रायसेन जिले में ग्रामीण सड़क संपर्कता की सौगात आज दिनांक 10.05.2026 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव की सड़क से विकास की रफ्तार तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सफलता पूर्वक 25 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत अब PMGSY-IV का नया संकल्प, माननीय डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री म.प्र. शासन, केन्द्रीय कृषि मंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान, म.प्र. के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री माननीय श्री प्रहलाद सिंह पटेल, भारत सरकार के ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री माननीय डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ग्रामीण संपर्कता हेतु महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत रायसेन जिले में भारत सरकार द्वारा 275 कि.मी. लम्बाई, स्वीकृत लागत राशि 24186.26 लाख की 118 सड़कें स्वीकृत की है। इन वारहमासी सड़कों से संपर्कता विहीन 118 बसाहटों की 63494 जनसंख्या सीधे लाभान्वित होगी ज्ञातव्य है कि जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के प्रथम चरण में 500 से अधिक की सभी पात्र बसाहटों राजस्व ग्रामों को पूर्व में जोड़ा जा चुका था। नवीन योजना में ऐसी बसाहटे लाभान्वित हो रही है जिनकी आवादी 500 से अधिक है लेकिन राजस्व ग्राम की श्रेणी में न होने से अभी तक यह बसाहटे सड़क संपर्कता से वंचित थी। उल्लेखनीय है कि PMGSY-IV में पहले चरण में प्रदेश के 27 जिलों के 61 विकासखण्डो की 2100 कि.मी. लम्बाई की 963 सड़के स्वीकृत हुई है इनमें से रायसेन जिले की सातो विकासखण्डों की सभी 118 पात्र वसाहटों को संपर्कता हेतु स्वीकृती प्राप्त हुई है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना नामक संपर्कता विहीन मजरे टोले जोड़ने हेतु नई योजना लागू की है इसके अंतर्गत 100 से अधिक आवादी वाली संपर्कता विहीन वसाहटो को वारहमासी पक्की सड़क से जोड़ा जायेगा। योजना की गाइडलाईन के अनुसार जिन बसाहटो की आवादी 100 से अधिक तथा वर्तमान में पक्की सड़क से संपर्कता से वंचित है तथा मुख्य मार्ग से दूरी 500 मी. से अधिक है ऐसी वसाहटे इस योजना में शामिल है। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना में चयनित जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र में 147 बसाहटों का चयन किया गया है इन बसाहटों को जोड़ने से जिले में लगभग 43 हजार की जनसंख्या लाभान्वित होगी। योजना के अंतर्गत चयनित इन वसाहटों को जोड़ने हेतु पक्की सड़कों के निर्माण हेतु योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20 कि.मी. लंबाई की सड़कों की डीपीआर बनायी जा रही है। शेष बसाहटों को जोडने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उक्त दोनो योजनाओ के क्रियान्वयन से जिले की सुदूर अंचल में संपर्कता विहीन 265 वसाहटो की एक लाख से अधिक जनसंख्या सीधे लाभान्वित होगी।
रायसेन जिले में ग्रामीण सड़क संपर्कता की सौगात आज दिनांक 10.05.2026 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव की सड़क से विकास की रफ्तार तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सफलता पूर्वक 25 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत अब PMGSY-IV का नया संकल्प, माननीय डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री म.प्र. शासन, केन्द्रीय कृषि मंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान, म.प्र. के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री माननीय श्री प्रहलाद सिंह पटेल, भारत सरकार के ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री माननीय डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ग्रामीण संपर्कता हेतु महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत रायसेन जिले में भारत सरकार द्वारा 275 कि.मी. लम्बाई, स्वीकृत लागत राशि 24186.26 लाख की 118 सड़कें स्वीकृत की है। इन वारहमासी सड़कों से संपर्कता विहीन 118 बसाहटों की 63494 जनसंख्या सीधे लाभान्वित होगी ज्ञातव्य है कि जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के प्रथम चरण में 500 से अधिक की सभी पात्र बसाहटों राजस्व ग्रामों को पूर्व में जोड़ा जा चुका था। नवीन योजना में ऐसी बसाहटे लाभान्वित हो रही है जिनकी आवादी 500 से अधिक है लेकिन राजस्व ग्राम की श्रेणी में न होने से अभी तक यह बसाहटे सड़क संपर्कता से वंचित थी। उल्लेखनीय है कि PMGSY-IV में पहले चरण में प्रदेश के 27 जिलों के 61 विकासखण्डो की 2100 कि.मी. लम्बाई की 963 सड़के स्वीकृत हुई है इनमें से रायसेन जिले की सातो विकासखण्डों की सभी 118 पात्र वसाहटों को संपर्कता हेतु स्वीकृती प्राप्त हुई है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना नामक संपर्कता विहीन मजरे टोले जोड़ने हेतु नई योजना लागू की है इसके अंतर्गत 100 से अधिक आवादी वाली संपर्कता विहीन वसाहटो को वारहमासी पक्की सड़क से जोड़ा जायेगा। योजना की गाइडलाईन के अनुसार जिन बसाहटो की आवादी 100 से अधिक तथा वर्तमान में पक्की सड़क से संपर्कता से वंचित है तथा मुख्य मार्ग से दूरी 500 मी. से अधिक है ऐसी वसाहटे इस योजना में शामिल है। मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना में चयनित जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र में 147 बसाहटों का चयन किया गया है इन बसाहटों को जोड़ने से जिले में लगभग 43 हजार की जनसंख्या लाभान्वित होगी। योजना के अंतर्गत चयनित इन वसाहटों को जोड़ने हेतु पक्की सड़कों के निर्माण हेतु योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20 कि.मी. लंबाई की सड़कों की डीपीआर बनायी जा रही है। शेष बसाहटों को जोडने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उक्त दोनो योजनाओ के क्रियान्वयन से जिले की सुदूर अंचल में संपर्कता विहीन 265 वसाहटो की एक लाख से अधिक जनसंख्या सीधे लाभान्वित होगी।
- मध्यप्रदेश सरकार देश के हर दिशा में आगे बढ़ रहा है,,, आज नक्सलवाद को लेकर हमारी सरकार का स्पष्ट मत है या तो मध्यप्रदेश सरकार देश के हर दिशा में आगे बढ़ रहा है,,, आज नक्सलवाद को लेकर हमारी सरकार का स्पष्ट मत है या तो सरेंडर करें या फिर समाप्त करने का काम होगा ,,,, डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश1
- अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा- हत्या के बाद शव ब्रिज के नीचे फेंका, पहचान मिटाने की थी साजिश अज्ञात शव की गुत्थी सुलझाकर हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार घटना का विवरण - दिनांक 07.05.2026 को थाना बाड़ी पुलिस को वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे-45 स्थित नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना बाड़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची एवं घटनास्थल को सुरक्षित कर बारीकी से निरीक्षण किया गया। मौके पर देखा गया कि एक बोरे में एक शव लगभग 6-7 दिन पुराना एवं जिसके हाथ पैर बंधे हुए थे और मूंह पर टेप लगा हुआ था - अत्यधिक डिकंपोज अवस्था में था, जिससे मृतक की पहचान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। घटनास्थल पर मृतक की पहचान के लिए कोई भी चीज मौजूद नहीं थी ऐसा प्रतीत हो रहा था की अज्ञात आरोपियों ने बहुत ही प्लानिंग के साथ घटना को कहीं और अंजाम दिया था और उसके शव को यहाँ ठिकाने लगा दिया था जिससे की घटना का खुलासा तो दूर. मृतक की पहचान ही नहीं हो पाए। पुलिस को घटनास्थल पर मात्र एक थैला जिसमें की मृतक की जूते, कंगा इत्यादि ही मिला था। उस थैले पर साईखेड़ा की एक दुकान का नाम था। सारे सामान की बारीकी से तताशी लेने पर घेले में एक बच्चे की होमवर्क नोटबुक भी बरामद हुई जिस पर की बस एक नाम लिखा था परंतु कोई भी पता वर्णित नहीं था। अपराध क्रमांक XX/26 धारा 103(1), 238 (ए) बीएनएस पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपियों की पता तलाश के लिए विवेचना प्रारंभकी गई। पुलिस जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अंधे कत्ल के खुलासे के लिए एसडीओपी बाड़ी श्रीमती नीलम चौधरी को निर्देश दिए गए जिनके मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी द्वारा अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस के सामने मृतक की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी। शव पूरी तरह से डिकंपोज हो चुका था तथा घटनास्थल पर कोई स्पष्ट पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, लेकिन पुलिस टीम ने हार न मानते हुए घटनास्थल से मिले छोटे-छोटे साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस द्वारा बरामद बच्चे की नोटबुक एवं धैले पर लिखे पते के आधार पर साईखेड़ा क्षेत्र में पड़ताल की शुरुआत की गई। लगातार पूछताछ एवं स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाते हुए उक्त नोटबुक पर चेकिंग करने वाले टीचर के माध्यम से पुलिस को संबंधित परिवार का सुराग मिला। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि संबंधित घर पिछले 6-7 दिनों से बंद पड़ा है तथा परिवार के सदस्य अचानक गायब हैं। पुलिस द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई एवं सक्रिय मुखबीर तंत्र के आधार पर परिवार की तलाश की जाती रही। लगातार प्रयासों एवं सघन तलाश के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा उक्त परिवार को घेराबंदी कर उज्जैन से अभिरक्षा में लिया गया। पहले तो उनके द्वारा कुछ भी नहीं जानना बताया परंतु जब मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई तब संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा हो पाया। घटना का खुलासा- आरोपी रीना किरार ने बताया कि उसका पति उसको छोड चुका है और उसका प्रेम सम्बंध पूर्व में अरूण पटेल नामक व्यक्ति से था परंतु हाल ही में उसकी जान पहचान Facebook के माध्यम से वीरू जाट निवासी भीलवाड़ा राजस्थान नामक व्यक्ती से हो गई थी और उसका आरोपिया के घर आना जाना भी शुरू हो गया था। इस बात को लेकर के अरुण पटेल वीरू जाट से रंजिश रखने लगा गया था. चूंकि अरुण ही रीना के घर का पूरा खर्चा उठाता था इसीलिए उसने रीना से इस पर आपत्ति व्यक्त की और रीना के साथ वीरू को रास्ते से हटाने के पूरा षडयंत्र रचा। घटना दिनांक 29/4/26 को रीना ने वीरू को राजस्थान से अपने साई खेड़ा के घर पर मिलने बुलाया, घर के अंदर आरोपीगण पहले से ही मौजूद थे। जैसे ही वीरू अंदर आया सभी ने साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरी में डालकर अपनी गाड़ी की डिक्की में डाल दिया। फिर साई खेड़ा से लाकर के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया। उसके बाद पुलिस से बचने के उद्देश्य से आरोपी बाड़ी से इटारसी, फिर कल्याण मुंबई, उसके बाद इंदौर एवं उज्जैन में लगातार स्थान बदल-बदल कर छिपते रहे, जहां से पुलिस द्वारा उन्हें पकडा गया। पूछताछ के दौरान आरोपीगणों ने हत्या करना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी - 1. अरूण पटेल पिता प्रेमनारायण पटेल, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी ग्राम सडूमर, हाल आचार्य नगर कॉलोनी गाडरवारा जिला नरसिंहपुर 2. हरनाम सिंह किरार पिता देवीसिंह किरार, उम्र करीब 34 वर्ष, निवासी ग्राम भीलखेड़ी, तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर 3. रीना किरार पति कमलेश किरार, उम्र 29 वर्ष निवासी जानकी विहार कॉलोनी साईंसखेड़ा जिता नरसिंहपुर मृतक का विवरण - पप्पू उर्फ वीर जाट, निवासी राजस्थान। जब्त सामग्री - वारदात में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और XUV 700 वाहन आरोपियों के मोबाइल फोन सराहनीय भूमिका - अंधे कत्ल जैसे जघन्य एवं चुनौतीपूर्ण मामले का अल्प समय में सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी, उप निरीक्षक संजय यादव, उनि. विनीता विश्वकर्मा, सउनि मोहन यादव, सउनि सुरेन्द्र सिसोदिया, प्र. आर. 28 जितेन्द्र, प्र.आर. 65 प्रेम सिंह दांगी, प्र.आर. 147 रीना पूर्वी प्र.आर. 624 राजेन्द्र यादव, आरक्षक 671 रमाकांत पटेल, आरक्षक 464 रामूसिंह एवं आरक्षक 15 देवेन्द्र की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।2
- रायसेन के नागिन मोड़ ब्रिज के नीचे मिली लाश की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी, जिसके आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।1
- मध्य प्रदेश में एक ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहाँ प्रेमिका ने अपने पूर्व प्रेमी संग मिलकर नए प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए शव को ब्रिज के नीचे फेंककर कई शहरों में पनाह ली। पुलिस ने उन्हें उज्जैन से गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल बेसबॉल बैट और वाहन जब्त किया।1
- रायसेन में आयोजित लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस पहल से न्याय की प्रक्रिया तेज़ हुई और आम लोगों को बड़ी राहत मिली।1
- विदिशा के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में मामा कोचिंग का हुआ शुभारंभ आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा मामा कोचिंग का शुभारंभ किया गया जिसमें सभी परीक्षा की तैयारी को निशुल्क कराई जाएंगे1
- सुल्तानपुर बस स्टैंड पर ₹28 लाख की लागत से बनाया गया 'दिवस बसेरा' अब यात्रियों के बजाय शराबियों का ठिकाना बन गया है। इस कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और सरकारी धन भी बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने की मांग की है।1
- भव्य दिव्य यज्ञ ,,,,भीषण गर्मी में भी भक्तों की आस्था श्रद्धा और विश्वास में कमी नहीं रहती भव्य दिव्य यज्ञ ,,,,भीषण गर्मी में भी भक्तों की आस्था श्रद्धा और विश्वास में कमी नहीं रहती1