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राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर भ्रामक प्रचार किए जाने के आरोपों के बाद कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने कैफीनेटेड ड्रिंक की 2950 बोतलें ज़ब्त की हैं। ज़ब्त किए गए स्टॉक के सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिए गए हैं ताकि उनकी गुणवत्ता और दावों की पुष्टि की जा सके।
Prahalad singh
राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर भ्रामक प्रचार किए जाने के आरोपों के बाद कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने कैफीनेटेड ड्रिंक की 2950 बोतलें ज़ब्त की हैं। ज़ब्त किए गए स्टॉक के सैंपल जांच के लिए लैब में भेज दिए गए हैं ताकि उनकी गुणवत्ता और दावों की पुष्टि की जा सके।
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- राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से 'दलित' शब्द को हटाने के आदेश पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस सरकारी फैसले को लेकर राज्य में लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस आदेश पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस कार्रवाई की भी बात सामने आ रही है, जिसने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है।1
- अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।1
- Post by User7241नाथुरामनायक1
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- राजस्थान के भीलवाड़ा का सबसे बड़ा महात्मा गांधी अस्पताल इस समय प्रसूताओं की लगातार मौतों को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस अस्पताल में पिछले महज एक सप्ताह के भीतर ही 5 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मौतों के बीच, अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की सैम्पलिंग रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया पॉजिटिव पाया गया है, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ओटी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने के बाद अब अस्पताल प्रशासन की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और साफ-सफाई पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि विभाग द्वारा स्टरलाइजेशन और डिसइंफेक्शन में बरती गई लापरवाही ही इन प्रसूताओं के लिए जानलेवा साबित हुई है। फिलहाल, प्रसूताओं की हुई मौतों और ओटी में मिले बैक्टीरिया के बीच सीधे संबंध की जांच की जा रही है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ मार्ग की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शाहपुरा से चलानिया तक के रास्ते में जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं और सड़क की साइडें भी खराब हो चुकी हैं। इस वजह से यहां दूर-दराज से दर्शन और पेशी के लिए आने वाले यात्रियों को, विशेषकर शनिवार और रविवार को, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन साधनों की भी भारी कमी है। शनिवार की रात और रविवार की सुबह केवल गिने-चुने ऑटो रिक्शा ही चलते हैं। सवारी मिलने पर ये ऑटो चालक रास्ते में आने वाले एक-दो गांवों का किराया भी चलानिया के हिसाब से ही वसूलते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है। चलानिया भैरुनाथ के पास सड़क के किनारों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों को मोड़ने और साइड लेने में बेहद दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।4
- राजसमंद के भीम स्थित गोहाना रिको कॉटन मिल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण भीषण आग लग गई। इस हादसे के बाद भारी मशक्कत की गई और करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया।1