गाजीपुर के करिमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गंधपा से शुभम कुशवाहा नाम का एक बच्चा शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे से लापता है। बताया जा रहा है कि शुभम अपनी नानी के घर रह रहा था। परिजनों द्वारा उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। घटना की सूचना करिमुद्दीनपुर थाना पुलिस को दे दी गई है और पुलिस द्वारा बच्चे की खोजबीन की जा रही है, लेकिन अब तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इस बीच हाजिरपुर-बरेसर के ग्राम प्रधान हरेंद्र विश्वकर्मा ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को शुभम कुशवाहा कहीं दिखाई दे या उसके बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो कृपया तुरंत मोबाइल नंबर 9919625699 या 8932891896 पर संपर्क करें। उन्होंने इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करने का भी अनुरोध किया है ताकि बच्चे को जल्द से जल्द उसके परिवार से मिलाया जा सके।
गाजीपुर के करिमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गंधपा से शुभम कुशवाहा नाम का एक बच्चा शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे से लापता है। बताया जा रहा है कि शुभम अपनी नानी के घर रह रहा था। परिजनों द्वारा उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। घटना की सूचना करिमुद्दीनपुर थाना पुलिस को दे दी गई है और पुलिस द्वारा बच्चे की खोजबीन की जा रही है, लेकिन अब तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इस बीच हाजिरपुर-बरेसर के ग्राम प्रधान हरेंद्र विश्वकर्मा ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को शुभम कुशवाहा कहीं दिखाई दे या उसके बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो कृपया तुरंत मोबाइल नंबर 9919625699 या 8932891896 पर संपर्क करें। उन्होंने इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करने का भी अनुरोध किया है ताकि बच्चे को जल्द से जल्द उसके परिवार से मिलाया जा सके।
- उत्तर प्रदेश के बलिया में एक कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब सूबे के मंत्री संजय निषाद सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे और तभी अचानक बिजली चली गई। बिजली गुल होते ही मंच और पूरे कार्यक्रम स्थल पर अंधेरा छा गया, जिसके बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कार्यक्रम को जारी रखने का प्रयास किया। इस विपरीत परिस्थिति में भी मंत्री संजय निषाद बिना रुके मुस्कुराते हुए मोबाइल की रोशनी में ही अपना संबोधन देते दिखाई दिए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। विपक्ष इस वीडियो को साझा कर सरकार की बिजली व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों का तर्क है कि बिजली जाना महज एक तकनीकी समस्या हो सकती है और इस एक घटना से पूरी व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह घटना सिर्फ एक संयोग थी या फिर सरकार के दावों की पोल खोलती एक हकीकत।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सकलडीहा क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर के समीप शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां खेत से पशुओं का चारा लेकर आ रहा एक किसान हाईवोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। पीड़ित किसान खेत में कृषि कार्य निपटाकर लौट रहा था, तभी वहां से गुजर रहा लटकता हुआ बिजली का तार अचानक उसकी चपेट में आ गया। तेज करंट की वजह से किसान मौके पर ही बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद झुलसे हुए किसान को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार बेहद जर्जर हैं और नीचे लटके हुए हैं। इस संबंध में कई बार स्थानीय बिजली उपकेंद्र और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के कारण आज एक गरीब किसान जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों और खराब खंभों को तुरंत बदला जाए। उन्होंने मुख्य रूप से खेतों के ऊपर से गुजर रहे ढीले तारों को ऊंचा करने, पुराने व सड़ चुके खंभों को बदलने और पीड़ित किसान के इलाज का पूरा खर्च तथा उचित मुआवजा बिजली विभाग द्वारा दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर जल्द ही विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।1
- मुगलसराय में सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता मुसाफिर सिंह चौहान ने आगामी चुनावों को लेकर बिगुल फूंक दिया है, जिसके साथ ही यूपी की सत्ता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मुसाफिर सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और जनता द्वारा बदलाव की इच्छा जताने का कारण स्पष्ट किया है। उन्होंने आगामी 2027 के चुनावों को लेकर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने का बड़ा दावा भी पेश किया है।1
- Uttar Pradesh Mau doharighat Thana Uttar Pradesh gram Chauhan1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया है। मंच से एक मफ़लर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 25-30 साल पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें कोई नहीं जानता था, तब उन्हें न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था। इस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार मिले थे, जिनमें से एक खास मफ़लर उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि वे आज भी इस मफ़लर का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे वे उनके प्यार का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे एक बिजली के खम्बे में करंट आने से तीन बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पीड़ित बकरी स्वामी और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को मामले की सूचना दी, लेकिन गंभीर लापरवाही दिखाते हुए विभाग ने सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद जाकर बिजली की लाइन काटी। बकरी स्वामी इरसाद का साफ कहना है कि यह घटना पूरी तरह से बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने इस खंभे में करंट आने की शिकायत पहले भी कई बार बिजली विभाग से की थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह आम जनता के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने गुस्से में सवाल उठाया कि आज तो तीन बेजुबान जानवरों की जान गई है, लेकिन अगर इनकी जगह कोई इंसान होता तो इस मौत का जिम्मेदार कौन होता? गुस्साए लोगों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक इस बिजली के पोल को रास्ते से नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे मृत जानवरों को भी वहां से नहीं हटने देंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में अक्सर यहां बिजली के खंभों में करंट उतर आता है, लेकिन विभाग इसे नजरअंदाज करता है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।3