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विदिशा और सोराई रेलवे स्टेशन के बीच पटरी पर ग्राम अनुवाई निवासी 52 वर्षीय लीला कृष्ण प्रजापति का शव मिला है। उनकी मौत एक अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। परिजनों ने बताया कि लीला कृष्ण कल शाम 6 बजे तक ठीक थे, जिसके बाद उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। सिविल लाइन पुलिस ने शव की पहचान करते हुए परिजनों को घटना की सूचना दी। आज मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके उपरांत उसे परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के बहनोई, जो मानोरा के निवासी हैं, ने पुष्टि की कि उन्हें पुलिस द्वारा ही पटरी के पास शव होने की जानकारी दी गई थी।
Vinod Mehra
विदिशा और सोराई रेलवे स्टेशन के बीच पटरी पर ग्राम अनुवाई निवासी 52 वर्षीय लीला कृष्ण प्रजापति का शव मिला है। उनकी मौत एक अज्ञात ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। परिजनों ने बताया कि लीला कृष्ण कल शाम 6 बजे तक ठीक थे, जिसके बाद उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। सिविल लाइन पुलिस ने शव की पहचान करते हुए परिजनों को घटना की सूचना दी। आज मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके उपरांत उसे परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के बहनोई, जो मानोरा के निवासी हैं, ने पुष्टि की कि उन्हें पुलिस द्वारा ही पटरी के पास शव होने की जानकारी दी गई थी।
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- मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस ने विदिशा के माधवगंज चौराहा पर किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए माननीय मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीत सिंह दांगी ने आरोप लगाया कि प्रदेश का अन्नदाता अपनी ही सरकार की किसान विरोधी नीतियों से सर्वाधिक परेशान है। उन्होंने खाद की समय पर अनुपलब्धता, खाद की कालाबाजारी, बिजली का अभाव, ई-टोकन व्यवस्था की अव्यवस्था और फसलों के उचित मूल्य न मिलने जैसी गंभीर समस्याओं का उल्लेख किया। दांगी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित नहीं हुई, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त नहीं की गई और प्रतिदिन 12 घंटे निर्बाध बिजली नहीं मिली, तो किसान कांग्रेस गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित करेगी और जिले से लेकर भोपाल तक एक व्यापक और चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि किसान कांग्रेस किसानों के सम्मान, अधिकार और उनके हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी और उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी विदिशा के अध्यक्ष श्री मोहित रघुवंशी ने भाजपा सरकार को किसान हितैषी होने का दिखावा करने वाली बताया, जबकि धरातल पर किसान खाद, बिजली और उपज बेचने जैसी मूलभूत दिक्कतों से जूझ रहे हैं। उन्होंने किसान कांग्रेस के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी है और उनकी आवाज को सड़क से सदन तक उठाएगी। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका किरार ने किसान परिवारों की महिलाओं की समस्याओं पर जोर देते हुए सरकार की विफलताओं का प्रमाण बताया। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सरकार को समय पर खाद उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी में विफल बताते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी यदि किसानों की मांगों की अनदेखी जारी रही। धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन की प्रमुख मांगों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना, कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना, मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करना, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करना और किसानों को प्रतिदिन 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना शामिल था। इस कार्यक्रम में किसान नेता राजेश दुबे, प्रदेश महामंत्री रमेश तिवारी, नीलम रघुवंशी, जिला निर्वाचन प्रभारी अंकुर गुप्ता, जिला प्रवक्ता अरुण अवस्थी, मानव ताम्रकार, असलम पटेल, युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष वैभव भारद्वाज, प्रदेश सचिव निर्भय सिंह लोधी, नीतू सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेसजन एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।4
- रायसेन की कोतवाली थाना पुलिस ने यशवंत नगर में हुए सूने मकान की चोरी का खुलासा कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चोरी गए सोने के आभूषण, एक लैपटॉप, पेन ड्राइव और नगदी बरामद की गई है। पकड़े गए सभी आरोपी आदतन अपराधी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, यशवंत नगर निवासी फरियादी उमेश कुमार शर्मा बीती 15 जून को सपरिवार एक विवाह समारोह में शामिल होने सिलवानी गए थे। जब वे 25 जून की रात वापस लौटे, तो उन्हें अपने घर के ताले टूटे मिले। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और 45,000 रुपये नगद गायब थे। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अपने मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। इन संदिग्धों की पहचान घाटमपुरा निवासी 46 वर्षीय राकेश कुशवाह, मुखर्जी नगर निवासी 26 वर्षीय मुकेश बंजारा और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय छोटू उर्फ नरेश रैकवार के रूप में हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर, सभी आरोपियों ने चोरी की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस ने इन तीनों आदतन अपराधियों को न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।1
- मौजूदा समय में किसान अत्यंत परेशान नजर आ रहे हैं। इसी के साथ गौ माता भी बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना कर रही हैं।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सोशल मीडिया पर एक कथित धमकी सामने आने के बाद उसकी जाँच शुरू होने की खबर आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेलबर्न में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ी पोस्ट पर की गई टिप्पणी के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। फिलहाल, इस मामले की जाँच जारी है और अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1
- भोपाल के एपी नगर की एसीपी श्रीमती दिव्या ने 'SafeClick2_0' अभियान से जुड़ने और स्वयं, अपने परिवार तथा समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों को यह भी सलाह दी है कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो उन्हें घबराना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए।1
- विदिशा में पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे "सेफ क्लिक अभियान 2.0" के तहत साइबर अपराधों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे की उपस्थिति में साइबर सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान विवेकानंद चौराहा से गुलाब वाटिका तथा नीमताल से दुर्गानगर तक लगभग 06 किलोमीटर लंबी एक भव्य मानव शृंखला बनाई गई, जिसमें 07 विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हाथों में हाथ थामे साइबर सुरक्षा का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने इस पहल के माध्यम से सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता और साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने का संकल्प दोहराया। यह विशेष साइबर सुरक्षा रथ अब जिले के 100 गांवों का भ्रमण कर ग्रामीण नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने के बारे में जागरूक करेगा। अभियान के तहत, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। प्रतिभागियों ने तख्तियों और पम्पलेट्स के माध्यम से आमजन को इन हेल्पलाइन और पोर्टल की जानकारी दी, साथ ही उन्हें फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, APK फाइल, QR कोड स्कैम, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, नकली UPI भुगतान तथा OTP एवं बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। नागरिकों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करने और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने इस अवसर पर कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों की रोकथाम में सबसे प्रभावी हथियार है, और यह रथ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों को समय रहते सतर्क करेगा ताकि वे अपराधियों के झांसे में आने से बच सकें। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में, "सेफ क्लिक अभियान 2.0" के तहत जिलेभर में विद्यालयों, महाविद्यालयों, बाजारों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और स्वयं, अपने परिवार तथा समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में सक्षम बनाना है। इस कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह, थाना प्रभारी कोतवाली आनंद राज, थाना प्रभारी सिविल लाइन राजपाल सिंह जादौन, थाना यातायात प्रभारी आशीष राय, रक्षित निरीक्षक भूर सिंह चौहान, सूबेदार मेघा शर्मा, अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, 07 विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। विदिशा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे सरल उपाय है—रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने अथवा NCRP पर शिकायत दर्ज कर पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया गया है।3
- रायसेन के यशवंत नगर वार्ड क्रमांक-12 निवासी उमेश कुमार शर्मा ने 26 जून 2026 को कोतवाली थाने में एक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी के अनुसार, वह 15 जून 2026 को परिवार सहित एक विवाह समारोह में सिलवानी गए थे। 25 जून 2026 की रात लगभग 9:00 बजे जब वह वापस लौटे, तो उन्होंने पाया कि घर का मुख्य गेट बंद होने के बावजूद मकान के दरवाजे और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे, और घर का सामान बिखरा पड़ा था। जाँच करने पर सोने-चांदी के आभूषण, लगभग ₹45,000 नगद और अन्य कीमती सामान चोरी होने का पता चला। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक XX/26, धारा 331(4) और 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित की, जिसने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिरों से सूचनाएं जुटाईं और संदेह के आधार पर आरोपियों की तलाश की। इस दौरान पुलिस ने घाटमपुरा, रायसेन निवासी राकेश पिता मूलचंद कुशवाह (उम्र 46 वर्ष); मुखर्जी नगर, रायसेन निवासी मुकेश पिता केसू बंजारा (उम्र 26 वर्ष); और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रायसेन निवासी छोटू उर्फ नरेश पिता मोतीलाल रैकवार (उम्र 27 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया। आरोपी छोटू उर्फ नरेश के कब्जे से चोरी गए सोने के आभूषण, जिनमें दो कनछेड़ी, दो कान की छुनकी, एक झाला और अन्य आभूषण शामिल थे, बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, अपराध क्रमांक XX/26 से संबंधित एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव भी पुलिस ने बरामद की। जांच में यह भी सामने आया कि ये तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस पूरे प्रकरण का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी निरीक्षक श्री नरेंद्र गोयल, उप निरीक्षक श्रद्धा उइके, सहायक उप निरीक्षक बृजमोहन साहू, प्रधान आरक्षक नरेंद्र रजक, आरक्षक शशांक दीक्षित, आरक्षक संदीप जैन और महिला आरक्षक वर्षा बरैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोतवाली पुलिस ने इन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया और उन्हें जेल भेज दिया।3