नंदा गौरा योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा, आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ जिले में करीब 200 अपात्र लाभार्थियों को बांट दिए एक करोड़ रुपये से अधिक कैग की रिपोर्ट में सामने आई अनियमितता, दो वर्षों के दस्तावेजों की जांच में खुलासा हरिद्वार (सुमित सैनी)। नंदा गौरा योजना में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय पड़ताल और कैग की रिपोर्ट में योजना के तहत लाभ लेने वाले करीब 200 लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ कर परिवार की वास्तविक आय कम दर्शाई गई और अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, योजना की पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय 72 हजार रुपये यानी छह हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं होनी चाहिए अथवा परिवार बीपीएल श्रेणी में होना आवश्यक है। जांच के दौरान ऐसे मामलों का पता चला, जिनमें कथित तौर पर आय प्रमाण पत्रों में हेरफेर कर आय कम दर्शाई गई थी। जांच में सामने आए करीब 200 लाभार्थियों को 57-57 हजार रुपये की दर से सहायता राशि का भुगतान किया गया। इस हिसाब से वितरित राशि एक करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। कैग की रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद संबंधित विभाग को मामले की विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन को भेजी गई पूरी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी अविनाश भदौरिया ने बताया कि शासन की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी। प्रथम दृष्टया जांच में आय प्रमाण पत्रों में आय को लेकर छेड़छाड़ की बात सामने आई है। विभाग की ओर से पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से आगे जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा। मामले के सामने आने के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि आय प्रमाण पत्रों में कथित तौर पर किस स्तर पर अनियमितता हुई और योजना की सहायता राशि किन प्रक्रियाओं के तहत अपात्र लाभार्थियों तक पहुंची। शासन के निर्देशों के बाद जांच और कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नंदा गौरा योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा, आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ जिले में करीब 200 अपात्र लाभार्थियों को बांट दिए एक करोड़ रुपये से अधिक कैग की रिपोर्ट में सामने आई अनियमितता, दो वर्षों के दस्तावेजों की जांच में खुलासा हरिद्वार (सुमित सैनी)। नंदा गौरा योजना में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय पड़ताल और कैग की रिपोर्ट में योजना के तहत लाभ लेने वाले करीब 200 लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ कर परिवार की वास्तविक आय कम दर्शाई गई और अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, योजना की पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय 72 हजार रुपये यानी छह हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं होनी चाहिए अथवा परिवार बीपीएल श्रेणी में होना आवश्यक है। जांच के दौरान ऐसे मामलों का पता चला, जिनमें कथित तौर पर आय प्रमाण पत्रों में हेरफेर कर आय कम दर्शाई गई थी। जांच में सामने आए करीब 200 लाभार्थियों को 57-57 हजार रुपये की दर से सहायता राशि का भुगतान किया गया। इस हिसाब से वितरित राशि एक करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। कैग की रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद संबंधित विभाग को मामले की विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन को भेजी गई पूरी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी अविनाश भदौरिया ने बताया कि शासन की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी। प्रथम दृष्टया जांच में आय प्रमाण पत्रों में आय को लेकर छेड़छाड़ की बात सामने आई है। विभाग की ओर से पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से आगे जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा। मामले के सामने आने के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि आय प्रमाण पत्रों में कथित तौर पर किस स्तर पर अनियमितता हुई और योजना की सहायता राशि किन प्रक्रियाओं के तहत अपात्र लाभार्थियों तक पहुंची। शासन के निर्देशों के बाद जांच और कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
- टिबड़ी में नशे में दो युवकों का हाईवोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने किया गिरफ्तार टिबड़ी में नशे में दो युवकों का हाईवोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने किया गिरफ्तार1
- ऋषिकेश में पीएम मोदी के जन्मदिवस पर डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने किया पौधारोपण ऋषिकेश में पीएम मोदी के जन्मदिवस पर डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने किया पौधारोपण1
- लोकेशन लक्सर से है (पत्रकार राजेश लाम्बा) लक्सर क्षेत्र के गांव मुंडाखेड़ा कला गन्ना विभाग उत्तराखंड सरकार द्वारा मुंडाखेड़ा कला गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में क्षेत्र के किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान किसानों को गन्ने की खेती फसल उत्पादन बढ़ाने आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विभागीय योजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।किसानों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई इस अवसर पर राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने किसान भाइयों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए और कृषि को मजबूत बनाने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना जरूरी है।किसान गोष्ठी के माध्यम से किसानों को गन्ने की खेती से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई और विभागीय अधिकारियों ने किसानों के सवालों का जवाब दिया।गन्ना विभाग उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित इस किसान गोष्ठी में क्षेत्र के सभी किसान भाइयों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।1
- दुनिया में सबसे बड़ा वीर कौन है एक नाटक कंपनी के माध्यम से हमें मिली जानकारी जीवन किसे कहते हैं जानिए आप लोग बताइए कमेंट में कि आपने इस वीडियो में क्या खास देखा और क्या लगा आपको1
- देहरादून में 4 जन सेवा केंद्र सील, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देहरादून में जन सेवा केंद्रों (CSC) के खिलाफ जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर 4 जन सेवा केंद्रों को मौके पर ही सील कर दिया गया। इसके अलावा कुछ केंद्रों से CPU और लैपटॉप भी प्रशासन ने अभिरक्षा में लिए हैं। एक केंद्र की CSC ID निरस्त करने की संस्तुति भी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि आमजन को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले केंद्रों पर लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। 📍 देहरादून | 📅 17 सितंबर 20261
- जनपद बिजनौर-गंगा में तैरती मिली दो अज्ञात शव महिला व पुरुष की मिली बॉडी। पुलिस की टीम ने गंगा से निकाली डेड बॉडी। पुलिस शवों की शिनाख्त में जुटी। थाना कोतवाली शहर बिजनौर के गंज गंगा नदी का मामला।1
- शेरगढ़ में गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत।।।।।।।। शेरगढ़ में गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत जूनियर हाईस्कूल के पास रात में दो बार सीसीटीवी में कैद हुई गुलदार की गतिविधि शेरगढ़/डोईवाला। डोईवाला ब्लॉक की ग्राम पंचायत माजरी ग्रांट के वार्ड नंबर छह शेरगढ़ में गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जूनियर हाईस्कूल के पास रात के समय गुलदार की गतिविधि दो बार सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। गुलदार के आबादी क्षेत्र के आसपास लगातार दिखाई देने से स्थानीय लोगों में भय बना हुआ है। ग्राम प्रधान निशा देवी और सामाजिक कार्यकर्ता मंगल सिंह के साथ ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी क्षेत्र के आसपास गुलदार की मौजूदगी से लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्राम प्रधान निशा देवी ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय और आवागमन के दौरान विशेष सावधानी बरतें तथा अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें।1
- घर से लापता नाबालिग अमृतसर से सकुशल बरामद, पुलिस ने परिजनों को सौंपा घर से लापता नाबालिग अमृतसर से सकुशल बरामद, पुलिस ने परिजनों को सौंपा1
- जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस.janswar news Arunabh Raturi राजा वाला में जनसंपर्क के दौरान डॉ. हरक सिंह रावत ने सुनीं क्षेत्रवासियों की समस्याएं सहसपुर। सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के राजा वाला में जनसंपर्क अभियान के दौरान कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जानकारी ली। जनसंपर्क के दौरान स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को प्रमुखता से उठाया। लोगों ने कहा कि पेयजल संकट के स्थायी समाधान की आवश्यकता है। इसके साथ ही महिला सुरक्षा, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन सहित अन्य स्थानीय समस्याओं और जनहित के विषयों पर भी क्षेत्रवासियों ने अपनी चिंताएं साझा कीं। डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान कांग्रेस को जनता का समर्थन मिल रहा है। डॉ. रावत ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के व्यापक जनसमर्थन के साथ प्रदेश में सरकार बनाने का विश्वास भी व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस जन, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।4