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पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ग्रामीणों से जन्मदिन व शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की अपील हरियाली अमावस्या पर निकली नवांकुर सखी हरियाली यात्रा, सखियों को बांटे पौधे पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ग्रामीणों से जन्मदिन व शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की अपील समनापुर - हरियाली अमावस्या के अवसर पर विकासखंड समनापुर के ग्राम सिंघवारा में 14 अगस्त 2026 को नवांकुर संस्था द्वारा “नवांकुर सखी हरियाली यात्रा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों एवं नवांकुर सखियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा पौधारोपण के महत्व और इसके लाभों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड समन्वयक मंजूलता राव ने पौधारोपण के महत्व पर जानकारी देते हुए की। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भूजल स्तर बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जन्मदिन एवं अन्य शुभ अवसरों पर केक काटने के साथ-साथ पौधा लगाने की परंपरा भी शुरू करें और लगाए गए पौधे की जीवनभर देखभाल करें।इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक मंजूलता राव एवं नवांकुर संस्था प्रभारी दीपक वर्मे द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों एवं सखियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा नवांकुर सखियों को पौधे वितरित किए गए। इसके बाद गांव में “नवांकुर सखी हरियाली यात्रा” निकाली गई। यात्रा में नवांकुर सखियों ने हाथों में पौधे और बैनर लेकर “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ” सहित पर्यावरण संरक्षण के संदेश दिए। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। यात्रा के समापन पर सामूहिक रूप से पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक मंजूलता राव, दीपक कुमार, मेंटर दिलीप बर्मन, सूरज ताम्रकार, रामकुमार मरकाम, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष, सचिव रमेश मरावी, प्राथमिक शाला प्रधान पाठक मान दान सिंह मसराम, शिक्षक दयाराम मसराम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनोतिन, आजीविका समूह की कमली दीदी सहित समूह की समस्त दीदियां, पंच प्रवेशनी दीदी, नवांकुर सखियां एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

12 hrs ago
user_Ishwar prasad Sahu
Ishwar prasad Sahu
शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago
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पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ग्रामीणों से जन्मदिन व शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की अपील हरियाली अमावस्या पर निकली नवांकुर सखी हरियाली यात्रा, सखियों को बांटे पौधे पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, ग्रामीणों से जन्मदिन व शुभ अवसरों पर पौधे लगाने की अपील समनापुर - हरियाली अमावस्या के अवसर पर विकासखंड समनापुर के ग्राम सिंघवारा में 14 अगस्त 2026 को नवांकुर संस्था द्वारा “नवांकुर सखी हरियाली यात्रा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों एवं नवांकुर सखियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा पौधारोपण के महत्व और इसके लाभों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विकासखंड समन्वयक मंजूलता राव ने पौधारोपण के महत्व पर जानकारी देते हुए की। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भूजल स्तर बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जन्मदिन एवं अन्य शुभ अवसरों पर केक काटने के साथ-साथ पौधा लगाने की

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परंपरा भी शुरू करें और लगाए गए पौधे की जीवनभर देखभाल करें।इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक मंजूलता राव एवं नवांकुर संस्था प्रभारी दीपक वर्मे द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों एवं सखियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा नवांकुर सखियों को पौधे वितरित किए गए। इसके बाद गांव में “नवांकुर सखी हरियाली यात्रा” निकाली गई। यात्रा में नवांकुर सखियों ने हाथों में पौधे और बैनर लेकर “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ” सहित पर्यावरण संरक्षण के संदेश दिए। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। यात्रा के समापन पर सामूहिक रूप से पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक मंजूलता राव, दीपक कुमार, मेंटर दिलीप बर्मन, सूरज ताम्रकार, रामकुमार मरकाम, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष, सचिव रमेश मरावी, प्राथमिक शाला प्रधान पाठक मान दान सिंह मसराम, शिक्षक दयाराम मसराम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनोतिन, आजीविका समूह की कमली दीदी सहित समूह की समस्त दीदियां, पंच प्रवेशनी दीदी, नवांकुर सखियां एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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  • 11 हजार केवी लाइन की चपेट में आया आदिवासी वृद्ध, गंभीर रूप से झुलसा उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत जरहा के घोरमारा टोला में सोमवार को दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से करीब 60 वर्षीय आदिवासी वृद्ध नरदु उर्फ अब्बू कोल झुलस गए। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण घायल नरदु उर्फ अब्बू कोल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर आवासीय मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि ऐसी खतरनाक लाइनों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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    11 हजार केवी लाइन की चपेट में आया आदिवासी वृद्ध, गंभीर रूप से झुलसा
उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत जरहा के घोरमारा टोला में सोमवार को दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से करीब 60 वर्षीय आदिवासी वृद्ध नरदु उर्फ अब्बू कोल झुलस गए।
हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण घायल नरदु उर्फ अब्बू कोल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर आवासीय मकानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि ऐसी खतरनाक लाइनों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Karkeli, Umaria•
    21 hrs ago
  • बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस
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    बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733  रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी।

किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई  तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और 

नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है।  टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर  संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें।

वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस
बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733  रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी।
किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई  तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और 
नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है।  टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर  संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें।
वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
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    लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप*
*कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान*
*भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।
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    जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए

उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए।
किताबों से पहले सड़क की चिंता
जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते।
छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है।
'गिरते हैं, चोट भी लगती है'
छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की।
2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज
ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं।
कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा
कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी।
जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज
पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जनसुनवाई में जिला सीईओ ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश डिंडौरी : 25 अगस्त,2026 कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। सीईओ ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, एसडीएम डिण्डौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में डिण्डौरी विकासखंड के ग्राम जुनवानी के श्री दूलचंद सिंह पिता प्रेमसिंह भू-अधिकरण के भुगतान पर रोक लगाये जाने की शिकायत प्रस्तुत करते हुए समस्या का समाधन कराने की मांग की। सीईओ ने एसडीएम डिण्डौरी को प्रकरण का निरीक्षण कर नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पंचायत सिमरिया के ग्रामीणों ने 15 अगस्त के अवसर पर ग्राम सभा का आयोजन न होने की शिकायत रखी, जिस पर सीईओ जनपद पंचायत डिण्डौरी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। ग्राम रयपुरा के ग्रामीणों ने सिंचाई नहर की मरम्मत, बांध के गेट एवं पुल बदलने की समस्या बताई। सीईओ ने जल संसाधन विभाग डिण्डौरी को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। विकासखंड समनापुर के ग्राम पंचायत धनुवासागर के सचिव एवं सरपंच के द्वारा कबरिस्तान एवं शमशान घाट की राशि आहरण किए जाने की शिकायत की। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को संबंधित दस्तावेज की जांचकर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। ग्राम बरगई के ग्रामीणों ने सडक निर्माण की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवेदकों को राहत प्रदान करें। जनसुनवाई में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत डिण्डौरी सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसके उपरांत जनसुनवाई में उपस्थित आवेदकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थय विभाग की टीम द्वारा जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थय संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।
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    जनसुनवाई में जिला सीईओ ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश

डिंडौरी : 25 अगस्त,2026
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। सीईओ ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, एसडीएम डिण्डौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में डिण्डौरी विकासखंड के ग्राम जुनवानी के श्री दूलचंद सिंह पिता प्रेमसिंह भू-अधिकरण के भुगतान पर रोक लगाये जाने की शिकायत प्रस्तुत करते हुए समस्या का समाधन कराने की मांग की। सीईओ ने एसडीएम डिण्डौरी को प्रकरण का निरीक्षण कर नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पंचायत सिमरिया के ग्रामीणों ने 15 अगस्त के अवसर पर ग्राम सभा का आयोजन न होने की शिकायत रखी, जिस पर सीईओ जनपद पंचायत डिण्डौरी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। ग्राम रयपुरा के ग्रामीणों ने सिंचाई नहर की मरम्मत, बांध के गेट एवं पुल बदलने की समस्या बताई। सीईओ ने जल संसाधन विभाग डिण्डौरी को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए।
विकासखंड समनापुर के ग्राम पंचायत धनुवासागर के सचिव एवं सरपंच के द्वारा कबरिस्तान एवं शमशान घाट की राशि आहरण किए जाने की शिकायत की। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को संबंधित दस्तावेज की जांचकर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। ग्राम बरगई के ग्रामीणों ने सडक निर्माण की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। जिला सीईओ ने जनपद पंचायत डिण्डौरी सीईओ को प्रकरण की जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवेदकों को राहत प्रदान करें।
जनसुनवाई में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण 
जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत डिण्डौरी सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसके उपरांत जनसुनवाई में उपस्थित आवेदकों का रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थय विभाग की टीम द्वारा जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थय संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना उमरिया। जिले के ग्राम मानिकपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सिंदली-बिंदी बड़की नदी पर पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मानिकपुर और बिलासपुर के बीच नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और बच्चों, मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, मानिकपुर से बिलासपुर की दूरी करीब 1.50 किलोमीटर है और प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात के समय नदी में पानी बढ़ जाने से बच्चे कई दिनों तक विद्यालय नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। आवेदन में बताया गया कि गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो बरसात के दिनों में नदी पार कर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि 108 एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, क्योंकि नदी पर पुल नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी शासन-प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मानिकपुर की नदी पर शीघ्र पुल या पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी अपने जायज हक के लिए शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे।
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    मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना
मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना
उमरिया। जिले के ग्राम मानिकपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सिंदली-बिंदी बड़की नदी पर पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मानिकपुर और बिलासपुर के बीच नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और बच्चों, मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, मानिकपुर से बिलासपुर की दूरी करीब 1.50 किलोमीटर है और प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात के समय नदी में पानी बढ़ जाने से बच्चे कई दिनों तक विद्यालय नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
आवेदन में बताया गया कि गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो बरसात के दिनों में नदी पार कर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि 108 एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, क्योंकि नदी पर पुल नहीं है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी शासन-प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मानिकपुर की नदी पर शीघ्र पुल या पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी अपने जायज हक के लिए शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    17 hrs ago
  • श्रीमती राखी सहाय कलेक्टर उमरिया ने जन सुनवाई में सुनी 76आवेदको की समस्याएंl साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने जिले के दूर दराज से आए 76 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित किया तथा विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विशाल फलैक्स उमरिया ने फ्लैक्स बैनर का भुगतान कराने, बुदद्यी बाई पटेल नौगवां ने रसोई का कार्य पुनः दिलाने, सुनीता शुक्ला उमरिया ने तीन माह से लाडली बहना योजना की किश्त दिलाने, मोहसिन खान नैगवांटोला ने टूटी एवं जर्जर पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने, सुरेश यादव पथरहठा ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, बोधनी बैगा सिलौडी ने बिजली कनेक्शन नही होने के बाद भी बिजली का बिल आने, विश्वनाथ व्दिवेदी मुडगुडी ने 25 केव्ही की जगह 63 केव्ही का ट्रांसफार्मर लगवाने, उगेंद्र सिंह परस्ते कौडिया ने आधार कार्ड में जन्मतिथि लिमिट एवं जन्म तिथि सुधरवाने संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने संबंधित आवेदनों को विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव, प्रिया अग्रवाल, तहसीलदार बांधवगढ दिलीप सोनी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेl
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    श्रीमती राखी सहाय कलेक्टर उमरिया ने जन सुनवाई में सुनी 76आवेदको की समस्याएंl
साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने जिले के दूर दराज से आए 76 आवेदकों की समस्याओं को सुना  तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित किया तथा विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए।  
जनसुनवाई में विशाल फलैक्स उमरिया ने फ्लैक्स बैनर का भुगतान कराने, बुदद्यी बाई पटेल नौगवां ने रसोई का कार्य पुनः दिलाने, सुनीता शुक्ला उमरिया ने तीन माह से लाडली बहना योजना की किश्त दिलाने, मोहसिन खान नैगवांटोला ने टूटी एवं जर्जर पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने, सुरेश यादव पथरहठा ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, बोधनी बैगा सिलौडी ने बिजली कनेक्शन नही होने के बाद भी बिजली का बिल आने, विश्वनाथ व्दिवेदी मुडगुडी ने 25 केव्ही की जगह 63 केव्ही का ट्रांसफार्मर लगवाने, उगेंद्र सिंह परस्ते कौडिया ने आधार कार्ड में जन्मतिथि लिमिट एवं जन्म तिथि सुधरवाने संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने संबंधित आवेदनों को विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव,  प्रिया अग्रवाल, तहसीलदार बांधवगढ दिलीप सोनी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेl
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान* उमरिया- जिले के शासकीय महाविद्यालयों (स्नातक एवं स्नातकोत्तर) में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया द्वारा सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ महामहिम राज्यपाल महोदय एवं कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। कार्यक्रम NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर के नेतृत्व में आयोजित हुआ। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI ने बताया कि जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में पर्याप्त संख्या में विषयवार प्राध्यापक एवं शैक्षणिक स्टाफ उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई महाविद्यालयों में नियमित कक्षाओं का संचालन भी प्रभावित है। ज्ञापन में भरेवा एवं बिलासपुर महाविद्यालय में आज दिनांक तक भवन निर्माण नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। NSUI ने कहा कि भवन के अभाव के साथ-साथ इन महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ भी उपलब्ध नहीं है।वहीं शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय उमरिया की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए। NSUI ने कहा कि महाविद्यालय को वर्ष 2022-23 में PM College of Excellence के रूप में उन्नयन किया गया, लेकिन आज भी भवन की स्थिति खराब है। बारिश के दौरान कई स्थानों से पानी टपकने और महाविद्यालय के सामने जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। *आदर्श महाविद्यालय के लिए कॉलेज बस संचालन की मांग, जंगल के रास्ते से गुजरते हैं छात्र-छात्राएं* शासकीय आदर्श महाविद्यालय डबरौहा जिला मुख्यालय उमरिया से लगभग 6-7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महाविद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग एक हिस्से में जंगल एवं सुनसान क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा एवं आवागमन को लेकर चिंता बनी रहती है। NSUI की मांग है कि बस संचालन तत्काल चालू कराई जाए। *बढ़े हुए बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान 50 प्रतिशत किराया माफ करने की मांग* हाल ही में बढ़ाए गए बस किराए से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से महाविद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन का बढ़ा हुआ किराया उनकी पढ़ाई में भी बाधा बन रहा है। NSUI ने मांग की है कि दूर-दराज के गांवों से महाविद्यालय आने वाले सभी छात्र-छात्राओं के बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके और आर्थिक समस्या के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही छात्रहित में रियायती बस पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। *सिर्फ नाम का उत्कृष्ट महाविद्यालय नहीं सुविधाएं भी चाहिए- मो. असलम शेर* NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि जिले के महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। कहीं शिक्षक नहीं हैं, कहीं भवन नहीं है और कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे हालात में विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे प्राप्त करेंगे? उन्होंने कहा कि भरेवा और बिलासपुर महाविद्यालय के विद्यार्थी आज भी भवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिले के लगभग सभी महाविद्यालयों में विषयवार प्राध्यापकों की कमी है। सरकार और प्रशासन को छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय को PM College of Excellence का दर्जा दिया गया है, लेकिन यदि बारिश में छत से पानी टपक रहा है और परिसर में जलभराव हो रहा है, तो यह उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था नहीं कही जा सकती। विद्यार्थियों को सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर सुविधाएं चाहिए। NSUI ने मांग की कि जिले के सभी महाविद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कर विषयवार प्राध्यापकों की नियुक्ति, भवन निर्माण एवं मरम्मत, कॉलेज बस, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, खेल मैदान सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि छात्र-छात्राओं की समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो संगठन द्वारा छात्रहित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप NSUI जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी, अम्बर शुक्ला ब्लाक अध्यक्ष, अनुज वर्मा (कॉलेज अध्यक्ष, रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय), मीनू, मीनाक्षी, मितेंद्र बैगा, मुकेश यादव, श्रेयांस सेन, अरमान गुप्ता, प्रियांशु खंडेलवाल, नगीना सेन, प्रीति सिंह, सुमित साहू, प्रतिक्षा सिंह, पूजा साहू, आयुषी सिंह, काजल रजक, अर्चना नामदेव, दिव्या सिंह, संस्कृति, प्रेमलता यादव, रोशनी, चंदा केवट, सोमवती बैगा, संध्या दहिया, लक्ष्मी, अनामिका, खुशी कुशवाहा, हेमा सिंह, चेतना, संजना रजक, अनुराधा केवट, गोमती, सूजल, शिवानी सिंह, पार्वती, खुशबू, सुमन, सुनीता, श्रुति, कशिश भट्ट, सरिता, सोनम, अरुणा, सोनाली, मोहनी, संध्या, नेहा, कविता सिंह, रोहित रावत, पुनीत सिंह, खेमचंद्र यादव, सूरज, दुर्गेश यादव, कृष्ण कुमार रजक, विकाश कोल सहित NSUI के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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    *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान*
*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप*
*भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
उमरिया- जिले के शासकीय महाविद्यालयों (स्नातक एवं स्नातकोत्तर) में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया द्वारा सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ महामहिम राज्यपाल महोदय एवं कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। कार्यक्रम NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर के नेतृत्व में आयोजित हुआ। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI ने बताया कि जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में पर्याप्त संख्या में विषयवार प्राध्यापक एवं शैक्षणिक स्टाफ उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई महाविद्यालयों में नियमित कक्षाओं का संचालन भी प्रभावित है। ज्ञापन में भरेवा एवं बिलासपुर महाविद्यालय में आज दिनांक तक भवन निर्माण नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। NSUI ने कहा कि भवन के अभाव के साथ-साथ इन महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ भी उपलब्ध नहीं है।वहीं शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय उमरिया की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए। NSUI ने कहा कि महाविद्यालय को वर्ष 2022-23 में PM College of Excellence के रूप में उन्नयन किया गया, लेकिन आज भी भवन की स्थिति खराब है। बारिश के दौरान कई स्थानों से पानी टपकने और महाविद्यालय के सामने जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
*आदर्श महाविद्यालय के लिए कॉलेज बस संचालन की मांग, जंगल के रास्ते से गुजरते हैं छात्र-छात्राएं*
शासकीय आदर्श महाविद्यालय डबरौहा जिला मुख्यालय उमरिया से लगभग 6-7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महाविद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग एक हिस्से में जंगल एवं सुनसान क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा एवं आवागमन को लेकर चिंता बनी रहती है। NSUI की मांग है कि बस संचालन तत्काल चालू कराई जाए।
*बढ़े हुए बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान 50 प्रतिशत किराया माफ करने की मांग*
हाल ही में बढ़ाए गए बस किराए से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से महाविद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन का बढ़ा हुआ किराया उनकी पढ़ाई में भी बाधा बन रहा है। NSUI ने मांग की है कि दूर-दराज के गांवों से महाविद्यालय आने वाले सभी छात्र-छात्राओं के बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके और आर्थिक समस्या के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही छात्रहित में रियायती बस पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।
*सिर्फ नाम का उत्कृष्ट महाविद्यालय नहीं सुविधाएं भी चाहिए- मो. असलम शेर*
NSUI जिला अध्यक्ष मो.  असलम शेर ने कहा कि जिले के महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। कहीं शिक्षक नहीं हैं, कहीं भवन नहीं है और कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे हालात में विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे प्राप्त करेंगे? उन्होंने कहा कि भरेवा और बिलासपुर महाविद्यालय के विद्यार्थी आज भी भवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिले के लगभग सभी महाविद्यालयों में विषयवार प्राध्यापकों की कमी है। सरकार और प्रशासन को छात्र-छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय को PM College of Excellence का दर्जा दिया गया है, लेकिन यदि बारिश में छत से पानी टपक रहा है और परिसर में जलभराव हो रहा है, तो यह उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था नहीं कही जा सकती। विद्यार्थियों को सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर सुविधाएं चाहिए। NSUI ने मांग की कि जिले के सभी महाविद्यालयों का तत्काल निरीक्षण कर विषयवार प्राध्यापकों की नियुक्ति, भवन निर्माण एवं मरम्मत, कॉलेज बस, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, खेल मैदान सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। NSUI ने चेतावनी दी कि यदि छात्र-छात्राओं की समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो संगठन द्वारा छात्रहित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप NSUI जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी, अम्बर शुक्ला ब्लाक अध्यक्ष, अनुज वर्मा (कॉलेज अध्यक्ष, रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय), मीनू, मीनाक्षी, मितेंद्र बैगा, मुकेश यादव, श्रेयांस सेन, अरमान गुप्ता, प्रियांशु खंडेलवाल, नगीना सेन, प्रीति सिंह, सुमित साहू, प्रतिक्षा सिंह, पूजा साहू, आयुषी सिंह, काजल रजक, अर्चना नामदेव, दिव्या सिंह, संस्कृति, प्रेमलता यादव, रोशनी, चंदा केवट, सोमवती बैगा, संध्या दहिया, लक्ष्मी, अनामिका, खुशी कुशवाहा, हेमा सिंह, चेतना, संजना रजक, अनुराधा केवट, गोमती, सूजल, शिवानी सिंह, पार्वती, खुशबू, सुमन, सुनीता, श्रुति, कशिश भट्ट, सरिता, सोनम, अरुणा, सोनाली, मोहनी, संध्या, नेहा, कविता सिंह, रोहित रावत, पुनीत सिंह, खेमचंद्र यादव, सूरज, दुर्गेश यादव, कृष्ण कुमार रजक, विकाश कोल सहित NSUI के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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