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मैहर में हुई पहली बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 14 में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जैसा कि श्रीयांश सोनी प्रखर प्रवक्ता न्यूज़ मैहर द्वारा रिपोर्ट किया गया है। गलियों में नाले का गंदा पानी भर जाने से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण ऐसी स्थिति हर बारिश में बनती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी प्रणाली में सुधार कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि आने वाले बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिल सके और राहगीरों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।

1 hr ago
user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मैहर में हुई पहली बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 14 में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जैसा कि श्रीयांश सोनी प्रखर प्रवक्ता न्यूज़ मैहर द्वारा रिपोर्ट किया गया है। गलियों में नाले का गंदा पानी भर जाने से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण ऐसी स्थिति हर बारिश में बनती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी प्रणाली में सुधार कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि आने वाले बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिल सके और राहगीरों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।

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  • सतना में हुई चंद घंटों की बारिश ने नगर निगम के स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 5 के मुख्तियार गंज क्षेत्र में लोगों के घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी घुस गया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी लोगों के किचन और कमरों तक पहुँच गया है, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वार्ड वासियों का कहना है कि पूरे शहर में नाले और नालियों की सफाई के नाम पर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। स्मार्ट सिटी के इस वार्ड में पानी का घरों में घुसना, निगम की सफाई व्यवस्था की बदहाली और उसके दावों की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठाता है।
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    सतना में हुई चंद घंटों की बारिश ने नगर निगम के स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 5 के मुख्तियार गंज क्षेत्र में लोगों के घरों में करीब डेढ़ फीट तक पानी घुस गया है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का पानी लोगों के किचन और कमरों तक पहुँच गया है, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

वार्ड वासियों का कहना है कि पूरे शहर में नाले और नालियों की सफाई के नाम पर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है। स्मार्ट सिटी के इस वार्ड में पानी का घरों में घुसना, निगम की सफाई व्यवस्था की बदहाली और उसके दावों की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठाता है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। शहर की कई सड़कें थोड़ी सी बारिश में ही पानी से लबालब होकर 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' जैसी दिखने लगी हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्थिति बदहाल है और शहर के अधिकांश वार्डों में कई जगहों पर सड़कें इसी तरह 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' में बदल गई हैं। इस जलभराव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालात और भी बदतर हैं। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का लाभ आखिर कब मिलेगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस जलभराव की समस्या का स्थायी हल निकालें, ताकि सतना की सड़कें, सड़कें ही रहें और 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' न बनें।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। शहर की कई सड़कें थोड़ी सी बारिश में ही पानी से लबालब होकर 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' जैसी दिखने लगी हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, स्थिति बदहाल है और शहर के अधिकांश वार्डों में कई जगहों पर सड़कें इसी तरह 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' में बदल गई हैं।

इस जलभराव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालात और भी बदतर हैं। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का लाभ आखिर कब मिलेगा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या के स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस जलभराव की समस्या का स्थायी हल निकालें, ताकि सतना की सड़कें, सड़कें ही रहें और 'स्मार्ट स्विमिंग पूल' न बनें।
    user_Ravendra Uramaliya Media satna
    Ravendra Uramaliya Media satna
    Local News Reporter रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने सरकार से मांग की है कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक वर्ग से हटाया जाए। पार्टी का तर्क है कि देश में ब्राह्मण अब अल्पसंख्यक हो गए हैं, और इसी कारण ब्राह्मणों तथा ठाकुरों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाना चाहिए।
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    भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने सरकार से मांग की है कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक वर्ग से हटाया जाए। पार्टी का तर्क है कि देश में ब्राह्मण अब अल्पसंख्यक हो गए हैं, और इसी कारण ब्राह्मणों तथा ठाकुरों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाना चाहिए।
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • चित्रकूट के रामघाट से रोहित गुप्ता ने अपने घर के पास सड़क की खराब हालत को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि सड़क में बहुत गहरे गड्ढे हैं, जिसके कारण वहां से गुजरने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गुप्ता ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की अपील की है।
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    चित्रकूट के रामघाट से रोहित गुप्ता ने अपने घर के पास सड़क की खराब हालत को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि सड़क में बहुत गहरे गड्ढे हैं, जिसके कारण वहां से गुजरने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गुप्ता ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की अपील की है।
    user_Rohit Gupta
    Rohit Gupta
    करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बिरसिंहपुर स्थित गैवीनाथ धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद, वहाँ की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति एक ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें मौके की वास्तविक स्थिति और लोगों की राय जानने का प्रयास किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, धाम में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपना कार्य करने के लिए पर्याप्त सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसी वजह से, गैवीनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को भी आने-जाने में, भीड़ को नियंत्रित करने में, और अन्य सभी तरह की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रकाश पाठक द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में इन गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है, और दर्शकों से इस पूरी स्थिति पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह भी किया गया है।
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    बिरसिंहपुर स्थित गैवीनाथ धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद, वहाँ की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति एक ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है, जिसमें मौके की वास्तविक स्थिति और लोगों की राय जानने का प्रयास किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, धाम में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपना कार्य करने के लिए पर्याप्त सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसी वजह से, गैवीनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को भी आने-जाने में, भीड़ को नियंत्रित करने में, और अन्य सभी तरह की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रकाश पाठक द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में इन गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है, और दर्शकों से इस पूरी स्थिति पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह भी किया गया है।
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • चित्रकूट जिले की कर्वी तहसील के अंतर्गत आने वाले कोलाउंहा गांव में भीषण गंदगी जमा हो गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव के निवासी गंदे नाले और नालियों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस स्थिति के लिए गांव के प्रधान, सचिव और उनके सफ़ाई कर्मचारी जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे गांव सुधार के लिए किसी भी प्रकार से कार्यरत नहीं हैं। लोगों का कहना है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव में साफ़-सफ़ाई की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। गांववालों ने कलेक्टर और उनकी टीम से इस गंभीर मुद्दे पर गौर करने और आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है, ताकि कोलाउंहा गांव को गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।
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    चित्रकूट जिले की कर्वी तहसील के अंतर्गत आने वाले कोलाउंहा गांव में भीषण गंदगी जमा हो गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव के निवासी गंदे नाले और नालियों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

ग्रामवासियों के अनुसार, इस स्थिति के लिए गांव के प्रधान, सचिव और उनके सफ़ाई कर्मचारी जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे गांव सुधार के लिए किसी भी प्रकार से कार्यरत नहीं हैं। लोगों का कहना है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव में साफ़-सफ़ाई की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।

गांववालों ने कलेक्टर और उनकी टीम से इस गंभीर मुद्दे पर गौर करने और आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है, ताकि कोलाउंहा गांव को गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।
    user_Anandraj pandey
    Anandraj pandey
    Karwi, Chitrakoot•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) योजना के तहत, चित्रकूट सोनेपुर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके प्रभारी डॉक्टर पवन सिंह ने शनिवार दोपहर 12:00 बजे मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में यह केंद्र खुला हुआ है, जहाँ गंभीर रूप से कमजोर अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसमें भर्ती बच्चे के साथ उसकी माँ और एक अटेंडेंट को भी निःशुल्क इलाज और भोजन प्रदान किया जाता है। डॉक्टर पवन सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 45 बच्चों को केंद्र में भर्ती किया जा चुका है और यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है, खासकर गर्मियों के कारण इसमें और वृद्धि होती है। पोषण पुनर्वास केंद्र में 28 दिन से लेकर 5 वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।
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    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) योजना के तहत, चित्रकूट सोनेपुर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके प्रभारी डॉक्टर पवन सिंह ने शनिवार दोपहर 12:00 बजे मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में यह केंद्र खुला हुआ है, जहाँ गंभीर रूप से कमजोर अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है।

यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसमें भर्ती बच्चे के साथ उसकी माँ और एक अटेंडेंट को भी निःशुल्क इलाज और भोजन प्रदान किया जाता है। डॉक्टर पवन सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 45 बच्चों को केंद्र में भर्ती किया जा चुका है और यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है, खासकर गर्मियों के कारण इसमें और वृद्धि होती है। पोषण पुनर्वास केंद्र में 28 दिन से लेकर 5 वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।
    user_दिनेश सिंह कुशवाहा
    दिनेश सिंह कुशवाहा
    Classified ads newspaper publisher करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सतना जिले के जैतवारा क्षेत्र में हुई अचानक तेज़ बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। बेमौसम बरसात के कारण जैतवारा के कोनिया में बने ओपन खरीदी केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा हज़ारों क्विंटल गेहूं पूरी तरह भीग गया। प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही के तहत, किसानों की कड़ी मेहनत से उपजा यह गेहूं बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के खुले में पड़ा रहा। मौके पर तिरपाल या अन्य सुरक्षा साधनों का स्पष्ट अभाव नज़र आया, जिससे किसानों की उपज बारिश में भीगती रही। खरीदी केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम न होने के कारण अब किसानों को भारी नुकसान की चिंता सता रही है। गेहूं के भीगने से उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों और किसानों ने इस घोर लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है और तत्काल प्रभाव से उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    सतना जिले के जैतवारा क्षेत्र में हुई अचानक तेज़ बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। बेमौसम बरसात के कारण जैतवारा के कोनिया में बने ओपन खरीदी केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा हज़ारों क्विंटल गेहूं पूरी तरह भीग गया। प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही के तहत, किसानों की कड़ी मेहनत से उपजा यह गेहूं बिना किसी पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के खुले में पड़ा रहा। मौके पर तिरपाल या अन्य सुरक्षा साधनों का स्पष्ट अभाव नज़र आया, जिससे किसानों की उपज बारिश में भीगती रही।

खरीदी केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम न होने के कारण अब किसानों को भारी नुकसान की चिंता सता रही है। गेहूं के भीगने से उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों और किसानों ने इस घोर लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है और तत्काल प्रभाव से उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
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