इंडियन फैडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) की राजस्थान प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 06 और 07 जून को आबू रोड में आयोजित होने जा रही है। देश के प्रथम एवं अग्रणी पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे की यह बैठक राजस्थान प्रदेश की वर्तमान पत्रकारिता, संगठनात्मक सुधार व मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। इसमें कई अहम निर्णय लिए जाएंगे, जो पत्रकारों की भूमिका को और सदृढ़ता प्रदान करेंगे। इस बैठक में प्रदेश भर के 112 आमंत्रित पत्रकार, संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारी, और जिला अध्यक्ष व महासचिव के रूप में भाग लेने पहुंच रहे हैं। प्रथम दिन का उद्घाटन सत्र गणमान्य आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति के कारण औपचारिक रहेगा। द्वितीय सत्र में पदाधिकारियों का आपसी परिचय होगा, जिसके साथ ही संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए संगठन के संविधान में संशोधन पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वर्तमान संभाग, जिला, विधानसभा व उपखंड इकाइयों के नेतृत्व को लेकर भी चिंतन-मनन किया जाएगा। बैठक के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में संगठन की भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सत्र में सभी 41 जिला अध्यक्ष/महासचिव संगठन को लेकर अपने सुझाव और जिलावार ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद, प्रदेश कार्यकारिणी के नवीन पदाधिकारियों और रिक्त पदों पर मनोनयन की घोषणा की जाएगी। समापन सत्र में विभिन्न विषयों पर क्रमवार विचार करते हुए उन्हें क्रियान्वित करने के लिए कमेटियां गठित की जाएंगी। इन विषयों में प्रदेश कार्यालय संचालन, संगठन की पाक्षिक पत्रिका का प्रकाशन व डिजिटल चैनल, सदस्यों का सामूहिक बीमा, आपात आर्थिक कोष की स्थापना, सदस्यों के बच्चों को उच्च शिक्षा में आर्थिक सहयोग, और संगठन के मांग पत्र का प्रारूप आदि शामिल हैं। आईएफडब्ल्यूजे संगठन की यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार राजस्थान प्रदेश के समस्त जिलों के प्रतिनिधि के रूप में पत्रकार इसमें उपस्थित रहेंगे।
इंडियन फैडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) की राजस्थान प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 06 और 07 जून को आबू रोड में आयोजित होने जा रही है। देश के प्रथम एवं अग्रणी पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे की यह बैठक राजस्थान प्रदेश की वर्तमान पत्रकारिता, संगठनात्मक सुधार व मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। इसमें कई अहम निर्णय लिए जाएंगे, जो पत्रकारों की भूमिका को और सदृढ़ता प्रदान करेंगे। इस बैठक में प्रदेश भर के 112 आमंत्रित पत्रकार, संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारी, और जिला अध्यक्ष व महासचिव के रूप में भाग लेने पहुंच रहे हैं। प्रथम दिन का उद्घाटन सत्र गणमान्य आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति के कारण औपचारिक रहेगा। द्वितीय सत्र में पदाधिकारियों का आपसी परिचय होगा, जिसके साथ ही संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए संगठन के संविधान में संशोधन पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वर्तमान संभाग, जिला, विधानसभा व उपखंड इकाइयों के नेतृत्व को लेकर भी चिंतन-मनन किया जाएगा। बैठक के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में संगठन की भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सत्र में सभी 41 जिला अध्यक्ष/महासचिव संगठन को लेकर अपने सुझाव और जिलावार ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद, प्रदेश कार्यकारिणी के नवीन पदाधिकारियों और रिक्त पदों पर मनोनयन की घोषणा की जाएगी। समापन सत्र में विभिन्न विषयों पर क्रमवार विचार करते हुए उन्हें क्रियान्वित करने के लिए कमेटियां गठित की जाएंगी। इन विषयों में प्रदेश कार्यालय संचालन, संगठन की पाक्षिक पत्रिका का प्रकाशन व डिजिटल चैनल, सदस्यों का सामूहिक बीमा, आपात आर्थिक कोष की स्थापना, सदस्यों के बच्चों को उच्च शिक्षा में आर्थिक सहयोग, और संगठन के मांग पत्र का प्रारूप आदि शामिल हैं। आईएफडब्ल्यूजे संगठन की यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार राजस्थान प्रदेश के समस्त जिलों के प्रतिनिधि के रूप में पत्रकार इसमें उपस्थित रहेंगे।
- राजस्थान के निमाज कस्बे में, 30 मई को श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। यह पूरी घटना कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल की है। इस घटना के बाद, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, और आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- भजन गायक रामनिवास देवासी, जिन्हें राजा भरतरी भजन गायक के रूप में भी जाना जाता है, ने अपने प्रशंसकों और श्रोताओं से एक विशेष आग्रह किया है। उन्होंने सभी से उनके आधिकारिक चैनल 'सिंगर रामनिवास देवासी ऑफिशियल' पर उपलब्ध अपने अत्यंत सुंदर भजनों को सुनने का निवेदन किया है। देवासी ने अपने दोस्तों और श्रोताओं से यह भी अपील की है कि वे उनके चैनल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और उसे सब्सक्राइब करें, ताकि अधिक से अधिक लोग उनके संगीत से जुड़ सकें और भजनों का आनंद ले सकें।4
- आज शाम लगभग 7 बजे से ब्यावर क्षेत्र के देवली कलां गांव में तेज तूफानी हवा चल रही है। इन तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमक रही है और भारी गर्जना के साथ बारिश भी हो रही है।1
- राजस्थान के निमाज कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में 30 मई को एक प्रसूता की मौत के बाद से मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठी हुई हैं और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं, साथ ही आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर भारी भीड़ जमा है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।3
- चुरु जिले के रतनगढ़ स्थित पाबूसर के खेतों में कुछ जानवर घुस आए हैं, जिससे खेती को काफी नुकसान पहुँच रहा है। जय वीर तेजाजी कृषि फार्म, पाबूसर के विनोद ने बताया है कि इन जानवरों के कारण फसलों को बहुत क्षति हो रही है।1
- काले झंडे प्रकरण से जुड़े मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसके तहत कुचामन थानाधिकारी सतपाल सियाग को निलंबित कर दिया गया है।1
- पाली में एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहाँ इंस्टाग्राम पर एक किशोर से दोस्ती करने के बाद एक किशोरी को ब्लैकमेलिंग का सामना करना पड़ा। इस मानसिक प्रताड़ना के सदमे से उबर न पाने के कारण किशोरी ने अंततः आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक मामले के बाद, पत्रकार महेश पंचारिया, जो पाली, जैतारण, ब्यावर, राजस्थान से हैं, ने सभी से विशेष अपील की है। उन्होंने बहनों को इंस्टाग्राम पर किसी भी अजनबी से दोस्ती न करने की सलाह देते हुए आगाह किया है कि एक बेटी अपने माता-पिता की जान होती है, और उन्हें ऐसे खौफनाक कदम उठाने से बचना चाहिए। पंचारिया ने सभी नागरिकों से सावधान और सतर्क रहने का निवेदन किया है।1