प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महानंदा सभागार में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के जीवन प्रमाणीकरण, किसान पंजीकरण और आगामी 02 जून को होने वाले सहयोग शिविर के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान जिले में 54,959 लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित पाया गया, जबकि बैठक में समग्र प्रगति संतोषजनक बताई गई। जिला पदाधिकारी ने इस लंबित कार्य को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि 30 मई 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी युद्धस्तर पर अभियान चलाकर शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण पूरा करें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी, पंचायत सचिव, विकास मित्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर और सामाजिक सुरक्षा कर्मियों को प्रत्येक लंबित लाभुक तक पहुँच बनाकर अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक सत्यापन पूर्ण कराने का सख्त आदेश दिया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी प्रखंडों में विशेष कैंप, घर-घर संपर्क अभियान और पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर वृद्ध, दिव्यांग एवं असहाय लाभुकों का प्राथमिकता के आधार पर जीवन प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में वरीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से जबकि प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान नगर निगम, बरहरा, धमदाहा, बनमनखी (पंचायत), डगरुआ एवं कृत्यानंद नगर प्रखंडों की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही, जिन लाभुकों का आधार मैपिंग लंबित है, उनका त्वरित निष्पादन कर पोर्टल पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने को भी कहा गया। सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ने बताया कि सभी प्रखंडों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जिला प्रशासन अंतिम तिथि तक शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण कार्य पूर्ण कराने हेतु पूरी तरह सक्रिय है। जिला प्रशासन ने सभी पेंशनधारियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे निकटतम प्रखंड, पंचायत अथवा शिविर स्थल पर पहुंचकर समय रहते जीवन प्रमाणीकरण अवश्य करा लें, ताकि पेंशन भुगतान में कोई बाधा न आए।
प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में महानंदा सभागार में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों के जीवन प्रमाणीकरण, किसान पंजीकरण और आगामी 02 जून को होने वाले सहयोग शिविर के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान जिले में 54,959 लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित पाया गया, जबकि बैठक में समग्र प्रगति संतोषजनक बताई गई। जिला पदाधिकारी ने इस लंबित कार्य को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि 30 मई 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी युद्धस्तर पर अभियान चलाकर शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण पूरा करें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी, पंचायत सचिव, विकास मित्र, डाटा एंट्री ऑपरेटर और सामाजिक सुरक्षा कर्मियों को प्रत्येक लंबित लाभुक तक पहुँच बनाकर अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक सत्यापन पूर्ण कराने का सख्त आदेश दिया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी प्रखंडों में विशेष कैंप, घर-घर संपर्क अभियान और पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर वृद्ध, दिव्यांग एवं असहाय लाभुकों का प्राथमिकता के आधार पर जीवन प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में वरीय एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से जबकि प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान नगर निगम, बरहरा, धमदाहा, बनमनखी (पंचायत), डगरुआ एवं कृत्यानंद नगर प्रखंडों की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही, जिन लाभुकों का आधार मैपिंग लंबित है, उनका त्वरित निष्पादन कर पोर्टल पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने को भी कहा गया। सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ने बताया कि सभी प्रखंडों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जिला प्रशासन अंतिम तिथि तक शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण कार्य पूर्ण कराने हेतु पूरी तरह सक्रिय है। जिला प्रशासन ने सभी पेंशनधारियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे निकटतम प्रखंड, पंचायत अथवा शिविर स्थल पर पहुंचकर समय रहते जीवन प्रमाणीकरण अवश्य करा लें, ताकि पेंशन भुगतान में कोई बाधा न आए।
- बेंगलुरु, कर्नाटक से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक दल के नए नेता डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से भेंट कर राज्य में नई सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया है। इस मुलाकात के बाद, राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डीके शिवकुमार को 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया है।1
- बेरी वाली माता के दर्शन किए गए और पूरे बेरी में भ्रमण कराया गया।1
- गोरक्षनाथ सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद त्रिपाठी के सानिध्य में और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पंडित संतोष मिश्रा के नेतृत्व में, पूर्व ब्लॉक प्रमुख व वरिष्ठ समाजसेवी स्व० केदार नाथ राय की प्रथम पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने स्व० केदार नाथ राय के संघर्षपूर्ण और जनसेवा से ओत-प्रोत जीवन को याद करते हुए बताया कि उन्होंने सदैव समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने का कार्य किया। वे सामाजिक समरसता, संगठनात्मक मजबूती और जनहित के मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहे, और उनका व्यक्तित्व राजनीतिक तथा सामाजिक क्षेत्र में प्रेरणास्रोत के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद त्रिपाठी ने कहा कि स्व० केदार नाथ राय का जीवन सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों के लिए समर्पित था। उन्होंने क्षेत्र के विकास और गरीब, शोषित व जरूरतमंद लोगों की आवाज़ को मजबूती प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया, और उनके आदर्श व विचार आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र एवं समाज सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। वहीं, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पंडित संतोष मिश्रा ने उनके संगठनात्मक एवं सामाजिक जीवन में दिए गए योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि सेवा, समर्पण और जनकल्याण की उनकी स्थापित परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने स्व० केदार नाथ राय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का अंत दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना के साथ हुआ, इस दौरान यह भी कहा गया कि उनका संपूर्ण जीवन समाज सेवा, संगठनात्मक समर्पण और जनकल्याण की मिसाल था, जिनकी प्रेरणादायी स्मृतियाँ सदैव समाज को नई दिशा देती रहेंगी।3
- राजधानी दिल्ली में अपराध और अवैध हथियारों पर लगाम कसने के लिए दिल्ली पुलिस की नॉर्दर्न रेंज ने 'ऑपरेशन शस्त्र' के तहत एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में रोहिणी जिले के विभिन्न थानों और स्पेशल स्टाफ की टीमों से करीब 150 से 200 पुलिसकर्मी शामिल हुए। पुलिस ने सक्रिय बीसी (बैड कैरेक्टर्स) और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को निशाना बनाया, साथ ही उन लोगों को भी चिह्नित किया जो सोशल मीडिया पर हथियार दिखाने का शौक रखते हैं। अभियान के दौरान पुलिस ने लगभग 500 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस कार्रवाई के तहत कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें करीब 6 सक्रिय बीसी भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 11 पिस्तौल, 13 जिंदा कारतूस, 7 चाकू और कुछ वाहन बरामद किए हैं। रोहिणी जिला पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर हथियार दिखाकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान नाबालिगों को भी अपराध से दूर रहने और कानून का पालन करने का सख्त संदेश दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि अपराध की दुनिया में कदम रखने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, और राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।1
- भगवंत मान ने एक स्पष्ट संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि वे चुनौतियों से बिल्कुल नहीं रुकेंगे। उन्होंने अपनी बात को एक मुहावरे के साथ समझाया, यह ज़ोर देते हुए कि "कुछ तिनके टूटने से झाड़ू की ताकत कम नहीं होती"।1
- दिल्ली में, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है, इसे "बहुत निंदनीय, बहुत डरावना और गलत" बताया। घोष के अनुसार, यह घटना दर्शाती है कि भाजपा बंगाल में हिंसा और हमलों के माध्यम से राजनीति करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। सागरिका घोष ने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बनर्जी पर यह हिंसक हमला किया, और उस दौरान वहां से सुरक्षा हटा ली गई थी, साथ ही पुलिस भी "गायब थी"। उन्होंने इस स्थिति को "बहुत गलत" बताया और इस बात पर जोर दिया कि जब भी टीएमसी सत्ता में थी और भाजपा नेता बंगाल आते थे, तो उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाते थे। घोष ने सवाल किया कि क्या भाजपा इसी तरह बंगाल पर राज करना चाहती है, और उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लोकतंत्र पर "सीधा हमला" करार दिया। टीएमसी सांसद ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को अदालत में उठाएगी और इसे सार्वजनिक रूप से भी सामने रखेगी।1
- पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित तौर पर मारपीट की गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर हमला किया, अंडे फेंके और उनकी शर्ट फाड़ दी। यह घटना उस समय हुई जब अभिषेक बनर्जी चुनावी हिंसा में घायल हुए TMC कार्यकर्ताओं से मिलने सोनारपुर गए थे। इस हमले के बाद, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर हमलावरों पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाया कि "वो मेरी हत्या करना चाहते थे।"1