Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की कलेक्ट्रेट में एक फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ा गया है। स्थानीय लोगों को उसके बालों के स्टाइल, दाढ़ी, सिंगल स्टार लगी ढीली वर्दी देखकर शक हुआ। शक के आधार पर मौके पर ही उसे पकड़कर पूछताछ की गई, जिसके बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई।
Journalist Sonu Pal
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की कलेक्ट्रेट में एक फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ा गया है। स्थानीय लोगों को उसके बालों के स्टाइल, दाढ़ी, सिंगल स्टार लगी ढीली वर्दी देखकर शक हुआ। शक के आधार पर मौके पर ही उसे पकड़कर पूछताछ की गई, जिसके बाद उसकी सच्चाई सामने आ गई।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के अटरिया थाने में तैनात एक दरोगा पर एक मुकदमे से नाम हटाने के एवज में पैसे मांगने का आरोप लगा है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। वायरल दावों के अनुसार, दरोगा पर शुरुआत में 10 हजार रुपये की मांग करने का आरोप है, हालांकि बाद में 5 हजार रुपये में बात तय होने की बात सामने आई। यह मामला संज्ञान में आते ही संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिधौली को सौंपी है, और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- मोदी सरकार को 'वन नेशन, वन इलेक्शन' (ONOE) और परिसीमन (Delimitation) जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों को पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत, यानी 362 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में, विपक्षी दलों में टूट के बावजूद, सरकार को इन विधेयकों को पारित कराने के लिए अभी भी 44 और सांसदों के समर्थन या पर्याप्त अनुपस्थिति की आवश्यकता होगी। जून 2026 तक की संख्या बल और राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, 543 सदस्यों वाले सदन में संविधान संशोधन के लिए कम से कम 362 सांसदों या 'उपस्थित और मतदान करने वालों' के दो-तिहाई बहुमत (जो लगभग 360 है) की आवश्यकता होती है। इसी क्रम में, विपक्षी दलों में टूट देखने को मिली है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने एक अलग गुट बनाकर सरकार को समर्थन देने का संकेत दिया है। इसके अतिरिक्त, उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने भी एक अलग गुट बनाकर एनडीए (NDA) के एकनाथ शिंदे गुट को समर्थन देने का फैसला किया है।2
- मोहर्रम के पहले दिन बुधवार को लखनऊ में हुसैनाबाद ट्रस्ट द्वारा पारंपरिक शाही जरी का जुलूस निकाला जा रहा है। इस जुलूस में शिया समुदाय के बड़ी संख्या में लोग काले वस्त्र पहनकर शामिल हुए हैं।3
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित अजीजपुर गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में बीती रात चोरों ने कई किसानों के ट्यूबवेल की केबल काट दी। यह घटना झिंझाना थाना क्षेत्र में हुई। किसानों का कहना है कि यह चोरी की पहली घटना नहीं है, बल्कि ऐसी वारदातें पहले भी होती रही हैं। उन्होंने शामली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और चोरों को पकड़ने की अपील की है।1
- सुल्तानपुर डिपो परिसर में यात्री सुविधाओं के नाम पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा अतिरिक्त शुल्क वसूलने के बावजूद यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है। यात्रियों से टिकट में सुविधा शुल्क लिया जाता है, लेकिन डिपो में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और धूम्रपान निषेध जैसे वादे पूरे नहीं होते, जो निगम की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होने चाहिए। यात्रियों की शिकायत है कि उन्हें पेयजल के लिए विशेष परेशानी होती है। रोटरी क्लब द्वारा सुल्तानपुर डिपो परिसर में लगाए गए वाटर कूलर का रखरखाव भी निगम नहीं करता, जिसके कारण आए दिन उसकी टोंटी टूटी रहती है, कूलर खराब होता है या पानी ही खत्म हो जाता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को अंततः पानी खरीदकर पीना पड़ता है। इस समस्या पर स्टेशन अधीक्षक से लेकर एआरएम तक के अधिकारी बोलने से कतराते हैं। यात्री सवाल उठा रहे हैं कि उनसे लिया जाने वाला यात्री सुविधा शुल्क आखिर खर्च कहाँ हो रहा है, क्योंकि सुविधा के नाम पर उन्हें सिर्फ 'झुनझुना पकड़ाया' जा रहा है।1
- लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के मकबूलगंज में एक पड़ोसी विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि एक महिला ने पड़ोसी की दीवार तोड़कर वहाँ जबरन गेट लगवा दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी राहुल को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस ने कथित तौर पर आश्वासन दिया था कि पहले तोड़ी गई दीवार का पुनर्निर्माण कराया जाएगा, उसके बाद ही आरोपी को छोड़ा जाएगा। इस दौरान राहुल की मौसी और मामी ने भी दीवार बनवाने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने राहुल के खिलाफ केवल हल्की धाराओं में कार्रवाई की और बिना दीवार बनवाए या गेट हटवाए उसे छोड़ दिया। इस पुलिस कार्रवाई से पीड़ित पक्ष में काफी नाराज़गी है और उन्होंने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परिवार ने अपनी संपत्ति को नुकसान पहुँचने के बावजूद अपेक्षित कानूनी कार्रवाई न होने की शिकायत की है और मकबूलगंज चौकी इंचार्ज पर लापरवाही बरतने तथा न्याय न दिलाने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अब उच्च पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच, अवैध गेट को हटवाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो दबंगों के हौसले बढ़ सकते हैं। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सबकी नज़र उच्च अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।2
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश की लेखिका और कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने लोकमित्र न्यूज़ पेपर के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने अख़बार को उनकी रचनाओं को अपने प्रकाशन में स्थान देने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया है।1