बांदा पुलिस ने वर्ष 2021 के जाली भारतीय मुद्रा प्रचलन से संबंधित एक मामले में चार वर्षों से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान तुषार पुत्र सुभाष चंद्र के रूप में हुई है, जो जनपद महोबा के थाना कबरई क्षेत्र के ग्राम सुरहा का निवासी है। उसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा क्षेत्र बताया गया है। तुषार वर्ष 2021 में दर्ज जाली भारतीय मुद्रा के मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया है कि मामले की जांच अभी जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से छानबीन की जा रही है।
बांदा पुलिस ने वर्ष 2021 के जाली भारतीय मुद्रा प्रचलन से संबंधित एक मामले में चार वर्षों से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान तुषार पुत्र सुभाष चंद्र के रूप में हुई है, जो जनपद महोबा के थाना कबरई क्षेत्र के ग्राम सुरहा का निवासी है। उसका वर्तमान पता बजरंग चौक, कोतवाली महोबा क्षेत्र बताया गया है। तुषार वर्ष 2021 में दर्ज जाली भारतीय मुद्रा के मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया है कि मामले की जांच अभी जारी है और प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से छानबीन की जा रही है।
- बुंदेली माटी के बहुआयामी व्यक्तित्व बाबू छंगा प्रसाद साहू की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया है। इसी अवसर पर उनकी जीवन गाथा पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया।1
- चंदला तहसील के ग्राम पंचायत भगौरा में, कुछ अहिरवार परिवार के सदस्यों ने अपनी जमीन पर अवैध कब्ज़े और मारपीट की शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मिठाई लाल अहिरवार, बाबू अहिरवार, इंद्रजीत अहिरवार और रामकिशोर अहिरवार ने उनकी ज़मीन हड़प ली है, जो उनके हिस्से में आ रही है, और उसे देने से मना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मिठाई लाल, इंद्रजीत और बाबू अहिरवार ने उनकी जमीन जोत ली है और उनके पिता के साथ मारपीट की है। इस गंभीर स्थिति के चलते, पीड़ित परिवार ने तहसीलदार से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि वे आकर उनके जमीन के विवाद का निपटारा करवाएं, खासकर 4 जुलाई 2026 (रविवार) और 5 जुलाई 2026 की तारीखों का जिक्र करते हुए।1
- अजयगढ़ क्षेत्र के विश्रामगंज और आरामगंज की नई आदिवासी बस्तियों में 'धरती आभा कार्यक्रम' के तहत विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद उसका विधिवत लोकार्पण किया गया है। लंबे समय से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित इन ग्रामीण क्षेत्रों में अब रोशनी पहुंचने से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। इस नई विद्युत व्यवस्था का शुभारंभ पूजा-अर्चना के साथ किया गया। बताया गया है कि यह विद्युतीकरण कार्य पन्ना विधायक ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह के प्रयासों से संभव हो सका है। बिजली पहुंचने से आदिवासी परिवारों के बच्चों की पढ़ाई, उनके घरेलू कार्य और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेना अब पहले से अधिक आसान हो जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है, और इस पहल से क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। नगर परिषद अध्यक्ष सीरत सरोज गुप्ता सहित अन्य लोगों ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर सरकार और संबंधित विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। 'धरती आभा कार्यक्रम' की इस सौगात के तहत नई आदिवासी बस्ती में पहली बार बिजली पहुंची है, जिससे क्षेत्र में विकास को एक नई रफ्तार मिली है।1
- महोबा जिले के पनवाड़ी कस्बे में रविवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत का भी उल्लेख किया गया है।1
- महोबा जिले के मुढहरा ट्रामा सेंटर क्षेत्र में कथित तौर पर नीलामी की आड़ में अवैध खनन किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र की नीलामी हुई है, उसके अलावा आसपास के पहाड़ों से भी पत्थर और मोरम की खुदाई कर मशीनों के ज़रिए सामग्री उठाई जा रही है। आरोप है कि नीलामी की निर्धारित मात्रा से कहीं अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे निर्धारित चौहद्दी के बाहर जाकर खुदाई की जा रही है। इस कथित अवैध खनन से न केवल राजस्व की हानि होने की आशंका व्यक्त की गई है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचने का डर है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक खनन क्षेत्र, स्वीकृत मात्रा और निकाली गई सामग्री का सही-सही मिलान किया जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जाँच कराई जाए तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है, और उन्होंने प्रशासन से अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।1