Shuru
Apke Nagar Ki App…
गया शहर के बहुआर चौरा स्थित हरियाणा भवन में भाजपा दक्षिणी मंडल के प्रभारी विकास कुमार जी की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'मन की बात' कार्यक्रम पर चर्चा करना था।
Uma Shanker singh
गया शहर के बहुआर चौरा स्थित हरियाणा भवन में भाजपा दक्षिणी मंडल के प्रभारी विकास कुमार जी की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'मन की बात' कार्यक्रम पर चर्चा करना था।
More news from Bihar and nearby areas
- प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर ब्रह्मसरोवर गयाजी में एक भव्य भंडारे का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। इस दौरान, सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने इस विशेष भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।1
- गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र के उसास देवरा बाजार में मोहर्रम का पर्व इस वर्ष शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। हालांकि, प्रशासन द्वारा डीजे बजाने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के कारण इस बार पारंपरिक मोहर्रम जुलूस नहीं निकाला गया, जिससे बाजार में हर वर्ष जैसी रौनक देखने को नहीं मिली। स्थानीय ग्रामीण मुस्ताक अंसारी ने पुष्टि की कि डीजे प्रतिबंध के कारण जुलूस नहीं निकला और पर्व अपेक्षाकृत शांत माहौल में मनाया गया। सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, थानाध्यक्ष सुदेह कुमार, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार और आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव सहित पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस नहीं निकलने के बावजूद, उसास देवरा बाजार में सेवा और मानवता की मिसाल देखने को मिली, क्योंकि इस बार अखाड़े की जगह लंगर मुख्य आकर्षण बना। इरशाद अंसारी, नौशाद अंसारी, शमशाद अंसारी, सद्दाम हुसैन और सरफराज आलम के सहयोग से एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें आने-जाने वाले श्रद्धालुओं एवं राहगीरों को चिप्स, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, फल और काला शरबत वितरित किया गया। आसपास के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने भी इस लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। गरारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुनील कुमार ने बताया कि लोगों ने जिला प्रशासन के डीजे प्रतिबंध संबंधी निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी से पालन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। वहीं, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि कमलेश प्रभाकर ने कहा कि उसास देवरा बाजार में मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया, जो इस क्षेत्र की गंगा-जमुनी संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है।1
- नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड में दसवीं मुहर्रम का आयोजन 26 जून 2026 को बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर अकबरपुर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसके बाद भी कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।1
- नीमचक बथानी अनुमंडल में मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया है। इस सफल आयोजन के लिए मोहम्मद औरंगजेब ने अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र सिंह, और पूरे प्रशासनिक दल का धन्यवाद किया है। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासनिक टीम के प्रयासों की सराहना की।3
- बिहार के नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र में मोहर्रम पर्व शुक्रवार, 26 जून को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। हिसुआ प्रखंड के मंझवे राम बाजार स्थित नेशनल हाईवे 82 के किनारे तुंगीं, चित्तरघट्टी और उमराव बीघा के ताजिये का जुलूस दिन के 4:00 बजे डंके बाजे के साथ मिलन किया गया। इस दौरान बाजारों में काफी भीड़ उमड़ी हुई थी, और अकीदतमंदों ने लाठी गदके धूमधाम से खेले। ताजियादारों ने अपने-अपने ताजिये को अपने कर्बला लेकर गए। मंझवे पहाड़ी बाबा स्थित कर्बला पर शाम 7:00 बजे ताजिये को नम आँखों से पहलाम किया गया, वहीं तुंगीं का ताजिया चक गाँव के कर्बला पर नम आँखों से पहलाम किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान हिसुआ थाना पुलिस प्रशासन मौजूद रहकर व्यवस्था बनाए रखा।1
- मोहर्रम पर्व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय ! मौलाना हुजैफा साहब से मोहर्रम को लेकर हुई खास बातचीत ! Call - 82356105631
- Post by Ashutosh kumar1
- ग्राम पंचायत माली के वार्ड नंबर 11 के निवासियों ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अब केवल वादे करने के बजाय ज़मीनी स्तर पर काम करके दिखाएँ। उनकी माँग है कि उन्हें भी बेहतर सड़क और सम्मानजनक सुविधाएँ मिलनी चाहिए। जनता चाहती है कि उन्हें यह महसूस हो कि उनका दिया गया वोट और उन पर किया गया भरोसा व्यर्थ नहीं गया।1
- जहानाबाद जिले में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को नगर में पारंपरिक ताजिया जुलूस श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा वातावरण "या हुसैन" के नारों से गूंज उठा। लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम मनाया, उनकी कुर्बानी को इंसानियत, सत्य और न्याय के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के रूप में याद किया। शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और अखाड़ों से निकले ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरे, जहां पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया और मातमी रस्में अदा की गईं। श्रद्धालुओं ने पूरी अकीदत के साथ जुलूस में भाग लेते हुए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। जुलूस मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत एवं सेवा शिविर लगाए गए थे, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए पेयजल समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। लोगों ने आपसी सहयोग और सौहार्द का परिचय देते हुए इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार जुलूस की निगरानी करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी नजर रखी गई, अधिकारियों ने समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसने भाईचारे, एकता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। प्रशासन और आमजन के सहयोग से पूरे जिले में मोहर्रम का आयोजन श्रद्धा, सम्मान और गम के माहौल में पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1