राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई। कार्यक्रम का आरंभ चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुआ, जहाँ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्कल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुँची। यहाँ प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। शोभायात्रा के उपरांत चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा और साकेत साहित्य संस्थान के सहयोग से कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान का स्मरण किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी को विशेष रूप से याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) रहे, जबकि सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और प्रेमसिंह राणावत ने इसका संचालन किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने युवाओं से महाराणा प्रताप के स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। इस अवसर पर चतरसिंह राजावत, नवलसिंह राणावत, शंकरसिंह, भरतसिंह, प्रतापसिंह, दरियावसिंह, युवराजसिंह, नारायणसिंह सोलंकी, भूपेंद्रसिंह, रतनसिंह, लालसिंह, धन्सिंह, चंद्रवीरसिंह, खुमाणसिंह, राजेंद्रसिंह, ओनारसिंह, शैलेंद्रसिंह, रणवीरसिंह, कानसिंह, हेमेंद्रसिंह झाला, रतन भंवरसिंह, रतनसिंह राणावत, तेजसिंह, दीपसिंह, शंभूसिंह, पर्वतसिंह और भंवरसिंह सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन महाप्रसादी के आयोजन के साथ हुआ।
राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई। कार्यक्रम का आरंभ चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुआ, जहाँ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्कल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुँची। यहाँ प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और
महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। शोभायात्रा के उपरांत चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा और साकेत साहित्य संस्थान के सहयोग से कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान का स्मरण किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा में
महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी को विशेष रूप से याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) रहे, जबकि सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और प्रेमसिंह राणावत ने इसका संचालन किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने युवाओं से
महाराणा प्रताप के स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। इस अवसर पर चतरसिंह राजावत, नवलसिंह राणावत, शंकरसिंह, भरतसिंह, प्रतापसिंह, दरियावसिंह, युवराजसिंह, नारायणसिंह सोलंकी, भूपेंद्रसिंह, रतनसिंह, लालसिंह, धन्सिंह, चंद्रवीरसिंह, खुमाणसिंह, राजेंद्रसिंह, ओनारसिंह, शैलेंद्रसिंह, रणवीरसिंह, कानसिंह, हेमेंद्रसिंह झाला, रतन भंवरसिंह, रतनसिंह राणावत, तेजसिंह, दीपसिंह, शंभूसिंह, पर्वतसिंह और भंवरसिंह सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन महाप्रसादी के आयोजन के साथ हुआ।
- उदयपुर जिले के बावलवाड़ा थाना क्षेत्र में खेरवाड़ा से बावलवाड़ा रोड पर एक निजी स्कूल बस की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब तीन युवक अपनी बाइक खड़ी करके सड़क किनारे बात कर रहे थे। इसी दौरान बावलवाड़ा की ओर से तेज गति से आ रही स्कूल बस ने तीनों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि युवकों को टक्कर मारने के बाद वह एक बिजली के खंभे को उखाड़ती हुई सड़क किनारे खेत में जा घुसी। इस हादसे में एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, वहीं दो गंभीर घायलों को डूंगरपुर हॉस्पिटल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और आक्रोशित ग्रामीणों ने खेरवाड़ा से बावलवाड़ा रोड पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर बावलवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली।1
- एक विचारोत्तेजक चर्चा में पति-पत्नी के रिश्तों में त्याग, सम्मान और साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। अक्सर देखा जाता है कि एक पति अपने परिवार को बेहतर जीवन देने के लिए संघर्ष करता है; वह भले ही खुद पुराने कपड़े पहने या कार्यस्थल पर अपमान सहे, लेकिन घर लौटते समय पत्नी और बच्चों के लिए कुछ न कुछ ज़रूर लेकर आता है। नई गाड़ी लाने पर सबसे पहले पत्नी को चाबी देकर घूमने चलने को कहता है, या नई साड़ी, गहने, फोन जैसी चीज़ों से परिवार की खुशी में अपनी खुशी तलाशता है। हालांकि, इस पर एक अहम सवाल उठाया गया है कि क्या जब पत्नी कमाती है, तो वह भी उसी सम्मान, विश्वास और अपनापन के साथ अपनी कमाई से खरीदी गई गाड़ी की चाबी पति को देकर कह सकती है कि 'चलो, आज हम दोनों घूमने चलते हैं?' यह प्रश्न इस बात पर ज़ोर देता है कि रिश्ते बराबरी से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, त्याग और साझेदारी से मज़बूत होते हैं। यदि त्याग सिर्फ एक तरफ से ही हो, तो रिश्ते में संतुलन नहीं रह जाता है, जिससे रिश्ते की सच्चाई और गहराई पर सवाल उठते हैं।1
- महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर भूपालसागर में आगामी 17 जून 2026, बुधवार (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया) को 'एक शाम महाराणा प्रताप के नाम' एक विशाल भजन संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। महाराणा प्रताप सेवा संस्थान और सर्व हिन्दू समाज, भूपालसागर के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां जारी हैं। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधान हेमेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के गौरव और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप की स्मृति में होने वाली इस भजन संध्या को अभूतपूर्व बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस सांस्कृतिक और भक्तिमयी संध्या का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायक छोटूसिंह जी रावणा होंगे, जो अपनी ओजस्वी वाणी और सुरीले भजनों से महाराणा प्रताप की वीरता, त्याग और स्वाभिमान की गाथाओं को जीवंत करेंगे। कार्यक्रम में सनातन धर्म के प्रख्यात संतों का पावन सानिध्य भी प्राप्त होगा, जिनमें पूज्य संत श्री जी 1008 श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज (सूरज कुण्ड धाम, कुम्भलगढ़), पूज्य श्री श्री 1008 दिगम्बर खुशाल भारती जी महाराज (महंत सोमेश्वर महादेव सिद्ध धूणा, कपासन) और पूज्य संत श्री 1008 श्री चेतनदास जी महाराज (उत्तराधिकारी महंत, कुराबड़) प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह आयोजन भूपालसागर स्थित महाराणा प्रताप चौराया पर शाम 7:00 बजे से शुरू होकर प्रभु इच्छा तक अनवरत चलेगा। इस भव्य आयोजन को लेकर क्षेत्र के युवाओं और धर्मप्रेमी जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व प्रधान हेमेन्द्र सिंह और संस्थान के पदाधिकारियों ने सर्व हिन्दू समाज तथा सभी धर्मप्रेमी भक्तों से अपील की है कि वे इस गौरवमयी आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप को अपनी भावांजलि अर्पित करें।1
- वीरता, शौर्य, स्वाभिमान एवं त्याग के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में एक पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वावधान में तथा पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में यह कार्यक्रम बुधवार 17 जून को प्रातः 9:30 बजे जिला कलेक्टर निवास के सामने प्रताप सर्किल स्थित शहीद स्मारक पर सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। सभी ने उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर, पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की एक अमिट गाथा है। उन्होंने जोर दिया कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया, और उनका जीवन आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बना हुआ है।1
- चित्तौड़गढ़ की पुण्य एवं वीरभूमि पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आदरणीय विधायक महोदय, वरिष्ठजन, युवा साथियों, मातृशक्ति और नन्हे-मुन्ने बच्चों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके महान आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप को केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष, आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत मिसाल बताया गया। उनकी जयंती पर यह संदेश दिया गया कि महाराणा प्रताप ने सम्पूर्ण विश्व को सिखाया कि परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों, अपने स्वाभिमान, संस्कृति और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्हें "घास की रोटी खाकर भी जिसने स्वाभिमान बचाया था, मातृभूमि की रक्षा हेतु जिसने जीवन भर संघर्ष निभाया था" कहकर स्मरण किया गया, यह दोहराते हुए कि उनका जीवन इतिहास नहीं, बल्कि हर भारतवासी के हृदय में बसने वाली राष्ट्रभक्ति की चेतना और प्रेरणा है। इस अवसर पर, आयुष हॉस्पिटल (NABH सर्टिफाइड आयुर्वेद हॉस्पिटल), चित्तौड़गढ़, और डॉ. सी. पी. पटेल ने सभी नागरिकों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने महाराणा प्रताप के आत्मबल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में नित्य योग, आयुर्वेदिक दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। हॉस्पिटल ने बताया कि योग शरीर, मन और आत्मा को सशक्त बनाता है, जबकि स्वदेशी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद हमारी हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का आधार है। भारतीय संस्कृति को केवल जीवन जीना सिखाने वाली नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित, अनुशासित और सम्मानपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाने वाली अमूल्य विरासत बताया गया। विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया गया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्षशीलता की प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। यह भी बल दिया गया कि आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। इस पावन अवसर पर, "जो अपनी संस्कृति का मान रखे, वही सच्चा वीर कहलाता है, योग, आयुर्वेद और राष्ट्रप्रेम से ही भारत विश्वगुरु बन पाता है" के संकल्प को दोहराया गया। सभी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और एक स्वस्थ, स्वाभिमानी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का प्रण लिया, इस विश्वास के साथ कि जब तक सूर्य चंद्र रहेगा, मेवाड़ का गौरव अमर रहेगा।4
- उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार शाम वल्लभनगर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गोटिपा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। कलक्टर अग्रवाल ने शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों की स्टाॅल्स पर पहुँचकर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली और आमजन से प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य राज्य सरकार की मंशा के अनुसार आमजन के राजस्व सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का हाथों हाथ समाधान कर उन्हें राहत पहुँचाना है। जिला कलक्टर ने इस दौरान आमजन से सीधा संवाद भी किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।1
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा गया है कि "नीच खानदान की औरतें ही अपने बुजुर्ग ससुर के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती हैं।" यह पोस्ट लोगों से आग्रह करता है कि यदि वे इस बात से सहमत हैं, और यदि उनके आसपास कहीं ऐसा हो रहा हो, तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। पोस्ट में आगे कहा गया है कि यदि लोग विरोध नहीं कर सकते, तो उन्हें चूड़ियाँ पहन लेनी चाहिए।1
- चित्तौड़गढ़ के गणगौर गार्डन में योग दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इन तैयारियों के तहत, राधा कृष्ण पार्क योग परिवार के सदस्यों के साथ पेंशनर समाज और वरिष्ठ नागरिक समाज के सभी सदस्य एक साथ मिलकर योग का अभ्यास कर रहे हैं। इस सामूहिक योग अभ्यास में अन्य लोगों को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।4
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र में एक चलते ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के कारण हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के बाद, ट्रक चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई।1