुंबई के अंतरराष्ट्रीय वास्तु विश्लेषक डॉ. आनंद शर्मा और एनसीआर ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष नरेशपाल कौशिक शामिल थे। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने श्रीलंका की यूनिवर्सिटी में अपनी ओजपूर्ण उपस्थिति दर्ज कर भारत के सनातन धर्म का गौरव बढ़ाने वाली संत गुरू माँ चेतनाजी काशी विश्वनाथ नगरी को विशेष रूप से शुभकामनाएँ और बधाई दीं।1
- भारत की 'विश्वगुरु' छवि पर सवाल उठाते हुए, ओमान में फंसे एक भारतीय जहाज के कप्तान का एक मार्मिक वीडियो वायरल हुआ है। कप्तान ने इस वीडियो में बताया है कि जहाज पर तैनात बीमार सेकंड अफसर का निधन हो गया है, और अत्यंत दुखद परिस्थितियों में उनके पार्थिव शरीर को संरक्षित रखने के लिए उन्हें पानी की बोतलों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इस वायरल वीडियो के माध्यम से कप्तान अपनी व्यथा व्यक्त कर रहे हैं, और उन्होंने स्पष्ट किया है कि मृत सेकंड अफसर के पार्थिव शरीर को वापस देश लाने के लिए एक तरह की 'जंग' लड़ी जा रही है। यह घटना विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की चुनौतियों और दुर्दशा को गंभीर रूप से उजागर करती है।1
- एक युवा परीक्षा देने के लिए अपने घर से निकला था, लेकिन भीड़ से खचाखच भरी ट्रेन में वह तड़प-तड़प कर मर गया। शायद उसकी मां ने यह उम्मीद की होगी कि उसका बेटा परीक्षा पास कर नौकरी लेकर घर लौटेगा, पर इस दर्दनाक घटना ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। यह एक दिल तोड़ देने वाली तस्वीर है, जो सीधे तौर पर सवाल उठाती है कि क्या यही युवाओं के लिए बनाई गई व्यवस्था है?1