साथ निभाने वालों का सम्मान करें, साथ छोड़ने वालों को जाने दें नई दिल्ली। जीवन में रिश्तों और संबंधों का अपना विशेष महत्व है। कहा जाता है कि जब तक कोई आपका साथ दे, तब तक आप भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से उसका साथ निभाइए। लेकिन जब कोई व्यक्ति स्वयं आपका साथ छोड़ दे, तो उसे जबरदस्ती रोकने के बजाय सम्मानपूर्वक अपने जीवन से विदा कर देना ही उचित है। भगवद्गीता का मूल संदेश व्यक्ति को अपने कर्तव्य, आत्मसम्मान और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जीवन में हर व्यक्ति हमेशा हमारे साथ रहे, यह आवश्यक नहीं है। कुछ लोग परिस्थितियों के कारण दूर होते हैं, तो कुछ अपने स्वार्थ के कारण। ऐसे समय में मन को दुखी करने के बजाय परिस्थितियों को स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। सच्चे रिश्ते वही होते हैं जिनमें विश्वास, सम्मान और सहयोग बना रहे। जो व्यक्ति कठिन समय में आपके साथ खड़ा रहे, उसके प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए। वहीं, जो व्यक्ति आपका साथ छोड़ चुका है, उसके पीछे अपनी शांति और आत्मसम्मान को खो देना उचित नहीं। संदेश: जीवन में किसी को जबरदस्ती अपना बनाने की कोशिश न करें। जो आपके साथ है, उसका सम्मान करें और जो दूर जाना चाहता है, उसे शांतिपूर्वक जाने दें। ईश्वर पर विश्वास रखते हुए अपने कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय
साथ निभाने वालों का सम्मान करें, साथ छोड़ने वालों को जाने दें नई दिल्ली। जीवन में रिश्तों और संबंधों का अपना विशेष महत्व है। कहा जाता है कि जब तक कोई आपका साथ दे, तब तक आप भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से उसका साथ निभाइए। लेकिन जब कोई व्यक्ति स्वयं आपका साथ छोड़ दे, तो उसे जबरदस्ती रोकने के बजाय सम्मानपूर्वक अपने जीवन से विदा कर देना ही उचित है। भगवद्गीता का मूल संदेश व्यक्ति को अपने कर्तव्य, आत्मसम्मान और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जीवन में हर व्यक्ति हमेशा हमारे साथ रहे, यह आवश्यक नहीं है। कुछ लोग परिस्थितियों के कारण दूर होते हैं, तो कुछ अपने स्वार्थ के कारण। ऐसे समय में मन को दुखी करने के बजाय परिस्थितियों को स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। सच्चे रिश्ते वही होते हैं जिनमें विश्वास, सम्मान और सहयोग बना रहे। जो व्यक्ति कठिन समय में आपके साथ खड़ा रहे, उसके प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए। वहीं, जो व्यक्ति आपका साथ छोड़ चुका है, उसके पीछे अपनी शांति और आत्मसम्मान को खो देना उचित नहीं। संदेश: जीवन में किसी को जबरदस्ती अपना बनाने की कोशिश न करें। जो आपके साथ है, उसका सम्मान करें और जो दूर जाना चाहता है, उसे शांतिपूर्वक जाने दें। ईश्वर पर विश्वास रखते हुए अपने कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय
- मातारानी के कृपा से भक्तन के जीवन में सुख-शांति के उजियारा वाराणसी। मातारानी के पावन कृपा से सभे भक्तन के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि आ खुशहाली बनल रहे, अइसन मंगल कामना श्रद्धालु लोग करत बा। माता के दरबार में भक्तजन श्रद्धा आ विश्वास के साथ माथा टेकत बाड़ें आ परिवार के सुख-समृद्धि खातिर प्रार्थना करत बाड़ें। भक्तन के मानना बा कि सच्चा मन से मातारानी के स्मरण करे से मन में सकारात्मक ऊर्जा आस्था के भाव पैदा होला। माता रानी सभे के दुख-दर्द दूर करस, परिवार में प्रेम-भाईचारा बढ़ावस आ हर घर में सुख-शांति के दीप जलावस। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन के ओर से सभे भक्तजन के हार्दिक शुभकामना आ मंगलकामना। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1
- हेड कांस्टेबल ने जेई को दी गाली, ऑडियो हुआ वायरल हेड कांस्टेबल ने जेई को दी गाली, ऑडियो हुआ वायरल हेड कांस्टेबल ने जेई को दी गाली, ऑडियो हुआ वायरल1
- मर्चा की खेती को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया नष्ट चंदौली:(नौगढ़ ब्लॉक) के अंतर्गत ग्राम पंचायत भारदुआ में वन भूमि पर लगे मर्चा की खेती को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया नष्ट (रिपोर्टर)इंद्रजीत सिंह U C P Voice News देश की आवाज1
- अवही ,हिनौता में अक़ीदत के साथ ईद मिलादुन्नबी मनाया जा रहा है।1
- फायरिंग की फर्जी सूचना देकर पूर्व प्रमुख की छवि धूमिल करने का आरोप धानापुर। थाना क्षेत्र के ओड़ौला गांव में बीती रात खेत की जुताई को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस को फायरिंग की झूठी सूचना देने का मामला सामने आया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गांव में लोगों से पूछताछ की। पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार लाल ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने फर्जी सूचना देकर पुलिस को मौके पर बुलाया और उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उक्त विवाद से उनका और उनके परिवार का कोई लेना-देना नहीं है। किराये पर ट्रैक्टर लेकर आए चालक ने उनके परिवार के ट्रैक्टर से खेत की जुताई की थी। उन्हें विवाद की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत द्वेष के चलते उन्हें जबरन विवाद में पक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना से उनका या उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है। इस संबंध में थानाध्यक्ष धानापुर ने बताया कि फायरिंग की सूचना गलत पाई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- आज गाँव खुर्दे चैनपुर में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी को बहुत ही अकीदत के साथ मनाया गया है।1
- *आदमपुर में अकीदत के साथ मनाया गया* *जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी, नातों से गूंजा शहर* *वाराणसी पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मौके पर आदमपुर थाना क्षेत्र में जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया।इस मुबारक मौके पर आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा जनता की भीड़ को देख थाने में मौजूद दर्जनों महिला पुलिस और महिला दरोगा भारी पुलिस फोर्स को सूरक्षा के दृष्टि से कज्जाकपुरा तिराहा, नन्दी तिराहा , नेशनल चौराहा, पीली कोठी क्षेत्र के रोड पर खड़े होकर जूलूस में सामील वाहनों को भीड़ से सूरक्षीत आगे निकालने में सहयोग करते नजर आ रहे हैं। जूलूस लाल खां चौहट्टा, भदऊं, पठानी टोला, कोयला बाजार, छित्तनपुरा, हनुमान फाटक, बहेलिया टोला, कोनिया, सरैया, जलालीपुरा, बड़ी बाजार, काजी सादुल्लापुरा, छोहरा समेत दर्जनों मोहल्लों के हजारों नौजवान एकजुट हुए। हाथों में इस्लामी झंडे लिए और लाउडस्पीकर पर नात-ए-पाक पढ़ते हुए सभी ने जुलूस निकाला।अकीदतमंदों का यह काफिला अपने-अपने क्षेत्रों से होते हुए जैतपुरा थाना क्षेत्र के राजापुरा मोहल्ले में पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। पूरे रास्ते "मरहबा या मुस्तफा" की सदाओं से माहौल रूहानी बना रहा। *आदमपुर में अकीदत के साथ मनाया गया* *जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी, नातों से गूंजा शहर* *वाराणसी पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश के मौके पर आदमपुर थाना क्षेत्र में जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया।इस मुबारक मौके पर आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा जनता की भीड़ को देख थाने में मौजूद दर्जनों महिला पुलिस और महिला दरोगा भारी पुलिस फोर्स को सूरक्षा के दृष्टि से कज्जाकपुरा तिराहा, नन्दी तिराहा , नेशनल चौराहा, पीली कोठी क्षेत्र के रोड पर खड़े होकर जूलूस में सामील वाहनों को भीड़ से सूरक्षीत आगे निकालने में सहयोग करते नजर आ रहे हैं। जूलूस लाल खां चौहट्टा, भदऊं, पठानी टोला, कोयला बाजार, छित्तनपुरा, हनुमान फाटक, बहेलिया टोला, कोनिया, सरैया, जलालीपुरा, बड़ी बाजार, काजी सादुल्लापुरा, छोहरा समेत दर्जनों मोहल्लों के हजारों नौजवान एकजुट हुए। हाथों में इस्लामी झंडे लिए और लाउडस्पीकर पर नात-ए-पाक पढ़ते हुए सभी ने जुलूस निकाला।अकीदतमंदों का यह काफिला अपने-अपने क्षेत्रों से होते हुए जैतपुरा थाना क्षेत्र के राजापुरा मोहल्ले में पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। पूरे रास्ते "मरहबा या मुस्तफा" की सदाओं से माहौल रूहानी बना रहा।2
- श्रावण में काशी विश्वनाथ नगरी में भोलेनाथ के भक्ति के मेला श्रावण के पावन महीना में काशी विश्वनाथ नगरी पूरा तरह से भोलेनाथ के भक्ति में डूबल नजर आवत बा। मंदिर परिसर आ आसपास के इलाका में श्रद्धालु लोग के भारी भीड़ उमड़ रहल बा। हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोष से काशी नगरी गूंज रहल बा। दूर-दूर से भक्तजन काशी विश्वनाथ महादेव के दर्शन आ पूजा-अर्चना करे खातिर पहुंच रहल बाड़ें। बरसात के बीचो श्रद्धालु लोग के आस्था में कवनो कमी नइखे देखाई देत। भक्तजन बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक आ बेलपत्र चढ़ाकर सुख-समृद्धि आ परिवार के मंगल खातिर प्रार्थना करत बाड़ें। श्रावण के ई पावन महीना काशी के आध्यात्मिक वातावरण के अउरी भक्तिमय बना देले बा। मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा आ शिव नाम के गूंज से अद्भुत माहौल बनल बा। श्रद्धालु लोग के मानना बा कि सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से मनोकामना पूरा होला आ जीवन में सुख-शांति के आगमन होला। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1