इंदौर के ट्रांसपोर्ट नगर की बदतर स्थिति ने शहर की स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। इस औद्योगिक कमर्शियल क्षेत्र में व्यापारियों से भारी टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही है। बरसात के मौसम में यहां की कच्ची सड़कें कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं, जहां मैकेनिक और अन्य कर्मचारी पानी और कीचड़ के बीच काम करने के लिए मजबूर हैं। इस क्षेत्र में दुकानदारों की मनमानी और बड़े पैमाने पर किए गए अतिक्रमण का राज है। स्थिति यह है कि 15 फीट की दुकानों वाले लोगों ने 30-30 फीट की सड़कों पर कब्जा जमा रखा है। सुब्हान टायर वाली गली, राजू चाय, मैकेनिक नगर मेन रोड और कमल ऑटो पार्ट्स की गलियों समेत ट्रांसपोर्ट नगर की हर गली में दुकानदारों का अवैध कब्जा बना रहता है। इस बेतरतीब अतिक्रमण के कारण अक्सर व्यापारियों के बीच विवाद और लड़ाई-झगड़े की नौबत आ जाती है। नगर निगम के झोन 13 की हकीकत यह है कि सड़कें कागजों पर तो पास हैं, लेकिन धरातल पर वे कच्ची और गड्ढों में समाई हुई हैं। इसके अलावा, इस पूरे क्षेत्र में दूर-दूर तक पीने के पानी के प्याऊ और सुलभ शौचालय तक की कोई व्यवस्था नहीं है। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक कमर्शियल हब के हालात बेहद बदतर बने हुए हैं।
इंदौर के ट्रांसपोर्ट नगर की बदतर स्थिति ने शहर की स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। इस औद्योगिक कमर्शियल क्षेत्र में व्यापारियों से भारी टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही है। बरसात के मौसम में यहां की कच्ची सड़कें कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील
हो जाती हैं, जहां मैकेनिक और अन्य कर्मचारी पानी और कीचड़ के बीच काम करने के लिए मजबूर हैं। इस क्षेत्र में दुकानदारों की मनमानी और बड़े पैमाने पर किए गए अतिक्रमण का राज है। स्थिति यह है कि 15 फीट की दुकानों वाले लोगों ने 30-30 फीट की सड़कों पर कब्जा जमा रखा है। सुब्हान टायर वाली
गली, राजू चाय, मैकेनिक नगर मेन रोड और कमल ऑटो पार्ट्स की गलियों समेत ट्रांसपोर्ट नगर की हर गली में दुकानदारों का अवैध कब्जा बना रहता है। इस बेतरतीब अतिक्रमण के कारण अक्सर व्यापारियों के बीच विवाद और लड़ाई-झगड़े की नौबत आ जाती है। नगर निगम के झोन 13 की हकीकत यह है कि सड़कें कागजों पर तो
पास हैं, लेकिन धरातल पर वे कच्ची और गड्ढों में समाई हुई हैं। इसके अलावा, इस पूरे क्षेत्र में दूर-दूर तक पीने के पानी के प्याऊ और सुलभ शौचालय तक की कोई व्यवस्था नहीं है। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक कमर्शियल हब के हालात बेहद बदतर बने हुए हैं।
- इन्दौर जिले के महू में एक शिक्षिका ने न्याय की गुहार लगाते हुए किशनगंज थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिक्षिका द्वारा पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर अपने लिए इंसाफ की मांग की जा रही है।1
- केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री (सीकेवाईसीआर) में दर्ज आपकी केवाईसी जानकारी से जुड़ी 14 अंकों की विशिष्ट सीकेवाईसी संख्या बैंकों और वित्तीय संस्थानों में खाता खोलने की प्रक्रिया को आसान बनाती है। बैंक और वित्तीय संस्थान इस संख्या का उपयोग आपकी मौजूदा केवाईसी जानकारी प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं, जिससे ग्राहकों को एक ही दस्तावेज़ बार-बार जमा करने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। अपनी सीकेवाईसी संख्या प्राप्त करने के लिए आप अपने बैंक से संपर्क कर सकते हैं या 7799022129 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कमेंट बॉक्स चेक करने और नीचे दिए गए सीकेवाईसी नंबर पर एक छोटा सा सर्वेक्षण पूरा करने के लिए भी कहा गया है। वहीं, व्हाट्सएप सूचना बंद करने के लिए 'stop' लिखने का विकल्प दिया गया है। इस संबंध में आरबीआई का संदेश है, "जानकार बनिए, सतर्क रहिए।"1
- इंदौर में महिंद्रा एंड महिंद्रा के अधिकृत डीलर सौम्या व्हीकल्स पर नाप-तौल विभाग ने ₹20,000 का जुर्माना लगाया है। सौम्या व्हीकल्स को अपने वर्कशॉप से एमआरपी (MRP) से ज्यादा दाम पर ऑयल बेचना भारी पड़ गया। इस संबंध में एक ग्राहक ने नाप-तौल विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में एक हत्याकांड के मामले में 18 साल बाद फैसला सुनाया गया है। इस मामले में दोषी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है।1
- इंदौर के दौलतगंज में कथित अवैध निर्माण की शिकायत की गई है। इस कथित अवैध निर्माण को लेकर अब संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में सरकारी चावल से भरा एक ट्राला होने का मामला सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में नौकरी का झांसा देकर बुलाई गईं युवतियों को बंधक बनाने, उनसे पैसे ठगने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवतियों ने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराई है। युवतियों के मुताबिक, उन्हें नौकरी का लालच देकर इंदौर बुलाया गया था, जहां उनसे ₹7 हजार जमा कराए गए और एक औपचारिक इंटरव्यू भी लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि बंधक बनाने के बाद उनसे और उनके परिजनों के 200 से अधिक मोबाइल नंबर लिखवाए गए। इसके साथ ही उन पर तीन अन्य सुंदर लड़कियों को भी नौकरी के बहाने बुलाने का दबाव बनाया गया। जब युवतियों ने ऐसा करने से मना किया, तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। इस पूरे मामले में अब कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इस मामले को लेकर इंदौर के डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि शिकायत के आधार पर सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- इंदौर में राग मेघ मल्हार का गायन किए जाने के बाद भी बारिश नहीं होने पर गहरी हैरानी जताई गई है। इस बात पर असमंजस व्यक्त किया गया है कि आखिर इस राग को गाने के बावजूद भी वर्षा क्यों नहीं हो रही है।1
- इंदौर से सटी ग्राम पंचायत देवगुराड़िया में पंचायत भवन के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक शौचालय अत्यंत बदहाल स्थिति में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस आंगनबाड़ी में आने वाले छोटे बच्चों के लिए पीने का पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, और न ही दैनिक उपयोग के लिए पानी की कोई समुचित व्यवस्था की गई है। पानी की इस भारी कमी के कारण मासूम बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1