भोपाल की एकमात्र महिला सोलो राइडर पूजा सिंह ने पूरी की छह हजार किमी से ज्यादा लेह बाइक यात्रा परिवार से दूर 15 दिन, हजारों किलोमीटर और कई चुनौतियों के साथ पूजा सिंह ने पूरा किया हौसले से सफर भोपाल। हौसले, जुनून और एडवेंचर के साथ भोपाल की राइडर पूजा सिंह ने रॉयल एनफील्ड Meteor 350 पर लेह की रोमांचक बाइक यात्रा पूरी की। छह हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफ़र में वे एकमात्र महिला सोलो राइडर रहीं। 30 अगस्त से 14 सितंबर तक चले इस सफर में पूजा ने हिमालयन बेस कैंप पहुंचने के लिए लद्दाख के दुर्गम, ऊंचाई वाले और चुनौतीपूर्ण इलाकों में बाइक चलाई और लेह से भोपाल वापस पहुंचीं। यात्रा के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय और अन्य राइडर्स भी उनके साथ जुड़े, जबकि कई चुनौतीपूर्ण सेक्शन उन्होंने स्वयं बाइक चलाते हुए पूरे किए। यात्रा के दौरान पूजा ने लेह, खारदुंग ला, चांगला, पेंगोंग और करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उमलिंग ला दर्रे सहित कई प्रमुख स्थानों का सफर किया। धैर्य और सावधानी से दूर की बाधाएं: पूजा ने बताया कि लद्दाख में प्रवेश के बाद सरचू से आगे गाटा लुप्स का करीब 21-22 घुमावदार मोड़ों और खड़ी चढ़ाई वाला हिस्सा उनके लिए खासा चुनौतीपूर्ण रहा। सफ़र के इस मोड़ पर रात का समय, संकरी सड़क पर सामने और पीछे से गुजरते भारी ट्रकों के बीच बाइक संभालना और तेज हवाओं का सामना करना उनके लिए अलग अनुभव रहा। पूजा बताती हैं कि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम और ऑक्सीजन की कमी का भी लगातार ध्यान रखना पड़ा। तेज हवा के बीच हेलमेट हटाने पर सांस लेने में परेशानी महसूस होती थी। इसके बावजूद उन्होंने सावधानी और धैर्य के साथ सफर जारी रखा। निर्जन रास्तों पर अकेले किया सफर: यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में पांग से लेह की ओर आने वाला करीब 60 किलोमीटर का निर्जन रास्ता भी शामिल रहा। तांगलांग ला से रूमत्से की ओर जाने वाले इस हिस्से में लंबे समय तक न आबादी दिखाई देती थी और न ही मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था। इस सेक्शन का बड़ा हिस्सा पूजा ने अकेले बाइक चलाते हुए पार किया। हालांकि, पूरी यात्रा को उन्होंने अलग-अलग चरणों में मिले साथी राइडर्स के सहयोग और साथ के साथ पूरा किया। अपने अनुभव साझा करते हुए पूजा सिंह ने कहा, “इस यात्रा में कई जगह दूसरे राइडर्स भी मेरे साथ जुड़े। इससे सफर का अनुभव और बेहतर हुआ, लेकिन कुछ लंबे और चुनौतीपूर्ण हिस्से ऐसे थे जिन्हें मुझे खुद ही पार करना पड़ा। खासकर निर्जन रास्तों पर बाइक चलाते हुए आत्मविश्वास और सतर्कता दोनों बहुत जरूरी थे।” उन्होंने कहा, “बाइक के साथ कनेक्शन बहुत जरूरी है। लंबे और कठिन रूट पर निकलने से पहले बाइक की बेसिक तकनीकी जानकारी, सुरक्षा की तैयारी और किसी आपात स्थिति में निर्णय लेने का आत्मविश्वास होना चाहिए।” खारदुंग ला और चांगला की ऊंची पहाड़ियों से लेकर पेंगोंग झील की खूबसूरती तक, यात्रा में रोमांच के साथ प्रकृति को करीब से देखने का अवसर भी मिला। बदलते मौसम, ठंडी हवाओं, ऊंचाई और कठिन रास्तों के बावजूद पूजा ने यात्रा जारी रखी। पूजा के मुताबिक, “लद्दाख की खूबसूरती आपको बार-बार रुककर देखने के लिए मजबूर करती है, लेकिन पहाड़ यह भी सिखाते हैं कि प्रकृति के सामने विनम्र रहना जरूरी है। यहां प्लानिंग, धैर्य और सही लोगों का साथ बहुत महत्वपूर्ण है।” महिलाओं को करना चाहिए अपनी क्षमताओं पर भरोसा: पूजा ने कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिए। सही तैयारी, बाइक और रूट की जानकारी तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देकर वे लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्राएं कर सकती हैं। मेरे लिए यह सफर खुद को चुनौती देने, नए अनुभव हासिल करने और दूसरे राइडर्स के साथ यादगार सफर साझा करने का अनुभव रहा। 30 अगस्त को शुरू हुआ यह सफर 14 सितंबर को भोपाल वापसी के साथ पूरा हुआ। पूजा का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल रोमांच हासिल करना नहीं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी बाइकिंग और एडवेंचर राइडिंग के लिए प्रेरित करना है।
भोपाल की एकमात्र महिला सोलो राइडर पूजा सिंह ने पूरी की छह हजार किमी से ज्यादा लेह बाइक यात्रा परिवार से दूर 15 दिन, हजारों किलोमीटर और कई चुनौतियों के साथ पूजा सिंह ने पूरा किया हौसले से सफर भोपाल। हौसले, जुनून और एडवेंचर के साथ भोपाल की राइडर पूजा सिंह ने रॉयल एनफील्ड Meteor 350 पर लेह की रोमांचक बाइक यात्रा पूरी की। छह हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफ़र में वे एकमात्र महिला सोलो राइडर रहीं। 30 अगस्त से 14 सितंबर तक चले इस सफर में पूजा ने हिमालयन बेस कैंप पहुंचने के लिए लद्दाख के दुर्गम, ऊंचाई वाले और चुनौतीपूर्ण इलाकों में बाइक चलाई और लेह से भोपाल वापस पहुंचीं। यात्रा के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय और अन्य राइडर्स भी उनके साथ जुड़े, जबकि कई चुनौतीपूर्ण सेक्शन उन्होंने स्वयं बाइक चलाते हुए पूरे किए। यात्रा के दौरान पूजा ने लेह, खारदुंग ला, चांगला, पेंगोंग और करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उमलिंग ला दर्रे सहित कई प्रमुख स्थानों का
सफर किया। धैर्य और सावधानी से दूर की बाधाएं: पूजा ने बताया कि लद्दाख में प्रवेश के बाद सरचू से आगे गाटा लुप्स का करीब 21-22 घुमावदार मोड़ों और खड़ी चढ़ाई वाला हिस्सा उनके लिए खासा चुनौतीपूर्ण रहा। सफ़र के इस मोड़ पर रात का समय, संकरी सड़क पर सामने और पीछे से गुजरते भारी ट्रकों के बीच बाइक संभालना और तेज हवाओं का सामना करना उनके लिए अलग अनुभव रहा। पूजा बताती हैं कि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम और ऑक्सीजन की कमी का भी लगातार ध्यान रखना पड़ा। तेज हवा के बीच हेलमेट हटाने पर सांस लेने में परेशानी महसूस होती थी। इसके बावजूद उन्होंने सावधानी और धैर्य के साथ सफर जारी रखा। निर्जन रास्तों पर अकेले किया सफर: यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में पांग से लेह की ओर आने वाला करीब 60 किलोमीटर का निर्जन रास्ता भी शामिल रहा। तांगलांग ला से रूमत्से की ओर जाने वाले इस हिस्से में लंबे समय तक न आबादी दिखाई देती थी
और न ही मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था। इस सेक्शन का बड़ा हिस्सा पूजा ने अकेले बाइक चलाते हुए पार किया। हालांकि, पूरी यात्रा को उन्होंने अलग-अलग चरणों में मिले साथी राइडर्स के सहयोग और साथ के साथ पूरा किया। अपने अनुभव साझा करते हुए पूजा सिंह ने कहा, “इस यात्रा में कई जगह दूसरे राइडर्स भी मेरे साथ जुड़े। इससे सफर का अनुभव और बेहतर हुआ, लेकिन कुछ लंबे और चुनौतीपूर्ण हिस्से ऐसे थे जिन्हें मुझे खुद ही पार करना पड़ा। खासकर निर्जन रास्तों पर बाइक चलाते हुए आत्मविश्वास और सतर्कता दोनों बहुत जरूरी थे।” उन्होंने कहा, “बाइक के साथ कनेक्शन बहुत जरूरी है। लंबे और कठिन रूट पर निकलने से पहले बाइक की बेसिक तकनीकी जानकारी, सुरक्षा की तैयारी और किसी आपात स्थिति में निर्णय लेने का आत्मविश्वास होना चाहिए।” खारदुंग ला और चांगला की ऊंची पहाड़ियों से लेकर पेंगोंग झील की खूबसूरती तक, यात्रा में रोमांच के साथ प्रकृति को करीब से देखने का अवसर भी मिला। बदलते मौसम, ठंडी हवाओं,
ऊंचाई और कठिन रास्तों के बावजूद पूजा ने यात्रा जारी रखी। पूजा के मुताबिक, “लद्दाख की खूबसूरती आपको बार-बार रुककर देखने के लिए मजबूर करती है, लेकिन पहाड़ यह भी सिखाते हैं कि प्रकृति के सामने विनम्र रहना जरूरी है। यहां प्लानिंग, धैर्य और सही लोगों का साथ बहुत महत्वपूर्ण है।” महिलाओं को करना चाहिए अपनी क्षमताओं पर भरोसा: पूजा ने कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना चाहिए। सही तैयारी, बाइक और रूट की जानकारी तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देकर वे लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्राएं कर सकती हैं। मेरे लिए यह सफर खुद को चुनौती देने, नए अनुभव हासिल करने और दूसरे राइडर्स के साथ यादगार सफर साझा करने का अनुभव रहा। 30 अगस्त को शुरू हुआ यह सफर 14 सितंबर को भोपाल वापसी के साथ पूरा हुआ। पूजा का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल रोमांच हासिल करना नहीं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी बाइकिंग और एडवेंचर राइडिंग के लिए प्रेरित करना है।
- ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।1
- UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा1
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- *कांग्रेस की झूठ की मशीन फिर बेनकाब!* ⛔️ UPI को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया भ्रम कि ₹2,000 से ऊपर के हर ट्रांजैक्शन पर सरचार्ज लगेगा, पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। सच्चाई यह है कि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त है। गुमराह करने के बजाय कांग्रेस को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। देश की जनता अब कांग्रेस के झूठ को समझ चुकी है! *सुनिए, पूरी सच्चाई! ⬆️*1
- हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर उमरिया नगर सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई । महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह स्मृति की याद में मनाया जाता है । तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह व्रत धारण करती है ।1
- धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।1
- उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।4
- नगर में गड्ढा या गड्ढे में नगर बादल सड़के जनता परेशान. उमरिया जिले से ब्यूरो चीफ शम्मी खान नियाजी. Mo. No✨78690837101