नाबालिगों की जबरन शादी पड़ी भारी: गांव वालों को हो सकती है 2 साल की जेल बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में सोशल मीडिया और न्यूज़ ऐप्स पर वायरल हुई एक घटना ने तूल पकड़ लिया है, जिसमें नाबालिगों की जबरन शादी कराई जा रही थी। अब इस मामले में न केवल परिवार, बल्कि शादी में शामिल होने वाले गांव वालों पर भी कानूनी गाज गिर सकती है। क्या है पूरा मामला? वायरल तस्वीर और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कम उम्र के लड़के और लड़की की शादी कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह शादी नाबालिगों की रजामंदी के बिना, सामाजिक दबाव और पुराने रीति-रिवाजों के नाम पर जबरन करवाई गई। कानून की नजर में यह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA) का सीधा उल्लंघन है। कानून का सख्त शिकंजा भारतीय कानून के अनुसार, बाल विवाह में शामिल होना या उसे बढ़ावा देना एक गंभीर अपराध है। इस मामले में निम्नलिखित सजा के प्रावधान हैं: जेल और जुर्माना: जो कोई भी बाल विवाह को संपन्न कराता है, उसे 2 साल तक की कड़ी कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। गांव वालों पर कार्रवाई: कानून के मुताबिक, शादी में शामिल होने वाले मेहमान, रस्म कराने वाले पंडित/मौलवी और बढ़ावा देने वाले ग्रामीणों को भी अपराधी माना जाएगा। अभिभावकों की जवाबदेही: बच्चों के माता-पिता या अभिभावक, जिन्होंने इस शादी को होने दिया, वे भी इसी सजा के हकदार होंगे। प्रशासन की अपील स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाइल्ड मैरिज प्रोहिबिशन ऑफिसर (CMPO) और पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही है। जागरूक नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी ऐसी शादी की सूचना मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें।
नाबालिगों की जबरन शादी पड़ी भारी: गांव वालों को हो सकती है 2 साल की जेल बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में सोशल मीडिया और न्यूज़ ऐप्स पर वायरल हुई एक घटना ने तूल पकड़ लिया है, जिसमें नाबालिगों की जबरन शादी कराई जा रही थी। अब इस मामले में न केवल परिवार, बल्कि शादी में शामिल होने वाले गांव वालों पर भी कानूनी गाज गिर सकती है। क्या है पूरा मामला? वायरल तस्वीर और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कम उम्र के लड़के और लड़की की शादी कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह शादी नाबालिगों की रजामंदी के बिना, सामाजिक दबाव और पुराने रीति-रिवाजों के नाम पर जबरन करवाई गई। कानून की नजर में यह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA) का सीधा उल्लंघन है। कानून का सख्त शिकंजा भारतीय कानून के अनुसार, बाल विवाह में शामिल होना या उसे बढ़ावा देना एक गंभीर अपराध है। इस मामले में निम्नलिखित सजा के प्रावधान हैं: जेल और जुर्माना: जो कोई भी बाल विवाह को संपन्न कराता है, उसे 2 साल तक की कड़ी कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। गांव वालों पर कार्रवाई: कानून के मुताबिक, शादी में शामिल होने वाले मेहमान, रस्म कराने वाले पंडित/मौलवी और बढ़ावा देने वाले ग्रामीणों को भी अपराधी माना जाएगा। अभिभावकों की जवाबदेही: बच्चों के माता-पिता या अभिभावक, जिन्होंने इस शादी को होने दिया, वे भी इसी सजा के हकदार होंगे। प्रशासन की अपील स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाइल्ड मैरिज प्रोहिबिशन ऑफिसर (CMPO) और पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही है। जागरूक नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी ऐसी शादी की सूचना मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें।
- Post by Shrikant Tiwari1
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- नालंदा में जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि, सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने दी श्रद्धांजलि..!! SamacharCity।।BiharNews।।1
- पानी नहीं भरने पर कारीगर की पीट पीटकर हत्या नालंदा में एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट पीटकर हत्या कर दिया। घटना सिलाव थाना क्षेत्र हीरा मिष्टान भंडार की है। मृतक की पहचान परबलपुर थाना क्षेत्र बदौनी गांव निवासी स्व. रुदल प्रसाद के 40 वर्षीय पुत्र बिंदु प्रसाद के तौर पर किया गया है। घटना के संबंध में मृतक के भाई राजेश कुमार एवं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सोनू कुमार ने बताया कि मृतक बिंदु प्रसाद डेढ़ दो वर्ष से सिलाव बाज़ार स्थित हीरा मिष्टान भंडार में नौकर का कार्य किया करता था। उसी बीच 14 की शाम को दुकान के मालिक द्वारा पानी भरने के लिए कहा जिसे नौकर बिंदु अनसुना कर दूसरे कार्य में लग गया। जिसके बाद दुकान के मालिक पिता-पुत्र 4 लोग मिलकर हाथ पैर से लात घुसे के साथ प्लास्टिक के मोटे पाइप से बेरहमी से पीटा फ़िर मरणासन्न अवस्था में मृतक के घर के पास फेंकर भाग गया जब सुबह गांव वालों ने घायल बिंदु को देखा तो इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया। वहां से बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर विम्स पावापुरी ले गए जहां आज अहले सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक बिंदु ने मरने से पहले इलाज के क्रम में वीडियो ब्यान में कहा कि पानी नहीं भरने पर दुकान के संचालक अपने पुत्रों के साथ मिलकर बेरहमी से पीटा और गाड़ी से बेहोशी की हालात में घर के पास फेंककर भाग गया। मृतक को दो संतान बताए जाते हैं। वहीं घटना के संबंध में सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मुझे घटना की सूचना मिली है, पीड़ित परिवार द्वारा कोई शिकायत या लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फ़िलहाल बिहार शरीफ सदर अस्पताल शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।1
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