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- Post by Umesh nishad azamgarh Umesh azamgarh1
- 7 मार्च 2026 की नवीनतम रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने सोशल मीडिया पर चल रही कमी की खबरों को पूरी तरह से निराधार और फर्जी बताया है।1
- जौनपुर जलालपुर थाना क्षेत्र पुरेवं बाजार में P.W.D किसी भी अधिकारी का नजर नहीं जा रहा है कभी कोई हादसा हो सकता है चाहे विधायक हो चाहे सांसद नहीं है किसी का नजर1
- Post by अरुण कुमार दुबे ब्यूरो प्रमुख जौनपुर1
- मेरठ। कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय माहौल गरमा गया जब प्रदर्शन के दौरान एक किसान नेता ने ड्यूटी पर तैनात SSI से अभद्रता कर दी। किसान मजदूर संगठन के बैनर तले प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई थी। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे CO अभिषेक तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए किसान नेता को जमकर फटकार लगाई। CO ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “5 मिनट का वक्त है, मेरे सिपाही को अपमानित किया तो ठीक नहीं होगा।” CO के इस कड़े लेकिन संयमित रुख के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अनुशासन कायम हो गया और स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की अपील भी की। CO अभिषेक तिवारी के इस रवैये की चर्चा मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी होती रही। कई लोगों ने इसे पुलिसकर्मियों के सम्मान की रक्षा करने वाला कदम बताया। #Meerut #COAbhishekTiwari #UPPolice #MeerutNews #BreakingNews #PoliceAction #KisanAndolan #LawAndOrder #UPNews1
- वाराणसी: निजी क्लिनिक पर लापरवाही का आरोप, नवजात की मौत; पुलिस जांच में जुटी वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के सेहमलपुर स्थित एक निजी क्लिनिक पर प्रसव के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। पीड़ित नंदलाल पटेल ने क्लिनिक संचालिका और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार उनकी गर्भवती पत्नी का पिछले लगभग सात महीनों से सेहमलपुर स्थित मंजू क्लिनिक में इलाज चल रहा था। आरोप है कि 2 मार्च को जांच के दौरान क्लिनिक में इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने से गर्भ में पल रहे नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि प्रसव के लिए अत्यधिक दबाव डालने के कारण महिला का मूत्राशय (ब्लैडर) फट गया, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद परिजन महिला को तत्काल एक निजी अस्पताल (प्राइमेक्स हॉस्पिटल) लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने ब्लैडर के क्षतिग्रस्त होने और शरीर में खून की कमी होने की जानकारी दी। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि बिना किसी लिखित सहमति के महिला की बच्चेदानी निकाल दी गई। साथ ही क्लिनिक द्वारा इलाज से संबंधित कोई पर्ची, दवा की रसीद या अन्य मेडिकल रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे साक्ष्य छिपाने की आशंका जताई जा रही है। मामले में पीड़ित नंदलाल पटेल ने बड़ागांव पुलिस से क्लिनिक संचालिका डॉ. मंजू शर्मा और उनके स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित की ओर से एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिसमें कथित तौर पर चौकी प्रभारी विवेकानंद द्विवेदी पीड़ित पक्ष से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- Post by Deepak.kumar1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1