*खीरी में 'साइबर लूट' का खुला खेल: क्या जनसेवा केंद्र बन गए हैं ठगी के अड्डे? पुलिस की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल* लखीमपुर खीरी। तराई के इस शांत जिले में इन दिनों साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जनता की सुविधा के लिए खोले गए 'जनसेवा केंद्र' अब ठगी के नए केंद्र बनते जा रहे हैं। *ताज़ा मामला थाना पलिया क्षेत्र से सामने आया है, फिर सदर कोतवाली, पूर्व में कई जगह घटना की जा चुकीं हैं* जहाँ पुलिस की 'रहस्यमयी खामोशी' और कथित मिलीभगत ने खाकी की साख पर बट्टा लगा दिया है। *विपिन: ठगी का 'मास्टरमाइंड' या पुलिस का 'खास'?* पीड़ितों के दावों के अनुसार, थाना पढूआ के ग्राम गैरिया निवासी विपिन पुत्र संतराम, जनसेवा केंद्रों के माध्यम से भोले-भाले ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहा है। आरोप है कि विपिन तकनीकी रूप से शातिर है और सरकारी योजनाओं या बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों के खातों में सेंध लगा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि दर्जनों शिकायतों के बाद भी विपिन सलाखों के पीछे क्यों नहीं है? क्या उसे किसी 'शक्तिशाली खाकी' का संरक्षण प्राप्त है? *10 मार्च की वारदात: अर्पित को मिला सिर्फ आश्वासन, न्याय नहीं!* ठगी का ताजा शिकार थाना पलिया के ग्राम पतवारा निवासी अर्पित बना है। बीती 10 मार्च 2026 को अर्पित के साथ हुई साइबर ठगी ने उसे दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया है। पीड़ित अर्पित ने साक्ष्यों के साथ पुलिस के चक्कर काटे, लेकिन नतीजा वही—'ढाक के तीन पात'। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डालने और 'तारीख पर तारीख' देने के खेल में मशगूल है। *भ्रष्टाचार की बू: क्या थाने और साइबर सेल में हो रही है 'सेटिंग'?* स्थानीय जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर साइबर थाना और संबंधित थानों की पुलिस आरोपियों पर मेहरबान क्यों है? आरोप लग रहे हैं कि विपक्षी पक्ष (आरोपियों) के साथ पुलिस की सांठगांठ हो चुकी है। मामले को रफा-दफा करने के लिए 'अदृश्य लेन-देन' की चर्चाएं भी आम हैं। जब रक्षक ही भक्षक के साथ साठगांठ कर लेंगे, तो गरीब जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी? *SP महोदया की चुप्पी... लापरवाही या अनभिज्ञता?* जिले की कमान एक महिला पुलिस अधीक्षक (SP) के हाथों में है, जिनसे जनता को त्वरित न्याय की उम्मीद थी। लेकिन अपनी ही नाक के नीचे हो रहे इस संगठित साइबर अपराध और मातहतों की लापरवाही पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। *क्या लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गाज गिरेगी ? पलिया क्षेत्र में ग्राम पतवारा में हुई घटना पीड़ित अर्पित का अभी तक पुलिस ने मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया ?* क्या विपिन जैसे अपराधियों को जेल भेजा जाएगा? *जनता का अल्टीमेटम: अब न्याय चाहिए, आश्वासन नहीं!* पीड़ितों और ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जल्द ही मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
*खीरी में 'साइबर लूट' का खुला खेल: क्या जनसेवा केंद्र बन गए हैं ठगी के अड्डे? पुलिस की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल* लखीमपुर खीरी। तराई के इस शांत जिले में इन दिनों साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जनता की सुविधा के लिए खोले गए 'जनसेवा केंद्र' अब ठगी के नए केंद्र बनते जा रहे हैं। *ताज़ा मामला थाना पलिया क्षेत्र से सामने आया है, फिर सदर कोतवाली, पूर्व में कई जगह घटना की जा चुकीं हैं* जहाँ पुलिस की 'रहस्यमयी खामोशी' और कथित मिलीभगत ने खाकी की साख पर बट्टा लगा दिया है। *विपिन: ठगी का 'मास्टरमाइंड' या पुलिस का 'खास'?* पीड़ितों के दावों के अनुसार, थाना पढूआ के ग्राम गैरिया निवासी विपिन पुत्र संतराम, जनसेवा केंद्रों के माध्यम से भोले-भाले ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहा है। आरोप है कि विपिन तकनीकी रूप से शातिर है और सरकारी योजनाओं या बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों के खातों में सेंध लगा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि दर्जनों शिकायतों के बाद भी विपिन सलाखों के पीछे क्यों नहीं है? क्या उसे किसी 'शक्तिशाली खाकी' का संरक्षण प्राप्त है? *10 मार्च की वारदात: अर्पित को मिला सिर्फ आश्वासन, न्याय नहीं!* ठगी का ताजा शिकार थाना पलिया के ग्राम पतवारा निवासी अर्पित बना है। बीती 10 मार्च 2026 को अर्पित के साथ हुई साइबर ठगी ने उसे दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया है। पीड़ित अर्पित ने साक्ष्यों के साथ पुलिस के चक्कर काटे, लेकिन नतीजा वही—'ढाक के तीन पात'। पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डालने और 'तारीख पर तारीख' देने के खेल में मशगूल है। *भ्रष्टाचार की बू: क्या थाने और साइबर सेल में हो रही है 'सेटिंग'?* स्थानीय जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर साइबर थाना और संबंधित थानों की पुलिस आरोपियों पर मेहरबान क्यों है? आरोप लग रहे हैं कि विपक्षी पक्ष (आरोपियों) के साथ पुलिस की सांठगांठ हो चुकी है। मामले को रफा-दफा करने के लिए 'अदृश्य लेन-देन' की चर्चाएं भी आम हैं। जब रक्षक ही भक्षक के साथ साठगांठ कर लेंगे, तो गरीब जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी? *SP महोदया की चुप्पी... लापरवाही या अनभिज्ञता?* जिले की कमान एक महिला पुलिस अधीक्षक (SP) के हाथों में है, जिनसे जनता को त्वरित न्याय की उम्मीद थी। लेकिन अपनी ही नाक के नीचे हो रहे इस संगठित साइबर अपराध और मातहतों की लापरवाही पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। *क्या लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गाज गिरेगी ? पलिया क्षेत्र में ग्राम पतवारा में हुई घटना पीड़ित अर्पित का अभी तक पुलिस ने मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया ?* क्या विपिन जैसे अपराधियों को जेल भेजा जाएगा? *जनता का अल्टीमेटम: अब न्याय चाहिए, आश्वासन नहीं!* पीड़ितों और ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जल्द ही मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
- पलिया क्षेत्र के ग्राम चम्बरबोझ में हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराया गया सीसी रोड का निर्माण ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय परेशानी का सबब बन गया है। सड़क जमीन के स्तर से काफी ऊंची है, जबकि दोनों किनारों पर मिट्टी नहीं डाली गई है। इससे सड़क किनारे गहरी ढलान बन गई है, जो आए दिन हादसों को न्योता दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद से ई-रिक्शा और बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह समस्या खड़ी हुई है। गांव के लोगों ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि सड़क के दोनों किनारों पर जल्द से जल्द मिट्टी डलवाई जाए या इंटरलॉकिंग लगाकर रास्ते को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि हादसों पर रोक लग सके।1
- ईसानगर (लखीमपुर खीरी), थाना क्षेत्र ईसानगर के अंतर्गत ग्राम सभा रामलोक के मजरा ढेकीपुरवा में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र में फैली दहशत समाप्त हो गई है और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई दिनों से ढेकीपुरवा व आसपास के गांवों में तेंदुए की सक्रियता देखी जा रही थी। खेतों और आबादी के नजदीक तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाओं के बाद वन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पिंजरा लगवाया था। बीती रात लगभग [समय] तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया। इस संबंध में ईसानगर रेंज के रेंजर [रेंजर का नाम] ने बताया, “तेंदुए को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया है। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों से अपील है कि सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।” तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और राहत महसूस की।1
- ये महाराष्ट्र के वसई का बेहद खतरनाक वीडियो है 4 साल के बच्चे को उठाकर जमीन पर पटक दिया, बच्चे को जमीन पर पटकने वाले का नाम संदीप पवार है संदीप का बच्चे के पिता से विवाद चल रहा था, उसी दुश्मनी में ऐसा किया बच्चा अस्पताल में भर्ती है, संदीप को पुलिस ने पकड़ लिया है1
- घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग हस्तक्षेप करने के बजाय वीडियो बनाते रहे,, बिहार के नालंदा जिले से एक महिला के साथ छेड़छाड़ और सामूहिक दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग महिला को पकड़कर उसके साथ जबरन अभद्रता और बेहद अश्लीलता भरी हरकतें करते खुलेआम सड़क पर दिखाई दे रहे हैं, वीडियो भी बनाया जा रहा है घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग हस्तक्षेप करने के बजाय वीडियो बनाते रहे, मामले में पांच दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है, जिसमें गैंगरेप की कोशिश सहित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, एफआईआर में अशोक यादव, महालू महतो और रविकांत कुमार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- 📰 लखीमपुर खीरी: हाईकोर्ट नोटिस के बावजूद कब्रिस्तान भूमि पर निर्माण, JCB चलने से बढ़ा विवाद लखीमपुर खीरी (अपराध संवाददाता)। जनपद के सैदापुर देवकली एवं सैदापुर भाउ क्षेत्र में कब्रिस्तान की भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज तक मार्ग निर्माण के लिए कई गाटा संख्याओं का अधिग्रहण किया गया, लेकिन राजस्व ग्राम सैदापुर देवकली की गाटा संख्या 750, जो अभिलेखों में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, उसका अधिग्रहण नहीं किया गया। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा उक्त गाटा संख्या से सड़क निर्माण कराए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि मुस्लिम समुदाय के दफन के लिए उपयोग में आती है, ऐसे में यहां निर्माण कार्य से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। मामले को लेकर कब्रिस्तान पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से नोटिस भी जारी हो चुका है। आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा मौके पर जेसीबी चलाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद जेसीबी को वापस ले जाया गया। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।2
- धौरहरा के रामलोक मे अभी अभी तेंदुवा पिंजड़े मे पकड़ा गया1
- “सर, कारण बताइये. सर, कारण बताइए” लखनऊ में एक युवक परिवार के साथ रेस्टोरेंट में खाना खा रहा था इतने में सादी वर्दी में (एक वर्दी में) कुछ पुलिस वाले आए और युवक को उठा ले गए बच्चे को रोते हुए वीडियो में देखा जा सकता है1