सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा: ‘दोस्ती’ से शुरू होकर ठगी तक का जाल सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा: ‘दोस्ती’ से शुरू होकर ठगी तक का जाल नई दिल्ली/लखनऊ, विशेष रिपोर्ट: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। हाल ही में पुलिस और साइबर सेल की जांच में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां कुछ गिरोह नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते हैं। कैसे काम करता है यह गिरोह? जांच के अनुसार, आरोपी पहले फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म पर आकर्षक प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद वे टारगेट यूजर्स को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और धीरे-धीरे बातचीत शुरू करते हैं। कुछ समय बाद वे वीडियो कॉल या निजी चैट के जरिए भरोसा जीतते हैं। इसके बाद पीड़ित को बहला-फुसलाकर आपत्तिजनक वीडियो या फोटो रिकॉर्ड कर लिए जाते हैं। फिर शुरू होता है असली खेल— आरोपी उन वीडियो/फोटो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग करते हैं। पीड़ितों की संख्या बढ़ी साइबर क्राइम विभाग के अनुसार, ऐसे मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। कई लोग शर्म या डर के कारण शिकायत नहीं करते, जिससे अपराधियों का मनोबल और बढ़ता है। पुलिस की चेतावनी अधिकारियों ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है: अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें वीडियो कॉल या निजी जानकारी साझा करने से बचें किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें विशेषज्ञों की राय साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पूरी तरह से योजनाबद्ध अपराध है, जिसमें मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर लोगों को डराया जाता है। जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। निष्कर्ष सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। (रिपोर्ट: साइबर सुरक्षा डेस्क)
सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा: ‘दोस्ती’ से शुरू होकर ठगी तक का जाल सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग गैंग का खुलासा: ‘दोस्ती’ से शुरू होकर ठगी तक का जाल नई दिल्ली/लखनऊ, विशेष रिपोर्ट: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। हाल ही में पुलिस और साइबर सेल की जांच में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां कुछ गिरोह नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठते हैं। कैसे काम करता है यह गिरोह? जांच के अनुसार, आरोपी पहले फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य प्लेटफॉर्म पर आकर्षक प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद वे टारगेट यूजर्स को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और धीरे-धीरे बातचीत शुरू करते हैं। कुछ समय बाद वे वीडियो कॉल या निजी चैट के जरिए भरोसा जीतते हैं। इसके बाद पीड़ित को बहला-फुसलाकर आपत्तिजनक वीडियो या फोटो रिकॉर्ड कर लिए जाते हैं। फिर शुरू होता है असली खेल— आरोपी उन वीडियो/फोटो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग करते हैं। पीड़ितों की संख्या बढ़ी साइबर क्राइम विभाग के अनुसार, ऐसे मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। कई लोग शर्म या डर के कारण शिकायत नहीं करते, जिससे अपराधियों का मनोबल और बढ़ता है। पुलिस की चेतावनी अधिकारियों ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है: अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें वीडियो कॉल या निजी जानकारी साझा करने से बचें किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें विशेषज्ञों की राय साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पूरी तरह से योजनाबद्ध अपराध है, जिसमें मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर लोगों को डराया जाता है। जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। निष्कर्ष सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। (रिपोर्ट: साइबर सुरक्षा डेस्क)
- माधोटांडा की 'दुआ' ने बिखेरी मुस्कान की रोशनी: गोदान नर्सिंग होम में जन्मी नन्ही परी बनीं सबकी लाडली माधोटांडा (पीलीभीत): कहते हैं कि बच्चों की मुस्कान में ईश्वर का वास होता है, और माधोटांडा की नन्ही 'दुआ' ने इस बात को सच कर दिखाया है। अपनी मासूमियत और जादुई मुस्कान से दुआ इस समय न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र की चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। खुशियों का आगाज़: 15 जून की वो खूबसूरत तारीख दुआ का जन्म पिछले वर्ष 15 जून 2025 को गोदान नर्सिंग होम में हुआ था। जन्म के पहले दिन से ही अपनी चमकती आँखों और प्यारी मुस्कान के साथ उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। आज दुआ न केवल अपने माता-पिता के आंगन की रौनक हैं, बल्कि उनकी आँखों का तारा बन चुकी हैं। सोशल मीडिया और गलियों में चर्चा माधोटांडा की गलियों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक, दुआ की तस्वीरें और उनकी खिलखिलाहट लोगों के दिलों को सुकून पहुँचा रही है। जिसने भी दुआ को देखा, वह उनकी मुस्कान का कायल हो गया। "दुआ हमारे घर की सबसे बड़ी नियामत है। उसकी एक मुस्कान हमारी दिनभर की थकान मिटा देती है। वह सिर्फ हमारी बेटी नहीं, हमारे घर की रूह है।" — दुआ के माता-पिता एक अद्वितीय व्यक्तित्व अक्सर बच्चे अजनबियों को देखकर संकुचित हो जाते हैं, लेकिन दुआ की खासियत उनकी निस्वार्थ मुस्कान है। गोदान नर्सिंग होम के स्टाफ का भी कहना है कि दुआ जैसे खुशमिजाज बच्चे कम ही देखने को मिलते हैं, जो अपने आसपास के माहौल को सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। मुख्य बिंदु: नाम: दुआ जन्म तिथि: 15 जून 2025 जन्म स्थान: गोदान नर्सिंग होम विशेषता: जादुई मुस्कान और सकारात्मक ऊर्जा दुआ के माता-पिता के लिए उनकी यह नन्ही जान उनके जीवन का सबसे अनमोल तोहफा है। पूरा माधोटांडा आज दुआ की सलामती और उनकी इस बेशकीमती मुस्कान के बने रहने की कामना कर रहा है।1
- पूरनपुर के एक युवक ने अपने घर पर ही। बहुत सुन्दर प्रस्तुति गीत गाया है ..नाम है जीत1
- स्वास्थ्य विभाग टीम के द्वारा निशुल्क एक्स-रे किए गए1
- उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत से इस वक्त की एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहां अचानक लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां और जीवन भर की पूंजी को मिनटों में खाक कर दिया। मामला जनपद पीलीभीत के थाना हजारा क्षेत्र के ट्रांस शारदा इलाके का है। यहां स्थित ग्राम राणा प्रताप नगर में रविवार दोपहर करीब 3 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच आग ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।1
- हजारा,पीलीभीत। जनपद पीलीभीत के ट्रांस शारदा क्षेत्र स्थित थाना हजारा के ग्राम राणा प्रताप नगर में रविवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। दोपहर करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और लगभग आधा दर्जन घरों को अपनी चपेट में लेकर राख कर दिया। घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार इस भीषण हादसे में प्रभु नाथ (55) पुत्र बंसी और काशिम अली (44) पुत्र मकसूद आग में झुलस गए। दोनों घायलों को आनन-फानन में प्राथमिक उपचार के लिए पलिया अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और बाल्टी, ट्यूबवेल व अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।आग की चपेट में आकर काशिम अली का ट्रैक्टर पूरी तरह जल गया। साथ ही पंपिंग सेट, चारा मशीन, बैलगाड़ी और अन्य कृषि उपकरण भी खाक हो गए। इसके अलावा दो बकरियां भी जलकर मर गईं और भारी मात्रा में घरेलू सामान राख हो गया। इस घटना में लाल बहादुर पुत्र बंसी, मेराज पुत्र मकसूद और सोभनाथ को भी गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।आग की इस भयावह घटना ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी कुछ ही मिनटों में राख हो गई। प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और उनके सामने भोजन व आश्रय का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव में मातम और बेबसी का माहौल है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि आग लगने के कारणों का जल्द पता लगाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।फिलहाल प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने की सूचना है, लेकिन ग्रामीणों ने राहत और सहायता कार्यों में तेजी लाने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।2
- पीलीभीत। जनपद में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं ने बिजली घर पहुंच कर जमकर खरी खोटी सुनाई। वीडियो वायरल।1
- अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में ब्राह्मण समाज के लोगों की भारी भागीदारी रही, जिससे पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के त्रिलोकी नाथ मंदिर से हुआ, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान परशुराम की झांकी को रवाना किया गया। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज के लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में एकता, धर्म और संस्कृति को बनाए रखने का संदेश दिया। शोभायात्रा में शामिल लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- पीलीभीत टाइगर रिजर्व: अचानक जिप्सी के सामने आया 'जंगल का राजा', थम गईं सैलानियों की सांसें पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के मशहूर पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) में इन दिनों सैलानियों का रोमांच चरम पर है। शनिवार शाम की सफारी के दौरान उस समय एक अद्भुत और रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा देखने को मिला, जब एक विशालकाय बाघ अचानक पर्यटकों की जिप्सी के सामने आ गया। सैलानियों की थमी धड़कनें, गूंजी प्रार्थनाएं जंगल की सैर पर निकले पर्यटक उस समय सन्न रह गए जब उनकी गाड़ी के ठीक सामने झाड़ियों से निकलकर बाघ सड़क पर आ गया। अचानक हुए इस आमना-सामने से कुछ पर्यटक बुरी तरह सहम गए और डर के मारे प्रार्थना करने लगे। वहीं, कुछ रोमांच के शौकीनों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरे में कैद किया और बाघ की तस्वीरें व सेल्फी लीं। राजा की तरह पार की सड़क प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ बेहद शांत मुद्रा में था। उसने बिना किसी आक्रामकता के, बिल्कुल शाही अंदाज में जिप्सी के आगे से सड़क पार की और घने जंगल की ओर बढ़ गया। करीब 2-3 मिनट तक चले इस 'फेस-ऑफ' ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया। बढ़ रहा है पर्यटन का ग्राफ गर्मी का मौसम शुरू होते ही पीटीआर में बाघों के दीदार की घटनाएं बढ़ गई हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जल स्रोतों के आसपास बाघों की आवाजाही अधिक होने के कारण चूका गेट और मुस्तफाबाद जोन में अक्सर ऐसे नजारे देखने को मिल रहे हैं। "यह मेरी जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव था। बाघ को इतने करीब से देखना जितना डरावना था, उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत।" — एक रोमांचित पर्यटक मुख्य बातें: स्थान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व (चूका ईको-टूरिज्म स्पॉट के पास) नजारा: जिप्सी के आगे से बाघ का सड़क पार करना। स्थिति: पर्यटक सुरक्षित, बाघ अपनी मस्ती में जंगल की ओर रवाना।1