बुलंदशहर के खुर्जा में पूज्य आर्यिका माताजी के असामयिक निधन और दुर्घटना को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस दुखद घटना के विरोध में सोमवार को सैकड़ों की संख्या में जैन समाज के लोगों ने अपनी बाजू पर काली पट्टी बांधकर एक विशाल मौन जुलूस निकाला। समाज ने इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से साफ इनकार करते हुए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को फांसी की सजा देने की जोरदार मांग की है। दाताराम चौक स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन स्वर्ण मंदिर से शुरू हुआ यह मौन जुलूस ककराला, कबाड़ी बाजार चौराहा, पदम सिंह गेट और गांधी रोड जैसे नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए जेवर अड्डा चौराहे पर पहुँचा। जुलूस में शामिल महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। समाज का आरोप है कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों के आधार पर इस घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका है, जिसके चलते पूरे देश के जैन समाज में भय का माहौल बना हुआ है। जेवर अड्डा चौराहे पर पहुंचने पर, प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने के लिए नायब तहसीलदार के समय पर न पहुंचने से प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क उठा। जैन समाज के लोगों ने चौराहे पर जाम लगा दिया, जिसके कारण करीब 20 मिनट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में, प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुँचने और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही यह जाम खोला गया। उप जिला अधिकारी (एसडीएम) के नाम सौंपे गए ज्ञापन में जैन समाज ने कहा कि जैन साधु-संत पूरी तरह से निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन में प्रमुख रूप से ये मांगें उठाई गईं कि घटना की एसआईटी या न्यायिक जांच कराई जाए और सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही, साजिशकर्ताओं पर कठोरतम धाराएं लगाकर कार्रवाई की जाए तथा देश में 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' और स्थानीय स्तर पर 'संत सुरक्षा समन्वय सेल' का गठन किया जाए। इस प्रदर्शन में गोपाल जैन, अशोक कुमार जैन, अनिल जैन, ध्रुव जैन, राहुल जैन, छवि जैन, अरुणा जैन, ज्योति जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
बुलंदशहर के खुर्जा में पूज्य आर्यिका माताजी के असामयिक निधन और दुर्घटना को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस दुखद घटना के विरोध में सोमवार को सैकड़ों की संख्या में जैन समाज के लोगों ने अपनी बाजू पर काली पट्टी बांधकर एक विशाल मौन जुलूस निकाला। समाज ने इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से साफ इनकार करते हुए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को फांसी की सजा देने की जोरदार मांग की है। दाताराम चौक स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन स्वर्ण मंदिर से शुरू हुआ यह मौन जुलूस ककराला, कबाड़ी बाजार चौराहा, पदम सिंह गेट और गांधी रोड जैसे नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए जेवर अड्डा चौराहे पर पहुँचा। जुलूस में शामिल महिलाओं, पुरुषों और युवाओं
ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। समाज का आरोप है कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों के आधार पर इस घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका है, जिसके चलते पूरे देश के जैन समाज में भय का माहौल बना हुआ है। जेवर अड्डा चौराहे पर पहुंचने पर, प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने के लिए नायब तहसीलदार के समय पर न पहुंचने से प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क उठा। जैन समाज के लोगों ने चौराहे पर जाम लगा दिया, जिसके कारण करीब 20 मिनट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में, प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुँचने और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही यह जाम खोला गया। उप जिला अधिकारी
(एसडीएम) के नाम सौंपे गए ज्ञापन में जैन समाज ने कहा कि जैन साधु-संत पूरी तरह से निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। ज्ञापन में प्रमुख रूप से ये मांगें उठाई गईं कि घटना की एसआईटी या न्यायिक जांच कराई जाए और सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही, साजिशकर्ताओं पर कठोरतम धाराएं लगाकर कार्रवाई की जाए तथा देश में 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' और स्थानीय स्तर पर 'संत सुरक्षा समन्वय सेल' का गठन किया जाए। इस प्रदर्शन में गोपाल जैन, अशोक कुमार जैन, अनिल जैन, ध्रुव जैन, राहुल जैन, छवि जैन, अरुणा जैन, ज्योति जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
- बुलंदशहर के नरौरा क्षेत्र में सड़क किनारे अचानक एक मगरमच्छ दिखाई देने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मगरमच्छ को सड़क पर देखकर राहगीरों ने तुरंत मौके पर भीड़ जमा कर ली, और लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को मामले से अवगत कराया गया है। अधिकारियों द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि मगरमच्छ गंगा किनारे और आसपास के जल क्षेत्रों से बाहर आया होगा, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।1
- आज 25 मई, 2026 को थाना नॉलेजपार्क क्षेत्र स्थित एक पार्क में एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना नॉलेजपार्क पुलिस टीम मौके पर पहुँची और घटनास्थल के निरीक्षण हेतु फील्ड यूनिट तथा फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। मृतक की पहचान महोबा जनपद निवासी लगभग 32 वर्षीय शिवम पुत्र किशोरी के रूप में हुई है, जिनके परिजन भी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- मास्टर श्यौराज ने देश के सत्ताधीशों और जनता जनार्दन को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर समय रहते इन दोनों की आँख नहीं खुली, तो देश को भविष्य में बहुत बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है।1
- अलीगढ़ में ए.आई.एम.आई.एम. (AIMIM) के जिलाध्यक्ष पर हुए मुकदमे के संबंध में राष्ट्रीय योगी सेवा संघ के अध्यक्ष आसिफ पठान ने अपना बयान दिया है।1
- अलीगढ़ में पुलिस ने शाहजमाल से दीवानी रोड तक फ्लैग मार्च किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिसके तहत उन्होंने खुद बाजारों में पैदल गश्त की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संदिग्धों पर कड़ी नजर रखना और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाना है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पुलिस ने महिलाओं को लूटने वाले दो बदमाशों को एक मुठभेड़ में मार गिराया। इस कार्रवाई में दो सिपाही भी घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर इन बदमाशों ने एक महिला से कुंडल लूटे थे, जिसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने देर शाम बदमाशों को मढौली गांव के पास घेर लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों में रजा मोहम्मद नाम का व्यक्ति शामिल है, जिस पर कुल 40 मुकदमे दर्ज थे और वह हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र के रजापुर गांव का रहने वाला था। वहीं, दूसरा बदमाश मोमीन बुलंदशहर का निवासी था और उस पर 27 मुकदमे दर्ज थे।1
- बुलंदशहर जनपद से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अवैध संबंधों के शक में एक बेटे ने अपने सगे पिता और पत्नी को गोली मार दी। इस हृदय विदारक घटना में पिता रियाजुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी सना को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। यह सनसनीखेज मामला खुर्जा नगर के कलंदरगढ़ी गाँव का है। सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे और आवश्यक कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मुबीन को उसकी लाइसेंसी पिस्टल सहित गिरफ्तार कर लिया है।1
- ईद उल अज़हा के अवसर पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। अलीगढ़ स्थित शाहजमाल ईदगाह में ईद की नमाज़ दो शिफ्टों में अदा की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए, नमाज़ के दौरान ड्रोन और CCTV कैमरों के ज़रिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने स्वयं इस पूरी व्यवस्था की कमान संभाल ली है।1
- मीडिया द्वारा कराए गए एक सर्वे, जिसमें कथित तौर पर 50 आरटीआर (RTR) शामिल थे, के बाद भी अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की, जिससे जनता में भारी परेशानी और आक्रोश है। आरोप लगाया गया है कि सभी अधिकारी भ्रष्ट हैं और कोई भी जिम्मेदार गाँव के सर्वे के लिए नहीं पहुँचता है। इसके अतिरिक्त, यह भी गंभीर आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने पाँच साल के कार्यकाल में बड़े घोटाले किए हैं। बताया गया है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता को लूटा गया है।1