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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे ने अपने जीवन और परिवार से जुड़े कुछ बीते हुए पलों को साझा किया। इन बातों से उनके निजी और राजनीतिक जीवन के पहलुओं पर रोशनी पड़ी।
दीपू कुमार यादव
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे ने अपने जीवन और परिवार से जुड़े कुछ बीते हुए पलों को साझा किया। इन बातों से उनके निजी और राजनीतिक जीवन के पहलुओं पर रोशनी पड़ी।
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- हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र स्थित भमोरा गाँव में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय सवालों के घेरे में आ गई है। नमामि गंगे परियोजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी के चालू होने के बावजूद, गाँव का आधा हिस्सा बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है, जबकि दूसरे हिस्से में पाइपलाइन लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हाल ही में आए आंधी-तूफान के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे जलापूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा, गाँव के अधिकांश हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं, जिनकी मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान और सचिव को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार दूसरे तूफान के बाद बिजली और पानी की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मानवाधिकार सहायता संघ-अंतरराष्ट्रीय के तहसील अध्यक्ष नफीस गल्हा ने जानकारी दी कि पिछले तूफान के दौरान समाजसेवियों ने टैंकरों के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया था, और अब भी निजी जनरेटरों की मदद से जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया। यह मामला उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री तक पहुंचने के बाद, उन्होंने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने, जलापूर्ति का समान वितरण सुनिश्चित करने, लापरवाह लाइनमैनों के खिलाफ कार्रवाई करने और पाइपलाइन लीकेज को रोककर पानी की बर्बादी बंद करने की पुरजोर मांग की है।1
- महोबा में जिला प्रेस क्लब और अखिल भारतीय पत्रकार प्रेस क्लब ने संयुक्त रूप से शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर के एकता पैलेस गेस्ट हाउस में "मोबाइल जर्नलिज्म से समृद्ध होती सामाजिक चेतना" विषय पर एक भव्य संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, मीडिया की जिम्मेदारियों और आधुनिक तकनीक की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में हिंदी भाषा के महत्व पर जोर दिया और इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पत्रकारिता को समाज को दिशा देने वाला सशक्त माध्यम बताते हुए लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों की निष्पक्षता और निडरता को आवश्यक बताया। इस दौरान पत्रकारिता, शिक्षा और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए बांदा के पत्रकार अभिषेक शुक्ला को गोपाल भाई स्मृति सम्मान से नवाजा गया, वहीं न्यूज-24 के महोबा संवाददाता वहीद अहमद को भगवत नारायण शुक्ल स्मृति पत्रकारिता सम्मान मिला। खबर लहरिया की संवाददाता श्यामकली देवी को सतीश चंद्र सक्सेना स्मृति पत्रकारिता सम्मान, जबकि श्री इंडिया समाचार के ब्यूरो प्रमुख उमाकांत द्विवेदी को रामसहाय गोस्वामी स्मृति पत्रकारिता सम्मान प्रदान किया गया। देश और दुनिया में महोबा का नाम रोशन करने वाले मेड ईजी एवं आईएएस नेक्स्ट एकेडमी के संस्थापक बालेन्द्र सिंह को विंध्यरत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। बेजुबान और बेसहारा पशुओं की सेवा में समर्पित रामआसरे गुप्ता को बुंदेलखंड गौरव सम्मान प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई। शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 'महोबा गौरव सम्मान' दिया गया, जिनमें यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट में जनपद टॉपर अन्या गुप्ता, हाईस्कूल में टॉपर वैष्णवी सोनी, सीबीएसई इंटरमीडिएट में जनपद टॉपर प्रखर सिंह और ऑल इंडिया नर्सिंग परीक्षा में 97वीं रैंक प्राप्त करने वाली अंजनी राजपूत शामिल थीं। कर्मयोगी भूपेंद्र अनुरागी और साहित्यकार सुभाष चंद्र चौरसिया को भी महोबा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पत्रकारों से ईमानदारी, निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ पत्रकारिता करने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, अपर जिलाधिकारी कुंवर पंकज सहित सैकड़ों पत्रकार, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, और कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन अखिल भारतीय पत्रकार प्रेस क्लब के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।1
- पनवाड़ी ग्राम पंचायत में एक तीन सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया गया है।1
- हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने बेतवा नदी पर बन रहे पुल हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएँ देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें मृतकों के परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में से एक यह है कि हादसे में मृत प्रत्येक मजदूर के परिजनों को ₹50-50 लाख का मुआवजा दिया जाए। इसके अतिरिक्त, परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आवास की सुविधा और मृतकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है। सपा के जिलाध्यक्ष इदरीस खान ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुल की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाया है, क्योंकि निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के गिरे हुए हिस्से में सरिया की मात्रा मानकों के अनुरूप नहीं थी, और चेताया कि यदि यह पुल पूरी तरह बनकर यातायात के लिए खुल जाता, तो भविष्य में एक बड़ा हादसा हो सकता था। खान ने पुल निर्माण में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल समुचित मुआवजा और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख शुभकरन सिंह परिहार, रामप्रकाश प्रजापति, ओमप्रकाश सोनकर, मानसिंह यादव, रिजवान खान, मैयादीन श्रीवास, सुनील यादव, अभय प्रताप सिंह, जगमोहन यादव, मुसाहिद बेग, हरनरायन निषाद सहित अनेक सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- पन्ना जिले के देवेंद्र नगर में मुस्लिम समाज के लोगों ने एक ज्ञापन सौंपकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है।1
- बबेरू क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि आए तेज़ आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बबेरू, बेर्राव, बिनवठ, कुचेन्दू, ओरन और फूफन्दी सहित एक दर्जन से अधिक गाँवों में इस तूफ़ान का कहर देखने को मिला। 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आए इस तूफ़ान से बिजली के खंभे और पेड़ जड़ से उखड़ गए। कई लोगों के कच्चे मकान ढह गए और पशु बाड़े तथा घरों के छप्पर व टीन-टप्पर उड़ गए, जिससे बड़े पैमाने पर जानमाल का नुक़सान हुआ है। इस भीषण आंधी-तूफ़ान की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। सुबह से ही प्रभावित लोग अपने अस्त-व्यस्त घरों और उड़ चुके टीन-टप्पर को संभालने और ठीक करने में जुटे नज़र आए। वहीं, तूफ़ान के कारण गिरे विद्युत पोलों के चलते देर रात्रि से लेकर शाम 5 बजे तक पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे लोगों का जीवन और भी अस्त-व्यस्त हो गया। विद्युत विभाग के अनुसार, 33000 हाई टेंशन विद्युत लाइन का एक खंभा गिरने से बिजली की बहाली में मुश्किल आ रही है, हालाँकि काम जारी है। विभाग ने उम्मीद जताई है कि देर रात्रि 10 से 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकती है। इस तूफानी तांडव ने बबेरू क्षेत्र के लोगों के आशियाने उजाड़ दिए हैं और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1