मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक गाज मंदिर आज गंभीर उपेक्षा का शिकार है, जिससे उसकी पहचान धुंधली पड़ रही है और धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं। जिला मुख्यालय के लाडली लक्ष्मी पार्क में इस मंदिर का पुनर्निर्माण तो कराया गया है, लेकिन परिसर में देवी-देवताओं की आकृतियों वाले पुराने अवशेष अभी भी बिखरे पड़े हैं। इन अवशेषों के उचित संरक्षण के अभाव में लोगों की आस्था को ठेस पहुँच रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर परिसर की नियमित देखरेख न होने के कारण यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है, जहाँ प्रतिदिन शराब की खाली और टूटी बोतलें देखी जा सकती हैं। पूर्व में खुले होने के कारण यहाँ शराबियों का जमावड़ा होता था, और वर्तमान में फेसिंग के बावजूद यह सिलसिला रुका नहीं है। गाज मंदिर मूल रूप से पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के कोयलारी में स्थित था, जहाँ इसकी हालत जीर्ण-शीर्ण हो गई थी। तत्कालीन कलेक्टर नंद कुमारम की पहल पर इसके अवशेषों को जिला मुख्यालय लाया गया और एक नया मंदिर बनाया गया। हालांकि इस पुनर्निर्मित मंदिर में किसी देवी-देवता की मूर्ति स्थापित नहीं की गई है, लेकिन इसके ऐतिहासिक स्वरूप को पुनः बनाया गया है। ऐसी मान्यता है कि तत्कालीन राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण क्षेत्र को आकाशीय बिजली से बचाने के उद्देश्य से कराया था, और यह मंदिर बिजली के प्रभाव को स्वयं में समाहित कर लेता था। वर्तमान में लाडली लक्ष्मी पार्क में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन मंदिर के इतिहास और महत्व की जानकारी देने वाला कोई सूचना पटल यहाँ नहीं है। ऐसे में अधिकांश लोग इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की पृष्ठभूमि और उसके महत्व से अनभिज्ञ रह जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने मंदिर परिसर के संरक्षण, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और इसके इतिहास से संबंधित सूचना पटल स्थापित करने की मांग की है, ताकि जिले की इस धरोहर को उसकी उचित पहचान और सम्मान मिल सके। इस संबंध में, कलेक्टर हर्षल पंचोली ने आश्वासन दिया है कि गाज मंदिर परिसर में मौजूद अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के अवशेषों को कलेक्ट्रेट स्थित पुरातत्व भवन में संरक्षित किया जाएगा और इसके महत्व से संबंधित एक नोटिस बोर्ड भी मंदिर के पास लगाया जाएगा।
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक गाज मंदिर आज गंभीर उपेक्षा का शिकार है, जिससे उसकी पहचान धुंधली पड़ रही है और धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं। जिला मुख्यालय के लाडली लक्ष्मी पार्क में इस मंदिर का पुनर्निर्माण तो कराया गया है, लेकिन परिसर में देवी-देवताओं की आकृतियों वाले पुराने अवशेष अभी भी बिखरे पड़े हैं। इन अवशेषों के उचित संरक्षण के अभाव में लोगों की आस्था को ठेस पहुँच रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर परिसर की नियमित देखरेख न होने के कारण यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है, जहाँ प्रतिदिन शराब की खाली और टूटी बोतलें देखी जा सकती हैं। पूर्व में खुले होने के कारण यहाँ शराबियों का जमावड़ा होता था, और वर्तमान में फेसिंग के बावजूद यह सिलसिला रुका नहीं है। गाज मंदिर मूल रूप से पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के कोयलारी में स्थित था, जहाँ इसकी हालत जीर्ण-शीर्ण हो गई थी। तत्कालीन कलेक्टर नंद कुमारम की पहल पर इसके अवशेषों को जिला मुख्यालय लाया गया और एक नया मंदिर बनाया गया। हालांकि इस पुनर्निर्मित मंदिर में किसी देवी-देवता की मूर्ति स्थापित नहीं की गई है, लेकिन इसके ऐतिहासिक स्वरूप को पुनः बनाया गया है। ऐसी मान्यता है कि तत्कालीन राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण क्षेत्र को आकाशीय बिजली से बचाने के उद्देश्य से कराया था, और यह मंदिर बिजली के प्रभाव को स्वयं में समाहित कर लेता था। वर्तमान में लाडली लक्ष्मी पार्क में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन मंदिर के इतिहास और महत्व की जानकारी देने वाला कोई सूचना पटल यहाँ नहीं है। ऐसे में अधिकांश लोग इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की पृष्ठभूमि और उसके महत्व से अनभिज्ञ रह जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने मंदिर परिसर के संरक्षण, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और इसके इतिहास से संबंधित सूचना पटल स्थापित करने की मांग की है, ताकि जिले की इस धरोहर को उसकी उचित पहचान और सम्मान मिल सके। इस संबंध में, कलेक्टर हर्षल पंचोली ने आश्वासन दिया है कि गाज मंदिर परिसर में मौजूद अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के अवशेषों को कलेक्ट्रेट स्थित पुरातत्व भवन में संरक्षित किया जाएगा और इसके महत्व से संबंधित एक नोटिस बोर्ड भी मंदिर के पास लगाया जाएगा।
- अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।1
- नागपुर के रहने वाले करण जायसवाल नामक व्यक्ति छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले से लापता हो गए हैं। उनके दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की अपील की है, जिसमें कहा गया है कि यदि किसी को भी करण जायसवाल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे जल्द से जल्द एक दिए गए नंबर पर कॉल करके सूचित करें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेशवासियों को एक संदेश दिया है। उन्होंने योग दिवस के इस खास मौके पर राज्य के निवासियों को संबोधित करते हुए यह संदेश जारी किया।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।1
- शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना अंतर्गत पुलिस ने अवैध कोयले के बड़े भंडारण पर कार्रवाई की है। ग्राम टिहकी स्थित कोयला यार्ड, जिसे खनिज माफिया का अवैध गढ़ बताया गया है, पर पुलिस टीम ने अचानक धावा बोला। इस दौरान, पुलिस ने लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से कोयले का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर भूपेद् तिवारी (उम्र 42 वर्ष) से जब पुलिस ने इस विशाल भंडार के मालिकाना हक और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ हवा हवाई दावों के अलावा कोई कागज नहीं मिला। इसके बाद, पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक के तहत मुकदमा दायर कर पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है। थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्यवाही बताई गई है।2
- छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की बेटी की शादी संपन्न हुई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सामने आए एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है।1
- भारत भूषण तिवारी का एक लाइव एनकाउंटर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कई गोलियां चलती दिख रही हैं। वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे एक अकेले इंसान पर कई गोलियां चलाई गईं और उसे "फील्डिंग लगाकर" घेरा गया। वायरल वीडियो के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को यह ज्ञात हो जाए कि उसे पागलखाने भेजकर सच में पागल करने की साजिश रची जा रही है, तो उसके पास केवल एक ही विकल्प बचता है। ऐसे में, उस व्यक्ति ने सचमुच पागल बनने की बजाय एक क्रांतिकारी बनकर सीने में गोली लेना बेहतर समझा। इस घटना के संदर्भ में, लोगों से अपनी राय मांगी गई है कि क्या यह कदम सही था।1