देश में 1996 के बाद जन्मे युवा शायद ही हाजी मस्तान को जानते हों, लेकिन मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड में दाऊद इब्राहिम से पहले हाजी मस्तान का एक अलग ही मुकाम था। आज अचानक उनके पुराने इंटरव्यू, वीडियो और किस्से सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह शख्स कौन था जो खुद के सामने दाऊद को भी बच्चा बताता था। हाजी मस्तान का असली नाम मस्तान मिर्जा था। वह तमिलनाडु से मुंबई आए थे और शुरुआत में बेहद साधारण जीवन जीते थे, मजदूरी से काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने बंदरगाहों और समुद्री रास्तों से होने वाली तस्करी की दुनिया में कदम रखा। उस दौर में भारत में विदेशी सामान, सोना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर भारी पाबंदियां और टैक्स थे, जिसका फायदा उठाते हुए तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हुआ और हाजी मस्तान उसका एक प्रमुख चेहरा बन गए। मुंबई में उनका इतना प्रभाव था कि बड़े कारोबारी, फिल्मी हस्तियां और नेता भी उनके नाम से परिचित थे। सफेद कपड़े पहनना, महंगी गाड़ियां रखना और फिल्मी दुनिया से नजदीकी उनकी खास पहचान थी। कहा जाता है कि वह बाकी गैंगस्टरों की तरह खुलेआम हिंसा से बचते थे और खुद को एक बिजनेसमैन के तौर पर पेश करते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इंटरव्यू में हाजी मस्तान का आत्मविश्वास लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है, खासकर जब वह कहते हैं कि उनके ज़माने में दाऊद इब्राहिम नया था। यही वजह है कि लोग मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड की तुलना आज के दौर से करने लगे हैं। हालांकि इतिहास बताता है कि बाद में दाऊद इब्राहिम का नेटवर्क भारत से बाहर अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत तक फैल गया, लेकिन मुंबई के शुरुआती दौर में हाजी मस्तान को उन पहले डॉन में गिना जाता है जिन्होंने अंडरवर्ल्ड को एक नई पहचान दी। आज इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो पर उनके इंटरव्यू इसलिए वायरल हो रहे हैं क्योंकि लोगों को पुराने मुंबई, पुराने डॉन और उस दौर की कहानियों में काफी दिलचस्पी है, साथ ही उनके बोलने का अंदाज और आत्मविश्वास भी उन्हें अनूठा लगता है। हाजी मस्तान की मौत 25 जून 1994 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, लेकिन उनका नाम आज भी मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में सबसे चर्चित चेहरों में शुमार है।
देश में 1996 के बाद जन्मे युवा शायद ही हाजी मस्तान को जानते हों, लेकिन मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड में दाऊद इब्राहिम से पहले हाजी मस्तान का एक अलग ही मुकाम था। आज अचानक उनके पुराने इंटरव्यू, वीडियो और किस्से सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह शख्स कौन था जो खुद के सामने दाऊद को भी बच्चा बताता था। हाजी मस्तान का असली नाम मस्तान मिर्जा था। वह तमिलनाडु से मुंबई आए थे और शुरुआत में बेहद साधारण जीवन जीते थे, मजदूरी से काम शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने बंदरगाहों और समुद्री रास्तों से होने वाली तस्करी की दुनिया में कदम रखा। उस दौर में भारत में विदेशी सामान, सोना और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर भारी पाबंदियां और टैक्स थे, जिसका फायदा उठाते हुए तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हुआ और हाजी मस्तान उसका एक प्रमुख चेहरा बन गए। मुंबई में उनका इतना प्रभाव था कि बड़े कारोबारी, फिल्मी हस्तियां और नेता भी उनके नाम से परिचित थे। सफेद कपड़े पहनना, महंगी गाड़ियां रखना और फिल्मी दुनिया से नजदीकी उनकी खास पहचान थी। कहा जाता है कि वह बाकी गैंगस्टरों की तरह खुलेआम हिंसा से बचते थे और खुद को एक बिजनेसमैन के तौर पर पेश करते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इंटरव्यू में हाजी मस्तान का आत्मविश्वास लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है, खासकर जब वह कहते हैं कि उनके ज़माने में दाऊद इब्राहिम नया था। यही वजह है कि लोग मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड की तुलना आज के दौर से करने लगे हैं। हालांकि इतिहास बताता है कि बाद में दाऊद इब्राहिम का नेटवर्क भारत से बाहर अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत तक फैल गया, लेकिन मुंबई के शुरुआती दौर में हाजी मस्तान को उन पहले डॉन में गिना जाता है जिन्होंने अंडरवर्ल्ड को एक नई पहचान दी। आज इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो पर उनके इंटरव्यू इसलिए वायरल हो रहे हैं क्योंकि लोगों को पुराने मुंबई, पुराने डॉन और उस दौर की कहानियों में काफी दिलचस्पी है, साथ ही उनके बोलने का अंदाज और आत्मविश्वास भी उन्हें अनूठा लगता है। हाजी मस्तान की मौत 25 जून 1994 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, लेकिन उनका नाम आज भी मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास में सबसे चर्चित चेहरों में शुमार है।
- बीकानेर जिले के नूरसर में स्थित अवाडा ग्रुप द्वारा संचालित 1246 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का राज्य के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार, 25 मई को अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी अधिकारियों के साथ राजस्थान में सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे निवेश तथा भविष्य की परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने प्लांट परिसर में स्थापित रोबोटिक तकनीक से सोलर पैनलों की सफाई व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया। अवाडा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी श्री रवि वर्मा ने उन्हें बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक से पानी की बचत होती है और सोलर पैनलों का रख-रखाव अधिक प्रभावी व व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाता है। श्री वर्मा ने यह भी जानकारी दी कि अवाडा समूह ने ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम के तहत राज्य में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश हेतु एक एमओयू किया है। इसी क्रम में कंपनी बीकानेर के करणीसर क्षेत्र में सौर ऊर्जा एवं 2500 मेगावाट क्षमता के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) आधारित परियोजना स्थापित कर रही है। इसके अतिरिक्त, कंपनी बाड़मेर जिले में भी 300 मेगावाट क्षमता का एक सोलर प्लांट विकसित कर रही है। अवलोकन से पूर्व, अवाडा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिकारी श्री रवि वर्मा, श्री राजेश द्विवेदी, श्री मनोज कुमार, श्री शैलेंद्र शर्मा एवं श्री ऋतुराज तिवारी ने मुख्य सचिव का स्वागत किया और उन्हें परियोजना से संबंधित विभिन्न तकनीकी व संचालन संबंधी जानकारियां साझा कीं। इस निरीक्षण के दौरान जलदाय विभाग के प्रमुख सचिव एवं जिला प्रभारी सचिव श्री हेमंत गेरा, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, एसडीएम बीकानेर सुश्री महिमा कसाना और वाणिज्य कर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त श्री कांति जसोल सहित अवाडा ग्रुप के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- नागौर पुलिस ने कस्बा नागौर के मूण्डवा तिराहे पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाकर दहशत फैलाने के मामले में प्रभावी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो कैम्पर को जब्त कर लिया है। यह घटना दिनांक 22 मई 2026 को मूण्डवा तिराहा के पास आपसी रंजिश के चलते हुई थी, जहाँ आरोपी ने अपनी बोलेरो पिकअप गाड़ी को तेज गति और लापरवाही से चलाकर प्रार्थी के वाहन को नुकसान पहुँचाया और क्षेत्र में दहशत फैलाई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। इस प्रकरण में इससे पहले अनिल ईनाणियां को गिरफ्तार किया जा चुका है।1
- बंगाल में चुनाव के समय एक "अंधभक्तीन" ने "दीदी" पर भरोसा न होने की बात कहते हुए बीजेपी पर अपना विश्वास जताया था। चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद जब बुलडोजर चलाए गए, तो उसका घर भी इसकी चपेट में आ गया। अब वह कह रही है कि बीजेपी को नहीं जिताना चाहिए था।1
- रायसिंहनगर के बाजार में एक वयोवृद्ध सारंगी वादक, पूर्ण राम सूडिया (भील), अपनी कला से लोगों को संगीत के प्रति आकर्षित करते हुए भी बेबसी महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके कलाकार के किरदार की कद्र नहीं होती है। हनुमानगढ़ के नायक समाज से संबंध रखने वाले पूर्ण राम सूडिया, जिन्हें एक जाने-माने सारंगी वादक के रूप में पहचाना जाता है, इन दिनों धूप में दुकान-दुकान भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने अपनी इस पीड़ा और दुख को साझा किया है।4
- एक महत्वपूर्ण चिंता यह जताई गई है कि ईरान-अमेरिका के बीच संभावित जंग और अल-नीनो के प्रभावों से आम आदमी की खाने की थाली पर कितना और कैसा असर पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि आम आदमी और किसानों को साल 2007 तक क्या कदम उठाने चाहिए।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी बात रखी है।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 और 26 मई 2026 को बीकानेर का दौरा करेंगे, जहाँ वे सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। खबरों के अनुसार, अमित शाह 25 मई की रात बीकानेर पहुँचेंगे और शहर की साफ-सफाई के बीच आज रात दस बजे तक उनके बीकानेर पहुँचने की उम्मीद है। 26 मई को, उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों में पाकिस्तान सीमा क्षेत्र की सुरक्षा समीक्षा करना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के साथ बैठक करना और सांचू बॉर्डर पोस्ट का दौरा शामिल है। इस दौरान, मुख्यमंत्री भजनलाल भी कुछ कार्यक्रमों में उनके साथ रह सकते हैं।1
- भयंकर 45°C की गर्मी के बीच, आदिवासी क्षेत्रों में माताओं और बहनों को पानी की एक घूंट के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर 45 फीट गहरे कुएं में उतरना पड़ रहा है। इस दर्दनाक स्थिति की भयावहता 'कागज़ की पाइपलाइन' और 'सूखे हुए कंठ' जैसे वाक्यांशों से उजागर होती है, जो क्षेत्र में गंभीर जल संकट की ओर इशारा करते हैं। सूत्रों से मिली इस जानकारी के अनुसार, आदिवासियों की यह हकीकत गंभीर सवाल खड़े करती है कि क्या हम 'विश्व गुरु' बनने की होड़ में आगे बढ़ रहे हैं। यह स्थिति इस तरह के सभी सपनों और दावों को धूमिल कर देती है।1
- श्री गंगानगर में 25 मई 2026 को कांग्रेस जिलाध्यक्ष और विधायक रुबी कुन्नर के आह्वान पर कांग्रेस पार्टी के जुझारू कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने राजस्थान प्रदेश भाजपा सरकार के समक्ष जनसमस्याओं को उठाया। इन गंभीर मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस पार्टी ने श्री गंगानगर डीसी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जनता से जुड़ी कई अहम मांगें रखी गईं। ज्ञापन में मुख्य रूप से गेहूं की खरीद का लक्ष्य बढ़ाने और खरीद अवधि 30 जून तक करने की मांग की गई। इसके साथ ही, नहरों में आ रहे केमिकल युक्त जहरीले पानी को तुरंत रोकने, नहरों में सिंचाई के लिए पूरा पानी उपलब्ध कराने, तथा डीजल, पैट्रोल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की अपील की गई। कांग्रेस ने मेडिकल नशे पर प्रभावी रोक लगाने और जिले की कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से सुधारने पर भी जोर दिया। इस दौरान श्री गंगानगर सांसद श्री कुलदीप इंदौरा और जिला परिषद जिला प्रमुख दुलाराम मेघवाल के नेतृत्व में कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें श्री गंगानगर के पूर्व विधायक डॉ राजकुमार गौड़, रायसिंहनगर विधायक श्री सोहन लाल नायक, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र कुमार भादू, जिला परिषद उपप्रमुख श्री सुदेश मोर, महिला कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष श्रीमती कमला बिश्नोई, रायसिंह नगर पंचायत समिति के उप प्रधान संतोष बिश्नोई, करणपुर ब्लॉक अध्यक्ष बलकरण सिंह, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री राकेश शर्मा, विकास गौड़, अनूप बजवा, जिला महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती नमिता सेठी और सेवादल के जिलाध्यक्ष मृदुल कामरा शामिल थे। बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के जिलास्तरीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। हालांकि, अनूपगढ़ विधायक श्रीमती शिमला नायक, सूरतगढ़ विधायक डूंगर राम गेद्दर, रायसिंहनगर पूर्व विधायक दौलतराज नायक, सोनादेवी बावरी, रायसिंहनगर पंचायत समिति प्रधान श्रीमती सुनीता विरेन्द्र गोदारा, रायसिंहनगर ब्लाक अध्यक्ष रमेश बंसल, कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश ठोलिया, महिला कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष गोगादेवी नायक और हंसराज नायक किसी कारणवश इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।4