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नरसिंहपुर में जुए के फड़ पर पुलिस की दबिश, 11 गिरफ्तार नरसिंहपुर। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में नरसिंहपुर पुलिस ने जुआरियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की है। स्टेशनगंज थाना अंतर्गत सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर पुलिस ने 11 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा। मुख्य बिंदु: करीब ₹1,20,000 नगद, ताश के पत्ते और जुआ सामग्री बरामद। आरोपी: सिंधी कॉलोनी निवासी दीपक बाधवानी, जयकुमार वाधवानी समेत कुल 11 लोग गिरफ्तार। सभी आरोपियों पर धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज। एसपी डॉ. मीना ने जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
Ashish Dubey
नरसिंहपुर में जुए के फड़ पर पुलिस की दबिश, 11 गिरफ्तार नरसिंहपुर। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में नरसिंहपुर पुलिस ने जुआरियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की है। स्टेशनगंज थाना अंतर्गत सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर पुलिस ने 11 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा। मुख्य बिंदु: करीब ₹1,20,000 नगद, ताश के पत्ते और जुआ सामग्री बरामद। आरोपी: सिंधी कॉलोनी निवासी दीपक बाधवानी, जयकुमार वाधवानी समेत कुल 11 लोग गिरफ्तार। सभी आरोपियों पर धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज। एसपी डॉ. मीना ने जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
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- नरसिंहपुर जिले से 25 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत सरसला में स्थित मां बंजारी का मंदिर भक्तों के लिए एक आस्था का स्रोत बना जहां पर हजारों की ताकत में पंचमी के दिन भक्तजन उपस्थित रहते हैं और झंडे एव भंडारा करके मां बंजारी का आशीर्वाद1
- Post by Namita Malviya3
- लोकेशन नरसिहपुर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में धरना, लंबित शिकायतों के निराकरण की मांग नरसिंहपुर। जिले में जनहित से जुड़ी शिकायतों और आवेदनों के निराकरण में हो रही देरी के खिलाफ नागरिकों ने अब आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। जिला प्रशासन के उदासीन रवैये के विरोध में आज जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और शिकायतकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। धरना स्थल पर लगे बैनर के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि यह प्रदर्शन जिला प्रशासन द्वारा जनहित की शिकायतों पर कोई ठोस कदम न उठाने के विरोध में है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शासकीय नियमों के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण जैसे गंभीर मुद्दों पर साक्ष्य सहित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक उन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई है लंबित आवेदनों का निराकरण जिले के विभिन्न विभागों में लंबित जनहितकारी आवेदनों पर तुरंत निर्णय लिया जाए। मनरेगा, ग्राम पंचायतों और नगर नियोजन में हो रही अनियमितताओं पर जवाबदेही तय की जाए। प्रदर्शनकारियों ने आह्वान किया है कि जिला स्तर पर सुनवाई न होने की स्थिति में इस आवाज को मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार तक पहुँचाया जाएगा। नागरिकों से जुड़ने की अपील धरने के दौरान जिले के समस्त नागरिकों को आमंत्रित किया गया है कि वे भी अपनी लंबित शिकायतों के निराकरण हेतु इस आंदोलन में सहयोग करें। धरने में शामिल लोगों का मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही प्रशासन को जनहित के कार्यों के लिए उत्तरदायी बनाया जा सकता है।2
- जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में धरना, लंबित शिकायतों के निराकरण की मांग नरसिंहपुर। जिले में जनहित से जुड़ी शिकायतों और आवेदनों के निराकरण में हो रही देरी के खिलाफ नागरिकों ने अब आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। जिला प्रशासन के उदासीन रवैये के विरोध में आज जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और शिकायतकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। धरना स्थल पर लगे बैनर के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि यह प्रदर्शन जिला प्रशासन द्वारा जनहित की शिकायतों पर कोई ठोस कदम न उठाने के विरोध में है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शासकीय नियमों के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण जैसे गंभीर मुद्दों पर साक्ष्य सहित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक उन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई है जिले के विभिन्न विभागों में लंबित जनहितकारी आवेदनों पर तुरंत निर्णय लिया जाए।1
- जिला प्रशासन द्वारा जनहित की शिकायतों एवं आवेदनों का निराकरण नहीं करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों का कोतवाली थाने के सामने धरना प्रदर्शन चल रहा हैं। वही आज रविवार धरना प्रदर्शन के सातवे दिन नरसिंहपुर एसडीएम धरना स्थल पहुंचे और धरना समाप्त करने की बात कही वहीं प्रदर्शनकारियों ने दो टूक एसडीएम साहब को जवाब देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने कलेक्टर को लिखित में आवेदन दिया था वैसे ही उन्हें लिखित में कार्यवाही का आश्वासन दिया जाए तब जाकर वह धरना समाप्त करेंगे वहीं प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम से जवाब न मिलने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी।1
- एप्रोच रोड के बिना बनी पुलिया बनी मुसीबत पुलिया की ऊंचाई से रास्ता बंद साईंखेड़ा (वार्ड क्रमांक 10) में लगभग दो महीने पूर्व निर्मित पुलिया अब लोगों के लिए सुविधा नहीं बल्कि परेशानी का कारण बन गई है। पुलिया का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसके दोनों ओर एप्रोच रोड (जुड़ाव मार्ग) नहीं बनाई गई। परिणामस्वरूप पुलिया जमीन से लगभग एक से डेढ़ फीट ऊंची स्थिति में बनी हुई है, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग तथा दोपहिया वाहन गुजरते थे, लेकिन वर्तमान स्थिति में आवागमन लगभग ठप हो गया है। लोगों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल एप्रोच रोड बनाकर पुलिया को उपयोग योग्य बनाने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।3
- नरसिंहपुर: शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,उठाई मांग नरसिंहपुर। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर शिक्षक संयुक्त मोर्चा जिला-नरसिंहपुर ने हुंकार भरी है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने नरसिहपुर कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अन्य अस्थाई कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है T.E.T. परीक्षा पर रिव्यू पिटीशन शिक्षकों के पक्ष को मजबूती से रखने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से टी.ई.टी. परीक्षा के मामले में तत्काल रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर करने की मांग की गई है। राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग के लोक सेवकों की पुरानी मांग को दोहराते हुए, उन्हें उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान करने का आग्रह किया गया है। विद्यालयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अतिथि शिक्षकों, वोकेशनल शिक्षकों, ITC इंस्ट्रक्टरों, करियर व मेंटल काउंसलरों, प्री-प्राइमरी सहायिकाओं और आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों को विभाग में नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। अस्थाई कर्मचारियों में भारी रोष ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले ये कर्मचारी वर्षों से अल्प मानदेय और अनिश्चित भविष्य के बीच कार्य कर रहे हैं। नियमितीकरण न होने से इन कर्मचारियों में असुरक्षा का भाव है, जिसका असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। आगामी रणनीति शिक्षक संयुक्त मोर्चा का कहना है कि यदि सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती है, तो आने वाले समय में जिले के समस्त शिक्षक और अस्थाई कर्मी अपनी आवाज को और बुलंद करेंगे। 1 बाइट शिक्षक संयुक्त मोर्चा जिला नरसिंहपुर 2 बाइट नायब तहसीलदार नरसिंहपुर 3 बाइट शिक्षका प्राइमरी स्कूल पुलिस लाइन नरसिंहपुर3