गाजियाबाद में रामानुज परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शनिवार को सातवें और अंतिम दिन श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के वातावरण में समापन हुआ। कथा व्यास पूज्य स्वामी वासुदेवाचार्य "विद्याभास्कर" जी महाराज ने अंतिम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाह, ब्रजवासियों से कुरुक्षेत्र मिलन, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण व ओजस्वी वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज श्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर के बंधन से मुक्त हुई 16,108 राजकुमारियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उनसे विवाह किया था। कुरुक्षेत्र में ब्रजवासियों से मिलन और सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान धन-संपत्ति के नहीं, बल्कि भक्त के सच्चे प्रेम और भाव के भूखे होते हैं। सुदामा की निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें बिना मांगे ही असीम वैभव दिया। अंत में राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण ही प्रभु कृपा और मोक्ष प्राप्त करने का सरल मार्ग है। इस कथा महोत्सव में मुख्य यजमान श्रीमती सोनिया गर्ग एवं श्री कपिल गर्ग रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में पूज्य आचार्य श्री मधुसूदन जी महाराज एवं पूज्य श्री हरिनारायण जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। कथा के संयोजक अतिन अग्रवाल ने सात दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुभाष गुप्ता, राजेश गर्ग, नीरू गर्ग, धवल गुप्ता, गौरव बंसल और अभिलाष पांडे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। भव्य महाआरती और भोजन-प्रसादी के बाद संपूर्ण पंडाल "राधे-राधे", "जय श्रीकृष्ण" एवं "हरि बोल" के जयघोषों से गूंज उठा।
गाजियाबाद में रामानुज परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शनिवार को सातवें और अंतिम दिन श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के वातावरण में समापन हुआ। कथा व्यास पूज्य स्वामी वासुदेवाचार्य "विद्याभास्कर" जी महाराज ने अंतिम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाह, ब्रजवासियों से कुरुक्षेत्र मिलन, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण व ओजस्वी वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज श्री
ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर के बंधन से मुक्त हुई 16,108 राजकुमारियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उनसे विवाह किया था। कुरुक्षेत्र में ब्रजवासियों से मिलन और सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान धन-संपत्ति के नहीं, बल्कि भक्त के सच्चे प्रेम और भाव के भूखे होते हैं। सुदामा की निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें बिना मांगे
ही असीम वैभव दिया। अंत में राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण ही प्रभु कृपा और मोक्ष प्राप्त करने का सरल मार्ग है। इस कथा महोत्सव में मुख्य यजमान श्रीमती सोनिया गर्ग एवं श्री कपिल गर्ग रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में पूज्य आचार्य श्री मधुसूदन जी महाराज एवं पूज्य श्री हरिनारायण जी महाराज की
गरिमामयी उपस्थिति रही। कथा के संयोजक अतिन अग्रवाल ने सात दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुभाष गुप्ता, राजेश गर्ग, नीरू गर्ग, धवल गुप्ता, गौरव बंसल और अभिलाष पांडे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। भव्य महाआरती और भोजन-प्रसादी के बाद संपूर्ण पंडाल "राधे-राधे", "जय श्रीकृष्ण" एवं "हरि बोल" के जयघोषों से गूंज उठा।
- aise aise post protest SS ho raha hai post. Bihar mein Bihar mein Sara Delhi mein hi ho raha hai ek jagah protest Ho Rahe Hain Magar ab manne ko Raji nahin Hai1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में एक महिला अपने लापता पति की तलाश को लेकर पिछले एक महीने से पुलिस चौकी और थाने के चक्कर काट रही है। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति घर से नाराज होकर कहीं चला गया था, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस उसे खोजने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। पीड़िता का कहना है कि गोविंदपुरी चौकी में नए दरोगा लगातार उसे टालते रहे हैं। आरोप है कि अब तक न तो पति के मोबाइल की लोकेशन निकाली गई और न ही कॉल डिटेल के आधार पर कोई प्रभावी जांच की गई है। जांच में गंभीरता की कमी के कारण पीड़िता का पूरा परिवार लगातार परेशान है। मामले में पुलिस की ढिलाई से परेशान होकर महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द अपने पति की तलाश कराने की मांग की है। इसके साथ ही उसने मीडिया के माध्यम से भी प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह गठित टास्क फोर्स देश की समूची परीक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से अपने सुझाव सौंपेगी। इसके साथ ही, परीक्षा सुधारों के इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और इंस्टा वीडियो भी जारी किया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनी यह टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था को बेहतर और मजबूत बनाने के उद्देश्य से अपने सुझाव सौंपेगी। वहीं, परीक्षा सुधारों के इसी कदम को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने एक और इंस्टा वीडियो भी जारी किया है।1
- परीक्षा सुधारों को लेकर श्री नंदन नीलेकानी के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल का गठन किया गया है। इसके साथ ही पीएम मोदी का एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह फिर से अपने जेन जी (Zen Z) दोस्तों से मिलने आए हैं।1
- गाजियाबाद के नंदग्राम स्थित 'गणेश एंटी करप्शन ऑफ इंडिया' के कार्यालय में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने, भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और आगामी सामाजिक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन की एकजुटता, सामाजिक सेवा की भावना और भ्रष्टाचार के विरुद्ध मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराना रहा। बैठक के बाद संगठन के एक पदाधिकारी का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। इस दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इसके पश्चात सभी लोगों के बीच भोजन का वितरण किया गया।4
- जंतर-मंतर जा रहे दो छात्रों से कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गाजियाबाद निवासी सत्यम पंडित विवादों में घिर गया है। सामने आए वीडियो में वह छात्रों को थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना का वीडियो उसने खुद ही अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया था। सत्यम पंडित पहले भी कई विवादों के सिलसिले में पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुका है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने घटना की कड़ी निंदा की है और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1