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बिहार के गया जिले के बाराचट्टी में पुलिस ने लूटे गए सब्जी वाहन को 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
Ganesh Prasad Ganesh Prasad
बिहार के गया जिले के बाराचट्टी में पुलिस ने लूटे गए सब्जी वाहन को 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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- चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी पंचायत के देवरिया गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। वर्ष 2007 में निर्मित यह भवन अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जहां छत का प्लास्टर लगातार टूटकर गिर रहा है और बारिश के दिनों में पूरी छत टपकती है। हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका के बीच करीब 30 मासूम नौनिहाल रोजाना इसी खतरनाक भवन में पढ़ने और पोषण सेवाएं लेने के लिए पहुंचते हैं। इस केंद्र में केवल जर्जर भवन ही नहीं, बल्कि पेयजल की भी गंभीर समस्या बनी हुई है। परिसर में कोई जलमीनार नहीं है और एकमात्र चापाकल भी पिछले डेढ़ साल से खराब पड़ा है। इसके चलते प्यास बुझाने के लिए बच्चों को आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ता है, जबकि मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए रसोइया को भी गांव के दूसरे घरों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई पहल हुई है। आंगनबाड़ी सेविका सबरी देवी ने बताया कि जर्जर भवन और पानी की समस्या को लेकर सुपरवाइजर को कई बार लिखित और मौखिक जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। भवन की खराब स्थिति के कारण बच्चों को मजबूरी में बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। वहीं, सहायिका फुलवा देवी ने बताया कि पानी की व्यवस्था न होने से केंद्र का संचालन भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से शीघ्र नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण और पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस संबंध में हंटरगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी सह सीडीपीओ निखिल गौरव कमान कच्छप से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।1
- गया में इस्कॉन द्वारा भगवान श्रीजगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा एवं सुदर्शन की भव्य रथयात्रा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। इस भव्य रथयात्रा का शुभारंभ बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष ने किया। इस धार्मिक उत्सव के अवसर पर अनुप केड़िया, कौशलेंद्र प्रताप एवं डॉ. रंजीत प्रकाश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक बिजली की सजावट से सुसज्जित रथ पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का विधिवत स्वागत कर उन्हें विराजमान कराया गया, जिसके बाद उन्हें छप्पन भोग अर्पित कर भव्य आरती संपन्न की गई। रथयात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस्कॉन गया के मंदिर अध्यक्ष ने बताया कि यह उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की उस दिव्य लीला की स्मृति में मनाया जाता है, जब श्रीमती राधारानी एवं वृंदावन की गोपियों ने कुरुक्षेत्र से भगवान श्रीकृष्ण को पुनः वृंदावन लाने की भावपूर्ण अभिलाषा के साथ उनके रथ को खींचा था। यह रथयात्रा इस्कॉन मंदिर से प्रारंभ होकर जयप्रकाश झरना, काशीनाथ मोड़, सिविल लाइंस, जी.बी. रोड, गोल पत्थर, टेकारी रोड, बाटा मोड़, स्वराजपुरी रोड, काशीनाथ मोड़, महारानी बस स्टैंड तथा गेवाल बिगहा होते हुए पुनः इस्कॉन मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया तथा हरिनाम संकीर्तन और जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। रथयात्रा के मंदिर वापस लौटने पर भगवान को पुनः छप्पन भोग अर्पित किया गया और भव्य आरती की गई। इसके उपरांत महाप्रसाद के रूप में चावल, छोले एवं हलवे का वितरण किया गया, जिसे लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर भगवान श्रीजगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पूरे भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों एवं नगरवासियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे पूरी गया नगरी भक्तिरस और आध्यात्मिक उल्लास में सराबोर हो उठी।3
- गया जिले के मानपुर प्रखंड के नौरंगा क्षेत्र में सड़क और नाली के चौड़ीकरण की मांग काफी तेज हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे हुए अतिक्रमण के कारण पूरा रास्ता बेहद संकरा हो गया है और इस वजह से नालियों का निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। लोगों की मांग है कि प्रशासन पहले सड़क पर से अतिक्रमण हटाए और उसके बाद ही सड़क व नाली के चौड़ीकरण का काम किया जाए, ताकि यह निर्माण कार्य स्थायी और पूरी तरह प्रभावी हो सके। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बरसात के दिनों में इलाके में जलजमाव और आवागमन की समस्या बेहद गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सके। अब सभी की नजरें इस समस्या पर प्रशासन की अगली कार्रवाई की ओर लगी हुई हैं।1
- बिहार के गया में इस्कॉन मंदिर की ओर से भगवान जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा और सुदर्शन की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक उत्सव के दौरान आयोजित भव्य रथ यात्रा में हजारों की संख्या में पुरुष और महिला श्रद्धालु शामिल हुए। इस पावन अवसर पर आयोजित रथ यात्रा में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी विशेष रूप से शामिल हुए।1
- झारखंड के सबसे ऊंचे पहाड़ को लेकर बेहद ही उत्साह और प्यार के साथ एक सवाल पूछा गया है। लोगों से यह जानने की उत्सुकता जताई गई है कि क्या वे जानते हैं कि झारखंड के इस सबसे ऊंचे पहाड़ का नाम आखिर क्या है।1
- बिहार के गया के टेकरी राज को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इस संबंध में एक नया वीडियो अपडेट जारी किया गया है, जिसमें इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी के लिए दर्शकों से पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ. मनीष पंकज मिश्रा तथा राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता सहित अन्य नेताओं ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से पौधारोपण किया। बिहार के गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत इन नेताओं ने आम और अमरूद सहित अन्य फलदार पौधे लगाए। इस दौरान उन्होंने लोगों से पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। लगातार बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र के कारण प्रकृति का संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य देने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा जन-आंदोलन है। राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता ने फलदार वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आम और अमरूद जैसे पेड़ भविष्य में पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ लोगों को फल और पोषण भी उपलब्ध कराएंगे। वृक्ष वायु को शुद्ध करने, तापमान नियंत्रित रखने, जैव विविधता को बढ़ावा देने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने और भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक होते हैं। इस आयोजन में गोपाल प्रसाद यादव, सुनील मिश्रा, संतोष ठाकुर, राजू मिश्रा, राणा रणजीत सिंह, विजय प्रसाद उर्फ काला नाग, महेश मिश्रा, संतोष कुमार, डॉ. अशोक, मिहिर कुमार, पूनम कुमारी, श्याम किशोर मिश्रा, मिराज अंसारी, नवलेश सिंह, धर्मेंद्र कुमार और इंदु भूषण मिश्रा सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।1
- बिहार के शेरघाटी में निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ मंझार गाँव में एक दीवार गिरने से मजदूर की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच में जुट गई है।1