चंदौली के धीना क्षेत्र में अगहर वीर बहुरिया नदी की खुदाई और सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीण जयप्रकाश, प्रवीण कुमार, राहुल, रामदुलार, संजय और अशोक का आरोप है कि नदी की खुदाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर अधिकतर स्थानों पर केवल घास हटाकर और सतही जुताई कर औपचारिकता पूरी कर दी गई, और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 33 किलोमीटर लंबी इस नदी की खुदाई के लिए करीब 60 लाख रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत हुआ था। उनका यह भी आरोप है कि कई ठेकेदारों ने मिलकर लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई का जिम्मा लिया, मगर अधिकांश जगहों पर मानकों के अनुरूप खुदाई नहीं कराई गई, जिसके चलते आज भी नदी के बीच और किनारों पर जगह-जगह मिट्टी के बड़े-बड़े टीले पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रैथा गांव से गोपालपुर जाने वाली पुलिया के पश्चिम दिशा में कुछ काम हुआ, लेकिन पुलिया के पूर्व में नदी के बीच आज भी मिट्टी का एक बड़ा टीला मौजूद है, जिससे नदी की धारा लगभग 10 फीट चौड़ी सिमटकर रह गई है। इसी तरह, खझरा गांव के पूर्वी छोर से तंबागढ़ तक करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में खुदाई नहीं की गई, और तंबागढ़ में भी केवल 300 मीटर तक सफाई कर काम रोक दिया गया। इसके अलावा, तंबागढ़ से गंगा नदी तक के करीब सात किलोमीटर क्षेत्र में भी खुदाई न होने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि बीच के गांवों और नदी के टेल हिस्से में खुदाई न होने से बरसात में पानी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास के गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। नूरी गांव से कुशहा गांव तक भी नदी की सफाई और खुदाई न होने की शिकायत की गई है। इस मामले में, बंधी डिवीजन के अवर अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि गंगा किनारे महुजी नाला के पास कुछ किसानों ने यह कहकर खुदाई का विरोध किया था कि संबंधित भूमि उनकी निजी जमीन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 33 किलोमीटर लंबाई में नदी की खुदाई का प्रस्ताव था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 60 लाख रुपये थी। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरी खुदाई को पूर्ण कराने, नदी में पड़े मिट्टी के टीलों को हटवाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है।
चंदौली के धीना क्षेत्र में अगहर वीर बहुरिया नदी की खुदाई और सफाई कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीण जयप्रकाश, प्रवीण कुमार, राहुल, रामदुलार, संजय और अशोक का आरोप है कि नदी की खुदाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर अधिकतर स्थानों पर केवल घास हटाकर और सतही जुताई कर औपचारिकता पूरी कर दी गई, और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 33 किलोमीटर लंबी इस नदी की खुदाई के लिए करीब 60 लाख रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत हुआ था। उनका यह भी आरोप है कि कई ठेकेदारों ने मिलकर लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई का जिम्मा लिया, मगर अधिकांश जगहों पर मानकों के अनुरूप खुदाई नहीं कराई गई, जिसके चलते आज भी नदी के बीच और किनारों पर जगह-जगह मिट्टी के बड़े-बड़े टीले पड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रैथा गांव से गोपालपुर जाने वाली पुलिया के पश्चिम दिशा में कुछ काम हुआ, लेकिन पुलिया के पूर्व में नदी के बीच आज भी मिट्टी का एक बड़ा टीला मौजूद है, जिससे नदी की धारा लगभग 10 फीट चौड़ी सिमटकर रह गई है। इसी तरह, खझरा गांव के पूर्वी छोर से तंबागढ़
तक करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में खुदाई नहीं की गई, और तंबागढ़ में भी केवल 300 मीटर तक सफाई कर काम रोक दिया गया। इसके अलावा, तंबागढ़ से गंगा नदी तक के करीब सात किलोमीटर क्षेत्र में भी खुदाई न होने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि बीच के गांवों और नदी के टेल हिस्से में खुदाई न होने से बरसात में पानी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे आसपास के गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। नूरी गांव से कुशहा गांव तक भी नदी की सफाई और खुदाई न होने की शिकायत की गई है। इस मामले में, बंधी डिवीजन के अवर अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि गंगा किनारे महुजी नाला के पास कुछ किसानों ने यह कहकर खुदाई का विरोध किया था कि संबंधित भूमि उनकी निजी जमीन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 33 किलोमीटर लंबाई में नदी की खुदाई का प्रस्ताव था, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 60 लाख रुपये थी। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरी खुदाई को पूर्ण कराने, नदी में पड़े मिट्टी के टीलों को हटवाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है।
- चंदौली के मुगलसराय में पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने अवैध अंग्रेजी शराब की तस्करी के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत, दिनांक 04.07.2026 को मुगलसराय पुलिस और आरपीएफ टीम रेलवे डाउन रिसीविंग यार्ड से जीटीआर पुल की ओर गश्त कर रही थी। इसी दौरान जीटीआर पुल के नीचे रेलवे किमी संख्या 673/86 के पास दो संदिग्ध व्यक्ति पकड़े गए। उनकी पहचान रवि कुमार साव पुत्र स्व. सुरेंद्र कुमार साव और पंकज कुमार मिश्रा पुत्र उपेंद्र मिश्रा के रूप में हुई, दोनों पटना, बिहार के निवासी हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की तलाशी के दौरान, रवि कुमार साव के कब्जे से 20 पीस आफ्टर डार्क ब्ल्यू (75 एमएल), 07 पीस रॉयल स्टैग (750 एमएल) और 40 पीस 8 पीएम टेट्रा पैक (180 एमएल) सहित कुल 13.95 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब, एक वीवो मोबाइल फोन और ₹600 नगद बरामद हुए। वहीं, पंकज कुमार मिश्रा के पास से 30 पीस 8 पीएम टेट्रा पैक (180 एमएल) यानी कुल 5.40 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब, एक कीपैड मोबाइल फोन और ₹200 नगद बरामद किए गए। कुल मिलाकर 19.35 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत ₹54,000 आँकी गई है। पंकज कुमार मिश्रा का एक आपराधिक इतिहास भी बताया गया है, जिसमें मु.अ.सं. 176/26 धारा 30(A)BE के तहत थाना गोपालपुर, पटना, बिहार में दर्ज एक मामला शामिल है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश की विभिन्न शराब दुकानों से शराब खरीदकर बिहार में शराबबंदी का फायदा उठाते हुए ट्रेनों के माध्यम से ले जाते थे और ऊँचे दामों पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमाते थे। गिरफ्तारी के समय भी दोनों शराब लेकर बिहार जाने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर, थाना मुगलसराय में मु.अ.सं. 323/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह समेत मुगलसराय थाना के कई पुलिसकर्मी और इंस्पेक्टर पंकज कुमार प्रसाद के नेतृत्व में आरपीएफ टीम के सदस्य शामिल थे।1
- भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह ने रविवार को वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित कैथी ग्राम पंचायत का दौरा किया। उनका इस दौरे का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की जमीनी हकीकत का आकलन करना था। इस दौरान, ऐश्वर्या सिंह ने केवल अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने के बजाय, गाँव की महिलाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस प्रत्यक्ष बातचीत के माध्यम से, उन्होंने स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और सार्वजनिक शौचालयों की वर्तमान स्थिति पर सीधा फीडबैक प्राप्त किया।1
- भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह ने रविवार को वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित कैथी ग्राम पंचायत का दौरा किया। उनका उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की जमीनी हकीकत जानना था। इस दौरान उन्होंने केवल अधिकारियों से रिपोर्ट नहीं ली, बल्कि गांव की महिलाओं से सीधा संवाद कर स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया। ग्राम पंचायत भवन में आयोजित इस संवाद में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिसके बाद ऐश्वर्या सिंह ने अधिकारियों को जनभागीदारी बढ़ाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, उन्होंने प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव मंदिर परिसर, इसके संपर्क मार्गों और आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने हेतु नियमित कूड़ा निस्तारण और साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। इस दौरान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए, उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की सख्त हिदायत दी। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और बड़ी संख्या में सफाईकर्मी मौजूद थे। कार्यक्रम के समापन पर, ऐश्वर्या सिंह ने मार्कण्डेय महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की।1
- प्रशांत किशोर ने ऐलान किया है कि वह बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह यहाँ 'बदल रख देंगे', यानी परिवर्तन लाएंगे।1
- मूल पोस्ट में केवल 'भारत माता जय' का उद्घोष किया गया है। इसमें किसी घटना, व्यक्ति या स्थान से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।1
- बनारस की दाल मंडी में स्थित लंगड़ा हाफिज मस्जिद के ध्वस्तीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। बताया जा रहा है कि हाई कोर्ट में इस मामले से जुड़ा केस खारिज होने के बाद, मस्जिद को अब किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है।1
- वाराणसी के दालमंडी इलाके में रविवार देर शाम तक प्रशासन का बुलडोजर रोड चौड़ीकरण अभियान के तहत चला। प्रशासन ने दालमंडी क्षेत्र में जाम और आवागमन की समस्या को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण का निर्णय लिया था। इसी निर्णय के तहत, सड़क के किनारे बने कई मकानों और अतिक्रमण को ध्वस्त करने की यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। इस अभियान के दौरान कई मकान गिराए गए, जिससे स्थानीय लोगों में विरोध देखने को मिला।1
- वाराणसी के दालमंडी इलाके में रविवार देर शाम तक रोड चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन का बुलडोजर चला। इस अभियान के तहत सड़क के किनारे बने कई मकानों और अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। प्रशासन के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र में जाम और आवागमन की समस्या को देखते हुए रोड चौड़ीकरण का निर्णय लिया गया था, और इसी के तहत अतिक्रमित हिस्सों को हटाने के लिए देर शाम तक यह कार्रवाई जारी रही। बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, कुछ दुकानदारों और मकान मालिकों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था। हालांकि, प्रशासन ने इस पर स्पष्ट किया कि नोटिस जारी कर दिए गए थे और कई बार चेतावनी भी दी गई थी। अधिकारियों का दावा है कि रोड चौड़ी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी और आपात स्थिति में आवागमन सुगम हो जाएगा।1
- इंग्लैंड महिला टीम और ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के बीच होने वाले मुकाबले में इंग्लैंड के सामने 17 साल के सूखे का कड़वा अतीत खड़ा है। यह चौथा मौका है जब अंग्रेजों को इस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या इंग्लैंड की टीम इंडिया के कारनामे को दोहरा पाएगी या नहीं।1