परिसीमन (Delimitation) से लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 या 850 तक हो सकती हैं। सहयोग गुल फराज खान परिसीमन (Delimitation) से लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 या 850 तक हो सकती हैं। उत्तर भारत के राज्यों को राजनीतिक हिस्सेदारी में अधिक फायदा मिल सकता है। उत्तर भारत में मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य आते हैं। इसके अलावा, उत्तर भारत के इस क्षेत्र में दिल्ली और चंडीगढ़ के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं। उत्तर भारत के प्रमुख राज्य • हिमाचल प्रदेश • उत्तराखंड • पंजाब • हरियाणा • राजस्थान • उत्तर प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश • दिल्ली • चंडीगढ़ • जम्मू और कश्मीर • लद्दाख दक्षिण भारत के राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण राजनीतिक संतुलन को लेकर चिंताएं हैं दक्षिण भारत में कुल पाँच प्रमुख राज्य शामिल हैं: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना। इसके अलावा, इस क्षेत्र में पुडुचेरी और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी आते हैं। प्रमुख राज्य और उनकी राजधानियाँ • आंध्र प्रदेश - अमरावती • कर्नाटक - बेंगलुरु • केरल - तिरुवनंतपुरम • तमिलनाडु - चेन्नई • तेलंगाना - हैदराबाद केंद्र शासित प्रदेश • पुडुचेरी • लक्षद्वीप परिसीमन (Delimitation) से लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ सकती है, निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदल सकती हैं, और उत्तर भारत के राज्यों को राजनीतिक हिस्सेदारी में अधिक फायदा मिल सकता है, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण राजनीतिक संतुलन को लेकर चिंताएं हैं। क्या-क्या बदलेगा? • सीटों की संख्या: लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 या 850 तक हो सकती हैं। • क्षेत्रों की सीमाएं: नए आंकड़ों के आधार पर गांवों, शहरों और जिलों के चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं फिर से तय होंगी। • महिला आरक्षण: सीटों के बढ़ने के साथ ही संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई (33%) आरक्षण लागू होने का मार्ग साफ होगा। • संसद का संतुलन: लोकसभा और राज्यसभा की सीटों का आपसी अनुपात बदल जाएगा, जिससे संयुक्त बैठकों में निचले सदन (लोकसभा) की ताकत बढ़ेगी। किसे फायदा होगा? • हिंदी भाषी और अधिक जनसंख्या वाले राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों की आबादी तेजी से बढ़ी है, इसलिए परिसीमन के बाद इन राज्यों को लोकसभा में ज्यादा सीटें और संसद में अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी। • महिलाएं: नए क्षेत्रों के निर्धारण के बाद महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। किसे नुकसान या चिंता है? • दक्षिण भारत के राज्य: तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों ने परिवार नियोजन और विकास के कामों पर अच्छा काम किया है। इससे उनकी आबादी की वृद्धि दर कम हुई है। उन्हें डर है कि जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ने से राष्ट्रीय राजनीति में उनका प्रभाव और अनुपात कम हो जाएगा।
परिसीमन (Delimitation) से लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 या 850 तक हो सकती हैं। सहयोग गुल फराज खान परिसीमन (Delimitation) से लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 या 850 तक हो सकती हैं। उत्तर भारत के राज्यों को राजनीतिक हिस्सेदारी में अधिक फायदा मिल सकता है। उत्तर भारत में मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य आते हैं। इसके अलावा, उत्तर भारत के इस क्षेत्र में दिल्ली और चंडीगढ़ के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं। उत्तर भारत के प्रमुख राज्य • हिमाचल प्रदेश • उत्तराखंड • पंजाब • हरियाणा • राजस्थान • उत्तर प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश • दिल्ली • चंडीगढ़ • जम्मू और कश्मीर • लद्दाख दक्षिण भारत के राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण राजनीतिक संतुलन को लेकर चिंताएं हैं दक्षिण भारत में कुल पाँच प्रमुख राज्य शामिल हैं: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना। इसके अलावा, इस क्षेत्र में पुडुचेरी और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी आते हैं। प्रमुख राज्य और उनकी राजधानियाँ • आंध्र प्रदेश - अमरावती • कर्नाटक - बेंगलुरु • केरल - तिरुवनंतपुरम • तमिलनाडु - चेन्नई • तेलंगाना - हैदराबाद केंद्र शासित प्रदेश • पुडुचेरी • लक्षद्वीप परिसीमन (Delimitation) से लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ सकती है, निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदल सकती हैं, और उत्तर भारत के राज्यों को राजनीतिक हिस्सेदारी में अधिक फायदा मिल सकता है, जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में जनसंख्या नियंत्रण के कारण राजनीतिक संतुलन को लेकर चिंताएं हैं। क्या-क्या बदलेगा? • सीटों की संख्या: लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 या 850 तक हो सकती हैं। • क्षेत्रों की सीमाएं: नए आंकड़ों के आधार पर गांवों, शहरों और जिलों के चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं फिर से तय होंगी। • महिला आरक्षण: सीटों के बढ़ने के साथ ही संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई (33%) आरक्षण लागू होने का मार्ग साफ होगा। • संसद का संतुलन: लोकसभा और राज्यसभा की सीटों का आपसी अनुपात बदल जाएगा, जिससे संयुक्त बैठकों में निचले सदन (लोकसभा) की ताकत बढ़ेगी। किसे फायदा होगा? • हिंदी भाषी और अधिक जनसंख्या वाले राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों की आबादी तेजी से बढ़ी है, इसलिए परिसीमन के बाद इन राज्यों को लोकसभा में ज्यादा सीटें और संसद में अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी। • महिलाएं: नए क्षेत्रों के निर्धारण के बाद महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। किसे नुकसान या चिंता है? • दक्षिण भारत के राज्य: तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों ने परिवार नियोजन और विकास के कामों पर अच्छा काम किया है। इससे उनकी आबादी की वृद्धि दर कम हुई है। उन्हें डर है कि जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ने से राष्ट्रीय राजनीति में उनका प्रभाव और अनुपात कम हो जाएगा।
- #UCC #KhargoneNews #MuslimWomen हिंदी शीर्षक: #ANT #UCC #KhargoneNews #MuslimWomenखरगोन में UCC के खिलाफ महिलाओं की आवाजUCC के विरोध में मुस्लिम महिलाओं का बड़ा इजलास हस्ताक्षर अभियान से दर्ज कराया विरोध खरगोन में UCC के खिलाफ महिलाओं की आवाज1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि *पानी पर तैरते हुए निकाली अनोखी कावड़ यात्रा, नदिया के पार भीमकुंड महादेव के मंदिर में किया जलाभिषेक* खण्डवा खंडवा के गणगौर घाट पर लहरों के राजा ग्रुप द्वारा सावन के महीने में अंतिम सोमवार के दिन विशेष कावड़ यात्रा निकाली गई। यह कावड़ यात्रा आस्था और भक्ति के साथ पानी पर तैरते हुए गणगौर घाट से प्राचीन भीमकुंड महादेव मंदिर तक पहुंची। यहां पर एक तैराक ग्रुप ने पानी के अंदर तैरते हुए कावड़ यात्रा निकाली है। बता दें कि इससे पूर्व भी खंडवा का यह तैराकी ग्रुप पानी पर तैरते हुए तिरंगा यात्रा निकाल चुका है, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर सराहना की थी। यह कावड़ यात्रा ना तो पैदल चलकर थी, और ना ही हाथी-घोड़े पर। यह कावड़ यात्रा आस्था और भक्ति के साथ पानी पर तैरते हुए गणगौर घाट से प्राचीन भीमकुंड महादेव मंदिर तक पहुंची। लहरों के राजा ग्रुप के तैराकी के सदस्यों द्वारा भगवान भीमकुंड महादेव का देश भर की विभिन्न नदियों का जल लेकर जलाभिषेक किया गया। इस कावड़ यात्रा में महिलाएं बच्चे और युवा सम्मिलित हुए। लहरों के राजा ग्रुप के राजकुमार सिसोदिया ने बताया कि लहरों के राजा ग्रुप द्वारा कई वर्षों से गणगौर घाट पर तैराकी की प्रैक्टिस की जा रही है। हमारे ही द्वारा पूर्व में पानी पर तिरंगा यात्रा भी निकाली गई थी, जिसको लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर ग्रुप के सदस्यों को बधाई दी थी। इसके साथ ही हमारे द्वारा योग दिवस पर पानी पर तैरते हुए योग किया गया और अब उसके बाद ग्रुप के सभी सदस्यों ने मिलकर पानी पर तैराकी कर प्राचीन भीमकुंड तक पहुंचकर वहां स्थित भीम कुंड महादेव का जलाभिषेक किया। यह ऐसी कावड़ यात्रा थी जो पानी पर तैर कर भीम कुंड महादेव पहुंची। जहां सभी सदस्यों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और बोल बम के जयकारों के साथ भक्तों ने इस जलाभिषेक में शामिल होकर शहर, राज्य व देश के सुख-समृद्धि की कामना की। शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि *पानी पर तैरते हुए निकाली अनोखी कावड़ यात्रा, नदिया के पार भीमकुंड महादेव के मंदिर में किया जलाभिषेक* खण्डवा खंडवा के गणगौर घाट पर लहरों के राजा ग्रुप द्वारा सावन के महीने में अंतिम सोमवार के दिन विशेष कावड़ यात्रा निकाली गई। यह कावड़ यात्रा आस्था और भक्ति के साथ पानी पर तैरते हुए गणगौर घाट से प्राचीन भीमकुंड महादेव मंदिर तक पहुंची। यहां पर एक तैराक ग्रुप ने पानी के अंदर तैरते हुए कावड़ यात्रा निकाली है। बता दें कि इससे पूर्व भी खंडवा का यह तैराकी ग्रुप पानी पर तैरते हुए तिरंगा यात्रा निकाल चुका है, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर सराहना की थी। यह कावड़ यात्रा ना तो पैदल चलकर थी, और ना ही हाथी-घोड़े पर। यह कावड़ यात्रा आस्था और भक्ति के साथ पानी पर तैरते हुए गणगौर घाट से प्राचीन भीमकुंड महादेव मंदिर तक पहुंची। लहरों के राजा ग्रुप के तैराकी के सदस्यों द्वारा भगवान भीमकुंड महादेव का देश भर की विभिन्न नदियों का जल लेकर जलाभिषेक किया गया। इस कावड़ यात्रा में महिलाएं बच्चे और युवा सम्मिलित हुए। लहरों के राजा ग्रुप के राजकुमार सिसोदिया ने बताया कि लहरों के राजा ग्रुप द्वारा कई वर्षों से गणगौर घाट पर तैराकी की प्रैक्टिस की जा रही है। हमारे ही द्वारा पूर्व में पानी पर तिरंगा यात्रा भी निकाली गई थी, जिसको लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर ग्रुप के सदस्यों को बधाई दी थी। इसके साथ ही हमारे द्वारा योग दिवस पर पानी पर तैरते हुए योग किया गया और अब उसके बाद ग्रुप के सभी सदस्यों ने मिलकर पानी पर तैराकी कर प्राचीन भीमकुंड तक पहुंचकर वहां स्थित भीम कुंड महादेव का जलाभिषेक किया। यह ऐसी कावड़ यात्रा थी जो पानी पर तैर कर भीम कुंड महादेव पहुंची। जहां सभी सदस्यों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और बोल बम के जयकारों के साथ भक्तों ने इस जलाभिषेक में शामिल होकर शहर, राज्य व देश के सुख-समृद्धि की कामना की।1
- एनटीपीसी सेल्दा के ओवरलोड डंपर बिखर रहे रॉक कावड़ियों की जान को जोखिम प्रशासन की उदासीनता: एनटीपीसी सेल्दा के ओवरलोड डंपर बिखेर रहे राख, कांवड़ियों की जान जोखिम में। रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान सनावद। क्षेत्र में एनटीपीसी सेल्दा पावर प्लांट से राख (ऐश) ढोने वाले ओवरलोड डंपरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नियमों को ताक पर रखकर बेखौफ दौड़ रहे ये डंपर सड़क पर राख बिखेरते हुए निकल रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि पवित्र सावन मास में जब हजारों कांवड़िए और पैदल श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजरते हैं, तब भी ये डंपर अपनी रफ्तार और लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार शासन और प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि इनमें से कई डंपर रसूखदार राजनेताओं और बलवान लोगों से जुड़े हैं, जिसके चलते प्रशासनिक अमला आंखें मूंदे बैठा है। डंपर चालकों में कानून का कोई खौफ नजर नहीं आता। वे न सिर्फ क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग कर रहे हैं, बल्कि अंध गति (तेज रफ्तार) से वाहन चलाकर दुर्घटनाओं को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। उड़ती हुई राख के गुबार से दोपहिया वाहन चालकों को देखने में भारी परेशानी होती है, जिससे आए दिन सड़क हादसे होने की आशंका बनी रहती है। सावन के इस पवित्र महीने में श्रद्धालुओं की सुरक्षा रामभरोसे छोड़ दी गई है। स्थानीय नागरिकों ने एक बार फिर प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ओवरलोडिंग और राख परिवहन के नियमों की अनदेखी करने वाले इन डंपरों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो जनता बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। क्या आप इस खबर से संबंधित किसी स्थानीय अधिकारी या संगठन की प्रतिक्रिया भी जोड़ना चाहते हैं?1
- पातालपानी वॉटरफॉल में दुर्घटना को कभी भी हो सकती है पर्यटक है कि कही भी उतर जाते है । कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पातालपानी वॉटरफॉल में दुर्घटना को कभी भी हो सकती है पर्यटक है कि कही भी उतर जाते है । कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।1
- धार भोजशाला विवाद पर दोपहर 1 बजे तक धामनोद रहा बंदः सकल हिंदू-समाज ने जुलूस निकालकर कलेक्टर के नाम एसडीओपी को दिया ज्ञापन जगन्नाथ यादव धार भोजशाला विवाद पर दोपहर 1 बजे तक धामनोद रहा बंदः सकल हिंदू-समाज ने जुलूस निकालकर कलेक्टर के नाम एसडीओपी को दिया ज्ञापन धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े विवाद को लेकर मंगलवार को धामनोद नगर बंद रहा। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर सुबह से दोपहर 1 बजे तक बाजार, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। पुराने बस स्टैंड से न्यू बस स्टैंड तक हीनंदू समाज ने शांतिपूर्वक रैली निकाल पुलिश अनुविभागीय अधिकारी मोनिकासिंग को सामूहिक को लेकर ज्ञापन कलेक्टर के नाम सोपज्ञा दोपहर एक बजे बाद बाजार सुचारू रूप चालू हो गया इस रैली में धामनोद पुलिश भी अलर्ट मोड में नजर आई3
- ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश और डैम के गेट खोले जाने के कारण नर्मदा नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है।नर्मदा का पानी सिध्दनाथ घाट के किनारे तक पहुंच चुका है और तेज बहाव के साथ मटमैला पानी बह रहा है। पुल के पिलर के पास पानी का स्तर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है माँ नर्मदा नेमावर में एक बार फिर उफान पर है मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी माँ नर्मदा नेमावर में एक बार फिर उफान पर है। मंगलवार को नर्मदा नदी के जलस्तर में अचानक काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है की ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश और डैम के गेट खोले जाने के कारण नर्मदा नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है।नर्मदा का पानी सिध्दनाथ घाट के किनारे तक पहुंच चुका है और तेज बहाव के साथ मटमैला पानी बह रहा है। पुल के पिलर के पास पानी का स्तर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है स्थानीय नाविकों ने बताया कि सुबह से ही जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा था। लेकिन दोपहर बाद जल स्तर मे गिरावट दिखाई दे रही है इसलिए लोगों को घाट से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।" प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी में स्नान करने और नाव से सफर करने से बचें तथा बच्चों को घाट की ओर न जाने दें। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।4
- खातेगांव के ग्राम पंचायत बुराडा का मामला युवा ग्रामीण ने लगाए कई आरोप.. सरपंच के रिश्तेदार के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का आहरण निकालने के आरोप.. युवा कर रहे हैं निष्पक्ष जांच की मांग.. कई निधि के पैसे निकाल कर दुरुपयोग जमीनी स्तर पर विकास कार्य अधूरा...1
- #ANT जर्जर स्कूल में पढ़ रहे बच्चे, शिक्षक पर शराब के नशे में आने का आरोप,ग्रामीण स्कूल की बदहाली पर उठे सवाल, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित आत्मनिर्भर भारत के बीच गांव की शिक्षा व्यवस्था बदहाल!1