रोजगार का विरोध नहीं, सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के पास गुमटियां लगाने पर सवाल ( संवाददाता बलराम) वैकल्पिक स्थान उपलब्ध होने के बावजूद पार्क परिसर को ही क्यों चुना गया? एसडीएम व तहसीलदार के निर्देशों पर अमल का इंतजार बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील परिसर के सामने स्थित स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क में गुमटियां स्थापित किए जाने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण के बाद भी स्थानीय नागरिकों के कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। लोगों का कहना है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के समीप विकसित पार्क परिसर का चयन क्यों किया गया, यह समझ से परे है और जनभावनाओं क्षेत्रवासियों की आवाज उठाने वालो को शरारती तत्व की संज्ञया देना उचित हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वेंडिंग जोन विकसित करने की बात कही जा रही है, वहां पहले से ही स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क, सार्वजनिक महिला शौचालय और आमजन के लिए विकसित पार्क मौजूद है। इस परिसर का कायाकल्प तत्कालीन उपजिलाधिकारी (आईएएस) दिव्यांशु पटेल के प्रयासों से कराया गया था तथा इसका उद्घाटन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया था। इसके बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक और सौंदर्यपूर्ण स्थलों में शामिल हो गया। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पंचायत क्षेत्र में दुकानदारों के लिए अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हैं, तो सार्वजनिक पार्क परिसर को ही वेंडिंग जोन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई। उनका मानना है कि लगातार गुमटियों की स्थापना से स्मृति वाटिका की सुंदरता, स्वच्छता और सार्वजनिक उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। क्षेत्रीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी गरीब दुकानदार या स्वरोजगार योजना से नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं और सार्वजनिक पार्क, महिला शौचालय तथा स्मृति वाटिका की गरिमा और सौंदर्य भी सुरक्षित रखा जाए। इस मामले में पूर्व में उपजिलाधिकारी और तहसील प्रशासन की ओर से गुमटियों को हटाने अथवा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसडीएम और तहसीलदार के स्तर से दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन आखिर कब तक कराया जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने सुझाव दिया है कि नगर पंचायत प्रशासन दुकानदारों के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करे, ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा भी मिले और सार्वजनिक स्मृति वाटिका पार्क, महिला शौचालय तथा पार्क परिसर की सुंदरता और उपयोगिता भी सुरक्षित रह सके। जनहित में उठता सवाल "रोजगार जरूरी है, लेकिन क्या सार्वजनिक पार्क की कीमत पर? जब वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हैं, तो स्मृति वाटिका परिसर को ही वेंडिंग जोन बनाने की आवश्यकता क्यों?"अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनभावनाओं को कितनी गंभीरता से लेते हुए स्मृति वाटिका की गरिमा और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए क्या निर्णय करता है। रोजगार का विरोध नहीं, सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के पास गुमटियां लगाने पर सवाल ( संवाददाता बलराम) वैकल्पिक स्थान उपलब्ध होने के बावजूद पार्क परिसर को ही क्यों चुना गया? एसडीएम व तहसीलदार के निर्देशों पर अमल का इंतजार बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील परिसर के सामने स्थित स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क में गुमटियां स्थापित किए जाने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण के बाद भी स्थानीय नागरिकों के कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। लोगों का कहना है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के समीप विकसित पार्क परिसर का चयन क्यों किया गया, यह समझ से परे है और जनभावनाओं क्षेत्रवासियों की आवाज उठाने वालो को शरारती तत्व की संज्ञया देना उचित हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वेंडिंग जोन विकसित करने की बात कही जा रही है, वहां पहले से ही स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क, सार्वजनिक महिला शौचालय और आमजन के लिए विकसित पार्क मौजूद है। इस परिसर का कायाकल्प तत्कालीन उपजिलाधिकारी (आईएएस) दिव्यांशु पटेल के प्रयासों से कराया गया था तथा इसका उद्घाटन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया था। इसके बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक और सौंदर्यपूर्ण स्थलों में शामिल हो गया। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पंचायत क्षेत्र में दुकानदारों के लिए अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हैं, तो सार्वजनिक पार्क परिसर को ही वेंडिंग जोन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई। उनका मानना है कि लगातार गुमटियों की स्थापना से स्मृति वाटिका की सुंदरता, स्वच्छता और सार्वजनिक उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। क्षेत्रीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी गरीब दुकानदार या स्वरोजगार योजना से नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं और सार्वजनिक पार्क, महिला शौचालय तथा स्मृति वाटिका की गरिमा और सौंदर्य भी सुरक्षित रखा जाए। इस मामले में पूर्व में उपजिलाधिकारी और तहसील प्रशासन की ओर से गुमटियों को हटाने अथवा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसडीएम और तहसीलदार के स्तर से दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन आखिर कब तक कराया जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने सुझाव दिया है कि नगर पंचायत प्रशासन दुकानदारों के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करे, ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा भी मिले और सार्वजनिक स्मृति वाटिका पार्क, महिला शौचालय तथा पार्क परिसर की सुंदरता और उपयोगिता भी सुरक्षित रह सके। जनहित में उठता सवाल "रोजगार जरूरी है, लेकिन क्या सार्वजनिक पार्क की कीमत पर? जब वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हैं, तो स्मृति वाटिका परिसर को ही वेंडिंग जोन बनाने की आवश्यकता क्यों?"अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनभावनाओं को कितनी गंभीरता से लेते हुए स्मृति वाटिका की गरिमा और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए क्या निर्णय करता है।
रोजगार का विरोध नहीं, सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के पास गुमटियां लगाने पर सवाल ( संवाददाता बलराम) वैकल्पिक स्थान उपलब्ध होने के बावजूद पार्क परिसर को ही क्यों चुना गया? एसडीएम व तहसीलदार के निर्देशों पर अमल का इंतजार बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील परिसर के सामने स्थित स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क में गुमटियां स्थापित किए जाने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण के बाद भी स्थानीय नागरिकों के कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। लोगों का कहना है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के समीप विकसित पार्क परिसर का चयन क्यों किया गया, यह समझ से परे है और जनभावनाओं क्षेत्रवासियों की आवाज उठाने वालो को शरारती तत्व की संज्ञया देना उचित हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वेंडिंग जोन विकसित करने की बात कही जा रही है, वहां पहले से ही स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क, सार्वजनिक महिला शौचालय और आमजन के लिए विकसित पार्क मौजूद है। इस परिसर का कायाकल्प तत्कालीन उपजिलाधिकारी (आईएएस) दिव्यांशु पटेल के प्रयासों से कराया गया था तथा इसका उद्घाटन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया था। इसके बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक और सौंदर्यपूर्ण स्थलों में शामिल हो गया। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पंचायत क्षेत्र में दुकानदारों के लिए अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हैं, तो सार्वजनिक पार्क परिसर को ही वेंडिंग जोन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई। उनका मानना है कि लगातार गुमटियों की स्थापना से स्मृति वाटिका की सुंदरता, स्वच्छता और सार्वजनिक उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। क्षेत्रीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी गरीब दुकानदार या स्वरोजगार योजना से नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं और सार्वजनिक पार्क, महिला शौचालय तथा स्मृति वाटिका की गरिमा और सौंदर्य भी सुरक्षित रखा जाए। इस मामले में पूर्व में उपजिलाधिकारी और तहसील प्रशासन की ओर से गुमटियों को हटाने अथवा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसडीएम और तहसीलदार के स्तर से दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन आखिर कब तक कराया जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने सुझाव दिया है कि नगर पंचायत प्रशासन दुकानदारों के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करे, ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा भी मिले और सार्वजनिक स्मृति वाटिका पार्क, महिला शौचालय तथा पार्क परिसर की सुंदरता और उपयोगिता भी सुरक्षित रह सके। जनहित में उठता सवाल "रोजगार जरूरी है, लेकिन क्या सार्वजनिक पार्क की कीमत पर? जब वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हैं, तो स्मृति वाटिका परिसर को ही वेंडिंग जोन बनाने की आवश्यकता क्यों?"अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनभावनाओं को कितनी गंभीरता से लेते हुए स्मृति वाटिका की गरिमा और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए क्या निर्णय करता है। रोजगार का विरोध नहीं, सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के पास गुमटियां लगाने पर सवाल ( संवाददाता बलराम) वैकल्पिक स्थान उपलब्ध होने के बावजूद पार्क परिसर को ही क्यों चुना गया? एसडीएम व तहसीलदार के निर्देशों पर अमल का इंतजार बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील परिसर के सामने स्थित स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क में गुमटियां स्थापित किए जाने का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जारी स्पष्टीकरण के बाद भी स्थानीय नागरिकों के कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। लोगों का कहना है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक स्मृति वाटिका और महिला शौचालय के समीप विकसित पार्क परिसर का चयन क्यों किया गया, यह समझ से परे है और जनभावनाओं क्षेत्रवासियों की आवाज उठाने वालो को शरारती तत्व की संज्ञया देना उचित हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वेंडिंग जोन विकसित करने की बात कही जा रही है, वहां पहले से ही स्वर्गीय हरिशंकर सिंह स्मृति वाटिका पार्क, सार्वजनिक महिला शौचालय और आमजन के लिए विकसित पार्क मौजूद है। इस परिसर का कायाकल्प तत्कालीन उपजिलाधिकारी (आईएएस) दिव्यांशु पटेल के प्रयासों से कराया गया था तथा इसका उद्घाटन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किया था। इसके बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक और सौंदर्यपूर्ण स्थलों में शामिल हो गया। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पंचायत क्षेत्र में दुकानदारों के लिए अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हैं, तो सार्वजनिक पार्क परिसर को ही वेंडिंग जोन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई। उनका मानना है कि लगातार गुमटियों की स्थापना से स्मृति वाटिका की सुंदरता, स्वच्छता और सार्वजनिक उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। क्षेत्रीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी गरीब दुकानदार या स्वरोजगार योजना से नहीं है। उनकी मांग केवल इतनी है कि रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं और सार्वजनिक पार्क, महिला शौचालय तथा स्मृति वाटिका की गरिमा और सौंदर्य भी सुरक्षित रखा जाए। इस मामले में पूर्व में उपजिलाधिकारी और तहसील प्रशासन की ओर से गुमटियों को हटाने अथवा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आ चुकी है। ऐसे में अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसडीएम और तहसीलदार के स्तर से दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन आखिर कब तक कराया जाएगा।स्थानीय नागरिकों ने सुझाव दिया है कि नगर पंचायत प्रशासन दुकानदारों के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करे, ताकि स्वरोजगार को बढ़ावा भी मिले और सार्वजनिक स्मृति वाटिका पार्क, महिला शौचालय तथा पार्क परिसर की सुंदरता और उपयोगिता भी सुरक्षित रह सके। जनहित में उठता सवाल "रोजगार जरूरी है, लेकिन क्या सार्वजनिक पार्क की कीमत पर? जब वैकल्पिक स्थान उपलब्ध हैं, तो स्मृति वाटिका परिसर को ही वेंडिंग जोन बनाने की आवश्यकता क्यों?"अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनभावनाओं को कितनी गंभीरता से लेते हुए स्मृति वाटिका की गरिमा और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए क्या निर्णय करता है।
- आप सभी देशवासियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद अब्दुल मुईद जिला संवाददाता बाराबंकी धारा लक्ष्य समाचार 99369006771
- *ब्रेकिंग न्यूज* *शाबाश हजरतगंज पुलिस शाबाश* *हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रहे सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार शर्मा का सराहनीय कार्य* *बारिश में असहाय दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद को दौड़े चौकी प्रभारी* सचिवालय सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया *लखनऊ तेज बारिश के बीच अटल चौराहे पर पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली* 25 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे *चौकी प्रभारी सचिवालय बागेश कुमार शर्मा वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान अटल चौराहे पर मौजूद थे* *इसी दौरान उनकी नजर एक दृष्टिबाधित व्यक्ति पर पड़ी*, जो बारिश में असहाय अवस्था में भीग रहा था *चौकी प्रभारी बागेश शर्मा तत्काल उसके पास पहुंचे* और सहारा देकर उसे सुरक्षित चौकी के पास लाए पानी पिलाने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई *इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑटो रिक्शा की व्यवस्था कर उसका किराया अपने स्तर से दिया और दृष्टिबाधित व्यक्ति को सकुशल उसके गंतव्य के लिए रवाना किया* *चौकी प्रभारी के इस संवेदनशील कदम की सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं* बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है *“वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह किसी असहाय की आंखों में उम्मीद और दिल में भरोसा जगा दे।”* *उत्सव सिंह* *ब्रेकिंग न्यूज* *शाबाश हजरतगंज पुलिस शाबाश* *हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रहे सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार शर्मा का सराहनीय कार्य* *बारिश में असहाय दृष्टिबाधित व्यक्ति की मदद को दौड़े चौकी प्रभारी* सचिवालय सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया *लखनऊ तेज बारिश के बीच अटल चौराहे पर पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली* 25 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे *चौकी प्रभारी सचिवालय बागेश कुमार शर्मा वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान अटल चौराहे पर मौजूद थे* *इसी दौरान उनकी नजर एक दृष्टिबाधित व्यक्ति पर पड़ी*, जो बारिश में असहाय अवस्था में भीग रहा था *चौकी प्रभारी बागेश शर्मा तत्काल उसके पास पहुंचे* और सहारा देकर उसे सुरक्षित चौकी के पास लाए पानी पिलाने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी ली गई *इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑटो रिक्शा की व्यवस्था कर उसका किराया अपने स्तर से दिया और दृष्टिबाधित व्यक्ति को सकुशल उसके गंतव्य के लिए रवाना किया* *चौकी प्रभारी के इस संवेदनशील कदम की सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं* बल्कि जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद करना भी है *“वर्दी का असली सम्मान तब है, जब वह किसी असहाय की आंखों में उम्मीद और दिल में भरोसा जगा दे।”* *उत्सव सिंह*1
- बाराबंकी पुलिस अधीक्षक ने महादेव धाम में खुद संभाला मोर्चा वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल सोमवार को प्राचीन लोधेश्वर महादेवा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बाराबंकी पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय ने स्वयं मोर्चा संभाला श्रद्धालुओं की समस्त सुख सुविधाओं का धयान रखते हुए SP ने खुद ही कराए श्रद्धालुओं को भगवान महादेव के दर्शन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बाराबंकी द्वारा श्रावण मास मेला/कांवड़ मेला के चतुर्थ सोमवार के दृष्टिगत लोधेश्वर महादेवा मंदिर एवं कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा, सम्बन्धित को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश* आज दिनांक 24.08.2026 को श्रावण मास/कांवड़ मेला के चतुर्थ सोमवार के दृष्टिगत जिलाधिकारी बाराबंकी श्री ईशान प्रताप सिंह एवं पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा संयुक्त रूप से थाना रामनगर क्षेत्रान्तर्गत स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा मंदिर पहुंचकर मेला परिसर एवं कांवड़ियों/श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा मंदिर परिसर, दर्शन एवं जलाभिषेक व्यवस्था तथा कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग का निरीक्षण किया गया। साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था, वाहनों के रूट डायवर्जन, पुलिस पिकेट, बैरियर, पेट्रोलिंग एवं प्रमुख स्थानों पर तैनात पुलिस बल की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। अधिकारियों द्वारा मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखते हुए श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन/जलाभिषेक सुनिश्चित कराने तथा कांवड़ियों की यात्रा को व्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।1
- गर्लफ्रेंड ने कार पर कर दिए 3400 KISS 😂 प्यार का ऐसा इजहार करना पड़ा भारी, पुलिस ने काटा ₹5,500 चालान! ग्वालियर में एक युवक की कार इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। वजह है कार पर बने करीब 3,400 किस के निशान। दरअसल, कार मालिक आदित्य सिकरवार ने इंस्टाग्राम पर रील और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अपनी मारुति सुजुकी स्विफ्ट को कुछ अलग अंदाज में सजाने का फैसला किया। बताया गया कि उनकी दोस्त/गर्लफ्रेंड ने कार की पूरी बॉडी पर लिपस्टिक से करीब 3,400 किस मार्क्स बना दिए। इस अनोखे अंदाज में कार को सजाने में लगभग 3.5 से 4 घंटे का समय लगा। इसके बाद कार का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया। वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और रिपोर्ट्स के मुताबिक, महज एक दिन में करीब 55 लाख यानी 5.5 मिलियन व्यूज मिल गए। लेकिन वायरल रील के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो में कार को सड़क पर चलते हुए देखा गया था। वीडियो वायरल होने के बाद ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने कार की पहचान उस�1
- Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!! राजधानी लखनऊ में बारावफ़ात-2026 के दृष्टिगत किये गये सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध के संबंध में JCP बबलू कुमार द्वारा दी गयी बाइट!!1
- Barabanki Police के सिपाही की खुलेआम धमकी- ''तुम्हे दिनदहाड़े मारूंगा, कायदे से मारूंगा...' बाराबंकी में एक सिपाही का धमकी देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में सिपाही कार चालक से अभद्रता करते हुए उसे खुलेआम मारने की धमकी देता सुनाई दे रहा है. पूरी खबर देखिए....1
- विधायक साकेंद्र वर्मा ने सीएम योगी को लिखा पत्र आलू भंडारण, अनुदान में किसानों क रवि रावत की रिपोर्ट बाराबंकी में किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर विधानसभा कुर्सी क्षेत्र के विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आलू भंडारण और उस पर मिलने वाले सरकारी अनुदान से संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की है। विधायक ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में किसानों को हो रही तकनीकी और दस्तावेजी परेशानियों का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है। विधायक ने अपने पत्र में बताया कि कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में कुल 42 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। वर्ष 2026 में इन कोल्ड स्टोरेज में करीब 93 लाख 74 हजार पैकेट आलू का भंडारण किया गया था। बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी आलू की उपज को सुरक्षित रखने के लिए इन कोल्ड स्टोरेज का उपयोग किया। उन्होंने बताया कि आलू भंडारण के बाद किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान का लाभ प्राप्त करने में तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे पात्र किसानों को अनुदान की प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है। विधायक ने मुख्यमंत्री से किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान का लाभ मिल सके1
- 🟪🟨 *इंडिया वाइस पर देखिए* 🛑 *बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा चौराहे के पास एक बार फिर जिले मे दिखा तेज रफ़्तार का कहर चार की मौत एक घायल लखनऊ से बहराइच जा रही आल्टो कार मे तेज रफ़्तार डम्फर ने मारी टक्कर तेज बारिश के बीच हुआ दर्दनाक हादसा मची चीख पुकार मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव राहत कार्य किया शुरू सभी घायलों को पहुंचा CHC बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद डॉक्टरों ने दो महिला समेत चार को किया मृत घोषित एक की हालत गंभीर1